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जूते में पैर डालते ही दर्द से तड़पने लगा बच्चा

04-Nov-2022

जूते में पैर डालते ही 7 साल का एक बच्चा दर्द से कराह उठा. आनन-फानन में घर वाले उसे अस्पताल ले गए. लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. अस्पताल में ही बच्चे को एक के बाद एक 7 बार हार्ट अटैक आए औरउसने वहीं दम तोड़ दिया. 
बच्चे की मौत दुनिया के सबसे जहरीले बिच्छू के काटने के कारण हुई, जो उसके जूते में छिपा बैठा था.घटना ब्राजील के साओ पाउलो शहर की है. 7 साल का लुइज मिगुएल अपने परिवार के साथ बाहर जाने के लिए तैयार हो रहा था. लेकिन जैसे ही उसने अपने जूते में पैर डाला उसे किसी जीव ने काट लिया. लुइज को तेज दर्द महसूस हुआ और वो तड़पने लगा.  तड़पता देखकर लुइज की 44 साल की मां एंजेलिता घबरा गईं. लुइज का पैर लाल पड़ने लगा था. एंजेलिता ने आसपास देखा लेकिन कोई जीव नहीं दिखाई दिया. लेकिन जब जूते को चेक किया तो पूरा माजरा समझ आ गया. जूते में से एक बिच्छू निकला जो दुनिया के सबसे जहरीले बिच्छुओं में से एक, ब्राजीलियन येलो स्कॉर्पियन  था. इस बिच्छू को Tityus Serrulatus भी कहते हैं. इसे सबसे जहरीला बिच्छू माना जाता है. इसके काटने से किसी की भी जान जा सकती है. 

कनाडा 3 साल में 15 लाख प्रवासियों को बसाएगा

03-Nov-2022

कनाडा ने अगले तीन साल में 15 लाख प्रवासियों को अपने यहां बसाने की योजना बनाई है। कनाडा के प्रवासी मामलों के मंत्री सिएन फ्रेसर ने बताया कि वर्क वीसा परमिट और अन्य प्रक्रियाओं को और तेज किया जाएगा। कनाडा सरकार के इस बड़े फैसले से भारतीयों को फायदा मिलने की संभावना है।

कनाडा में फिलहाल मौजूदा जनसंख्या की बढ़ती उम्र और रिटायरमेंट रेट में वृद्धि चिंता का कारण बन रही है। कनाडा सरकार का मानना है कि यदि इस बारे में कुछ नहीं किया गया तो 10 से 15 साल बाद देश की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी। स्कूलों और अस्पतालों को सुचारू ढंग से चलाना मुश्किल हो जाएगा। एक हफ्ते पहले ही जनगणना एजेंसी ने बताया था कि हर पांच में से एक कनाडाई दूसरे देश से यहां आकर बसा है। देश के लगभग 60%लोग प्रवासियों के बारे में सकारात्मक रवैया रखते हैं।

ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से एक पक्षी टकरा

29-Oct-2022

ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से एक पक्षी टकरा गया। इस फ्लाइट में किंग चार्ल्स-III की पत्नी, यानी क्वीन कंसोर्ट कैमिला सवार थीं। हादसे में उनकी जान बाल-बाल बच गई।

ब्रिटिश एयरवेज बोइंग 777-200ER विमान (G-YMMJ) बेंगलुरु से लंदन जा रहा था। लैंडिंग के दौरान प्लेन से एक पक्षी टकरा गया। इस वजह से विमान का आगे वाला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पायलट की सूझ-बूझ से बड़ी दुर्घटना होने से टल गई।

ब्रिटेन में फिर प्रधानमंत्री चुनाव

22-Oct-2022

ब्रिटेन से भारत के लिए जल्द ही अच्छी खबर आ सकती है। नए प्रधानमंत्री पद की रेस में भारतवंशी सांसद ऋषि सुनक का सितारा बुलंद दिखाई दे रहा है। लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद सुनक की मजबूत दावेदारी से इस बार ब्रिटेन में 'ये दिवाली भारत वाली' की गूंज है।

