Tuesday,16 August 2022   12:47 pm

धरती की तीसरी कक्षा में पहुंचेगा चंद्रयान-2,क्‍या है यात्रा के विभिन्न पड़ाव

29-Jul-2019

नई दिल्ली,इंडिया भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation, ISRO) के वैज्ञानिक आज यानी सोमवार को चंद्रयान-2 को धरती की अगली कक्षा में प्रवेश कराएंगे। इसरो के मुताबिक, सोमवार को ढाई बजे से साढ़े तीन बजे के बीच चंद्रयान-2 को धरती की अगली तीसरी कक्षा में प्रवेश कराने का काम किया जाएगा। अब तक इसरो चंद्रयान-2 को धरती की दो कक्षाओं में सफलतापूर्वक प्रवेश करा चुका है। इसरो ने कहा है कि स्‍पेसक्रॉफ्ट की सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। धीरे-धीरे यह धरती की कक्षाओं को पार करते हुए चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा।

यहां है चंद्रयान-2 : लॉन्चिंग के बाद राकेट से अलग होकर चंद्रयान-2 पृथ्वी की कक्षा पर स्थापित  हो गया है। चंद्रयान-2 इस वक्त पृथ्वी का चक्कर काट रहा है। दरअसल चंद्रयान-2 खुद को पृथ्वी का चक्कर काटते हुए चांद की कक्षा में प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है। यह यान इस वक्‍त बेंगलुरु स्थित इसरो टेलीमेंट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के वैज्ञानिकों के नियंत्रण में है। वैज्ञानिक इस चंद्रयान-2 को पृथ्‍वी की कक्षा से चांद पर भेजने के लिए तैयार कर रहे हैं।

चंद्रयान-2 तीन खंडों से बना हुआ है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित इस यान में कुल 13 पेलोड हैं। इनमें पांच भारत के, तीन यूरोप, दो अमेरिका और एक बुल्गारिया के हैं। आठ पेलोड ऑर्बिटर में, तीन लैंडर विक्रम में जबकि दो रोवर प्रज्ञान में मौजूद रहेंगे। चंद्रयान-2 तीन खंडों से बना हुआ है। पहला ऑर्बिटर जिसमें 2,379 किलो वजनी पेलोड हैं। दूसरे खंड लैंडर का नाम विक्रम रखा गया है जिसमें 1,471 किलो वजनी पेलोड हैं। रोवर प्रज्ञान में 27 किलो वजनी दो पेलोड लगे हुए हैं।

चंद्रयान-2 पृथ्वी का चक्कर काटते हुए कुछ दिनों में लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्‍टरी में स्‍थापित होगा। लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्‍टरी अंतरिक्ष का वह रास्‍ता होता है, जिसके जरिये अंतरिक्ष यान चांद की कक्षा की ओर प्रवेश करता है। लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्‍टरी में स्थापित होने के बाद चंद्रयान-2 चांद की ओर जाने के लिए आगे बढ़ जाएगा। इसरो के अनुसार मिशन चंद्रयान-2 के तहत लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान 7 सितंबर, 2019 को चांद पर उतरेंगे।

चंद्रयान-2 अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जटिल मिशन है, क्योंकि इसमें इसरो न सिर्फ मुख्य परिक्रमा-यान (ऑर्बिटर) को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करेगा, बल्कि लैंडर को बहुत धीरे-धीरे चंद्रमा की सतह पर उतारेगा। इस मिशन की सफलता के बाद इसरो के वैज्ञानिक 2022 में अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने की तैयारियों में जुट जाएंगे।

 

फर्जी जाति प्रमाण-पत्र वालों को अब सरकारी संरक्षण नहीं : मुख्यमंत्री

27-Jul-2019

रायपुर,छत्तीसगढ़, इंडिया।  मुख्यमंत्री ने गलत जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर जो लोग शासकीय सेवा में कार्यरत हैं, उनके प्रमाण-पत्रों की जांच के कार्यों में तेजी लाने और दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के लंबित प्रकरणों में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान जल्द किया जाए। उन्होंने अजजा अधिनियम के तहत न्यायालयों मे पैरवीकर्ता लोक अभियोजकों के कार्यो की समीक्षा करने के निर्देश विधि विभाग के प्रमुख सचिव को दिए।

बैठक में आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत सहित समिति के सभी सदस्य विधायक और अधिकारी मौजूद थे। मुख्य सचिव सुनील कुजूर, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, अजजा विभाग के सचिव डी.डी. सिंह और गृह विभाग के सचिव अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे।

प्रदेश में अजीत जोगी, अमित जोगी समेत 13 जनप्रतिनिधियों के फर्जी जाति प्रमाणपत्र के मामले लंबित हैं। अजीत जोगी का 2011 से अमित जोगी का 2017 से, जनपद सदस्य नमिता बंसल का 2016 से, नगर पंचायत अध्यक्ष सकीला बेगम का 2005, शाहिना बेगम का 2013 से, शिवकुमार सबरिया का 2017, बूटसिंह का 2011 से, संतोष उइके 2011 से तेलदास 2013 से लंबित है। इसी तरह संतोष दास, रमेश कुमार, अवधेशकुमार आैर मोमताज अंसारी के भी प्रकरण लंबित हैं। यह जानकारी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक शिशुपाल सोरी के प्रश्न के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने दी थी।

