Thursday,28 October 2021   10:51 pm
Bharat Bandh Today: फिर से भारत बंद क्‍यों? किसानों को मनाने में कहां चूक रही सरकार, 10 पॉइंट्स में समझें

Bharat Bandh Today: फिर से भारत बंद क्‍यों? किसानों को मनाने में कहां चूक रही सरकार, 10 पॉइंट्स में समझें

27-Sep-2021

नई दिल्ली (इंडिया)। आज किसानों का भारत बंद है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद का आह्वान किया है। बंद को कई राजनीतिक दलों का भी समर्थन हासिल है। बंद सुबह छह बजे से ही शुरू हो चुका है और कई शहरों में इसका असर भी दिखने लगा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अब भारत बंद के समर्थन में उतर आये हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट कर किसानों को अपना समर्थन दिया। राहुल ने किसानों के आंदोलन को अहिंसक सत्याग्रह बताते हुए कहा कि सरकार को किसानों का सत्याग्रह भी पसंद नहीं है। देखें पूरी खबर।

किसान संगठन लंबे समय से आज के भारत बंद की तैयारी कर रहे थे। आज सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक पूरे देश में भारत बंद रहेगा।

संयुक्‍त किसान मोर्चा के नेतृत्‍व में आंदोलनकारी किसानों ने कई योजनाएं बनाई हैं कि आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, देश भर में बाकी काम बंद रहें। SKM ने बंद के दौरान विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर पूर्ण शांति का आह्वान किया है।

किसान नेताओं का दावा है कि पूरे भारत से लोगों का भारी समर्थन मिला है, भारत बंद सफल रहेगा। इसके साथ ही लोगों से अपील की है कि शांति बनाए रखे, कानून के दायरे में रहकर बंद को सफल बनाएं।

किसानों के मुताबिक, भारत बंद के दौरान सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक सभी जरूरी सेवाएं पूर्ण रूप से चालू रहेंगी। एसकेएम के अनुसार, भारत बंद में श्रमिक संघों, ट्रेड यूनियनों, कर्मचारियों और छात्र संघों, महिला संगठनों और ट्रांसपोर्टरों के संघों को शामिल किया गया है।

आज दिल्ली की सीमाओं से सफर करने वाले लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और अन्य शिक्षण संस्थानों के संचालन पर भी असर पड़ेगा। वहीं कुछ बैंकों की सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंकाएं हैं।

किसान पहले ही इस बात को साफ कर चुकें है कि किसी भी तरह का सरकारी या गैर सरकारी सार्वजनिक कार्यक्रम भी नहीं होने दिए जाएंगे। एसकेएम के बयान के मुताबिक, भारत बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। भारत बंद के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालयों, बाजारों, दुकानों, कारखानों, स्कूल कालेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सार्वजनिक और निजी परिवहन को भी अनुमति नहीं होगी। हालांकि इस भारत बंद में आपात सेवाएं जैसे एंबुलेंस, दमकल सेवा दवाओं की दुकान व अस्पताल सहित मेडिकल से जुड़ी सेवाओं को संचालन की इजाजत होगी। साथ ही परीक्षा या इंटरव्यू में जाने वाले छात्रों को नहीं रोका जाएगा। कोरोना से जुड़ी और इमरजेंसी सेवाओं को भी बाधित नहीं किया जाएगा। (PTI)

 

भारत बंद का असर दिल्ली खासकर गाजीपुर बॉर्डर से सटे इलाकों में एनएच-9 और एनएच-24 पर हो सकता है।

अक्षरधाम, नोएडा लिंक रोड, डीएनडी, गाजीपुर रोड, जीटी रोड, वजीराबाद रोड, एनएच-1 और दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक जाम मिल सकता है।

मेट्रो के मूवमेंट को डिस्टर्ब होने से रोकने के लिए सीआईएसएफ, मेट्रो पुलिस और डीएमआरसी के स्टाफ को भी हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।

किसान दिल्ली-आगरा नैशनल हाइवे, केएमपी और केजीपी एक्सप्रेसवे भी बंद कर सकते हैं।

दिल्ली-आगरा नैशनल हाइवे के अटोहां मोड़ पर बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।

एडीजी मेरठ जोन और आईजी मेरठ और सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ ने बंद के मद्देनजर शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

सभी जिलों को सुरक्षा के मद्देनजर जोन और सेक्टर में बांटकर अफसरों की तैनाती की गई है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, तेलगू देशम पार्टी, बहुजन समाज पार्टी सहित कई राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया है।

किसान नेताओं ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने किसानों के आंदोलन को फिर से समर्थन दिया। केरल में सत्तारूढ़ एलडीएफ ने पहले ही समर्थन में बयान जारी किया था।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार ने एसकेएम के बंद के आह्वान पर अपना समर्थन व्यक्त किया और घोषणा की राज्य सड़क परिवहन की बसों को 26 तारीख की रात से 27 तारीख की दोपहर तक सड़कों से दूर रखा जाएगा।

आंध्र प्रदेश सरकार ने पहले भी किसान आंदोलन को ऐसा समर्थन दिया था। केरल में सत्ताधारी एलडीएफ ने भी 27 तारीख को हड़ताल का समर्थन किया है।

पंजाब के नए मुख्यमंत्री ने अपना समर्थन दिया, और झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद संयुक्त रूप से भारत बंद की सफलता की योजना बना रहे हैं।


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