Monday,05 December 2022   05:15 pm

छत्तीसगढ़ की 12 और जातियां ST सूची में शामिल होंगी, CM भूपेश ने भेजा था प्रस्ताव, मोदी कैबिनेट से मिली मंजूरी

15-Sep-2022

Modi Cabinet Decision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में कई आदिवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कैबिनेट की बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को बताया कि ये प्रस्ताव कई वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि मूल रूप से वर्तनी की त्रुटियों और कई समुदायों के समान लगने वाले नामों के कारण, इन्हें बहुत लंबे समय तक एसटी श्रेणी में नहीं लाया जा सका।

मोदी कैबिनेट ने गोंड समेत कई जातियों को SC से हटाकर ST में शामिल किया गया है। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ में ST की सूची में बृजिया समुदाय को जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं उत्तर प्रदेश की गोंड जाति की 5 उपजातियों धुरिया, नायक, ओझा को भी ST में शामिल किया गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा छत्तीसगढ़ के 12 समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की सहमति दी गई, जिसमें भारिया भूमिया (BhariaBhumia) के पर्याय के रूप में भूईंया (Bhuinya), भूईयां (Bhuiyan), भूयां (Bhuyan) Bharia नाम के अंग्रेजी संस्करण को बिना बदलाव किए भरिया (Bharia) के रूप में भारिया (Bharia) का सुधार। पांडो के साथ पंडो, पण्डो, पन्डो। धनवार (Dhanwar) के पर्याय के रूप में धनुहार (Dhanuhar), धनुवार (Dhanuwar)। गदबा (Gadba, Gadaba), गोंड (Gond) के साथ गोंड़, कौंध (Kondh) के साथ कोंद (Kond), कोडाकू (Kodaku) के साथ कोड़ाकू (Kodaku), नगेसिया (Nagesia), नागासिया (Nagasia) के पर्याय के रूप में किसान (Kisan), धनगढ़ (Dhangad) का परिशोधन धांगड़ (Dhangad) शामिल हैं। 

 

RAIPUR SBI एटीएम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की टीम ने बुझाया, आसपास की दुकानों को खाली कराया गया जानिए ?

14-Sep-2022

 


रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सदर बाजार इलाके के एसबीआई एटीएम में भीषण आग लग गई। इस आगजनी में एटीएम मशीन पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार में एसबीआई का एटीएम है। दोपहर में आज अचानक एटीएम बूथ पर आग लग गई। देखते ही देखते आग इतनी भीषण हो गई कि पूरा एटीएम आग की लपटों में गिर गया। SBI प्रबंधन को घटना की सूचना दे दी गई है। कुछ देर के लिए ट्रैफिक को रोका गया, हालांकि अब हालात काबू में है। पुलिस ने ATM के बगल में स्थित इलेक्ट्रॉनिक और बुक स्टॉल को बंद कर दिया है। इस इलाके में कई दुकानें हैं, इसलिए एहतियातन उन्हें बंद रखने को कहा गया।आसपास के लोगों ने बताया कि ATM से उन्होंने दोपहर 3 बजे धुआं निकलता देखा। थोड़ी ही देर बाद वहां भीषण आग लग गई। उन्होंने तुरंत फ्रायर ब्रिगेड को सूचना दी। बैंक अधिकारियों के आने के बाद ही पता चल सकेगा कि कैश जला है या नहीं या फिर कितनी नगदी को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है।

गाज गिरने से एक ही परिवार के 5 लोगों की हुई मौत 3 लोग घायल ?

12-Sep-2022


बीजापुर: जिले में आसमानी आफत से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं 2 महिलाएं अब भी बेहोश हैं. आकाशीय बिजली से परिवार लाशों में तब्दील हो गया है. ये पूरा मामला चिन्नाकवाली के नयापारा का है. दरअसल, बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश से बीजापुर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. वहीं आकाशीय बिजली भी अपना कहर बरपा रही है. जिंदा इंसानों को लाशों की ढेर में बदल रही है. इस तड़कती बिजली से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत से गांव और परिवार में मातम है.इतना ही नहीं इलाके में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति है, जिसके कारण बेहोश महिलाओं को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका है. बाढ़ कब खत्म हो उसका इंतजार किया जा रहा है. अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को दिक्कतें हो रही हैं. मामला मोदकपाल थाना क्षेत्र का है. इधर बारिश के चलते मोदकपाल थाना के पास रपटा डूब गया है. जिसके चलते बीजापुर भोपालपट्टनम नेशनल हाइवे पर आवाजाही थम गई है. इसी तरह बीजापुर-गंगालूर मार्ग पर पदेडा और पोंजेर नाला भी उफान पर होने से चेरपाल-गंगालूर समेत दर्जनों गांवों टापू में तब्दील हो गए हैं.

