Wednesday,06 July 2022   03:37 pm

कोरोना की दूसरी लहर के चलते अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत यात्रा से बचने की दी सलाह

20-Apr-2021

अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने कहा, 'कोरोना मामलों में वृद्धि के बीच, यात्रियों को भारत में किसी तरह की यात्रा से बचना चाहिए। टीका लगाए गए यात्रियों को भी कोरोना के प्रसार का जोखिम हो सकता है इसलिए उन्हें भारत में किसी तरह की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि आपको भारत की यात्रा करनी ज्यादा जरूरी है, तो यात्रा से पहले पूरी तरह से टीका लगवाएं।'

अमेरिका ने अपने देशवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) द्वारा जारी इस एडवाइजरी में देशवासियों को भारत की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। बता दें कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के चलते संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' में प्रकाशित एक स्टडी में आने वाले दिनों में भारत में संक्रमण की रफ्तार में तेजी की बात कही गई है। इसके मद्देनजर अमेरिका सहित कई देश सचेत हो गए हैं।

भारत में बढ़ते संक्रमण ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रिटेन (UK) ने भारत को 'रेड लिस्ट' में डाल दिया है। इसके तहत नॉन-ब्रिटिश और आइरिश नागरिकों के भारत से ब्रिटेन जाने पर पाबंदी रहेगी। साथ ही विदेश से लौटे ब्रिटेन के लोगों को होटल में 10 दिन तक क्वारंटीन रहना अनिवार्य कर दिया है। वहीं, हॉन्गकॉन्ग (Hong Kong) ने भारत से आने और जाने वाले विमानों को 20 अप्रैल से 3 मई तक के लिए स्थगित कर दिया है। हॉन्गकॉन्ग सरकार का यह फैसला इस महीने विस्तारा एयरलाइंस की फ्लाइट से गए 50 यात्रियों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद आया है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान (Pakistan) ने भी भारत से यात्रियों के आने पर दो सप्ताह के लिए रोक लगाने का फैसला किया है। पाकिस्तान के नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (NCOC) के प्रमुख असद उमर की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में भारत से यात्रा पर दो सप्ताह की रोक लगाने का फैसला किया गया।

France Lockdown: कोरोना का कहर जारी, राष्ट्रपति ने दिया देशव्यापी लॉकडाउन का आदेश

01-Apr-2021

फ्रांस में कोरोना वायरस ने फिर अपना प्रकोप दिखान शुरू कर दिया है। कोरोना के खतरे को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने पूरे देश में 4 हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगा दिया है। बुधवार को देशव्यापी लॉकडाउन लगाने का आदेश देते हुए राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि स्कूलों को कम से कमसतीन सप्ताह के लिए बंद किया जाए।

चार सप्ताह का देशव्यापी लॉकडाउन

इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार से चार सप्ताह का देशव्यापी लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। टेलीविजन पर प्रसारित एक संदेश में उन्होंने कहा कि इस दौरान केवल जरूरी सामान की दुकानों को खुलने की इजाजत होगी और लोगों को दफ्तरों की बजाय घर से काम करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान सार्वजनिक सभाओं पर पूरी तरह रोक होगी। बिना उचित कारण के अपने घरों से 10 किलोमीटर से अधिक दूर जाने पर भी रोक होगी।

अगले सप्ताह से स्कूलों को भी तीन सप्ताह के लिए बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पड़ने वाले इस्टर शुक्रवार के दिन लोगों को इजाजत होगी कि लॉकडाउन के दौरान जहां रहना चाहते हैं वहां जा सकते हैं। मैक्रों ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन इस पर काबू पाना अभी मुश्किल नहीं है, ऐसे में लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार, फ्रांस में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 46.46 लाख पहुंच चुका है जबकि यहां कोराना वायरस से अब तक 95,502 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में फिलहाल 5,000 लोग कोरना के कारण आईसीयू में भर्ती हैं। हाल के दिनों में यहां ब्रिटेन के नए वेरिंएट के कोरोना वायरस के कारण संक्रमण के मामलों में तेजी आई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 31 मार्च को यहां एक दिन में संक्रमण के 29,575 मामले दर्ज किए गए। वहीं 28 मार्च को 41,682 और 29 मार्च को 37,014 मामले दर्ज किए गए थे।

जर्मनी में भी हालात खराब

वहीं जर्मनी में भी कोरोना वायरस से हालात खराब होते जा रहे हैं। यहां फिर से 14 दिनों के सख्त लॉकडाउन लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। जर्मन स्वास्थ्य मंत्री जेंस स्पैन ने कहा कि महामारी नियंत्रण पाने के लिए देश में 10 से 14 दिनों का लॉकडाउन जरूरी है।

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के चीफ ऑफ स्टाफ हेग ब्राउन ने भी देश में कोरोना के हालात को लेकर चिंता जताई है। ब्राउन ने कहा, हम इस समय सबसे खतरनाक फेज से गुजर रहे हैं। हमें अगले कुछ हफ्तों में कोरोना पर काबू पाना होगा।

ब्राउन ने कहा, अगले कुछ हफ्ते यह निर्धारित करेंगे कि क्या हम महामारी पर नियंत्रण पा सकते हैं या नहीं? अगर संक्रमण ऐसे ही बढ़ता रहा, तो कोरोना के नए स्ट्रेन का खतरा भी बढ़ जाएगा और शायद इससे वैक्सीन के प्रभाव पर भी असर पड़ेगा। अगर ऐसा हुआ, तो हमें नई वैक्सीन की जरूरत होगी और हमें वैक्सीनेशन प्रोग्राम फिर से शुरू करना होगा। ब्राजील में हालात दिन-पर-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।

बांग्लादेश पहुंचे PM नरेंद्र मोदी, एयरपोर्ट पर शेख हसीना ने किया स्वागत, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

26-Mar-2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिन की बांग्लादेश यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। कोरोना काल में पीएम मोदी की ये पहली विदेश यात्रा है। पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब बंगाल में कल पहले चरण के लिए वोटिंग होगी। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना खुद पीएम मोदी का स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंची हैं। शेख हसीना ने फूलों का गुलदस्ता देकर पीएम मोदी का स्वागत किया। बांग्लादेश की जमीन पर भारत का राष्ट्रगान बजाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया है। पीएम मोदी कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से अपनी पहली विदेश यात्रा पर बांग्लादेश पहुंचे हैं।

बांग्लादेश के गठन में भारत ने अहम भूमिका निभाई थी, यही कारण है कि इस खास मौके पर भारत के प्रधानमंत्री शामिल हो रहे हैं। पीएम मोदी के दौरे से पहले बांग्लादेश को सजाया गया है, ढाका में त्योहार जैसा माहौल है। पीएम मोदी अपने दौरे के पहले दिन कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