यूजीसी ने जारी की 'फर्जी, गैर-मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटीज की लिस्ट

24-Jul-2019

नई दिल्ली, इंडिया  यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने मंगलवार 23 जुलाई 2019 को अलग-अलग राज्यों में स्थित जाली यूनिवर्सिटियों की लिस्ट जारी की है। उच्च शिक्षा नियामक ने छात्रों को इन संस्थानों में प्रवेश लेने के खिलाफ आगाह किया है।   यूजीसी सचिव रजनीश जैन ने कहा कि छात्रों और लोगों को सूचित किया जाता है कि वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों में यूजीसी अधिनियम का उल्लंघन कर 23 स्वघोषित, गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान चल रहे हैं। इनमें से आठ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में हैं। जबकि दिल्ली में सात फर्जी यूनिवर्सिटी संचालित हो रहे हैं। केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पुडुचेरी में एक-एक फर्जी यूनिवर्सिटी हैं।

अगर आप भी इस वर्ष किसी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने जा रहे हैं तो इन 24 यूनिवर्सिटी की लिस्ट को देख लीजिए। ये हैं भारत की 24 फर्जी यूनिवर्सिटी जिनकी डिग्री मान्य नहीं होगी। इसलिए अगर आप इनमें से किसी भी यूनिवर्सिटी में नामांकन करवाते हैं,यूनिवर्सिटी के किसी भी जाली कॉलेज में नाम लिखवाते हैं, तो आपका पैसा भी बर्बाद होगा और डिग्री की मान्यता भी नहीं होगी।

दिल्ली में जिन फर्जी विश्वविद्यालयों को चलता पाया गया है उनमें कॉमर्शियल यूनिवर्सिटी, यूनाईटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, वोकेश्‍नल यूनिवर्सिटी, एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्‍नोलॉजी, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ इम्‍प्‍लायमेंट, आध्‍यात्मिक विश्वविद्यालय और वरनस्य संस्कृत विश्वविद्यालय शामिल हैं।

उत्‍तर प्रदेश की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी कानपुर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय (मुक्त विश्वविद्यालय), अलीगढ़ उत्तर प्रदेश विश्व विद्यालय, कोसी कलां, मथुरा महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्व विद्यालय, प्रतापगढ़, वारणसी संस्कृत विश्व विद्यालय, वाराणसी महिला ग्राम विद्यापीठ / विश्व विद्यालय, (महिला विश्वविद्यालय), इलाहाबाद, गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग, इलाहाबाद, तथा इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, संस्थागत क्षेत्र, खोड़ फेक यूनिवर्सिटी की लिस्‍ट में शामिल हैं।

जानें, भारत की सबसे तेज महिला धावक दुती चंद के संघर्ष से लेकर सिल्वर तक का सफर

22-Jul-2019

100 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड और एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीत चुकीं भारत की महिला स्टार महिला एथलीट दुती चंद एक भारतीय धावक हैं। उसने ओलंपिक और एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और भारत के लिए कई पदक जीते हैं।  दूती चन्द का जन्म 3 फ़रवरी 1996 (आयु 23) ओडिशा के जाजपुर जिले के चाका गोपालपुर गांव में पैदा हुए थे। उसकी राशि कुंभ है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा  गांव के एक स्थानीय स्कूल से की। इसके बाद वह 2013 में केआईआईटी विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर से अपने बैचलर ऑफ लॉ का पीछा करने लगीं। वह एक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार से है और बड़े होने के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उसका परिवार गरीब था, उसने खुलासा किया कि उसके माता-पिता ने केवल 500 रुपये प्रति माह कमाए और उस आय के साथ अपने पूरे परिवार को खिलाना मुश्किल था। उसकी 5 बहनें और एक भाई है। और उसके पिता सभी बच्चों को भोजन नहीं दे सकते थे। इसलिए, उन्होंने सरकारी स्पोर्ट्स हॉस्टल में रहने के लिए दुती और उसकी बड़ी बहन, सरस्वती को भेजा।

बाद में उन्हें उन्नत प्रशिक्षण के लिए पटियाला जाना पड़ा। बाद में वह पुलेला गोपीचंद अकादमी में अपने प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद चली गईं। वह कोच एन रमेश के अधीन प्रशिक्षित हो गई और लड़कों के बीच प्रशिक्षण लेती थी, जिससे उसे बहुत विश्वास था। उन्हें उनकी बड़ी बहन, सरस्वती का समर्थन प्राप्त था, जिन्होंने उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। दुती अपनी सफलता का सारा श्रेय सरस्वती को देती है। वह भारत की पहली ओपनली गे ​​एथलीट बनीं। एक लड़की के साथ रिश्ते में होने का खुलासा करने के लिए उसे पूरे देश में सराहा गया था।