45 दिन पहले हुए चुनाव में सुनक को कंजरवेटिव पार्टी के स्थायी सदस्यों की वोटिंग में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब सुनक का पलड़ा भारी है। आलम ये है कि पूर्व PM जॉनसन ने बैकडोर से सुनक को नंबर-2 का ऑफर दिया है, लेकिन सुनक कैंप का कहना है कि जब वे पहले भी वित्तमंत्री के रूप में रह चुके हैं तो इस ऑफर को स्वीकार क्यों करें। सुनक खुद ही प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल होंगे।

मेक्सिको में भीषण हादसा

21-Oct-2022

मेक्सिको में एक मालगाड़ी और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे के बाद ट्रेन में आग लग गई। चौंकाने वाली बात तो ये है कि आग की लपटों में घिरी ट्रेन रुकी नहीं बल्कि पटरी पर दौड़ती रही। पुलिस ने ट्रक के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन कई लोगों के घायल होने की खबर है।

इंडोनेशिया में भारतीय दवाओं पर बैन

21-Oct-2022

 विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक वैश्विक चेतावनी जारी की। यह चेतावनी भारत की एक दवा कंपनी द्वारा बनाए गए सर्दी-खांसी के सिरप को लेकर थी। दरअसल, अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हुई। बच्चों ने इस कंपनी द्वारा बनाए गए सर्दी-खांसी के चार सिरप में से किसी का सेवन किया था। इसके बाद पिछले कई दिनों में  इंडोनेशिया ने उन इंग्रीडिएंट्स पर रोक लगा दी, जिन्हें गाम्बिया में बच्चों की मौत की वजह माना गया। इस कदम के बाद अब इंडोनेशिया ने देश में सभी सिरप और सारी लिक्विड दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

 

90वां इंटरपोल सेशन आज से, पाकिस्तान समेत 195 देशों के डेलिगेशन शिरकत करेंगे

18-Oct-2022

इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन (INTERPOL) का 90वां सेशन आज से नई दिल्ली में शुरू हो रहा है। यह 21 अक्टूबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्धाटन करेंगे। पाकिस्तान समेत 195 देशों के डेलिगेशन इस मीटिंग में शिरकत कर रहे हैं।
पाकिस्तान ने देर से ही सही इंटरपोल के इस सेशन में हिस्सा लेने की सहमित दे दी है। उसकी तरफ से दो सदस्यों का एक दल नई दिल्ली पहुंच रहा है। भारत को 25 साल बाद इस सेशन को होस्ट करने की जिम्मेदारी मिली है। इसके पहले 1997 में इस इंटरनेशनल बॉडी को नई दिल्ली में होस्ट किया गया था।

बाजार में लगातार तीसरे दिन सेंसेक्स 620 अंक चढ़ा

18-Oct-2022

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 620 अंकों की तेजी के साथ 59,031 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी 188 अंक बढ़कर 17,500 के स्तर पर पहुंच गया है। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। वहीं सिर्फ 4 शेयरों में गिरावट है। बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन यह तेजी आई है।

अमेरिका में दिवाली उत्सव में पहुंचे रिकॉर्ड तोड़ लोग रोकनी पड़ी एंट्री

18-Oct-2022

दिपावली की सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि, अमेरिका  में धूम है। अमेरिका  में दिवाली-दशहरा पर आयोजित 11वां ग्रैंड इंटरनेशनल दिवाली दशहरा उत्सव इस बार यादगार हो गया। इस उत्सव में रिकॉर्ड 10 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। इन लोगों में अमेरिकी सांसद, न्यायाधीश, मेयर व आयुक्त स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। यह आयोजन ग्रेटर ह्यूस्टन के उपनगरीय इलाके शुगर लैंड स्थित कांस्टेलेशन फील्ड में किया जा रहा है। 

अमेरिका में चल रहे इस दिवाली उत्सव में भारतीय संस्कृति के हर रंग को दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। लोक नृत्य, भारतीय मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ उत्सव स्थल पर भगवान राम की 35 फीट तो हनुमान की 24 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा राम-रावण के बीच हुए युद्ध का मंचन भी यहां किया जा रहा है। श्री सीता राम फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण वर्मा ने बताया, हम अमेरिकियों के सामने भारत की जीवंत संस्कृति, नैतिक मूल्यों को दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। 

