Saturday,28 May 2022   06:17 am
Afghanistan : तालिबान के खिलाफ बगावत के लिए उठी बंदूकें, अफगान के बलगान प्रांत में 300 तालिबानियों को मार गिराया

Afghanistan : तालिबान के खिलाफ बगावत के लिए उठी बंदूकें, अफगान के बलगान प्रांत में 300 तालिबानियों को मार गिराया

23-Aug-2021

अफगानिस्तान का एकमात्र इलाका पंजशीर जो कि तालिबान के कब्जे से बाहर है, अब तालिबानी आतंकी पंजशीर की तरफ बढ़ रहे हैं।  कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने इसे तालिबान का आत्मघाती कदम बताया है।  सालेह का दावा है कि पंजशीर की तरफ जाने वाले सलांग हाइवे को बंद कर दिया गया है।  

अफगानिस्तान से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक बागलान की लड़ाई में 300 से ज्यादा तालिबानी लड़ाके मारे गए।  तालिबानी बागलान में 30 से ज्यादा हथियारबंद वाहन, लैंडमाइन और हथियार छोड़कर काबुल भाग गए हैं।  ये बागलान के जिले दिह सलाह में नार्दन एलायंस की जीत के बाद की हैं जहां गाड़ियों पर पूरी शान से अफगानिस्तान का झंडा लहरा रहा है।  यह भी जानकारी आयी है कि तालिबान लड़ाकों को बगलान में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।  अफगानिस्तान के उत्तरी बलगान प्रांत के तीन जिलों से तालिबान को बाहर खदेड़ दिया गया है।  विद्रोहियों ने देह सलाह, पुल-ए-हिसार और बानू को तालिबानी लड़ाकों के कब्जे से मुक्त करा दिया था।  हालांकि बाद में फिर से तालिबानियों ने बानू पर कब्जा कर लिया।

काबुल से बागलान की दूरी करीब 263 किलोमीटर दूर है।  यहां तालिबानियों को मिली हार की धमक काबुल की सत्ता पर कब्जा कर चुके तालिबानी आतंकियों को डरा रही होगी।  इसी तरह नॉर्दन एलायंस की इस जीत के बाद अफगान लोकतंत्र के मुरीदों ने जो नारे लगाए वो पूरे अफगानिस्तान में उम्मीद के जयघोष का इकरार बन गया।

तालिबान अच्छी तरह जानता है कि पंजशीर पर कब्जे के बिना अफगानिस्तान पर शासन करना आसान काम नहीं है।  तालिबान किसी भी तरह इस प्रांत पर कब्जा करना चाहता है।  लेकिन इतिहास गवाह है कि पंजशीर में तालिबानियों की एक नहीं चलती है।  यह इकलौता ऐसा प्रांत हैं जहां जाने से आज भी तालिबानी डरते हैं।  हालांकि मसूद ने कहा कि वह तालिबान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।


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