  • 10 जुलाई 2019 को, वह इटली के नेपल्स में 30 वें समर यूनिवर्सिटी गेम्स (वर्ल्ड यूनिवर्सियड) में 100 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उसने 11.32 सेकंड में ट्रैक पूरा किया और शुरू से अंत तक लीड में थी।
  • उनका करियर 2012 में शुरू हुआ जब वह 100 मीटर स्पर्धा में अंडर -18 वर्ग में नेशनल चैंपियन बनीं। उन्होंने पुणे में 2013 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
  • 2013 में, वह 100 मीटर के फाइनल में वैश्विक एथलेटिक्स में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं; जब वह 2013 विश्व युवा चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची।
  • उसी वर्ष, वह रांची में राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर और 200 मीटर स्प्रिंट में राष्ट्रीय चैंपियन बनी।
  • जून 2014 में, उसने 200 मीटर और 4×400 मीटर रिले में एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते।
  • 2016 के एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में, उन्होंने 60 मीटर इवेंट में भाग लिया और क्वालीफायर में 7.28 सेकंड में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की स्थापना की और मुख्य कार्यक्रम में कांस्य पदक जीता।
  • 25 जून 2016 को, उन्होंने कजाकिस्तान के अलमाटी में 26 वीं अंतर्राष्ट्रीय बैठक में 11.24 सेकंड की घड़ी के बाद 100 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा।
  • उसी वर्ष रियो ओलंपिक में, वह महिलाओं की 100 मीटर स्प्रिंट में भाग लेने वाली तीसरी भारतीय महिला बन गईं।
  • 2017 में, एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में, भुवनेश्वर, उसने दो कांस्य पदक जीते, एक महिला 100 मीटर में, दूसरी महिला 4 × 100 मीटर रिले में।
  • 2018 एशियाई खेलों में, डूटी ने महिलाओं के 100 मीटर के फाइनल में रजत पदक जीता।
  • यह Dutee का पहला एशियाई खेल पदक था और 32 वर्षों के बाद इस श्रेणी में भारत का पहला रजत पदक था, क्योंकि पीटी उषा ने इसे 1996 में जीता था।
  • 29 अगस्त 2018 को, उसने महिलाओं के 200 मीटर के फाइनल में एशियाई खेलों में अपना दूसरा रजत जीता।
  • डूटी इटली के नेपल्स में 30 वें समर यूनिवर्सिटी गेम्स (वर्ल्ड यूनिवर्सियड) में 100 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। उसने 11.32 सेकंड देखे और पूरे दौड़ में अग्रणी रही।

क्या यह टोक्यो 2020 लोगो आधिकारिक डिजाइन से बेहतर है?

20-Jul-2019

डैरन न्यूमैन नामक एक डिजाइनर एक विकल्प के साथ आया है। इसकी जांच लोगो प्रकृति में काफी उल्लेखनीय है क्योंकि यह देश के झंडे को प्रतिष्ठित ओलंपिक रिंग में शामिल करता है। कम वास्तव में अधिक है, जैसा कि न्यूमैन दिखाता है। उसका लोगो सरल है और बिंदु पर है और संदेश पहुंचाता है।

जब यह ओलंपिक खेलों की बात आती है, तो लोगो खेल के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। यह खेल के लिए एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

 जापान की राजधानी टोक्यो में 2020 में होने वाले ओलम्पिक और पैरालम्पिक खेलों के लिए एक अवधारणा लोगो को अपने डिजाइन के गुणों पर बहस करते हुए क्रिएटिव मिला है। डिजाइनर डैरन न्यूमैन द्वारा बनाया गया अनौपचारिक लोगो, खेल की भावना और जापानी शहर पर कब्जा करने के लिए प्रशंसा की गई है, हालांकि यह लोगों को वास्तविक टोक्यो 2020 पहचान का बचाव करने के लिए भी प्रेरित करता है। लोगो के लिए विचार हाल ही में न्यूमैन ने अपने सोशल मीडिया चैनलों पर पोस्ट किया था। डिजाइन ओलंपिक के छल्ले के आकार के साथ खेलता है और उन्हें '2020' पढ़ता है। यह लाल अंगूठी में भी भरता है ताकि यह जापान के झंडे पर पाए जाने वाले सूरज की डिस्क की तरह दिखाई दे।

https://twitter.com/DarenNewman/status/1141315310567460864

लोगो डिजाइन के लिए हमारा गाइड आकार और प्रतीकवाद के महत्व पर जोर देता है, इसलिए हम देख सकते हैं कि न्यूमैन का विचार, जो परिचित कल्पना के साथ खेलता है, कुछ लोगों द्वारा गर्मजोशी से प्राप्त किया गया है। Reddit यूजर DiImmortalesXV ने कहा कि यह: "पूरी तरह से आधुनिकता और सादगी को संप्रेषित करता है जो संदेश देना चाहता है। कम वास्तव में अधिक है, जैसा कि न्यूमैन दिखाता है। उसका लोगो सरल है और बिंदु पर है और संदेश पहुंचाता है।

