Friday,06 August 2021   02:45 am
इन 4 आदतों के कारण मनुष्य का जीवन बहुत जल्दी हो जाता है नष्ट, जानिए क्यों होता है ऐसा

इन 4 आदतों के कारण मनुष्य का जीवन बहुत जल्दी हो जाता है नष्ट, जानिए क्यों होता है ऐसा

08-Jul-2021

महाभारत के अनुसार महात्मा विदुर महाराज धृतराष्ट्र के भाई थे। इनकी नीतियां आज के समय में भी काफी प्रासंगिक प्रतीत होती हैं। इन्होंने अपनी नीतियों में मानव समाज के कल्याण से संबंधित कई जरूरी बातें बताई हैं। यहां हम जानेंगे विदुर जी की उस नीति के बारे में जिसमें इन्होंने बताया है कि मनुष्य की कौन सी आदतें उसे पतन की ओर ले जाती हैं।

लालच और स्वार्थ: आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी लालच बुरी बला है। इससे इंसान खुद का ही नुकसान कर लेता है। विदुर नीति के अनुसार भी लालच इंसान का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है। जो व्यक्ति लालच करता है, उसका जीवन बहुत जल्दी नष्ट हो जाता है। लालची व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। विदुर नीति लालच इंसान की आयु कम होने का कारण बनता है।

क्रोध: विदुर नीति अनुसार मनुष्य को अधिक क्रोध करने से बचना चाहिए क्योंकि क्रोध आने पर मनुष्य को सही और गलत का भान नहीं रहता है। ऐसे में मनुष्य कोई न कोई गलती करके अपना ही नुकसान कर लेता है। इसलिए कहा गया है कि अत्यधिक क्रोध करने वालों का जीवन कम समय का होता है।

त्याग: जीवन में सुख और शांति बने रहे इसके लिए व्यक्ति के अंदर त्याग का गुण होना चाहिए। जिस इंसान के अंदर त्याग की भावना नहीं होती है ऐसे लोगों का जीवन लघु माना जाता है। स्वार्थी इंसान के अंदर त्याग भावना बिल्कुल भी नहीं होती वो हर चीज में सिर्फ अपनी ही खुशी देखता है। जिस कारण ऐसे लोगों को दुख के समय में किसी का साथ नहीं मिल पाता। विदुर नीति अनुसार त्याग का गुण न होने पर व्यक्ति का जीवनकाल लघु माना जाता है।

अहंकार: व्यक्ति को अहंकार की भावना से दूर रहना चाहिए। अहंकारी व्यक्ति को भी सही और गलत की समझ नहीं होती जिस कारण वो खुद का ही नुकसान कर बैठता है। अहंकार किसी भी इंसान की बुद्धि भ्रष्ट कर देता है। विदुर नीति अनुसार ऐसे लोगों का जीवन भी लघु माना जाता है।


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