 

Chhattisgarh में सड़क हादसे में 7 की मौत, सड़क किनारे खड़ी ट्रेलर से टकराई बस, 10 से ज्यादा लोग घायल ?

12-Sep-2022

 

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले : में भीषण सड़क हादसे में 2 बच्चों सहित 7 लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार बस सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा टकराई। बस रायपुर से सीतापुर जा रही थी। हादसा NH-130 में हुआ है।छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक भीषण सड़क हादसे में दो बच्चों सहित 7 लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार बस सड़क किनारे खड़ी ट्रेलर से जा टकराई। बस रायपुर से सीतापुर जा रही थी। सोमवार तड़के पोंडी उपरोड़ा नेशनल हाईवे-130 में मड़ई के पास यह हादसा हुआ है। हादसे में 7 यात्रियों की मौत पर मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में 2 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को संजीवनी एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया है। अभी तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। हादसा बांगो थाना क्षेत्र में हुआ है। हादसे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शोक जताया है।मिली जानकारी के मुताबिक लग्जरी बस स्लीपर कोच देर रात रायपुर से सीतापुर के लिए निकली थी। बस क्रमांक CG 04 MM3195 सोमवार तड़के 4 बजे कोरबा के पौड़ी उपरेड़ा में नेशनल हाईवे-130 पर पहुंची थी कि मड़ई के पास सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के एक तरफ के परखच्चे उड़ गए। हादसे के दौरान लोग गहरी नींद में सोए थे। हादसे के बाच चीख-पुकार मच गई। हादसे में 2 बच्चों, 2 महिलाओं सहित 7 लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना में 10 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं. जिन्हें संजीवनी से जिला अस्पताल और स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।भीषण सड़क हादसे के बीच चीख पुकार मच गई। बस में सवार कुछ यात्रियों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन में मदद की गुहार लगाई। SP संतोष सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस विभाग की टीम पहुंची। घायलों को संजीवनी एम्बुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए 3 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बस को बांगो थाने में लाकर खड़ा किया गया है, जबकि ट्रेलर मौके पर ही मौजूद है। हादसे में मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतकों के शवों को पोड़ी-उपरोड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखवाया गया है।अस्पताल पहुंचने के पहले 6 सवारों ने दम तोड़ दिया था। घायल एक बच्चे की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। 10 से ज्यादा घायलों का उपचार कोरबा में किया जा रहा है।

बस्तर में लगेगी छ्त्तीसगढ़ की पहली प्लास्टिक रिसाइक्लिंग फैक्ट्री, लोगों को मिलेगी रोजगार के अवसर ?

12-Sep-2022

 स्वच्छ देश बनाने के लिए कई जद्दोजहद सरकारें करती हैं. लोगों को जागरूक करने की कोशिश करती हैं. बावजूद पूरी तरीके से शहर में गंदगी और वेस्ट मटेरियल पड़े होते हैं, जिसे कई बीमारियां भी उत्पन्न हो जाती हैं. अधिकतर पानी की बोतल, प्लास्टिक की थैली चारों तरफ पड़ी मिलती हैं. अब बस्तर में इसे रीसाइक्लिंग करने फैक्ट्री लग रही है. इस फैक्टरी के लगने से बस्तर में काफी हद तक प्लास्टिक गायब हो जाएंगे। हालांकि जिला प्रशासन कई योजनाओं को लाकर लोगों को प्लास्टिक को मशीन में ही डालने की योजना बना रहा है. ताकि जिला प्रशासन को प्लास्टिक मिल जाए और लोगों को उसका एक मूल्य भी प्राप्त हो सके. यह फैक्ट्री जगदलपुर विकासखंड के बाबू सेमरा में लगाया जाएगा. बताया जा रहा है कि 22 हजार हैक्टेयर में फैक्ट्री लगाई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत 3.5 करोड़ है.इस फैक्ट्री के लगने से बस्तरवासियों को एक रोजगार भी मिल पाएगा. बस्तर वासियों में काफी खुशी भी नजर आ रही है. यह फैक्ट्री देश में बहुत कम जगह लगी हुई है. लेकिन छत्तीसगढ़ में यह पहली फैक्ट्री होगी जो बस्तर में लगाया जा रहा है.बस्तर कलेक्टर ने बताया कि बस्तर के 30 गांव और नगरी निकाय को इस योजना में शामिल किया गया है, जिसके तहत प्लास्टिक मटेरियल रीसाइक्लिंग और मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी यह दोनों चीज बस्तर में लग रही है. जगदलपुर के बाबू सेमरा में यह प्लांट लगाया जाएगा और यह CEE सेंट्रल फ़ॉर एनवायरमेंट एजुकेशन और एचडीएफसी के तत्वाधान के साथ जिला प्रशासन के ट्राय पार्टी एग्रीमेंट के तहत इस कार्य को किया जा रहा है। इसके तहत मुख्य योजना यह भी है कि जो सॉलिड वेस्ट होता है. उसे टेक्नीकली और सेफ्टी हाइजीन मेथड से कलेक्ट कर उसका साइंटिफिक तरीके से डिस्पोजल हो जोकि वातावरण को भी दूषित ना करें. साथ ही जो बेस्ट कलेक्ट हो रहा है. उससे रेवेन्यू भी जनरेट हो सके. जिस मटेरियल को दोबारा रीसाइकिल कर सकते हैं, उसे फैक्ट्री में ही रखा जाएगा, जिसे रिसाइकल नहीं किया जा सकता है, उसे बेलर मशीन में कंपैक्ट किया जाएगा.उसे हाई मटेरियल बनाने के बाद जहां ज्यादा अच्छा दाम मिले वहां सेल किया जाएगा, ताकि प्रशासन को इससे कुछ रेवेन्यू जनरेट हो सके. इस फैक्ट्री में जितने भी प्रोसेस होंगे. वह आईटी के माध्यम से रहेंगे. इस फैक्ट्री को लेकर बस्तर वासियों में काफी उत्साह है. निगम क्षेत्र के अलावा पंचायतों के सपोर्ट भी जिला प्रशासन को मिल रहा है.इसके अलावा शहर में वेंडिंग मशीन भी लगाई जाएगी, जिससे वेस्ट मटेरियल प्लास्टिक बोतल या पॉलीथिन उसे अगर वेंडिंग मशीन में डालेंगे तो बदले में मशीन से 1 कूपन प्राप्त होगा, जिससे दुकानों में चाय कॉफी नाश्ता या कैश भी करवाया जा सकता है. यह फैसिलिटी जिले के दो जगह में की गई है. पहला शहर का आइलैंड दलपत सागर और दूसरा चित्रकोट जलप्रपात में लगाया जाएगा.