बांग्लादेश में इस कार्यक्रम का आगाज नेशनल परेड ग्राउंड पर होगा, साथ ही बंगबंधु इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर पर भी कार्यक्रम होना है। पीएम मोदी साथ ही सावर में राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देंगे। आज ही पीएम मोदी और शेख हसीना बंगबंधु-बापू प्रदर्शनी की शुरुआत करेंगे।

दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के चलते पीएम मोदी 497 दिनों के बाद किसी विदेश दौरे पर जा रहे हैं। इससे पहले वे नवंबर 2019 में ब्राज़ील के दौरे पर गए थे। पिछले एक साल से पीएम दुनिया के अहम कार्यक्रमों में वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए ही हिस्सा ले रहे हैं। बांग्लादेश ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो दिवसीय यात्रा के दौरान नई दिल्ली और ढाका के बीच कम से कम पांच सहमति पत्रों (AMU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

मोदी बांग्लादेश की स्वतंत्रता के स्वर्ण जयंती समारोह और इसके संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के जन्मशती समारोह में शामिल होने शुक्रवार को ढाका पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 26 से 27 मार्च तक की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी करेंगे। बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ। ए के अब्दुल मोमेन ने कहा कि एमओयू की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है, लेकिन कम से कम पांच एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

Bangladesh 50th Independence Day: बांग्लादेश के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे मोदी

15-Mar-2021

पाकिस्तान से बांग्लादेश के आजाद होने के 50 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित होने वाले समारोहों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल, श्रीलंका, भूटान एवं मालदीव की सरकारों के प्रमुखों सहित दुनिया के कई नेता हिस्सा लेंगे। इस माह के आखिर में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होंगे।

वर्ष 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के बाद पाकिस्तान से देश को आजादी मिली थी। इसकी 50वीं वर्षगांठ पर 17 से 27 मार्च तक विभिन्न समारोहों का आयोजन किया जाएगा।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान बांग्लादेश और भारत के बीच किसी अनसुलझे द्विपक्षीय मुद्दों को लेकर चर्चा नहीं होगी। हम खुश हैं कि पीएम मोदी यहां आ रहे हैं। यह राजनयिक परिपक्वता और उपलब्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी की यह पहली विदेश यात्रा है। अन्य देशों के नेता केवल ढाका ही जाते थे लेकिन पीएम मोदी देश के अन्य हिस्सों में भी जाएंगे।

बांग्लादेश सरकार ने बताया कि विदेशी गणमान्य अतिथि राष्ट्रपिता की जन्म शताब्दी के मौके पर बंगबंधु संग्रहालय भी जाएंगे। विदेश मंत्री डा. एके अब्दुल मेमन ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि आने वाले राष्ट्र एवं सरकार प्रमुखों के साथ प्रधानमंत्री हसीना वार्ता भी करेंगी, लेकिन विदेशी नेताओं के दौरे का मुख्य जोर हमारे समारोहों में शामिल होना रहेगा। हसीना अपने भारतीय समकक्ष मोदी के साथ 27 मार्च को वार्ता करेंगी जिसमें बड़े द्विपक्षीय मुद्दों के शामिल रहने की उम्मीद है।

कागों के गांव में मिला सोने का पहाड़, लोगों में मची लूट, सेना तैनात

09-Mar-2021

अफ्रीकी देश में सोने का पहाड़ मिलने की खबर आई है। अफ्रीकी देश कांगों के दक्षिणी प्रांत के एक गांव में सोने का पहाड़ मिलने की खबर मिलते ही हजारों की तादाद में लोग सोना लूटने दौड़ पड़े। हालत ये हो गई कि ज्यादा से ज्यादा सोना लूटने की होड़ में किसी ने खदान की मिट्टी को बैग में भरा, तो किसी ने बोरे में, किसी ने थैली में भरा, तो किसी ने दुपट्टे और शर्ट में भर लिया। लोग अपने घरों में इस मिट्टी को ले जाकर धोकर सोना निकाल रहे हैं। बड़ी संख्या में भीड़ लग जाने के बाद किसी अनहोनी की आशंका से बचने के लिए प्रशासन ने वहां जाने पर रोक लगा दी है। 28 सेकेंड के इस वीडियो को अब तक 53 हजार लोग देख चुके हैं।

कॉन्गो के कई हिस्सों में भारी मात्रा में सोना मौजूद है। ऐसे में वहां गोल्ड माइनिंग (Gold Mining) काफी आम है। हालांकि, भारी मात्रा में ग्रामीणों के वहां पहुंचने के कारण माइनिंग को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था।

बता दें कि पूरे कांगो में फावड़ा आदि के जरिए आजीविका के लिए सोने की खुदाई करना सामान्य बात है। कांगो के पूर्वी और पूवोत्तर इलाके में सोने की खुदाई एक तरह से कुटीर उद्योग की तरह है। लुहिहि गांव में इतने बड़े पैमाने पर खुदाई करने वालों के पहुंचने पर वहां पर कांगो की सेना, खनिकों और व्यापारियों को भेजना पड़ा।

मंगल पर सफलतापूर्वक उतरा NASA का रोवर, जानें कौन हैं भारतीय मूल की डॉ स्वाति मोहन, जिन्होंने मंगल ग्रह के मिशन पर नासा को दिलाई सफलता

19-Feb-2021

अमेरिका। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पर्सिवरेंस रोवर शुक्रवार को मंगल ग्रह की सतह पर सफलतापूर्वक लैंड कर गया। 203 दिन में 472 मिलियन किलोमीटर की यात्रा करने के बाद नासा का पर्सिवरेंस रोवर मंगल ग्रह (लाल ग्रह) पर पहुंचा। सात महीने पहले मार्स पर्सिवरेंस रोवर ने धरती से टेकऑफ किया था। पिछले सात महीनों से नासा के वैज्ञानिकों की टीम इसपर निगाहें बनाई हुई थीं। इस ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा बनने वाले वैज्ञानिकों में, भारतीय-अमेरिकी डॉ. स्वाति मोहन भी शामिल थीं। जब सारी दुनिया इस रोवर के ऐतिहासिक लैंडिग को देख रही थी उस दौरान कंट्रोल रूम में बिंदी लगाए स्वाति मोहन जीएन एंड सी सबसिस्टम और पूरी प्रोजेक्ट टीम को लीड कर रही थीं। स्वाती मोहन की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस मिशन की सफलता में भारतीय-अमेरिकी डॉ स्वाति मोहन ने अहम भूमिका निभाई है।

मिशन की सफलता पर स्वाति मोहन ने कहा, मंगल ग्रह पर हमारे रोवर के टचडाउन की पुष्टि हो गई है। अब ये वहां जीवन के संकेतों की तलाश शुरू करने के लिए तैयार है।" स्वाति मोहन नासा के विकास प्रक्रिया के दौरान प्रमुख सिस्टम इंजीनियर होने के अलावा टीम की देखभाल भी करती हैं और GN&C के लिए मिशन कंट्रोल स्टाफिंग का शेड्यूल भी करती हैं।

क्या मंगल पर पहले कभी जीवन था या नहीं?

