Saturday,28 May 2022   06:23 am
अफगानिस्तान में बुर्के के दाम में दोगुनी वृद्धि, जींस पर बैन

अफगानिस्तान में बुर्के के दाम में दोगुनी वृद्धि, जींस पर बैन

25-Aug-2021

तालिबानी (Taliban) लड़ाके कथित तौर पर अफगान नागरिकों (Afghan Civilians) को जींस (Jeans) जैसे ‘पश्चिमी’ कपड़े पहनने के लिए सड़कों पर कोड़े मार रहे हैं. अफगानिस्तान (Afghanistan) में वापसी के बाद से ही तालिबान लोगों के साथ क्रूर व्यवहार कर रहा है. कई युवा अफगानों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उन्हें इस्लाम का अनादर करने का आरोप लगाकर जींस पहनने पर तालिबानी लड़ाकों द्वारा पीटा गया. एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि ये लड़के काबुल (Kabul) में दोस्तों के साथ घूम रहे थे. इसी दौरान तालिबान लड़ाकों ने उन्हें पकड़ लिया. लड़कों ने कहा कि उनके दो दोस्त घटनास्थल से भाग गए. लेकिन उन्हें गनप्वाइंट पर रोक लिया गया और सड़क पर पटक दिया गया और कोड़े मारे गए. तालिबान के एक अधिकारी ने स्थानीय समाचार पत्र एतिलाट्रोज को बताया कि संगठन अभी भी पुरुषों के लिए ड्रेस कोड पर फैसला कर रहा है. एक तालिबानी ने बताया कि हम पुरुषों के लिए भी ड्रेस कोड पर चर्चा कर रहे हैं। 90 के दशक में तालिबानी शासन के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक कपड़े जबकि महिलाओं और आठ साल तक की लड़कियों के लिए बुर्का पहनना अनिवार्य था। लेकिन रिपोर्टों से पता चलता है कि तालिबान ‘पश्चिमी’ कपड़ों की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं है, जो पारंपरिक ‘अफगान पोशाक’ से हटकर हैं. इस बीच, टेलीग्राफ ने बताया कि अफगानिस्तान में बुर्के की बिक्री में तेजी आई। जिसके चलते बुर्के के दाम दोगुने हुए। जींस पहनने पर यहां लोगों की पिटाई की जा रही है।

खुद पहन रहे चश्मे-बूट, दूसरों के लिए ड्रेस कोड पर बातचीत

तालिबान के एक लड़ाके ने स्थानीय अखबार एतिलात्रोज को बताया कि हम पुरुषों के लिए भी ड्रेस कोड पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि द टेलीग्राफ की रिपोर्ट का दावा है कि तालिबान पश्चिमी सभ्यता के कपड़ों को मान्यता नहीं देगा। वहीं दूसरी तरफ अफगानिसन से आए फोटो और वीडियो में लड़ाकों को चश्मे, टोपी, बूट जैसे पश्चिमी पहनावे में देखा जा रहा है।


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