Raipur Ganesh Visarjan Jhanki 2022 : आज निकलेगी गणेश विजर्सन झांकी

12-Sep-2022

Raipur Ganesh Visarjan Jhanki 2022  : उल्लेखनीय है कि दो साल बाद रायपुर में हर्षोंउल्लास के साथ गणेश विसर्जन झांकियां निकाली जाएगी। बता दें कि शनिवार से मौसम में बदलाव हुआ है। जिसके चलते रूक-रूक कर बारिश हो रही है। आज भी शहर में बारिश हुई है। वहीं खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने झांकी नहीं निकालने पर फैसला लिया हैं। अब कल यानी सोमवार रात को तय रूट पर झांकी निकलेगी। इसे लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। झांकी की रुट जिला प्रशासन ने तय किया है। यातायात पुलिस ने आज रुट को लेकर एडवायजरी जारी की है। बता दें कि पुराने रुट से ही गणेश विसर्जन झांकियां निकलेगी। इनमें शारदा चौक से रवाना होकर झांकियां जयस्तंभ चौक पहुंचेगी। यहां से मालवीय रोड, सिटी कोतवाली चौक पहुंचेगी। इसके बाद सदर बाजार मार्ग होते हुए कंकाली पारा चौक और पुरानी बस्ती थाने के सामने से लाखे नगर चौक, सुंदर नगर से रायपुरा अंडरब्रिज होते हुए विसर्जन झांकियां महादेव घाट पहुंचेगी 

 

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मिलेगी फ्री कोचिंग : छत्तीसगढ़ में OBC-EWS छात्रों के लिए नए स्कूल, मिलेगी NEET और CLAT की कोचिंग

08-Sep-2022

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर अब राज्य के ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों को अखिल भारतीय इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के साथ साथ CA/CS & CLAT, NDA जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ई।डब्ल्यू। एस। वर्ग के विद्यार्थियों के परिवार की आर्थिक कठिनाईयों को समझते हुए संवेदनशील निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने संबंधित विभाग को अनुसूचित जाति, जनजाति, और अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ ई।डब्ल्यू। एस। वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग की व्यवस्था करने के साथ ही कोचिंग में प्रवेश के लिए आवश्यक दिशा-निर्देंश जल्द तैयार करने के लिए भी कहा है। गौरतलब है कि राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए के लिए पहले से ही अखिल भारतीय इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं आदि के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था है। अब इस नई पहल के बाद ई। डब्ल्यू एस वर्ग के विद्यार्थियों को भी निःशुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी।

छात्रों के लिए स्वर्गीय राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय योजना के तहत अगले वित्तीय सत्र 2023-24 में चार नए प्रयास आवासीय विद्यालय शुरू किए जाएंगे। प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के बालकों के लिए 500 सीटर, बालिकाओं के लिए 500 सीटर और अन्य पिछड़ा वर्ग एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों के लिए 500 सीटर स्कूल खुलेंगे।