अब सरकारी अस्पतालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगा इलाज

23-Aug-2019

नई दिल्ली,इंडिया  देश के सरकारी अस्पतालों में अब आर्टिफिशियल  इंटेलिजेंस से मरीजों का इलाज होगा। कैंसर सहित कई घातक रोगों और औषधियों के विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence)  का इस्तेमाल होगा। इसको लेकर नीति आयोग ने एक योजना भी तैयार की है। मोदी सरकार ने लोकसभा में हुए एक सवाल के जवाब में यह बताया है कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल की दिशा में काम कर रही है। सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी दूर करने और इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के मद्देनजर यह फैसला किया है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि देश में जन स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत में सुरक्षित और प्रभावी तरीके से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग की दिशा में काम कर रहा है। डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि नीति आयोग ने जैव प्रौद्यौगिकी विभाग (डीबीटी) के साथ मिलकर कैंसर रोगियों के 20 हजार से अधिक प्रोफाइल तैयार करने का लक्ष्य रखा है। कैंसर संबंधी रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी इमेज का डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि कैंसर प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावशाली इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने बताया कि नीति आयोग मधुमेह के कारण होने वाली रेटिनोपैथी का शीघ्र पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग पर बल दे रहा है। जैव प्रौद्यौगिकी विभाग ने कैंसर बायोलॉजी, क्षय रोग और पल्मनरी रोगों, मधुमेह और कार्डियोवस्कुलर रोगों, नेत्र रोगों, वंशानुगत और न्यूरोलॉकिल डिसऑर्डर और औषधि विकास के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रयोग के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग से स्वास्थ्य क्षेत्र में स्टाफ की कमी दूर करने और प्रयोगशाला सुविधाओं को बढ़ाने, रोगों का शीघ्र पता लगाने, निदान और उपचार के मार्ग में आने वाली दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी।

इन क्षेत्रों में होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग

  • टेली रेडियोलॉजी

  • टेली आफ्थैल्मालजी

  • क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम

  • रोग निगरानी

  • टेली मेडिसिन

  • रोगों का शीघ्र पता लगाना

  • स्वास्थ्य डाटा एनालिटिक्स

  • जैव प्रौद्यौगिकी में अनुसंधान

रेलवे ने यात्रियों को साफ पानी देने के लिए बनाया नया अभियान

20-Aug-2019

नई दिल्ली, इंडिया।  रेल यात्रियों को यात्रा के दौरान गुणवत्तायुक्त पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए रेलवे की ओर से ऑपरेशन थ्रस्ट शुरू किया है। इस अभियान के तहत स्टेशनों पर ऐसे लोगों को पकड़ा जा रहा है जो अवैध तौर पर स्टेशनों पर या ट्रेनों में लोकल पीने के पानी का कारोबार कर रहे हैं।

रेलवे में आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत पूरे भारत में एक साथ रेड की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध पानी बेचे जाने पर लगाम लगाना है ताकि यात्रियों को गुणवत्तायुक्त पानी उपलब्ध कराया जा सके। इस अभियान के तहत स्टेशनों और ट्रेनों में सघन तलाशी ली गई। इस अभियान को जुलाई में शुरू किया गया। दो दिनों में ही रेलवे ने 1,400 से अधिक ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जो लोकल पानी बेच रहे थे। इस अभियान के तहत 69,000 से अधिक गैर मानक की असुरक्षित पानी की बोतल पकड़ी गई हैं।

रेलवे की ओर से स्टेशनों पर या ट्रेनों में सिर्फ रेल नीर को बेचने की अनुमति प्रदान की है। यह पानी रेलवे के मानकों के अनुसार पैकेज किया जाता है, लेकिन गर्मी में पानी की मांग अधिक होने के चलते बड़ी संख्या में अवैध वेंडर मोटा मुनाफा कमाने के लिए स्टेशनों व ट्रेनों में अवैध पानी की बिक्री करते हैं।

राशन कार्डों के नवीनीकरण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

18-Jul-2019

 

रायपुर, छत्तीसगढ़, इंडिया। छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकता वाले राशनकार्डों (नीला) में निर्धारित खाद्यान्न की संशोधित पात्रता के अनुसार माह अगस्त से खाद्यान्न वितरण किया जाएगा।  नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत ने प्रचलित राशन कार्डों के नवीनीकरण करने के राज्यव्यापी अभियान में आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और यह भी कहा है कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में 15 जुलाई से राशन कार्ड के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्राप्ति हेतु शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में करीब 58 लाख राशन कार्डधारियों के राशन कार्डों का नवीनीकरण किया जाएगा। खाद्य मंत्री ने कहा है कि अधिकांश राशन कार्ड परिवार की महिला मुखिया के नाम पर जारी है। खाद्य मंत्री ने आवेदनकर्ताओं के लिए शिविर में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।  पर्याप्त संख्या में शासकीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए, जिससे आवेदकों को अधिक समय तक आवेदन शिविर में अनावश्यक रूकना न पड़े। इसी तरह अशिक्षित आवेदक के आवेदन पत्र को भरने के लिए भी मंत्री श्री अमरजीत भगत ने समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

इसी तरह खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सभी जिला कलेक्टरों को आज पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि आवेदन भरवाने के समय हितग्राहियों से किसी भी स्थिति में राशन कार्ड जमा नहीं कराएं। नवीन राशन कार्ड जारी करते समय ही वर्तमान कार्ड जमा कराएं। राशन कार्ड शिविर में राशन कार्ड नवीनीकरण की समस्त प्रक्रिया निःशुल्क है। उन्होंने इस आशय की सूचना अनिवार्य रूप से सभी शिविरों में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सभी जिलों के कलेक्टर को राशन कार्ड नवीनीकरण का कार्य नियत समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं लूट सकेंगी चिटफंड कंपनियां गरीबों का पैसा

12-Jul-2019

 