छह पहिए वाला यह उपकरण मंगल ग्रह पर जानकारी जुटाएगा और ऐसी चट्टानें लेकर आएगा जिनसे इन सवालों का जवाब मिल सकता है कि क्या कभी लाल ग्रह पर जीवन था. वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर कभी मंगल ग्रह पर जीवन रहा भी था तो वह तीन से चार अरब साल पहले रहा होगा, जब ग्रह पर पानी बहता था. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि रोवर से दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े एक मुख्य सवाल का जवाब मिल सकता है. इस परियोजना के वैज्ञानिक केन विलिफोर्ड ने कहा, 'क्या हम इस विशाल ब्रह्मांड रूपी रेगिस्तान में अकेले हैं या कहीं और भी जीवन है? क्या जीवन कभी भी, कहीं भी अनुकूल परिस्थितियों की देन होता है?'

म्यांमार तख्तापलट: आंग सान सू ची पर कई आरोप, 15 फ़रवरी तक हिरासत में

10-Feb-2021

म्यांमार में जब से सेना ने तख्तापलट किया है तब से आम जनता में रोष व्याप्त है। हजारों लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस भी दंगा नियंत्रण हथियारों का इस्तेमाल कर रही है। जिससे कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने हवा में फायरिंग करने के साथ ही रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया है। अब तक 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

दुनियाभर में इंटरनेट सेवाओं पाबंदियों पर नजर रखने वाली कंपनी ‘नेटब्लॉक’ ने बताया कि शनिवार दोपहर से म्यांमार में इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद थी। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी कर रही है। इससे पहले शुक्रवार को ट्विटर और इंस्ट्राग्राम के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई थी।‘नेटब्लॉक’ के अनुसार म्यांमार में इस सप्ताह दूसरी बार म्यांमार में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया गया है।

सैन्य सरकार की तरफ से जारी किए एक बयान में कहा गया कि कुछ लोग फर्जी खबरें फैला रहे हैं। जिसकी वजह से इंटरनेट पर पांबदी लगाई गई है। हालांकि वहां के लोगों का कहना है कि इंटरनेट पर पांबदी तख्तापलट के बढ़ते विरोध को रोकने के लिए किया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक म्यांमार के सबसे बड़े शहर यंगून में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ रविवार को ज़ोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में कई हजार लोग शामिल थे। ये सभी देश की शीर्ष नेता आंग सान सू की की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यंगून (Yangon) विश्वविद्यालय के पास प्रमुख चौराहे पर कम से कम 2,000 श्रमिक यूनियन सदस्यों, छात्र कार्यकर्ता मौजूद थे। ये लोग ‘आपकी आयु लंबी हो मां सू’ और ‘सैन्य तानाशाही खत्म करो’ के नारे लगा रहे थे। बता दें इससे पहले शनिवार को भी सैकड़ों की संख्या में लोग म्यांमार में हुए सैन्य तख्तापलट के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था।देश में कुछ डॉक्टरों ने तो काम करने से भी इनकार कर दिया है।

United Nations की चेतावनी बेअसर, उत्तर कोरिया कर रहा परमाणु हथियारों व बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रसार

09-Feb-2021

यूएन की रोक के बावजूद उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों व बैलिस्टिक मिसाइलों के आधुनिकीकरण में जुटा है। उत्तरपूर्व एशियाई देशों पर लागू प्रतिबंधों की निगरानी करने वाले एक यूएन एक्सपर्ट ने ये जानकारी दी। उनके मुताबिक, उत्तर कोरिया यूएन की चेतावनी को दरकिनार करके इन प्रोग्राम्स में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी व मैटीरियल दूसरे देशों से लगातार मंगवा रहा है और अपने परमाणु शस्त्रागारों का रखरखाव कर रहा है। यही नहीं उत्‍तर कोरिया ने साइबर हैकिंग के जरिए 22 करोड़ पाउंड हासिल किया है और इसका इस्‍तेमाल वह हथियारों पर कर रहा है।

उत्तर कोरिया पर लगाए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों पर निगरानी रखने वाले विशेषज्ञों के एक दल ने सोमवार को सुरक्षा परिषद में एक रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में कहा कि किम जोंग उन की सरकार ने ऐसी सामग्री का निर्माण भी कर लिया है जिससे नाभिकीय हथियार बनाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने कहा, 'उसने (उत्तर कोरिया) कम दूरी की नई मिसाइलों, मध्यम दूरी की, पनडुब्बी से मार करने लायक और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का सैन्य परेड में प्रदर्शन किया।'

बीते दिनों 'वर्कर्स पार्टी कांग्रेस' की आठ दिवसीय बैठक के दौरान  किम ने अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ाने और अधिक उन्नत परमाणु हथियार प्रणालियों को विकसित करने की चेतावनी दी थी और कहा था कि अमेरिका के साथ संबंध इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका अपनी शत्रुतापूर्ण नीतियां त्यागता है या नहीं।

WHO चीफ की चेतावनी, कहा- सिर्फ वैक्सीन से नहीं खत्म होगी दुनिया में कोरोना की महामारी

17-Nov-2020

कोरोनावायरस महामारी से पूरा विश्व त्रस्त है और दुनिया में लाखों लोग इस बीमारी के चलते अपनी जान गंवा बैठे हैं। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन की तलाश में जुटे हैं और इस बात की उम्मीद कर रहे हैं कि वैक्सीन आने के बाद लोगों की रक्षा हो सकेगी। हालांकि अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक ऐसी बात कही है जो लोगों की इस उम्मीद को कुछ कम कर सकती है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रियेसिस ने चेताया है कि वैक्सीन आने के बाद भी वो इस कोरोनावायरस महामारी को अपने आप रोकने में कामयाब नहीं हो सकेगी। टेड्रोस ने सोमवार को कहा है कि वैक्सीन आने के बाद वो हमारे पास मौजूद अन्य माध्यमों को मजबूत तो करेगी लेकिन उन्हे रिप्लेस नहीं कर पाएगी। डबल्यूएचओ डायरेक्टर-जनरल ने साफ साफ कहा कि एक वैक्सीन सिर्फ अपने दम पर महामारी को रोक नहीं पाएगी।