NMDC बचेली के खिलाफ फिर आदिवासियों ने खोला मोर्चा, रोजगार देने की मांग कर रहे युवा

08-Sep-2022

दंतेवाड़ा। Tribals against NMDC Bacheli: दंतेवाड़ा। एनएमडीसी बचेली के खिलाफ आदिवासी युवाओं ने मोर्चा खोल दिया है। एनएमडीसी चेक पोस्ट पर धरना प्रदर्शन जारी है, जिसके कारण एनएमडीसी का उत्पादन बंद हो गया है, और कंपनी को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन आदिवासी युवकों ने लेबर सप्लाई में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। लाल पानी से प्रभावित 12 गांव के 120 युवाओं को ठेका और श्रमिक के रूप में रोजगार देने की मांग कर रहे हैं।

  1. छत्तीसगढ़ में 9 सितंबर को सीएम भूपेश करेंगे दो और जिलों का शुभारंभ, पुलिस ने बनाया रूट चार्ट, कई मार्ग रहेंगे बंद 

  2. छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि, रायपुर देश का 7वां सबसे बेहतर रहने योग्य शहर

आदिवासी युवकों को कहना है कि एनएमडीसी किरंदुल-बचेली में पहाड़ों को खोदकर रोजाना करोड़ों रुपए का कच्चा लोहा निकाला जा रहा है, लेकिन, पहाड़ के नीचे बसे गांवों में विकास नहीं कर रही है। इसी के विरोध में सैकड़ों आदिवासियों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन के किया, आदिवासी महासभा के अनुसार 'बैलाडीला की पहाड़ी के नीचे बसे 58 गांवों के ग्रामीण मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। एनएमडीसी के अस्पताल जाते हैं तो डॉक्टर इलाज करने की बजाय रेफर कर देते हैं। आदिवासियों के साथ भेदभाव किया जाता है।

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छत्तीसगढ़ में 9 सितंबर को सीएम भूपेश करेंगे दो और जिलों का शुभारंभ, पुलिस ने बनाया रूट चार्ट, कई मार्ग रहेंगे बंद

08-Sep-2022

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेशवासियों को पिछले सप्ताह 3 नए जिलों की सौगात दी थी। सीएम भूपेश बघेल 9 सितम्बर को 2 नए जिलों का शुभारम्भ करने जा रहे हैं। इस दिन से 32 वां जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती 33वां जिला के रूप में अस्तित्व में आएंगे। इस तरह प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ कर 33 हो जायेगी। यहां अनुविभाग की संख्या 3 है जिसमें मनेन्द्रगढ़, भरतपुर और खड़गवां है, वहीं तहसीलों की संख्या 6 है जिसमें मनेन्द्रगढ़, केल्हारी, भरतपुर, खड़गवां, चिरमिरी और कोटाडोल शामिल हैं। 3 जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़, खड़गवां, भरतपुर है। जिले में 5 नगरीय निकाय जिनमें नगरपालिका निगम चिरमिरी, नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़, नगर पंचायत झगराखांड़, नगर पंचायत खोंगापानी और नगर पंचायत नई लेदरी शामिल है।  नवगठित जिलों में मुख्यमंत्री बघेल कलेक्टर और एसपी कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। सीएम बघेल रोड शो भी करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नवगठित जिले के लिए करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे।

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छत्तीसगढ़ में स्टील और शराब कारोबारियों के घर आयकर विभाग का छापा, जुगाड़ लगाकर ऐसे पहुंचे अधिकारी

08-Sep-2022

रायपुर। इनकम टैक्स की एक टीम ने बुधवार सुबह रायपुर और रायगढ़ में अलग-अलग जगहों पर छापे मारे हैं। इनमें एक स्टील और शराब कारोबारी शामिल हैं। इनके ऐश्वर्या किंगडम स्थित घर और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए हैं। इसमें रायपुर के 50 से अधिक अफसरों की टीम शामिल है।

जानकारी के मुताबिक, रायपुर में शराब कारोबारी अमोलक सिंह भाटिया के घर और ठिकाने पर छापे मारे गए हैं। शराब कारोबारी भाटिया के यहां दो साल पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। बताया जा रहा है कि दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मामलों में शराब कारोबारी पर कार्रवाई की गई है।

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अब माइनिंग अफसर के ठिकानों पर भी इनकम टैक्स विभाग की दबिश पड़ी है। अम्बिकापुर में सहायक खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा व जगदलपुर में माइनिंग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसएस नाग के घर में IT की रेड पड़ी है।के सरकारी आवास पर आईटी की टीम ने दबिश दी है। बताया जा रहा है कि आज सुबह से ही आईटी की टीम अधिकारी के घर पहुंची हुई है। सरकारी आवास के बाहर बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान तैनात है। साथ ही आईटी के अधिकारी कर्मचारी बजरंग पैकरा के सरकारी आवास के अंदर मौजूद हैं और कार्रवाई जारी है।

छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि, रायपुर देश का 7वां सबसे बेहतर रहने योग्य शहर

08-Sep-2022

लिविंग इंडेक्स रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर टॉप 10 राजधानियों में शामिल हुई है। और रायपुर को 7वां स्थान मिला है। मतलब की सबसे बेहतर रहने योग्य शहरों में रायपुर देशभर में 7वें स्थान पर है। केंद्रीय शहरी आवास मंत्रालय ने ये सर्वे कराया था, जिसमें रायपुर को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। रायपुर को 2020 में 8वां स्थान मिला था। लेकिन इस बार रायपुर ने अपनी जगह सुधारते हुए एक स्थान की छलांग लगाई है।

27 अलग-अलग बिंदुओं पर ये सर्वे किया था
केंद्रीय शहरी आवास मंत्रालय ने 27 अलग-अलग बिंदुओं पर ये सर्वे किया था, इसमें नागरिकों के लिए संस्थागत, सामाजिक और भौतिक परिस्थितियों के अनुकूल वातावरण को देखा गय। देशभर के 111 शहरों में लिविंग स्टैंडर्ड, प्रदूषण, स्वच्छता, बिजली पानी के मुद्दों के ऊपर ये सर्वे हुआ था, जिसमें रायपुर की 7वीं रैंक आई है।

रायपुर के लोगों को बधाई दी है
रायपुर के मेयर एजाज ढेबर ने इस उपलब्धि पर पूरे रायपुर के लोगों को बधाई दी है। महापौर ने कहा कि ये हम सबकी मेहनत का रिजल्ट है। हमने पहल की, लोगों ने जागरूकता दिखाई और आज हम टॉप टेन में हैं। इसके लिए मैं सबकों दिल से बधाई देता हूं।

रायपुर में बड़े शहरों की तर्ज पर कई बड़े प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है
रायपुर भारत के उन शहरों में शामिल हैं, जिसके विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि यहां के लोगों का रहने के स्तर में तेजी से विकास हो रहा है। रायपुर में बड़े शहरों की तर्ज पर कई बड़े प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। यही कारण है कि लिविंग इंडेक्स में रायपुर को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।

महाविद्यालय में आवेदन कर सकेंगे जमा: कॉलेज में प्रवेश का एक और मौका

07-Sep-2022

The Date of Admission in Bemetara :  कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया का दौर लगातार जारी है। अब प्रवेश के लिए एक और मौका मिला है।  महाविद्यालय में प्रवेश की तिथि 20 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। बता दें कि ऑनलाइन आवेदन हुए जमा मेरिट लिस्ट के आधार पर सूची जारी की गई। जिसके आधार पर विद्यार्थियों का प्रवेश होगा।बेमेतरा मुख्यालय स्थित पीजी महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की सीटों की मांग पूरी हुई।

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कैबिनेट का बड़ा फैसला: प्रदेश में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का होगा आयोजन

06-Sep-2022

छत्तीसगढ़ में स्थानीय और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में नयी पहल की गई है।  यहां इस साल से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन किया जाएगा। यह निर्णय आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। 
छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में जहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कबड्डी, खो-खो लेकर टेनिस बाल क्रिकेट जैसे खेल प्रतियोगिताएं होंगी तो वहीं इस ओलंपिक में बच्चों से लेकर सौ साल के बुजुर्ग भी बतौर प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। खास बात यह कि, यहां छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी को छत्तीसगढ़ का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

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छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल-2022 के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षक (कोच) राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार करेंगे। एथलीटों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बतौर खिलाड़ी करियर को बढ़ाने का यह सुनहरा मौका है।

गौरतलब है कि श्री भूपेश बघेल ने बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद छत्तीसगढ़िया संस्कृति और ग्रामीण परम्परा को आगे बढ़ाने की विशेष पहल की है। मुख्यमंत्री श्री बघेल खुद भी अनेक मौकों पर पारंपरिक खेलों में हाथ आजमाते नजर आते हैं। मुख्यमंत्री का पारंपरिक खेलों से लगाव इस तरह से भी देखने को मिला है कि, भेंट-मुलाकात समेत उनके कार्यक्रम के दौरान वे बच्चों के बीच पहुंचकर भौंरा, कंचे (बांटी), गिल्ली-डंडा, पिट्ठुल खेलने लगते हैं।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल-2022 में कबड्डी, खो-खो, गेड़ी, पिट्ठुल, व्हॉलीबाल, हॉकी और टेनिस बाल क्रिकेट को शामिल किया गया। इन खेलों के मुकाबले पुरूष और महिला दोनों श्रेणियों में होंगे। वहीं यह यहां ओलंपिक खेल चार स्तरों ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर होगा। राज्य स्तर पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन राजधानी रायपुर में होगा। इन खेलों के आयोजन में तकनीकी सहायता हेतु छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के खेल प्रशिक्षक, राज्य और जिला खेल संघ के प्रतिनिधि एवं शिक्षा विभाग के शारीरिक शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा।