नई दिल्ली,इंडिया।  फर्जी चिटफंड कंपनियों की तरफ से लिये जा रहे गैर-कानूनी डिपॉजिटों पर रोकथाम के लिए सरकार और कड़ा कानून लाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिसमें चिटफंड कंपनियों के डिपॉजिट पर लगाम और 3 हवाई अड्डों को पट्टे पर देना शामिल है। कैबिनेट ने अनियंत्रित जमा योजना पाबंदी विधेयक, 2019 को मंजूरी दी है। यह विधेयक अनियंत्रित जमा योजना पाबंदी अध्यादेश, 2019 का स्थान लेगा। नया विधेयक देश में चिटफंड कंपनियों और ऐसी ही दूसरी स्कीम द्वारा अवैध रूप से जमा किये जा रहे पैसे निपटने में मदद करेगा। इस समय अवैध जमा योजनाएं रेग्युलेटरी कमियों का फायदा उठाते हुए गरीब लोगों की गाढ़ी कमाई को ठग लेती हैं।

देश में गैर कानूनी डिपॉजिट लेने वाले गोरखधंधे पर लगाम लायी जा सकेगी। जावडे़कर ने कहा कि ये कंपनियां मौजूदा कानून की खामियों का लाभ उठाती हैं और गरीबों की गाड़ी कमाई हड़पती हैं।

माना जा रहा है कि सरकार इस विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में ही पेश कर देगी। संसद का यह सत्र 26 जुलाई तक चलेगा। एक सरकारी बयान के मुताबिक प्रस्तावित कानून में धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों के प्रमोटरों को सजा देने और निवेशकों के डिपॉजिटों के पुनर्भुगतान के पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं।

मोबाइल फ़ोन से फैल रही बड़ी बीमारी , आप भी आ सकते है चपेट में

10-Jul-2019

 

नई दिल्ली, इंडिया आज के समय में मोबाइल फोन का इस्तेमाल सबसे ज्यादा युवा पीढी द्वारा किया जा रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में मोबाइल का प्रयोग करने वालों की संख्या 104 करोड़ तक पहुंच गई है। मोबाइल के कारण भारी संख्‍या में लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, कहीं आप भी तो इसके शिकार नहीं हो गए हैं। इंटरनेट के विस्तार और सोशल साइट के तिलिस्म ने लोगों को मोबाइल एडिक्ट बना दिया है। यह ऐसा नशा है जो इसमें जकड़े व्यक्ति को मदहोश नहीं करता लेकिन उसकी मनोदशा बिगाड़ देता है। हर वक्त सिर झुकाकर मोबाइल स्क्रीन से चिपके रहने वाले लोगों को मोबाइल एडिक्ट की श्रेणी में रखा जा रहा है। इसके शिकार युवा और बुजुर्ग ही नहीं बल्कि 2 से 14 साल की आयु वर्ग के बच्चे व किशोर भी हैं।

मोबाइल एडिक्शन का शिकार ज्यादातर स्कूल जाने वाले बच्चे हैं। मोबाइल की वजह से उनमें डायबिटीज का खतरा, अनिद्रा, कब्ज, मोटापा, हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप), आंखों में जलन और अस्थमा जैसी शारीरिक समस्याएं बढ़ रही हैं।

माता-पिता रखें इन बातों का ध्यान

  • बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें। अगर आप किसी कारणवश कुछ समय के लिए बच्चों को मोबाइल दे भी रहे हैं तो उसमें से ऐसा गेम डिलीट कर दें जिससे बच्चों के व्यवहार में आक्रामकता ना आए।
  • स्क्रीन की ब्राइटनेस 100 से 15 कर दें।
  • बच्चों को उनके मनपसंद के खिलौने दिलाए।
  • बच्चों से बात करें, उन्हें थोड़ा समय दें।
  • बच्चों को ज्यादातर इनडोर और आउटडोर खेल खिलाएं।
  • यदि मोबाइल ना मिलने पर बच्चें गुस्सा करें, तो उन्हें समझाने की कोशिश करें।

 

 

MONSOON ALERT: देश के 10 राज्यों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 48 घंटों तक नहीं मिलेगी राहत

09-Jul-2019

 

नई दिल्ली,इंडिया।  मॉनसून लगभग पूरे देश में आ गया है और कई जगह इसका प्रकोप देखने को भी मिल चुका है| इन राज्यों में आज होगी अच्छी बारिश मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काईमेट के मुताबिक, देश के कई राज्यों में अच्छी बारीश का संकेत है| इनमें महाराष्ट्र के तटीय इलाकों, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों, गुजरात के पूर्वी भागों, दक्षिण-पश्चिम बिहार, उत्तर-पश्चिम झारखंड, मध्यप्रदेश, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश और उत्तर के मध्य भागों में कुछ जगहों पर भारी बारिश के आसार हैं| मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल आने वाले 48 घंटों तक लोगों को बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है|

मध्य प्रदेश के  दमोह में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर सभी को सावधान रहने की चेतावनी दी है| मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर आगामी 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके बाद आपदा प्रबंधन टीम भी अलर्ट मोड पर नजर आ रही है|

मध्यप्रदेश  में मानसून ने ऐसा असर दिखाया कि प्रदेश के कई जिलों में पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जबकि कई जिलों में भारी बारिश  के साथ ही अति भारी बारिश का दौर चल रहा है| कई नदियों का जल स्तर बढ़ गया है, जबकि कई छोटी नदियां उफान पर हैं| नदियां उफान पर आने से कई जगहों पर बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं| अभी हालात सामान्य होते दिखाई नहीं दे रहे हैं और आने वाले 48 घंटे इलाके के लोगों के लिए और मुसीबत से भरे होंगे, लेकिन जिस तरह की तैयारियां प्रशासन ने की हैं उससे कम से कम ये तो कहा जा सकता है की हादसे के पहले हादसे रोकने के लिए प्रशासन सतर्क और मुस्तैद जरूर है|

