Wednesday,28 September 2022   05:33 am
रक्षाबंधन पर वैदिक रक्षा राखी की जमकर हुई खरीदारी, चीनी राखी ने खोया भारतीय बाजार

रक्षाबंधन पर वैदिक रक्षा राखी की जमकर हुई खरीदारी, चीनी राखी ने खोया भारतीय बाजार

12-Aug-2022

इस साल रक्षाबंधन के त्योहार पर चीन को बड़ा झटका लगा है। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों ने अपने भाई की कलाई पर स्वदेशी (भारतीय) राखी बांधकर चीन के कारोबार को तगड़ी चोट पहुंचाई है। कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि इस साल चीन से आई राखियों की डिमांड न के बराबर रही।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस साल देशभर में करीब सात हजार करोड़ रुपये का राखी का कारोबार हुआ है। उन्होंने कहा कि वह वक्त चला गया, जब भारतीय चीनी राखी के डिजाइन और लागत कम होने की वजह से उसे खरीदने के लिए उत्सुक रहते थे लेकिन अब लोगों की मानसिकता में बदलाव आ रहा। वे भारतीय उत्पादों की खरीदारी ज्यादा करते हैं।

खंडेलवाल ने बताया कि इस साल देशभर में व्यापारी संगठनों ने वैदिक रक्षा राखी की तैयारियों पर अधिक जोर दिया। वैदिक राखी का अभियान रंग लाया और घरेलू उत्पादकों को इसका फायदा मिला है। दरअसल, वैदिक राखी बनाने के लिए दूब घास, अक्षत यानी चावल, केसर, चंदन और सरसों के दाने को रेशम के कपड़े में सिलकर कलावा से पिरोया जाता है। इन पांच चीजों का विशेष वैदिक महत्व है, जो परिवार की रक्षा और उपचार से संबंधित है।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि भारत का हर त्‍यौहार देश की पुरानी संस्कृति और सभ्यता से जुड़ा हुआ है जो तेजी से पश्चिमीकरण के कारण से बहुत नष्ट हो गया है और इसलिए भारत के सांस्कृतिक मूल्यों को फिर से स्थापित करने की जरूरत है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए और चीन पर भारत की निर्भरता को कम करके भारत को एक आत्मनिर्भर देश बनाना बेहद जरूरी है। वह समय चला गया है जब भारतीय लोग चीनी राखी के डिजाइन और लागत प्रभावी होने के कारण उसको खरीदने के लिए उत्सुक रहते थे। समय और मानसिकता के परिवर्तन के साथ लोग अब स्थानीय उत्पादित राखी को ही ज्यादा पसंद कर रहे हैं। दूसरी ओर कैट ने लोगों को विशेष रूप से देश के व्यापारिक समुदाय के बीच विभिन्न प्रकार की वैदिक राखी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। वैदिक राखी स्वयं निर्मित राखी है। पूरे देश ने राखी का त्‍यौहार भारतीय राखी के साथ बड़ी धूमधाम से मनाया।

 


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