किराये के घर पर रहते हैं तो ये योजना आपके लिए, आवेदन करने की अंतिम तारीख बढ़ाई

06-Sep-2022

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत मोर मकान मोर आस घटक के अंतर्गत किराएदारी में निवासरत हितग्राहियों के लिए निगम के विभिन्न स्थलों में 2465 आवास आबंटन के लिए उपलब्ध है। आबंटन के लिए पंजीयन आवेदन कार्यालयीन समय में 22 सितंबर 2022 शाम 5:00 बजे तक नगर पालिक निगम भिलाई कार्यालय के कक्ष क्रमांक 16 योजना शाखा में 100 रुपए का नगद भुगतान करके प्राप्त किया जा सकता है। पात्रता से संबंधित संपूर्ण दस्तावेज संलग्न कर आवेदन दिनांक 11 अक्टूबर 2022 तक नगर पालिक निगम भिलाई के कक्ष क्रमांक 16 योजना शाखा में जमा करना होगा।


ये योजना किसके लिए है
2465 आवासों में शासन के निर्देश अनुसार तृतीय लिंग समुदाय, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य हेतु शासन के नियमानुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर भूतल में लॉटरी द्वारा आबंटन की कार्यवाही की जाएगी।

व्यवस्थापन प्रकरण को प्राथमिकता से लॉटरी के द्वारा आबंटन उपरांत किरायेदारी में निवासरत परिवारों के प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर पात्रता अनुसार आबंटन की कार्यवाही किया जाएगा। भविष्य में प्रोजेक्ट के लागत राशि में वृद्धि होने पर प्रति आवास हितग्राही अनुदान की राशि में भी वृद्धि होगी जिसको सभी हितग्राहियों को समान रूप से अधिपत्य के पूर्व जमा करना होगा।

कहां जारी होगी सूची, यह भी जानिए
प्राप्त आवेदन से पात्र एवं अपात्र आवेदनों की सूची कार्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित की जाएगी। इसकी जानकारी सूचना पटल पर मुख्य कार्यालय एवं प्रधानमंत्री आवास योजना मदर टैरेसा नगर कार्यालय में चस्पा किया जाएगा। चस्पा करने के बाद दावा, आपत्ति आमंत्रित की जाएगी दावा, आपत्ति की निर्धारित तिथि के पश्चात कोई भी दावा आपत्ति को मान्य नहीं किया जाएगा। निर्धारित तिथि में अवकाश होने पर अगली तिथि नियत रहेगी।

किसी भी वाद-विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई को होगा। पात्र हितग्राहियों को लॉटरी के द्वारा आबंटन की सूचना पत्र के माध्यम से पृथक से जानकारी दी जाएगी एवं अन्य माध्यमों से भी उन्हें जानकारी मिल सकेगा।

इन इलाकों में है पक्के आवास, जिसे किया जाएगा आवंटन
उपलब्ध आवासीय फ्लैट इस प्रकार से है उपलब्ध निर्माणाधीन आवासों की संख्या की बात करें तो माइलस्टोन स्कूल के पास भिलाई वार्ड क्रमांक 1 में 402 आवास, ग्रीन वैली खमरिया भिलाई वार्ड क्रमांक एक में 84 आवास, सूर्या विहार के पीछे खमरिया भिलाई वार्ड क्रमांक एक में 840 आवास,

सूर्या विहार के पीछे खमरिया भिलाई वार्ड क्रमांक एक में 493 आवास, अविनाश मेट्रोपॉलिश भिलाई वार्ड क्रमांक 7 में 58 आवास, केईसी के पीछे खमरिया भिलाई वार्ड क्रमांक एक में 322 आवास, एनआर स्टेट खमरिया भिलाई वार्ड क्रमांक एक में 210 आवास एवं आम्रपाली फेस 2 भिलाई वार्ड क्रमांक 25 में 56 आवास उपलब्ध है। इन सभी आवासों में भूतल, प्रथम तल, द्वितीय तल एवं तृतीय तल में आवास है।

अनिश्चित कालीन आन्दोलन के तीसरे दिन गिल्ली-डंडा के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट किया

04-Sep-2022

श्री रवि गडपाले प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया कि छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के लाखों अनियमित कर्मचारी कांग्रेस पार्टी के जन घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में किये गए वादे के अनुरूप अनियमित, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी के नियमितीकरण एवं किसी भी अनियमित कर्मचारी की छटनी नहीं करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने की मांग को लेकर 01 सितम्बर से अनिश्चित कालीन आन्दोलन कालम बंद-काम बंद हड़ताल में है|