वहीं लगातार हो रही बारिश के बाढ़ जनजीवन खासा प्रभावित है, खासतौर पर ग्रामीण इलाके खराब स्थिति में पहुंच गए हैं, तो जिला मुख्यालय से संपर्क टूटने वाले जिले के गावों की संख्या अब पचास पहुंच गई है और ये गावं पूरी तरह से कट गए हैं| आवागमन बंद है और नदी नाले उफान पर हैं| इन नदी नालों में अक्सर जोखिम भरी तस्वीरें सामने आ रही हैं तो टीम ने जिले के अलग-अलग जगहों पर बहने वाले नदी नालों से अब तक कई लोगों को रेस्क्यू भी किया है| आपदा प्रबंधन की टीम ने ऐसे स्थानों पर अपने जवान भी तैनात किये हैं, जहां आपदा की संभावना ज्यादा समझ आ रही है|

मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बिना UPSC पास किए भी बन सकेंगे अफसर

09-Jul-2019

 

नई दिल्ली,इंडिया। अब बड़े अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास करना जरूरी नहीं होगा। पहले बड़ा अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी के जरिए परीक्षा पास करनी होती थी। लेकिन, अब प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले सीनियर अधिकारी भी सरकार के साथ जुड़ सकते हैं और नौकरी कर सकते हैं। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) ने अधिसूचना जारी किया है। अगर आपमें भी विशेषज्ञता है लेकिन आपने यूपीएससी की परीक्षाएं पास नहीं की है तो भी आप अधिकारी बन सकते हैं। इसके लिए नीति आयोग ने सबसे पहले विज्ञापन जारी कर दिया है।

पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने 10 विभागों में बतौर जॉइंट सेक्रटरी 10 पदों के लैटरल एंट्री से जुड़ी अधिसूचना पर कहा कि इससे उपलब्ध स्रोतों में से सर्वश्रेष्ठ को चुनने का मौका मिलेगा। सिंह ने कहा, 'यह उपलब्ध स्रोतों में से सर्वश्रेष्ठ को चुनने का एक प्रयत्न है। इसके पीछे प्रेरणा यह है कि यह हर भारतीय नागरिक को अपनी प्रतिभा और क्षमता के हिसाब से अपना विकास सुनिश्चित करने के लिए मौका देता है। फिलहाल नीति आयोग में 44 पदों के लिए आवेदन मंगाए गए हैं। इसके तहत अपने अपने क्षेत्र में विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाएगा। ये नियुक्तियां कांट्रेक्ट के आधार पर होंगी या फिर दूसरे सरकारी विभागों में तैनात लोग अपनी प्रतिनियुक्ति के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। अभी नीति आयोग के तीन क्षेत्रों में नियुक्तियां की जानी है। इसके तहत नीतियों और नॉलेज, इनोवेशन और मानिटरिंग एंड इवैल्यूएशन के क्षेत्र में विशेष जानकारी रखने वालों को यहां नियुक्त किया जाएगा।  उन्हें 1 लाख 05 हजार रुपये महीने की तनख्वाह दी जाएगी। जबकि विभागों से प्रतिनियुक्ति पर दी जाने वाली तनख्वाह अलग है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले भी साफ कर दिया था कि अलग अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को सरकार से जोड़ कर उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा। ज्यादा जानकारी नीति आयोग की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

जानिए क्या होता है आधार KYC? जानिए इसका फायदा

04-Jul-2019

जानिए क्या होता है आधार KYC? जानिए इसका फायदा

भारत में यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) की ओर से नागरिकों को दी जाने वाली 12 अंको वाली बायोमेट्रिक आईडी आधार जरूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक बन चुका है. आधार में बायोमेट्रिक डेटा फीड रहता है और इसी तरह आधार e-KYC एक सुरक्षित और शेयरेबल डॉक्यूमेंट है, जिसे पहचान की ऑफलाइन वेरिफिकेशन के दौरान आधार कार्ड होल्डर अपने पास रख सकता है.

KYC बैंकिंग और फाइनेंस के क्षेत्र में इस्‍तेमाल होने वाला एक प्रचलित टर्म है. बैंक और फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशंस अपने ग्राहक की पहचान और उसके पते को सत्‍यापित करने के लिए KYC का प्रयोग करते हैं. KYC का मतलब नो योर कस्‍टमर यानी अपने ग्राहक को जानें- होता है.  बैंक में अकाउंट खोलने, म्युचुअल फंड अकाउंट, बैंक लॉकर्स तथा ऑन लाइन म्युचुअल फंड खरीदने और सोने में निवेश के लिए KYC करवाना जरूरी होता है.

बैंको और वित्तीय संस्थाओं के लिए KYC का बहुत महत्व हैं, क्योंकि इस विधि के द्वारा व्यक्ति के आवेदन और उसकी पहचान को सुनिश्चित करते हैं और इस बात को लेकर आश्‍वस्त हो जाते हैं कि जो भी दस्तावेज दिए गए हैं, वे वास्तविक हैं.