चीन ने कार में लगा दी बुलेट ट्रेन वाली तकनीक, चलती नहीं, रोड पर तैरती है ये कार

22-Sep-2022

Flying Cars :- चीन एक नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से मौजूदा इलेक्ट्रिक कार्स का माइलेज बढ़ाया जा सकता है। फ्यूचर में किस टेक्नोलॉजी का बोलबाला होगा, इस पर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता। मगर इलेक्ट्रिक कार्स का विस्तार तेजी से हो रहा है।

दुनियाभर में लोग पेट्रोल और डीजल कार्स से इलेक्ट्रिक कार्स की ओर मूव कर रहे हैं। इन गाड़ियों के साथ एक समस्या बैटरी और चार्जिंग स्टेशन की है। हर जगह फास्ट चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध नहीं हैं और सिंगल चार्ज में आप कहां तक इन्हें लेकर जा सकते हैं। ऐसे में चीन Maglev टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है।

Southwest Jiaotong यूनिवर्सिटी में रिसर्चर्स ने 8 पैसेंजर कार्स को मॉडिफाइ किया है। इन कार्स को मैग्नेट्स की मदद से एक कंडक्टर रोड पर 143 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा सका है। Maglev टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कार रोड से 35mm ऊपर दौड़ती है। चीनी मीडिया ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया है। इस प्रोग्राम से जुड़े रिसर्चर्स का कहना है कि पैसेंजर गाड़ियों में Maglev (Magnetic Levitation) टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से एनर्जी यूज घटेगा। इसके साथ ही वीइकल्स की रेंज भी बढ़ेगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा इलेक्ट्रिक वीइकल इंडस्ट्री को मिल सकता है। जहां यूजर्स कार की रेंज को लेकर अभी परेशान रहते हैं।

 

 

ताइवान में 2 दिन में दूसरा भूकंप, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.9, जापान में सुनामी का अलर्ट जारी ?

19-Sep-2022


ताइवान के दक्षिणपूर्वी तट पर रविवार को भूकंप आया। US जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.9 मापी गई। इसके पहले शुरुआती छोटे झटके भी आए। वहीं, 17 सितंबर को यहां 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था।भूकंप ताइवान के ताइतुंग शहर से लगभग 50 किलोमीटर (30 मील) नॉर्थ में आया। इसे लेकर जापान ने ताइवान के पास स्थित आइलैंड्स में सुनामी की चेतावनी जारी की है। US जियोलॉजिकल सर्वे ने पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी थी। बाद में इसे डाउनग्रेड करके 6.9 कर दिया गया।भूकंप के चलते ताइवान में कई जगहों पर सड़कें टूट गई हैं। स्टेशन पर खड़ी कुछ ट्रेनें तक पलट गईं, वहीं कुछ ट्रेनें हिलती नजर आईं। यूली में एक स्टोर गिर गया, जिसमें 4 लोग दब गए। उन्हें रेस्क्यू कर लिया गया है।कई इलाकों में ब्रिज टूट गए, जिससे ब्रिज से गुजर रहीं गाड़ियां भी नीचे आ गिरीं। डोंगली स्टेशन पर ट्रेन पटरी से उतर गई, यही नहीं उस स्टेशन की छत भी गिर गई। स्थानीय प्रशासन इस भूकंप में भारी नुकसान होने की बात कह रहा है। बता दें कि इससे पहले साल 2016 में आए भूकंप से ताइवान में 100 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, साल 1999 में 7.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 2000 लोग मारे गए थे।

 

Leicester Violence: इंग्लैंड के लीसेस्टर में दो समुदायों में झड़प, धार्मिक स्थल पर हमले के बाद भड़के ऐक्शन में पुलिस ?