हालांकि उन्होंने इसके साथ चेतावनी भी दी कि इसके बावजूद कोरोना वायरस को फैलने के लिए काफी अनुकूल माहौल मिलेगा। सर्विलांस को जारी रहना होगा, लोगों को लगातार टेस्ट कराते रहना होगा। उन्हें आईसोलेशन और देखभाल की जरूरत होगी। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जरूरत भी पहले की तरह बनी रहेगी। इंडीविजुअल लेवल पर लोगों को देखभाल की जरूरत पहले की तरह करते रहनी पड़ेगी।

कई वैक्सीन इलाज में दिख रही है कारगर

बता दें कि कोरोना काल के करीब 8 महीने का वक्त बीत जाने के बाद अब दुनिया भर में वैक्सीन निर्माण की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। सोमवार को ही बायोटेक कंपनी मॉडर्ना की ओर कहा गया है कि कोरोना के खिलाफ तैयार की जा रही दवा बीमारी को रोकने में 94.5 फीसदी तक कारगर है। यह दावा क्लीनिकल ट्रायल के विश्लेषण के आधार पर किया जा रहा है। इससे पहले फाइजर की वैक्सीन ने भी इस महामारी के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा प्रभाव दिखाया है। माना जा रहा है कि अमेरिका दिसंबर तक दो वैक्सीन को आपातकालीन मंजूरी दे सकता है। इसके साथ ही इस वर्ष के अंत (2020 के अंत) तक वैक्सीन के 6 करोड़ डोज उपलब्ध हो जाएंगे।

अमेरिका की उम्मीदें बढ़ीं: NASA ने SpaceX के साथ मिलकर 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर रवाना हुआ इंटरनेशनल स्पेस सेंटर

16-Nov-2020

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ने चार अंतरिक्ष यात्रियों समेत रविवार को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से SpaceX Rocket रवाना किया है।स्पेसएक्स की यह दूसरी मानव सहित उड़ान है। फाल्कन रॉकेट तीन कैनेडी स्पेस सेंटर से रात में तीन अमेरिकियों और एक जापानी, स्पेसएक्स द्वारा लॉन्च किए जाने वाले दूसरे चालक दल के साथ फेंक दिया गया। इस साल की कई चुनौतियों को देखते हुए इसके चालक दल ने एक रॉकेट का नाम रखा है ड्रैगन कैप्सूल, चुनौतियों में सबसे बड़ी चुनौती रही कोरोना वायरस। रॉकेट सोमवार देर रात तक अंतरिक्ष पहुंच जाएगा और ऐसा कहा जा रहा है कि वसंत तक वहीं रहेगा। स्पेसएक्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी एलन मस्क को दूर से कार्रवाई की निगरानी करने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने ट्वीट किया कि उन्हें "सबसे अधिक संभावना है" उनमें कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। कैनेडी स्पेस सेंटर में नासा की नीति है कि जिस भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण मिलें उसे अलग-थलग रखा जाए. रविवार को लॉन्च हुए रॉकेट से महीनों पहले दो दो-पायलट उड़ान टेस्ट हो चुके हैं. अगर इसके बाद वो दो जाता है जिसकी नासा को उम्मीद है तो सालों की देरी के बाद अमेरिका और अंतरिक्ष स्टेशन के बीच चालक दल के रोटेशन की एक लंबी सीरीज होगी। अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा लोग मतलब ज्यादा रिसर्च।

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ट्विटर पर इस लॉन्च की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विज्ञान की ताकत का प्रमाण है और साबित करता है कि नवाचार, सरलता और दृढ़ संकल्प का उपयोग करके हम क्या हासिल कर सकते हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे "महान" बताया है।

लॉन्च के दौरान अमेरिका के उपऱाष्ट्रपति माइक पेंस अपनी पत्नी के साथ मौजूद रहे। उन्होंने इस सफल लॉन्च को लेकर कहा कि "यह अमेरिका में मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में नया युग है।"

रॉकेट के दूसरे चरण में कैप्सूल सफलतापूर्वक अलग हो गया। स्पेसएक्स के टीम के सदस्यों के मुताबिक, कैप्सूल ने 'नॉमिनल ऑर्बिट इंसर्शन हासिल कर लिया है। इस मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की ओर बढ़ रहा कैप्सूल वर्तमान में सही रास्ते पर है।

स्थानीय समयानुसार चालक दल सोमवार रात करीब 11 बजे अपने गंतव्य पर पहुंचेंगे। जहां पर दो रूसी और एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री उनसे मिलेंगे और वे 6 महीने के लिए वहां रहेंगे।

बता दें कि स्पेसएक्स एलोन मस्क की कंपनी है। जो नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में ले जाने का काम कर रही है। इससे नासा की रूसी सोयुज रॉकेट पर निर्भरता कम होगी। जो पिछले 9 सालों से नासा को यह सुविधा दे रहा था।

फ्रांस की राजधानी पेरिस में एफिल टॉवर घूमने और इसके आसपास के पर्यटन स्थल की जानकारी

03-Nov-2020

एफिल टॉवर फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित एक खूबसूरत मानव निर्मित संरचना हैं जोकि पर्यटकों को भारी संख्या में अपनी ओर आकर्षित करती हैं। एफिल टॉवर फ्रांस की आन-वान-शान का जीता जागता प्रतीक हैं। एफिल टॉवर को एक समय दुनिया की सबसे ऊँची संरचना के रूप में जाना जाता था।जिस तरह भारत का ताज महल उसी तरह फ्रांस का एफिल टॉवर दुनियाभर में एक प्रसिद्ध स्मारक के रूप में जाना जाता हैं। एफिल टॉवर टिकेट लेकर दुनिया में सबसे अधिक देखे जाने वाले खूबसूरत स्थलों में शमिल हैं। एफिल टॉवर की वास्तुकला देखते ही बनती हैं, जिस तरह से एफिल टॉवर निर्माण किया गया हैं इसके बारे में जानना वाकई दिलचस्प हैं। 

एफिल टॉवर का इतिहास राष्ट्रीय विरासत के एक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हुए नजर आता है। एफिल टॉवर का निर्माण वर्ष 1889 में फ्रांस की क्रांति से सम्बंधित हैं। फ्रांस की क्रांति के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस आकर्षित सनरचना का निर्माण किया गया था। एफिल टॉवर का निर्माण गुस्ताव एफिल के द्वारा किया गया था। एफिल टॉवर का निर्माण मेटल से किया गया  हैं जोकि जिसकी वजह से सर्दियों के मौसम यह खूबसूरत संरचना लगभग छ इंच सिकुड़ जाती हैं।

एफिल टॉवर की तीन मंजिला में से पहली जमीन से 58 मीटर, दूसरी 115 मीटर और तीसरी 275 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं। एफिल टॉवर की लम्बाई जमीन से 324 मीटर हैं। यदि आप एफिल टॉवर के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को पूरा जरूर पढ़े।