जो भी लोग आधार e-KYC सुविधा का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें अपने आधार डीटेल्स की मदद से UIDAI रेजिडेंट पोर्टल की ओर से डिजिटली साइन्ड डॉक्यूमेंट जेनरेट करना होता है. आधार e-KYC कार्ड होल्डर के नाम, अड्रेस, फोटो, जेंडर, जन्मतिथि, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और रजिस्टर्ड ईमेल आईडी जैसी पर्सनल इन्फॉर्मेशन वाली एक रेफरेंस आईडी होती है, जिसमें आधार कार्ड नंबर की आखिरी की चार डिजिट ही दिखाई देती हैं. साथ ही इस आईडी पर टाइम स्टैम्प और XML लैंग्वेज में किया गया डिजिटल साइन होता है.

आधार -केवाईसी प्रक्रिया:

आधार कार्ड का निर्माण बायोमेट्रिक सूचनाओं के साथ होता है. जब आधार कार्ड बनता है तो उसी समय उंगलियों के निशान, चेहरे की तस्वीर, आंखों की पुतलियों के निशान सहित तमात जरूरी सूचनाएं ले ली जाती है. इसलिए इसके माध्यम से केवाईसी आसानी से हो जाती है.

– केवाईसी के लिए अपना आधार कार्ड सर्विस प्रोवाइडर (बैंक, वित्तिय संस्थान या अन्य) को दें. वे आपका आधार नंबर लिखेंगे.

– अब बायोमिट्रिक स्कैनर की मदद से आपकी आंखों की पुतलियों के निशान या फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे.

– आप मोबाइल आधारित वन टाईम पासवर्ड विकल्प का भी चुनाव कर सकते हैं.

– जब आपका बायोमिट्रिक ले लिया जाएगा, उसे यूआईडीएआई के पास भेजा जाएगा. वहां से मिलान होते ही आपकी सभी जानकारी सर्विस प्रोवाइडर के पास पहुंच जाएगी.

शक्तिशाली तूफान ‘मून’ ने चीन में दस्तक दी, चेतावनी जारी

05-Jul-2019

 

बीजिंग l  भीषण चक्रवाती तूफान ‘मून’ ने चीन के दक्षिणी प्रांत हेनान में बुधवार को दस्तक दी जिसके कारण जहाजों और विमानों का परिचालन रद्द करना पड़ा| मून इस वर्ष चीन में दस्तक देने वाला पहला तूफान है| प्रांतीय मौसम विभाग ने बताया कि उष्णकटिबंधीय तूफान देर रात 12:45 बजे चीन पहुंचा| इसके कारण 18 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हवाएं चलने लगी|

मौसम विभाग ने अनुमान व्यक्त किया है कि मून दक्षिणी द्वीप से गुजरता हुए दोपहर बाद चक्रवात के रूप में बीबु बे में प्रवेश करेगा| इसके बाद वह उत्तरी वियतनाम की ओर बढ़ जायेगा| विभाग ने यह चेतावनी भी दी कि द्वीप और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी|

तूफान की आशंका के कारण कियांगझोउ जलडमरूमध्य में मंगलवार दोपहर से ही जहाजों का परिचालन बंद कर दिया गया| इसके अलावा मंगलवार रात नौ बजे से 30 से अधिक उड़ानों को या तो रद्द कर दिया गया है अथवा विलंब से चलाया गया है| तूफान के कारण किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है| प्रशासन ने तूफान के मद्देनजर कमर कस रखी है जिसके कारण जान-माल का अधिक नुकसान नहीं हुआ है|

खुशखबरी : आज से 100 रुपये सस्ता हुआ रसोई गैस सिलेंडर

02-Jul-2019

नई दिल्ली | सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी कटौती की गई है.आज से यानी 1 जुलाइ से बिना सब्सिडी वाला गैस का सिलेंडर 100.50 रुपये सस्ता हो गया है. कीमतों में यह बदलाव 30 जून की रात 12 बजे से लागू हो गया है. आज से इन घटी कीमतों का फायदा ग्राहकों को मिलेगा.

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की वेबसाइट के मुताबिक बिना सब्सिडी गैस सिलेंडर की कीमत अभी 737.50 रुपये है. लेकिन यह 1 जुलाई से 637 रुपये का मिलने लगेगा. इस प्रकार ग्राहकों को 100.50 रुपये का फायदा होगा. वहीं हालांकि सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्‍ली में फिलहाल सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) की कीमत 497.37 रुपये है.

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की रविवार को जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम घटने और डॉलर-रुपया विनिमय दर में आये बदलाव के प्रभाव स्वरूप एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) के दाम में कमी आई है. नई दर एक जुलाई से प्रभावी होगी. आपको बता दें कि सब्सिडीयुक्त रसोई गैस सिलेंडर के लिये उपभोक्ताओं को रिफिल लेते समय बाजार मूल्य पर भुगतान करना होता है. उसके बाद सब्सिडी राशि उपभोक्ता के बैंक खाते में डाल दी जाती है. उपभोक्ताओं को एक साल में 12 सिलेंडर सब्सिडी पर मिलते हैं. एलपीजी सिलेंडर के मूल्य में आई ताजा गिरावट के बाद उपभोक्ता को 142.65 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी राशि मिलने पर जुलाई 2019 में सिलेंडर की प्रभावी दर 494.35 रुपये बैठेगी.