19-Sep-2022


लंदन: इंग्लैंड के लीसेस्टर में दो समुदायों में झड़प के बाद भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। इस झड़प की शुरुआत करीब एक हफ्ते पहले ही हो गई थी। तब एक समुदाय ने दूसरे के धार्मिक प्रतीक को उखाड़ दिया था। रविवार रात को दोबारा एक समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर दूसरे समुदाय के पूजा स्थल में तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद लीसेस्टर समेत ब्रिटेन के कई हिस्सों में तनाव दोबारा बढ़ गया है। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें समुदाय विशेष के लोगों को सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। भीड़ ने दूसरे समुदाय के पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की।इस घटना के बाद एक धार्मिक संगठन ने प्रवक्ता ने कहा कि कल बेलग्रेव रोड पर एक बड़े समूह को विरोध प्रदर्शन करते, हिंसा और आतंक फैलाते देखा गया। इन लोगों ने एक धर्म के पूजा स्थल में तोड़फोड़ भी की। हम इस तरह के व्यवहार को देखकर हैरान और दुखी हैं। कृपया सुरक्षित रहें, हम अपने समुदाय से व्यवस्था बनाए रखने। लीसेस्टर के पुलिस प्रमुख ने भी एक वीडियो जारी कर लोगों से इस हिंसा में शामिल न होने का आग्रह किया। कल रात जारी किए वीडियो में चीफ कांस्टेबल रॉब निक्सन ने कहा: 'हमें शहर के पूर्वी लीसेस्टर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अव्यवस्था के फैलने की कई रिपोर्टें मिली हैं। सड़कों पर अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। उन्हें लोगों को खदेड़ने और किसी को भी रोककर जांच करने की शक्तियां दी गई हैं। कृपया कोई भी ऐसे प्रदर्शनों में शामिल न हों।लीसेस्टरशायर के पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि शनिवार रात और रविवार सुबह दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि समुदाय विशेष के पूजा स्थल पर हमले की खबरें सच नहीं है। पुलिस को हिंसा और संपत्तियों को पहुंचे नुकसान के कई घटनाओं की सूचना दी गई है और जांच की जा रही है। हम लीसेस्टर के मेल्टन रोड पर एक धार्मिक इमारत के बाहर एक आदमी को झंडा खींचते हुए एक वीडियो के बारे में जानते हैं। हम स्थानीय समुदाय के नेताओं के समर्थन से बातचीत और शांति का आह्वान करना जारी रख रहे हैं।

 

Google के लिए झटका भारत, अमेरिका, यूरोपीय संघ बिग टेक एकाधिकार को चुनौती दे रहा है ?