एफिल टॉवर के निर्माण के समय समय फ्रांस की सरकार ने कुछ शर्तो का पालन करने के लिए भी कहा। शर्तो के अनुसार एफिल टॉवर के निर्माण में लोहे का इस्तेमाल किया जाना था। एफिल टॉवर के सभी चार स्तंभों के बीच की दूरी को 125 निश्चित किया गया था जबकि एफिले टॉवर की ऊंचाई को लगभग 300 मीटर तक तय किया गया था।

  • एफिल टॉवर फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित हैं।
  • एफिल टॉवर का निर्माण वर्ष 1887 से 1889 के दौरान लगभग दो साल में पूरा हुआ था।
  • एफिल टॉवर की डिजाईन गुस्ताव एफिल ने बनाई थी और उन्ही ने नाम पर इस आकर्षित संरचना का नाम एफिल टॉवर रखा गया हैं।
  • एफिल टॉवर की (Eiffel Tower Height) ऊंचाई 324 मीटर हैं।
  • एफिल टॉवर में किए जाने वाले पेंट का वजन लगभग 10 हाथियों के वजन के बराबर बताया जाता है।
  • एफिल टॉवर से सम्बंधित एक शर्त यह थी कि इस संरचना के निर्माण के बीस साल बाद इसे नष्ट कर दिया जाएगा।
  • एफिल टॉवर को (Eiffel Tower At Night) रात में 1-2 बजे तक खूबसूरत रोशनी से रोशन किया जाता हैं ताकि इसकी चमक दूर-दूर तक दिखाई दे।

पैरिस की खूबसूरत संरचना एफिल टॉवर पर्यटकों के लिए पूरे दिन खुला रहता है। इसके विभिन्न स्तरों तक पहुँचने के लिए पर्यटक लिफ्ट या सीढ़ी का उपयोग कर सकते हैं।

एफिल टॉवर संरचना देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक फ्रांस के पैरिस शहर का दौरान करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पैरिस में एफिल टॉवर के अलावा भी कई खूबसूरत जगहें हैं जहां आप घूमने जा सकते है। तो आइए हम आपको पैरिस के पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी देते हैं।

एफिल टॉवर के आसपास में घूमने लायक प्रमुख पर्यटन और आकर्षण स्थल

नोट्रे डेम कैथेड्रल पेरिस:   पेरिस के प्रमुख आकर्षण में शामिल नोट्रे डेम कैथेड्रल एक खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं जोकि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। पेरिस के सबसे स्थायी प्रतीकों में से एक नोट्रे डेम कैथेड्रल फ्रांस और यूरोप में फ्रेंच गोथिक वास्तुकला का एक शानदार उदहारण हैं। नोट्रे डेम कैथेड्रल में कई खूबसूरत मूर्तियों और गार्गोयल्स से घिरे अपने पोर्टलों के लिए जाना जाता हैं। नोट्रे डेम कैथेड्रल में 387 सीढियां बनी हुई हैं। पैरिस पर्यटन के दौरान आप इस खूबसूरत पर्यटन स्थल का दौरा जरूर करे।

लूव्र संग्रहालय फ्रांस:  एफिल टॉवर के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल लूव्र संग्रहालय एक शानदार पर्यटन स्थल हैं। लूव्र संग्रहालय दुनिया में सबसे अधिक देखे जाने वाले कला संग्रहालय में शामिल है। फ्रांस के खूबसूरत शहर पेरिस के केंद्र में स्थित और एफिल टॉवर से नजदीकी की वजह से यह पर्यटकों की पहली पसंद के रूप में जाना जाता हैं। लूव्र संग्रहालय एक ऐतिहासिक इमारत हैं और एक पूर्व शाही महल के रूप पहचान रखता है। लूव्र संग्रहालय संग्रह को पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए आठ विभागों में विभाजित किया गया है।

चैंप्स एलीज़:  एफिल टॉवर के आसपास देखने वाली जगहों में चैंप्स एलीज़ एक प्राचीन रोमन वास्तुकला का उदहारण हैं। नेपोलियन ने जीन चाल्रगिन को शाही सेनाओं के गौरव को समर्पित एक विजय स्मारक के रूप में बनबाया था। चैंप्स एलीज़ 19 वीं शताब्दी के दौरान निर्मित करबाया गया यह अपनी तरह का दुनिया का सबसे बड़ा स्मारक था। इस खूबसूरत आर्क के ऊपर 558 जनरलों के नाम लिखे हुए हैं। पेरिस की यात्रा पर आने वाले पर्यटक चैंप्स एलीज़ की ओर भी रुख करते हैं।

डिज़्नीलैंड पेरिस:  डिज़्नीलैंड पेरिस का एक खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं जोकि एफिल टॉवर के आकर्षित पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल हैं। यूरो डिज़नी रिज़ॉर्ट के रूप में जाना जाने वाला यह डिज़्नीलैंड लगभग 4800 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ हैं। यदि हम डिज़्नीलैंड के रोमांच गतिविधियों की बात करे तो एक विशाल गोल्फ कोर्स, खरीदारी, भोजन, रोमांचक सवारी और रिसॉर्ट्स आदि के लिए यह बहुत फेमस हैं। पर्यटक इस स्थान का दौरा करना पसंद करते हैं।

मोंत्मात्रे पेरिस:  एफिल टॉवर की यात्रा आए पर्यटक पेरिस की खूबसूरत मोंत्मात्रे हिल का दौरा अवश्य करते है। पेरिस के उत्तरी भाग में स्थित यह पहाड़ी समुद्र तल से लगभग 130 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं। यह पहाड़ी अपनी सबसे ऊपर के पवित्र हृदय के सफेद गुंबददार बेसिलिका के लिए प्रसिद्ध हैं। जोकि सन 1919 में पूरा हुआ और 1870 के फ्रेंको-प्रूसियाँ युद्ध के फ्रांसीसी पीड़ितों का सम्मान करता है।

पैलेस ऑफ़ वर्सेलिस पेरिस:  एफिल टॉवर के आकर्षित पर्यटक स्थलों में द चेटाऊ डे वर्सेलिस पैलेस फ्रांस का सबसे प्रसिद्ध महल है। यह महल 17 वीं शताब्दी के दौरान फ्रांस की सैन्य शक्ति के प्रतीक के रूप में जाना जाता था। यह ऐतिहासिक ईमारत उद्यानों और छतों के रूप में अपनी विशालता को उजागर करती हैं। इसकी खूबसूरती को देखकर पर्यटक मन्त्र मुग्ध हो जाते है। पैलेस ऑफ़ वर्सेलिस की असाधारण आवास, पुनर्जागरण कला, भव्य सजावट और फर्नीचर देखने लायक हैं। पर्यटकों के बीच यह स्थान आकर्षण का केंद्र बना हुआ हैं।