सरकार का बड़ा फैसला,अब OBC की 17 जातियों को जारी हो सकेगा SC सर्टिफिकेट

01-Jul-2019

 

उत्तर प्रदेश|   उत्तर प्रदे श की योगी सरकार ने  प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कहार व कश्यप समेत 17 जातियों को अनुसूचित जातिका प्रमाणपत्र जारी होगा. इस बाबत शासनादेश जारी कर दिया गया है. दिसंबर 2016 में पिछड़े वर्ग की सूची में सम्मिलित 17 जातियों- कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, माझी और मछुआ को अनुसूचित जाति में शामिल करने से संबंधित शासनादेश जारी किया गया था.

चूंकि इस संबंध में एक रिट याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए जारी प्रमाणपत्र हाईकोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन होंगे. इन जातियों को सपा शासन में अन्य पिछड़ा वर्ग से अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया था.

संबंधित शासनादेश के खिलाफ डॉ. बीआर आम्बेडकर ग्रंथालय एवं जनकल्याण ने हाईकोर्ट, इलाहाबाद में रिट दायर की. इस पर कोर्ट ने अग्रिम आदेश तक स्टे दे दिया था. 29 मार्च 2017 को हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस शासनादेश के तहत कोई भी जाति प्रमाणपत्र जारी किया जाता है तो वो संबंधित रिट याचिका में कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होगा.

प्रमुख सचिव, समाज कल्याण मनोज कुमार सिंह की ओर से हाईकोर्ट के इसी आदेश के आधार पर सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजे शासनादेश में कहा गया है-‘उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा 29 मार्च 2017 को पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए, परीक्षण के उपरांत सुसंगत अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें.’

साथ ही इस शासनादेश की कॉपी नियुक्ति व कार्मिक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को भी भेजी गई है, जिसमें कहा गया है कि मझवार जाति व अन्य पिछड़े वर्ग की सूची में सम्मिलित 17 जातियों के संबंध में उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के अनुपालन में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें.

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास

01-Jul-2019

 

नई दिल्ली :- टीम इंडिया के कप्तान ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का एक और रिकॉर्ड तोड़ दिया है. कोहली ने गुरुवार को वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेलते हुए एक नया कारनामा अपने नाम कर लिया. कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ गुरुवार(27 जून ) को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर 37 रन बनाते ही अंतरराष्ट्रीय मैच में सबसे तेज 417 पारियों में 20 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए.

कोहली ने 417वीं पारी (टेस्ट में 132, वनडे में 223 और टी-20 में 62) में यह कारनाम किया. जबकि सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा दोनों ने 20 हजार अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने के लिए 453 पारियां खेली थीं. इस मैच से पहले विराट को यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 37 रन की दरकार थी.

विराट कोहली औसत के मामले में भी सचिन तेंडुलकर से आगे हैं. इंटरनैशनल क्रिकेट के तीनों ही फॉर्मेट में कोहली का औसत शानदार रहा है. कोहली का टेस्ट में 53.76, ODI में 59.67 और टी-20 में 50.29 का औसत है. सचिन का औसत टेस्ट में 53.79, ODI में 44.83 और टी-20 में 10 का है. सचिन ने एक मात्र टी-20 इंटरनैशनल खेला था, जिसमें उन्होंने 10 रन बनाए थे.

विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 37 रन बनाते ही, सचिन तेंदुलकर (34,357 रन) और राहुल द्रविड़ (24,208 रन) के बाद 20 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए. विराट ने अब तक वनडे में 11124*, टेस्ट में 6613 और टी-20 में 2063 रन बनाए हैं.

मोदी सरकार की वॉट्सऐप जैसा ऐप लाने की तैयारी, ये लोग कर पाएंगे इस्तेमाल

29-Jun-2019

 

नई दिल्ली ।  मोदी सरकार वॉट्सऐप की तरह खुद का ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है. दरअसल अमेरिका ने अपने देश में चीनी कंपनी हुवावे को जासूसी के आरोप में बैन कर दिया. इससे भारत सरकार भी सजग हो गई है. सरकार ने फैसला किया कि कम्युनिकेशन के लिए क्यों ना कोई ऐसा ऐप हम भी लॉन्च करें, जिसका डेटा भारत में ही स्टोर हो. विश्व की लगभग सभी जगहों में व्हाट्सएप्प का इस्तेमाल होता है. इन्हीं में से एक भारत देश भी है. यहां भी लोग काफी संख्या में इसका इस्तेमाल करते हैं. लेकिन मोदी सरकार बिल्कुल इसके जैसा ही एक ऐप लाने की तैयारी में है. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इसकी जानकारी दी गई. चलिए जानते हैं ये ऐप कैसे काम करेगा और कौन लोग इसे इस्तेमाल कर पाएंगे.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार सरकारी एजेंसियों के बीच कम्युनिकेशन के लिए एक ऐप लॉन्च करना चाह रही है, जिसमें ई-मेल और मैसेजिंग की सुविधा हो. इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि हमारे पास आधिकारिक संचार के लिए सुरक्षित और स्वदेशी रूप से विकसित नेटवर्क होना चाहिए. इससे हमें वॉट्सऐप जैसा सरकारी ऐप बनाने में मदद मिल सके.इसका इस्तेमाल शुरुआती दौर में सरकारी संचार के लिए होगा. बाद में इसके सफल होने पर आम आदमी के लिए भी ऐप को पेश किया जाएगा.