19-Sep-2022


 Google के खिलाफ 4.1 बिलियन डॉलर के यूरोपीय संघ के रिकॉर्ड एंटीट्रस्ट फाइन को बरकरार रखने के बाद, Google की मूल कंपनी अल्फाबेट को एक बड़ा झटका लगा है। Google को कथित रूप से Android फ़ोन निर्माताओं पर रणनीतिक प्रतिबंध लगाने के लिए दंडित किया गया था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसके खोज इंजन को अकेले लाभ मिले। यूरोपीय संघ के फैसले के लगभग तुरंत बाद दक्षिण कोरिया में एक और फैसला आया, जहां सांसदों ने कथित गोपनीयता उल्लंघन के लिए अल्फाबेट और मेटा पर 71 मिलियन डॉलर का संयुक्त जुर्माना लगाया। जांच से पता चला कि Google उपयोगकर्ता डेटा एकत्र कर रहा था और उसका अध्ययन कर रहा था, और उनकी वेबसाइट के उपयोग पर नज़र रख रहा था।जैसा कि Google और अन्य बिग टेक दिग्गज कई मोर्चों पर अपनी एकाधिकारवादी प्रथाओं पर दुनिया भर में बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं, भारत भी प्रौद्योगिकी फर्मों के विश्वास-विरोधी और एकाधिकारवादी व्यवहार को संबोधित करने के लिए कमर कस रहा है।भारत में, CCI और MEITY के नेतृत्व में ‘कार्यों’ की एक श्रृंखला भी संभावित परिदृश्यों की ओर ले जा रही है जहाँ नियामक प्राधिकरणों के लिए बिग टेक की अप्रतिबंधित गैर-जवाबदेही और भारतीय समाचार प्रकाशकों के साथ व्यवहार में उनके कथित अविश्वास-विरोधी व्यवहार भी जा रहे हैं। गंभीर रूप से चुनौती दी जाए। यह ध्यान दिया जा सकता है कि भारत ने लगातार यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि तकनीकी दिग्गज न केवल घरेलू कानूनों के प्रति जवाबदेह और जिम्मेदार हैं, बल्कि नेटिज़न्स के अधिकारों का उल्लंघन भी नहीं करते हैं। एक संसदीय समिति भी बिग टेक एकाधिकार से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करती रही है। भारतीय प्रतिस्पर्धा समिति (सीसीआई), भारत सरकार के तहत एंटीट्रस्ट वॉचडॉग भी डीएनपीए (डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन) द्वारा दायर Google के खिलाफ याचिका पर आगे बढ़ रही है, जो Google द्वारा अर्जित विज्ञापन राजस्व के वितरण में उचित हिस्सेदारी की मांग कर रही है। समाचार प्रकाशकों के अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म। DNPA के तत्वावधान में भारत के ये प्रमुख मीडिया संगठन, Google जैसे बिग टेक दिग्गजों को घरेलू समाचार प्रदाताओं के साथ अपने संबंधों में निष्पक्ष होने और राजस्व-साझाकरण को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक पिच बनाने के लिए एक साथ आए हैं।अमेरिका में, निश्चित रूप से, हाल के दिनों में Google को हिला देने के उद्देश्य से विकास की एक धार आई है। 13 प्रभावशाली कंपनियों के एक समूह ने अमेरिकी कांग्रेस से एक प्रस्तावित विधेयक को हरी झंडी दिखाने का आह्वान किया, जो Google और अन्य तकनीकी दिग्गजों की शक्तियों को काफी कम कर सकता है। अलग से, अमेरिकी न्याय विभाग ने Google पर एकाधिकारवादी व्यवहार का आरोप लगाते हुए एक संघीय न्यायाधीश से शिकायत की। यदि वह प्रस्ताव एक परीक्षण के लिए आगे बढ़ता है और Google को दोषी ठहराया जाता है, तो बड़ी दूरसंचार कंपनियों को भारी कमाई का नुकसान हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि खुलासे से पता चलता है कि Google कथित तौर पर सैमसंग, ऐप्पल और अन्य दूरसंचार दिग्गजों को अरबों डॉलर का भुगतान करता है ताकि उसके खोज इंजन का एकमात्र वर्चस्व सुनिश्चित हो सके।

नासा का मिशन DART:500 किलो का स्पेसक्राफ्ट उल्का पिंड से टकराकर उसकी दिशा बदलेगा जानिए कैसे ?