पैंथियन पेरिस:  पैंथियन पर्यटन स्थल नव शास्त्रीय वास्तुकला का एक प्रतिनिधित्व करता हैं और यह पंथियन लैटिन क्वार्टर में स्थित है। पैंथियन का निर्माण रोम के पैनथियन पर आधारित एक चर्च के रूप में किया गया था जोकि सेंट जेनेवीव को समर्पित किया था। चर्च के नीचे एक तहखाना विख्यात कवियों, वैज्ञानिकों, लेखकों और दार्शनिकों का अंतिम विश्राम स्थल है। इनके अलवा इसमें मैरी क्यूरी, अलेक्जेंडर डुमास और विक्टर ह्यूगो आदि भी शामिल हैं।

सेंट चैपल पेरिस:  पेरिस के पर्यटन स्थल में सेंट-चैपल या पवित्र चैपल एक शाही चैपल है। जोकि फ्रांस के पेरिस में पैलैस डी ला केइट के अन्दर स्थित हैं। इसका निर्माण 1238 के उपरांत किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य ईशा मसीह के अंतिम समय तक के सारे अवशेषों को एक स्थान पर एकत्रित करना था। हालाकि इनमे सबसे खास अवशेष क्राइस्ट का क्राउन ऑफ थ्रोन्स था। जिसे बाद में नोट्रे डेम कैथेड्रल द्वारा होस्ट कर लिया गया था।

मूसी रोडिन पेरिस:  फ्रांस के पेरिस में स्थित मुसी रोडिन एक संग्रहालय है जोकि वर्ष 1919 में खोला गया था। मूसी रोडिन प्रसिद्ध फ्रांसीसी मूर्तिकार ऑगस्ट रोडिन को समर्पित किया गया है। इस संग्रहालय को दो भागो में विभाजित किया गया हैं। पहला Hotel Biron और दूसरा Villa des Brillants जोकि रॉडिन का पुराना निवास स्थान हैं। पैरिस की यात्रा पर आने वाले पर्यटक इस दर्शनीय स्थान पर घूमने आते हैं।

सीन नदी में क्रूज पेरिस:  सीन नदी पेरिस में क्रूज का आनंद लेने के लिए बहुत अधिक जानी जाती हैं। पर्यटक इसमें क्रूज का आनंद लेने से नही कतराते हैं। सीन नदी पेरिस पर्यटन स्थल एफिल टॉवर से लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित हैं। पेरिस की यात्रा में सीन नदी एक अनमोल हीरा हैं जोकि पर्यटकों को अतिरास आता हैं।

एफिल टॉवर घूमने का सही मजा रात के दौरान आता हैं। खासकर 10 बजे के आसपास जब यह शानदार रौशनी के साथ अपनी खूबसूरती को बिखेरता है। दिन की अपेक्षा एफिल टॉवर रात में घूमना ज्यादा आकर्षित लगता हैं। आप जब भी पैरिस की यात्रा पर जाए तो रात के दौरान एफिल टॉवर की खूबसूरती देखने जरूर जाए।

एफिल टॉवर और इसके प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा करने के बाद यदि आप यहाँ कुछ दिन रुकना चाहते हैं, तो हम आपको बता दें कि फ्रांस के पेरिस शहर में आपको लो-बजट से लेकर हाई-बजट की होटल की भरमार मिलेगी। आप अपनी जरुरातानुसार होटल का चुनाव कर सकते हैं।

पेरिस में स्वादिष्ट भोजन की भरमार हैं यहाँ मिलने वाला भोजन फ्रांस की संस्कृति, परम्परों और रीति-रिवाजो से अवगत कराता हैं। पेरिस के लोकल में फ़ूड में बगुएत्टेस (Baguettes), करौसेंट्स (Croissants), मकारोनस (Macarons), एक्लैयर्स (Eclairs), फ्रेंच पनीर और फलाफिल आदि यहाँ के प्रमुख भोज्य पदार्थ हैं।

यदि आप पेरिस जाने की योजना बना रहे हैं तो हम आपको बता दें कि पेरिस हवाई मार्ग के माध्यम से दुनिया के सभी प्रमुख देश से संपर्क में हैं। इसलिए आप हवाई मार्ग के माध्यम से फ्रांस के खूबसूरत शहर पेरिस आसानी से पहुँच जाएंगे। पेरिस चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट (Paris Charles De Gaulle Airport) पेरिस का प्रमुख हवाई अड्डा हैं।

भारत से पेरिस की यात्रा के लिए आप मुंबई, नई दिल्ली, बंगलौर से सीधी उडान भर सकते हैं। क्योंकि भारत से पेरिस के लिए कई उड़ाने संचालित की जाती है। एयर फ्रांस और जेट एयरवेज मुंबई से पेरिस तक सीधे उडान संचालित करता हैं।

फिलीपींस में चक्रवाती तूफान "गोनी" की दस्तक, 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

02-Nov-2020

लुजोन द्वीप (फिलीपींस)।  साल 2020 ने दुनिया को कई बड़े झटके दिए हैं, जिनमें से एक कोरोना वायरस से दुनिया अभी जूझ ही रही है। इस बीच फिलीपींस में लुजोन द्वीप के बिकोल क्षेत्र में इस साल के सबसे ताकतवर तूफान ‘गोनी’ ने दस्तक दे दी है। इस महातूफान के कारण अबतक दस लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई इलाकों में तबाही का मंजर है।  फलीपींस में लुजोन द्वीप के बिकोल क्षेत्र में रविवार तड़के 4:50 पर चक्रवाती तूफान गोनी ने दस्तक दी है। 

सरकारी आपदा प्रतिक्रिया एजेंसी के मुताबिक, कई ऐसे लोग हैं जो तूफान के मद्देनजर खतरनाक क्षेत्रों में हैं। बड़े पैमाने पर क्षति की आशंका है। फिलीपींस के मौसम विभाग ने बताया कि फिलीपीन एटमोस्फेरिक, जियोफिजिकल एंड एस्ट्रोनोमिकल सर्विस एडमिनिस्ट्रेशन ने बताया कि 225-280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। यह श्रेणी पांच के तूफान के बराबर है। यह तूफान अब मनीला समेत अधिक जनसंख्या घनत्व वाले पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। यह उन क्षेत्रों से गुजरने जा रहा है जहां एक सप्ताह पहले ही आए तूफान से क्षति पहुंची थी और कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई थी।

