Saturday,28 May 2022   07:51 am
तालिबान की असलियत आई सामने, एक साथ नहीं पढ़ सकेंगे लड़के-लड़कियां

तालिबान की असलियत आई सामने, एक साथ नहीं पढ़ सकेंगे लड़के-लड़कियां

30-Aug-2021

अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन लागू होने के बाद अब तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री के रूप में नियुक्त किए गए अब्दुल बकी हक्कानी ने ऐलान किया है कि अब से स्कूलों में लड़के और लड़कियां अलग-अलग पढ़ाई करेंगे। उन्होंने कहा कि नई सरकार में जल्द ही स्कूलों में लड़के और लड़कियों के लिए अलग अलग क्लासरुम की व्यवस्था की जाएगी। पश्चिमी सेनाओं के निकलने के पहले ही 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर कब्जा करने वाले तालिबान ने कहा है कि देश में लड़कियां यूनिवर्सिटी में पढ़ पाएंगी लेकिन वे लड़कों के साथ बैठकर नहीं पढ़ पाएंगी।  पिछली बार जब तालिबान सत्ता में आया था तो उसने लड़कियों के पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

उच्च शिक्षा के लिए कार्यवाहक मंत्री अब्दुल बकी हक्कानी के मुताबिक, "अफगानिस्तान के लोग शरिया कानून के मुताबिक पढ़ाई जारी रखेंगे।  लड़के और लड़कियां अलग-अलग वातावरण में पढ़ेंगे। "

उन्होंने कहा कि तालिबान "एक उचित और इस्लामी पाठ्यक्रम बनाना चाहता है जो हमारे इस्लामी, राष्ट्रीय और ऐतिहासिक मूल्यों के अनुरूप हो और दूसरी ओर अन्य देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो। "

लड़कियों और लड़कों को भी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अलग किया जाएगा जो कि पहले से ही गंभीर रूढ़िवादी अफगानिस्तान में आम था।

तालिबान ने महिलाओं के अधिकारों में हुई प्रगति का सम्मान करने का वचन दिया है, लेकिन सिर्फ इस्लामी कानून की उनकी सख्त व्याख्या के मुताबिक।  सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महिलाएं काम कर सकती हैं, सभी स्तरों पर शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं और पुरुषों के साथ घुलने-मिलने में सक्षम हो सकती हैं।

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के अधिकारियों से बात करते हुए हक्कानी ने कहा कि अफगानिस्तान में लड़कियों को पढ़ने का अधिकार दिया जाएगा लेकिन वह लड़कों के साथ एक ही क्लासरुम में नहीं पढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि नई सरकार में महिलाओं के लिए सुरक्षित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। नए कार्यवाहक शिक्षा मंत्री ने कहा कि जल्द ही फिर से यूनिवर्सिटी खोली जाएंगी और लोगों की सैलेरी का भुगतान भी किया जाएगा।


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