17-Sep-2022


NASA के वैज्ञानिक ग्रह के सुरक्षा सिस्टम को टेस्ट करने वाले दुनिया के पहले मिशन की तैयारी कर रहे हैं।अंतरिक्ष एजेंसी अपने डबल एस्ट्रॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट (DART) के साथ आने वाले दिनों में धरती की ओर बढ़ रहे उल्का-पिंडों सुरक्षा देने से जुड़ी टेक्नोलॉजी की जांच करेगी।यह टेस्ट धरती के करीब से गुजरने वाले उल्का-पिंड से जानबूझकर एक टक्कर करवाते हुए किया जाएगा।इसमें टारगेट डाइमॉर्फस नाम के उल्का-पिंड को बनाया गया है, जो 525 फीट चौड़ा है।अंतरिक्ष में धरती किसी छोटी सी गेंद की तरह है.अगले महीने होने जा रहे टेस्ट का मकसद यह पता लगाना है कि DART के साथ स्पेसक्राफ्ट को ऑटोनॉमस तरीके से नेविगेट करते हुए उल्का-पिंड के साथ जानबूझकर टकराया जा सकता है या नहीं।साथ ही इस टक्कर के असर, उल्का-पिंड की दिशा और रफ्तार पर इसके प्रभाव को समझने की कोशिश भी की जाएगी।1,500mph रफ्तार से होने वाली टक्कर के बाद हुए बदलावों का पता धरती पर मौजूद टेलीस्कोप्स की मदद से लगाया जाएगा।अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की योजना इस पूरे इवेंट की 26 सितंबर को लाइवस्ट्रीमिंग करने की है।NASA की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब चैनल्स पर भी यह लाइव देखा जा सकेगा।लॉरेल, मेरीलैंड स्थित DART एयरक्राफ्ट्स बनाने वाली जॉन्स हॉपकिन्स अप्लाइड फिजिक्स लैबोरेटरी की ओर से 'इंपैक्ट डे' पर एक लाइव ब्रीफिंग भी आयोजित की जाएगी।टक्कर का समय 26 सितंबर को शाम 7:14 ईस्टर्न टाइम (भारत में 27 सितंबर तड़के 4:44 बजे) तय किया गया है।एजेंसी की ओर से पिछले साल 33 करोड़ डॉलर कीमत वाला एक छोटा प्रोब लॉन्च किया गया था, जो धरती से करीब सात अरब मील दूर जा रहा है।इसके साथ LICIACube नाम का छोटा स्पेसक्राफ्ट भी भेजा गया है, जो DART से 10 दिन पहले रिलीज किया जाएगा।इसकी मदद से इंपैक्ट के दिन टक्कर की फोटोग्राफ्ट और इमेजरी डाटा जुटाया जाएगा।नए डाटा का फायदा मौजूदा सिस्टम में सुधार करते वक्त मिलेगा।संभवनाओं पर बात करें तो वैज्ञानिकों का कहना है हर 20,000 साल में औसत 460 फीट का एक उल्कापिंड धरती से टकराता है। 1908 में साइबेरिया में 40 मीटर का उल्कापिंड गिरा था, जिससे लंदन शहर के बराबर जंगल को तबाह कर दिया था।

 

Gautam Adani: गौतम अडानी बने दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स, जानें लिस्ट में पहले नंबर पर कौन?

16-Sep-2022

भारतीय बिजनेसमैन गौतम अडानी शुक्रवार को दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। उन्होंने फ्रांस के एलवीएमएच के बर्नार्ड अर्नाल्ट को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया है। गौतम अडानी एंड फैमिली का नेट वर्थ 154.6 बिलियन डॉलर है। हालांकि, एलन मस्क अब भी पहले नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर गौतम अडानी, तीसरे नंबर पर बर्नार्ड अर्नाल्ट, चौथे नंबर पर जेफ बेजोस और पांचवे नंबर पर बिल गेट्स हैं। वहीं मुकेश अंबानी 92.1 बिलियन डॉलर नेट वर्थ के साथ 8वें स्थान पर हैं। इसके बाद से सोशल मीडिया पर #gautamadani ट्रेंड कर रहा है। बहुत से लोग मीम्स बनाकर इस पर हैरानी जताने के साथ-साथ मजाकिया ट्वीट भी कर रहे हैं।

रैंक नाम कुल संपत्ति (डॉलर में) कंपनी/उद्योग देश
1. एलन मस्क 273.5 अरब टेस्ला, स्पेस एक्स अमेरिका
2. गौतम अडानी एंड फैमिली 155.5 अरब इंफ्रास्ट्रक्चर, कमोडिटी भारत
3. बर्नार्ड अर्नाट एंड फैमिली 155.2 अरब LVMH फ्रांस
4. जेफ बेजोस 149.7 अरब अमेजन अमेरिका
5. बिल गेट्स 105.3 अरब माइक्रोसॉफ्ट अमेरिका
6. लैरी एलिसन 98.3 अरब सॉफ्टवेयर अमेरिका
7. वॉरेन बफेट 96.5 अरब बर्कशायर हैथवे अमेरिका
8. मुकेश अंबानी 92.2 अरब डायवर्सिफाइड भारत
9. लैरी पेज 89 अरब गूगल अमेरिका
10. सर्गी ब्रिन 85.4 अरब गूगल अमेरिका

(स्रोत: Forbes)

पाकिस्तान की चेतावनी के बाद हरकत में आया रिमोट कंट्रोल बम से उड़ाया,तालिबान के खिलाफ उठाई थी बंदूक ?