साइक्लोन गोनी के कारण फिलीपींस का प्रशासन अलर्ट पर है। तूफान प्रभावित क्षेत्र के करीब दो लाख लोगों को अपना घर छोड़कर किसी अस्थाई जगह पर जाने का निर्देश दिया गया है।  फिलीपींस प्रशासन कोरोना संकट के दौरान जिन जगहों को क्वारनटीन सेंटर में तब्दील किया था, अब उन्हीं जगह पर प्रभावित लोगों को ले जाया जा रहा है और शेल्टर दिया जा रहा है। प्रशासन को डर है कि तूफान के कारण तेज हवाओं के साथ-साथ बाढ़ का भी खतरा बरकरार है, ऐसे में हर तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। सिर्फ 2020 में फिलीपींस में आने वाला ये 18वां तूफान है। यहां हर साल दो दर्जन के करीब तूफान आते हैं, जिनमें हजारों लोगों की जान जाती है। अभी एक हफ्ते पहले ही फिलीपींस में टाइफून मोलाव आया था, जिसमें करीब 22 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। इस दौरान कई लोग बाढ़ के पानी में बह गए थे।

तुर्की में भीषण भूकंप से भारी नुकसान, 22 लोगों की मौत, 700 से अधिक घायल

31-Oct-2020

इज़मिर(तुर्क) तुर्की के इजमिर शहर में शुक्रवार को आये शक्तिशाली भूकंप के कारण कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई जबकि 700 अन्य लोग घायल हो गए। इज़मिर तुर्की की तीसरा सबसे बड़ा शहर है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक़ रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई है और इससे तुर्की, एथेंस और ग्रीस प्रभावित हुए हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन ने इस्तांबुल में एक टेलीविजन संबोधन में यह जानकारी दी। श्री एर्दोगन ने कहा कि भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त 17 इमारतों के मलबे से लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

तुर्की के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित इजमिर शहर में भूकंप के काफी तेज झटके महसूस किए गए और इसकी वजह से कई इमारतों और अन्य भवनों को काफी नुकसान पहुंचा है। भूकंप का केंद्र एजियर सागर में बताया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि भूकंप के कारण सुनामी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक श्री एर्दोगन ने भूकंप को लेकर यूनान के प्रधानमंत्री कायरियाकोस मित्सोटाकिस से फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

US Elections 2020: ये होगा इतिहास का सबसे महंगा चुनाव, खर्च होंगे 14 अरब डॉलर

30-Oct-2020

अमेरिका।  बता दें कि अमेरिका में नवंबर में जिस तारीख को राष्‍ट्रपति पद के चुनाव के लिए वोट डाले जाते हैं उसे अमेरिका का Election Day कहते हैं। अमेरिका में नवंबर में ही चुनाव होते हैं और चुनाव 1 से 8 नवंबर के बीच हो जाता है। दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव कोई छोटा-मोटा चुनाव नहीं होता है। इस चुनाव में जितना पैसा खर्च होता है उतना संभवतः कई देशों का वार्षिक बजट होता है। वैसे हो भी क्यों न…दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति का चुनाव जो ठहरा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में इस वर्ष हो रहा राष्ट्रपति चुनाव देश के इतिहास का सबसे महंगा चुनाव बनने जा रहा है। इस चुनाव में पिछले राष्ट्रपति चुनाव के मुकाबले दोगुनी राशि खर्च होने का अनुमान है।

3 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए डोनाल्‍ड ट्रंप और जो बाइडेन के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस चुनाव में पिछले राष्ट्रपति चुनाव के मुकाबले दोगुनी राशि खर्च होने का अनुमान है। इस बार करीब 14 अरब डॉलर खर्च होने की उम्मीद जताई जा रही है।

रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक सेंटर फॉर रेस्पॉनसिव पॉलिटिक्स ने कहा कि मतदान से पहले के आखिरी महीने में राजनीतिक चंदे में भारी वृद्धि हुई है और इसकी वजह से इस चुनाव में जो 11 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान लगाया गया था, अब वह आंकड़ा बहुत पीछे छूट गया है। शोध समूह ने कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव में 14 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है, जो चुनाव में खर्च होने वाले पैसे के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा। समूह के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन अमेरिकी इतिहास के पहले प्रत्याशी होंगे जिन्होंने दानकर्ताओं से एक अरब डॉलर की राशि जुटाई है। उनके प्रचार अभियान को 14 अक्टूबर को रिकॉर्ड 93.8 करोड़ डॉलर प्राप्त हुए हैं। वहीं, ट्रंप ने दानकर्ताओं से अबतक 59.6 करोड़ डॉलर चुनाव प्रचार के लिए जुटाया है, जो की बाइडेन से लगभग आधा है।

रिपोर्ट के मुताबिक महामारी के बावजूद हर कोई 2020 के चुनाव में ज्‍यादा रकम दान कर रहा है, फिर चाहे वह आम लोग हों या अरबपति। समूह के मुताबिक इस बार महिलाओं ने दान देने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के US Election project के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक 6 करोड़ से ज्यादा लोग अर्ली वोटिंग में मतदान कर चुके हैं। 2016 में अर्ली वोटिंग या मेल से वोट डालने वालों की संख्या 5 करोड़ से ज्‍यादा थी।

बिहार के बाद अमेरिका में वैक्‍सीन पर राजनीति, बिडेन बोले- जीते तो फ्री मिलेगी कोरोना वैक्‍सीन

24-Oct-2020

वॉशिंगटन। अमेरिका में भी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। जिस तरह बिहार में भारतीय जनता पार्टी ने अपने वादे में सभी के लिए कोरोना वायरस की वैक्सीन मुफ्त देने का वादा किया है, ठीक उसी तरह का ऐलान अमेरिका में भी हुआ है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन ने अमेरिकियों को मुफ्त में वैक्सीन देने का बड़ा चुनावी वादा किया है। जो बाइडेन ने शुक्रवार को कहा कि अगर वह राष्ट्रपति बनते हैं तो वह सभी अमेरिकियों को लिए कोविड-19 की वैक्सीन अनिवार्य तौर पर मुफ्त कर देंगे। उनका यह कदम कोरोना से निपटने की दिशा में राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा होगा। इसमें सभी 50 राज्यों के राज्यपालों के विचार भी शामिल होंगे। बाइडेन कहा कि राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद मैं कांग्रेस से अपील करूंगा कि वायरस से निपटने के लिए हर बड़े बिल को पारित किया जाएगा, हर जगह मास्क अनिवार्य हो और नेशनल टेस्टिंग प्लान लागू किया जाए।

