Wednesday,28 September 2022   04:35 am
जानिए क्या है लंपी वायरस, जिसे लेकर भारत में भी मचा है हड़कंप, क्या इंसानों को भी खतरा ?

जानिए क्या है लंपी वायरस, जिसे लेकर भारत में भी मचा है हड़कंप, क्या इंसानों को भी खतरा ?

21-Sep-2022

Lumpy Virus News : देश में इस समय लंपी वायरस तेजी से अपना पैर पसार रहा है। जिससे बड़ी संख्या में मवेशी बीमार हो रहे हैं। झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में मवेशियों में बीमारी फैलने की खबर सामने आ रही है। लंपी वायरस का प्रकोप देश के राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों में पाई गई है। लंपी स्किन डिजीज जिसे पशु चेचक भी कहते हैं एक वायरल बीमारी है जो कैपरी पाक्स वायरस से फैलती है। कैपरी पाक्स वायरस से बकरियों में गोट पाक्स नाम की बीमारी फैलती है और भेड़ों में सीप पाक्स तथा गायों में लंपी स्किन डिजीज नाम की बीमारी फैलती है। झारखंड के कई जिलों में लंपी वायरस से पीड़ित पशु मिले हैं, इसे लेकर राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है।

  • इस बीमारी के क्या हैं लक्षण 
  • लगातार बुखार रहना
  • वजन कम होना
  • लार निकलना
  • आंख और नाक का बहना
  • दूध का कम होना
  • शरीर पर अलग-अलग तरह के नोड्यूल दिखाई देना
  • शरीर पर चकत्ता जैसी गांठें बन जाना

इस समय मवेशियों को बड़ी मात्रा में लम्पी बीमारी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पशुपालक इस बीमारी से ना घबराएं, बल्कि सावधानी बरतते हुए अपने मवेशियों का टीकाकरण करवाएं, इसके लिए पशुचिकित्सा विभाग और गोविंद मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट प्रा। लि। फलटण की ओर से टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसा आवाहन ‘गोविंद’ के चेयरमन संजीवराजे नाईक-निंबालकर ने किया। मुंजवडी में ‘गोविंद’ की ओर से लम्पी प्रतिबंध टीकाकरण मुहिम की शुरुआत हाल ही में की गई। इस समय संजीवराजे बोल रहे थे।

वायरस से इंसानों को खतरा नहीं

इस वायरस से इंसानों को खतरा नहीं है, इसलिए नागरिकों को घबराना नहीं चाहिए। साथ ही बकरी, भेड़ और अन्य पालतू जानवरों को भी इस वायरस से खतरा नहीं है। पशु चिकित्सा विभाग के उपायुक्त सचिन ढोले ने बताया कि गौशालाओं और गौशालाओं में साफ-सफाई को लेकर नागरिक सतर्क रहें और लम्पी वायरस के बारे में गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में पशु चिकित्सा विभाग के उप आयुक्त सचिन ढोले, स्वास्थ्य विभाग के उप आयुक्त अजय चारठाणकर, सूचना व जनसंपर्क विभाग के उप आयुक्त रविकिरण घोडके, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ। अरुण दगडे के साथ पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर्स, कर्मचारी उपस्थित थे।


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