Saturday,28 May 2022   06:27 am
IAS कैडर नियमों में बदलाव मामला: केंद्र और राज्यों में रार, कई States के CM ने मोदी सरकार को लिखा पत्र

IAS कैडर नियमों में बदलाव मामला: केंद्र और राज्यों में रार, कई States के CM ने मोदी सरकार को लिखा पत्र

25-Jan-2022

नई दिल्ली (इंडिया)। केंद्र और राज्यों के बीच अखिल भारतीय सेवाओं (एआइएस) से जुड़े नियमों में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर तलवारें खिंच चुकी है। केंद्र सरकार अखिल भारतीय सेवाओं के तहत आइएएस, आइपीएस और आइएफएस के अधिकारियों के पदस्थापन और प्रतिनियुक्ति संबंधी नियमों में बदलाव करना चाहती है जबकि कई राज्य विरोध में हैं।

राज्यों का कहना है कि इससे एआइएस अधिकारियों पर राज्यों का नियंत्रण खत्म हो जाएगा। केंद्र जब चाहेगा अधिकारी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना पड़ेगा। गैर भाजपा शासित राज्यों का कहना है कि केंद्र उन्हें परेशान करने के लिए इसका दुरुपयोग कर सकती है। आइएएस कैडर नियम 1954 में चार संशोधन प्रस्तावित हैं। 1954 में संशोधन के केंद्र के प्रस्ताव के खिलाफ कई राज्यों की गैर-भाजपा सरकारें एकजुट हो गई हैं। 
पश्चिम बंगाल, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, केरल, तमिलनाडु समेत कई गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस बाबत प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्रियों ने इस निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया। साथ ही यह दावा किया कि आईएएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के नियमों में बदलाव से राज्यों का प्रशासन प्रभावित होगा। 

दरअसल, केंद्र द्वारा प्रस्तावित नियमों में ये कहा गया है कि, "संशोधित मसौदा संशोधन प्रस्ताव का मूल बिंदु यह है कि एक अधिकारी, जिसे केंद्र सरकार उनकी सहमति के बिना और राज्य सरकार के समझौते के बिना देश के किसी भी हिस्से में राज्य से बाहर ले जाने का विकल्प चुन सकती है।"
राज्यों का कहना है कि शक्तियों का अति-केंद्रीकरण अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के मनोबल और स्वतंत्रता को नष्ट करने वाली है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपनी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। उन्होंने कहा, मैंने भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित अखिल भारतीय सेवा कैडर नियम संशोधनों पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए पीएमओ इंडिया को लिखा है। वे 'सहकारी संघवाद' के बजाय 'एकतरफावाद' को बढ़ावा देते हैं। मुझे उम्मीद है कि वह मेरे अनुरोध पर विचार करेंगे।"
केंद्र का कहना है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों को हमेशा राज्यों में तैनात नहीं किया जा सकता क्योंकि यह सेवा और अधिकारियों दोनों के लिए सही नहीं है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के साथ काम करने से उन्हें राज्यों में सेवा देने और फिर केंद्र में लौटने के बाद अधिकारियों के व्यक्तिगत विकास के लिए एक अनूठा दृष्टिकोण मिलता है। महाराष्ट्र ने भी बदलावों का विरोध करने का फैसला किया है।

 


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