हालांकि, बिडेन के प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप ने भी वैक्सीन को फ्री करने की आवश्‍यकता बताई है। डेमोक्रैट ट्रंप से सवाल करते रहे हैं कि उन्होंने महामारी से निपटने के लिए क्या प्लान बनाया है। ट्रंप का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में कोरोना की वैक्‍सीन तैयार हो जाएगी। अमेरिका के नैशविले स्थित बेलमोंट यूनिवर्सिटी में राष्ट्रपति चुनाव के लिए आखिरी प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप ने यह बात कही। बहस के दौरान जो बाइडेन ने कोरोना वायरस समेत कई मुद्दों पर ट्रंप सरकार पर हमला बोला। इसके जवाब में ट्रंप ने बताया कि कोरोना की वैक्सीन जल्द आने वाली है और अगले कुछ हफ्तों में इसका एलान हो जाएगा।

गाय को गले लगाना दुनिया में बन रहा है ट्रेंड, मिलती है तनाव से राहत

14-Oct-2020

हॉलैंड। हॉलैंड (Holland) के नाम से मशहूर देश नीदलैंड्स (Netherlands) के एक ग्रामीण इलाके रूवर से शुरू हुआ एक ट्रेंड दुनिया भर में अपनाया जा रहा है। इस तरह की खबरें आईं कि रूवर में 'को नफलेन' (डच भाषा का शब्द 'Koe Knuffelen', जिसका अर्थ है गाय को गले लगाना 'Cow Hugging') प्रैक्टिस शुरू हुई और देखते ही देखते दुनिया भर के लोग इसे अपनाने लगे। ऐसा क्यों हुआ? इसका कारण बताया गया है कि गाय को गले लगाने (Cow Cuddling) से न केवल तनाव से राहत मिलती है बल्कि मा​नसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के लिहाज़ से किसी पालतू जानवर (Pets) का साथ बहुत उपयोगी है। जी हां वैसे 'थेरेपी एनिमल' का कांसेप्ट नया नहीं है, लेकिन कोरोना वायरस (Corona Virus Pandemic) की महामारी से जूझने वाली दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से कई लोग जूझ रहे हैं इसलिए यह ट्रेंड काफी पॉपुलर हो रहा है।

इस ट्रेंड, गाय को गले लगाने से जुड़ी तमाम दिलचस्प बातें और वैज्ञानिक समझ के बारे में आपको जानकर न केवल मज़ा आएगा बल्कि हो सकता है कि आपको कुछ मदद मिले।

पहले तो आपको यह जानना चाहिए कि लिपटने के लिए सबसे ज़्यादा मुफीद पालतू जानवर गाय ही है। साल 2007 में एक स्टडी हुई थी, जिसमें पता चला था कि गाय की गर्दन और पीठ की तरफ कुछ खास नर्म हिस्सों को सहलाया जाए तो गाय को बड़ा आराम मिलता है और वह आपके साथ बहुत दोस्ताना हो जाती है। जो लोग ग्रामीण इलाकों से वास्ता रखते हैं, उन्हें पता है कि दूध दुहने से पहले गाय के साथ इस तरह प्यार किया जाता है। लेकिन यह सिर्फ गाय के लिए ही फायदेमंद नहीं है। बीबीसी की रिपोर्ट की मानें तो इस तरह के बर्ताव से आपको भी एक सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, तनाव कम करने में अहम ऑक्सिटॉसिन हार्मोन शरीर में बढ़ता है, जो आम तौर से सोशल बांडिंग के वक्त शरीर में बनता है। पालतू जानवरों के साथ खेलने में शरीर और मन को शांति मिलती है और ये भी फैक्ट है कि बड़े स्तनधारी पशु के साथ प्यार करने से ज़्यादा।

इस देश में अब दुष्कर्म की सजा होगी सिर्फ मौत, कैबिनेट ने दी मंजूरी

14-Oct-2020

ढाका,बांग्लादेश। बांग्लादेश की कैबिनेट ने सोमवार को सड़कों और सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शनों के बाद बलात्कार के मामलों में अधिकतम सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास से मौत की सजा में बदल दिया है।

कैबिनेट के प्रवक्ता खंडेकर अनवारुल इस्लाम ने कहा कि राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के लिए अध्यादेश जारी करने की संभावना है कि महिला और बच्चों के दमन निवारण अधिनियम में संशोधन किया जाए, क्योंकि संसद सत्र में नहीं है।

इस्लाम ने कहा कि मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है कि बलात्कार के मामलों में परीक्षण तेजी से पूरा किया जाए। वर्तमान कानून के तहत बलात्कार के मामलों में अधिकतम सजा उम्रकैद है, सिवाय उन मामलों के जिनमें पीड़ित की मृत्यु हो जाती है, जब मृत्युदंड की अनुमति होती है। कानून मंत्री अनीसुल हक ने कहा कि राष्ट्रपति के अध्यादेश जारी करने की उम्मीद है। हाल के हफ्तों में हिंसक यौन हमलों की एक सीरीज ने राजधानी ढाका और अन्य जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

स्थानीय मानवाधिकार समूहों का कहना है कि देश में बलात्कारों में वृद्धि हुई है। A-o-Salish Kendra, एक महिला अधिकार समूह ने कहा कि जनवरी और अगस्त के बीच कई गैंग रेप सहित 889 रेप हुए। जिनमें कम से कम 41 पीड़ितों की मौत हो गई। अधिकार समूहों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों द्वारा उत्पीड़न की आशंकाओं के कारण कई और मामले नहीं मिल पाए हैं। हाल के दिनों में दक्षिणपूर्वी जिले में पुरुषों के एक समूह द्वारा एक महिला पर हमला करने का एक वीडियो फेसबुक के माध्यम से सार्वजनिक होने के बाद देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। देश के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा की गई जांच में पाया गया कि वीडियो में महिला के साथ बार-बार बलात्कार किया गया था।

एक अन्य मामले में, एक महिला को एक कार से एक कॉलेज छात्रावास में उठा लिया जाता है, जहां वह अपने पति के साथ यात्रा कर रही थी और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। सत्तारूढ़ अवामी लीग के छात्रसंघ के कई सदस्यों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया।

WHO की चेतावनी, कहा- दुनिया में 10 में से एक के कोरोना के संपर्क में आने का अनुमान, जोखिम में एक आबादी

06-Oct-2020

कोरोना वायरस का कहर जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के लीडर्स ने आयोजित एक विशेष बैठक में कहा कि दुनिया भर में दस में से कोई एक कोविड-19 के संपर्क में आया हो सकता है। 3.5 करोड़ से अधिक लोगों के संक्रमित होने के साथ ही आगे चलकर यह आंकड़ा 80 करोड़ के पास पहुंच सकता है। विशेषज्ञों की तरफ से लंबे समय से ही यह कहा जाता रहा है कि पुष्ट मामलों की वास्तविक संख्या के बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

संगठन के मुख्यालय जेनेवा में इस बैठक को आयोजित किया गया, जिसमें इस वैश्विक महामारी का दुनिया पर प्रभाव जैसे मुद्दे पर बात की गई।