 

श्री गोपाल प्रसाद साहू प्रांतीय संयोजक ने अवगत कराया कि आन्दोलन के तीसरे दिन अनियमित कर्मचारी गिल्ली-डंडा आन्दोलन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट किया तथा कल 04 सितम्बर को चौथे दिन "गेडी-आन्दोलन" के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट किया जावेगा| इसी प्रकार 5 सितम्बर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जावेगा, इसके माध्यम से नियमितीकरण सहित 4 सूत्रीय मांग पर माननीय मुख्यमंत्री एवं शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया जावेगा|

 

श्री दिनेश शर्मा समन्वयक, श्रीमती भगवती शर्मा तिवारी कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस पार्टी का 10 दिन में नियमितीकरण का वादा जो साढ़े 3 साल में भी पूरा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का वादा 1 साल बाद नियमितीकरण करेंगे, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। पिछले 3 साल में नियमितीकरण के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट पूरी नहीं हुई है। पिछले 3 साल में सरकार कर्मचारियों का डाटा इकट्ठा नहीं कर पाई है। पिछले तीन विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा नियमितीकरण की बात स्वीकार की गई लेकिन वादा आज भी अधूरा है। आउटसोर्सिंग बंद नहीं हुआ। कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन वृद्धि रोक दिया गया है। घोषणा पत्र में छटनी नहीं करने का वादा था लेकिन कई विभागों से छटनियां कर दी गई है। इससे अनियमित कर्मचारियों में भारी आक्रोश है|

 

श्री प्रेमप्रकाश गजेन्द्र प्रांतीय उपाध्यक्ष, सचिन शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष, धर्मेन्द्र वैष्णव मिडिया प्रभारी, संजय एडे, भूपेंद्र साहू, ने अवगत कराया की वर्तमान सरकार असंवेदनशीलता ने हमें आन्दोलन करने मजबूर किया है एवं आपके माध्यम से समस्त अनियमित कर्मचारियों से अपील है कि आन्दोलन सम्मिलित होकर मुहीम नियमितीकरण में सहयोग करें|

 

 

 

 

 

 

 

 

(गोपाल प्रसाद साहू)

 

प्रांतीय संयोजक

 

मोबाइल: 9826323280, 6232730999

 

प्रति,

सम्मानीय संपादक/पत्रकार

प्रतिष्ठित प्रिंट, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक मिडिया

कृपया प्रकाशित करने का कष्ट करेंगे|

CG New district : सीएम भूपेश बघेल करेंगे 3 नए जिलों का शुभारंभ, विकास के कामों की बढ़ेगी गति

03-Sep-2022

CG New district hindi :  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को छत्तीसगढ़ राज्य के दो नए जिलों का उद्घाटन करेंगे। इन जिलों का नाम सारंगढ़-बिलाईगढ़ और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई रखा गया है। सीएम इन जिलों का उद्घाटन करने के साथ-साथ इनके विकास के लिए 931 करोड़ 37 लाख रुपये की सौगात भी देंगे। उन्होंने शुक्रवार को भी नए जिले मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी का शुभारंभ किया था। इसके बाद उनका रोड शो भी हुआ। नए जिलों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य में अब इनकी संख्या 31 हो जाएगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सारंगढ़ और खैरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उक्त दोनों जिलों का शुभारंभ करने के साथ ही इन नवगठित जिलों में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए 931 करोड़ 37 लाख रूपए की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री बघेल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शुभारंभ अवसर पर 512.29 करोड़ के विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं 54.52 करोड़ के विकास कार्यो का लोकार्पण करेंगे, जबकि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के शुभारंभ कार्यक्रम में 364 करोड़ 56 लाख रूपए के विकास कार्यो की सौगात के साथ ही 213 हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 37 लाख 48 हजार रूपए की सामग्री एवं अनुदान सहायता राशि वितरण होगा।

नया जिला बन जाने से यहां के नागरिकों को काफी राहत मिलेगी और कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से होंगे। प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होने का फायदा आम जनता को मिलेगा। बुनियादी सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्यान्न लोगों तक आसानी से उपलब्ध होगी और सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन दूरस्थ अंचलों तक आसानी होगा। रोड कनेक्टिविटी, पुल-पुलिया के निर्माण से सुदूर वनांचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी।

जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज के पेट से निकाला 5 किलो ट्यूमर, कलेक्टर ने दी बधाई

03-Sep-2022

मुंगेली जिला हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा आज एक बड़ा आपरेशन किया गया।ऑपरेशन के बाद ट्यूमर का वजन पांच किलो निकला। डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी करके ट्यूमर निकाला।

 सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के दौरान पेट में ट्यूमर की वजह से मरीज काफी परेशान थी। जिनका डा. नेहा स्मृति लाल स्त्री रोग विशेषज्ञ, डा. राजेश बेलदार निश्चेतना विशेषज्ञ एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम द्वारा सफल आपरेशन कर उपचार किया गया। कलेक्टर राहुल देव ने इस सफल आपरेशन के लिए जिला चिकित्सालय की टीम को बधाई दी है।

Chhattisgarh Temple: छत्तीसगढ़ का एक ऐसा मंदिर, जिसके जैसा दुनिया में कोई दूसरा नहीं है

02-Sep-2022

आपने बहुत से मंदिरों को देखा होगा, बहुत से मंदिरों के बारे में सुना होगा,लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर की जानकारी देने जा रहे हैं जो पूरी दुनिया में अकेला, उसके जैसा कोई और मंदिर नहीं है। हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बारसूर गांव में स्थित मामा-भांजा के नाम के मंदिर की। इस मंदिर के नाम के पीछे एक रोचक कहानी है। दरअसल 11वीं शताब्दी में छिंदक नागवंशी साम्राज्य के तात्कालिक राजा बाणासुर ने मंदिर को बनवाया था। मामा भांजा शिल्पकार  ने मिलकर इस मंदिर को बनाया था। इस मंदिर की सबसे खास और महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे एक ही दिन में शिल्पकारों ने तैयार कर लिया था।

एक ही दिन में बना दिया भव्य मंदिर : इतिहासकार हेमंत कश्यप ने बताया कि बारसूर स्थित मामा-भांजा मंदिर काफी सुंदर और अद्भुत है। इस मंदिर को बनाने के लिए विशेष प्रकार के बलुई पत्थरों का उपयोग किया गया है। यह मंदिर काफी ऊंचा है। इसकी दीवारों पर शैल चित्रो उकेरे गए हैं।यह उस समय की अद्भुत कलाकारी को दर्शाता है। इस मंदिर के शीर्ष के थोड़े नीचे अगल-बगल में दो शिल्पकार मामा और भांजा की मूर्तियां हैं। मंदिर के गर्भ गृह में भगवान शिव,गणेश और नरसिंह की प्रतिमा है।

हेमंत कश्यप ने बताया कि यह मंदिर मुख्य रूप से शिव और गणेश का मंदिर है। वो बताते हैं कि इस मंदिर के नामकरण के पीछे अजब-गजब कहानी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि राजा बाणासुर परम शिव भक्त हुआ करते थे। शिव के प्रति अपनी सच्ची आस्था स्वरूप और भगवान को प्रसन्न करने व लोक कल्याण के लिए एक नायाब शिव मंदिर निर्माण करवाने का सपना उन्होंने देखा। इस मंदिर का निर्माण केवल एक दिन में होना था, ताकि राजा की यश कीर्ति चारों दिशा में फैले। उनके कुल का नाम हो। इस इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने राज्य के दो प्रसिद्ध शिल्पकारों को बुलाया।कहा जाता है कि ये शिल्पकार कोई आम नागरिक नहीं थे,वे देवलोक से भेजे गए कोई देव या यक्ष गंधर्व थे। कुछ लोग तो दोनों को देव शिल्पी विश्वकर्मा के वंशज बताते हैं। लेकिन इनका साक्ष्य नहीं है।

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शिल्पकारों पर पड़ा मंदिर का नाम : राजा ने आदेश दिया कि एक ही दिन में शिव मंदिर का निर्माण किया जाए। इस आदेश पर उन दोनों शिल्पकारों ने अपनी ऐसी कारीगरी दिखाई जो आज के समय में किसी सपने से कम नहीं है।उन दोनों ने महज एक ही दिन में भव्य मंदिर का निर्माण कर दिया। यह काम उस समय के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रहा होगा। उस समय कोई आज की तरह साधन नहीं थे। सोचने वाली बात यह है कि उन लोगों ने कैसे इतनी मोटी-मोटी चट्टानों को इतनी ऊंचाई पर पहुंचाया होगा। कैसे चट्टानों  को खोदकर नक्कासी किया होगा और कैसे पत्थरों को जोड़कर भव्य और ऊंचा मंदिर बनाया होगा।

मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद राजा ने इस मंदिर में शिवलिंग व गणेश की प्रतिमा की स्थापना की। इसके बाद राजा ने उन शिल्पकारों को बुलाकर उनका आभार व्यक्त किया और उनका मेहनताना दिया। राजा ने उनके काम से खुश होकर कहा कि आज से तुम दोनों मामा-भांजा के नाम से इस मंदिर को जाना जाएगा। उसके बाद से ही उस मंदिर को मामा-जा मंदिर के नाम से जाना जाने लगा।