Wednesday,06 July 2022   04:01 pm
कभी गेहूं के लिए भारत को 'भिखारियों का मुल्क' बताया था अमेरिका ने, आज भारत से गेहूं के लिए लगा रहा गुहार!

कभी गेहूं के लिए भारत को 'भिखारियों का मुल्क' बताया था अमेरिका ने, आज भारत से गेहूं के लिए लगा रहा गुहार!

20-May-2022

अभी यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से कई बड़े देशों में गेहूं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक भारत को मुख्य आपूर्तिकर्ता के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन भारत ने कुछ विशेष मामलों में ही निर्यात का फैसला किया है। भारत ने 13 मई को गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी।  निजी सेक्टर के निर्यात पर रोक लगा दी गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, भारत ने ये फैसला इसलिए लिया है, ताकि देश में बढ़ रही गेहूं और आटे की बढ़ती कीमत को काबू में किया जा सके।

गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने से अमेरिका चिढ़ गया है। जर्मनी में हुई जी-7 देशों की मीटिंग में अमेरिका के कृषि सचिव टॉम विल्सैक ने कहा कि गेहूं तक पहुंच को बाधित कर रहा है। उन्होंने इसे 'गलत समय में गलत कदम' बताया है। विल्सैक ने कहा कि हमें एक ऐसे बाजार की जरूरत है, जो जरूरतमंद लोगों तक सामान पहुंचाने में मदद करे।

भारत के गेहूं के निर्यात पर रोक के फैसले पर अमेरिका आज नाराजगी जता रहा है, लेकिन कभी ऐसा वक्त भी था जब अमेरिका गेहूं के लिए भारत को धमकाता था। तब भारत गेहूं के लिए अमेरिका पर निर्भर हुआ करता था। पाकिस्तान के साथ 1965 की लड़ाई के समय अमेरिका ने भारत को गेहूं न देने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, अमेरिका ने एक बार भारत को 'भिखारियों' का देश भी बताया था।


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