14-Sep-2022

 

पाकिस्तान में तालिबान के खिलाफ आवाज उठाने वाले निशाने पर हैं। मंगलवार को कबाल तहसील के बड़ा बांदी इलाके में एक ब्लास्ट हुआ। इसमें पांच लोग मारे गए। जिनकी जान गई, उनमें से एक की पहचान शांति समिति के सदस्य इदरीस खान के रूप में हुई। डिस्ट्रिक पुलिस आफिसर (DPO) जाहिद मारवत के मुताबिक, विस्फोट कबाल तहसील के बड़ा बांदी इलाके में हुआ। शवों को सैदु शरीफ टीचिंग हॉस्पिटल ले जाया गया। विस्फोट में दो पुलिस कर्मियों की भी मौत हो गई। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह एक टार्गेट अटैक था। इदरीस खान इसका निशाना थे। वे शांति समिति(ग्राम रक्षा समितियां) के सदस्य थे। इनका गठन 2007 और 2009 के बीच तालिबान द्वारा क्षेत्र पर नियंत्रण करने के बाद स्वात में किया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन समितियों के सदस्यों ने अपने गांवों और यूनियन काउंसिल की रक्षा के लिए तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। स्वात स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) फैयाज खान ने लोकल मीडिया को बताया। इदरीस और उनके पुलिस गार्ड-हेड कांस्टेबल रामबिल और कांस्टेबल तौहीद  एक व्हीकल में यात्रा कर रहे थे। जब वे शाम 6:30 बजे के करीब कोट कटाई गांव के पास पहुंचे, तभी यह विस्फोट हुआ। हमले में एक राहगीर सनाउल्लाह और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति भी मारा गया। फैयाज ने कहा कि इदरीस जिस वाहन में यात्रा कर रहे थे, वह भी पूरी तरह से नष्ट हो गया। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है।  विस्फोट की सूचना के तुरंत बाद खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने घटना का संज्ञान लिया और पुलिस आईजी से एक रिपोर्ट तलब की। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कसम खाई कि शहीदों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।इस बीच, बारा बंदाई के एक निवासी ने लोकल मीडिया को बताया कि शांति समितियों के सदस्यों को प्रतिबंधित संगठनों और आतंकवादियों द्वारा लंबे समय से धमकी दी जाती रही है। उन्होंने कहा, "आतंकवाद के दौरान इन लोगों ने तालिबान के खिलाफ बंदूकें उठाईं और उनका विरोध किया था।

Papua New Guinea में कांपी धरती, 7.6 तीव्रता का आया तेज भूकंप, कई इमारतों को पहुंचा नुकसान जानिए ?

12-Sep-2022

 

आज सुबह पूर्वी पापुआ न्यू गिनी की धरती उस वक्त कांप गई, जिस वक्त 7.6 तीव्रता का तेज भूकंप आया। भूकंप की वजह से शहर मदांग और Further Inland से भारी नुकसान की खबर है, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहां पर कई इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, यही नहीं इस तीव्र भूकंप के बाद अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने वहां पर सुनामी की चेतावनी जारी की थी लेकिन कुछ वक्त उसने अपनी चेतावनी को वापस ले लिया।भूकंप कायनंटू शहर से लगभग 67 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया है। भूकंप के बाद से शहर में बिजली गुल है और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।भूकंप के दौरान लोग सड़कों पर घर के बाहर नजर आए। जब भूमि में अचानक कंपन शुरू हो जाता है तो उसे भूकंप कहते हैं। ये एक नेचुरल प्रक्रिया है। जब पृथ्वी के अंदर यानी कि लिथोस्फीयर के अंदर कंपन पैदा होता है तो बहुत सारी एनर्जी आउट होती, जो कि भूकम्पीय तरंगों में कन्वर्ट हो जाती है और धरती कांपने लगती है, इसी प्रक्रिया को भूकंप कहते हैं। ये बहुत ज्यादा घातक भी होते हैं।

भारत-चीन तनाव 28 महीने बाद खत्म! PP-15 से भारत और चीन के सैनिकों की वापसी शुरू; चीन ने की पुष्टि ?

09-Sep-2022

चीनी रक्षा मंत्रालय ने जारी एक प्रेस रिलीज में कहा, ‘‘चीन-भारत कोर कमांडर स्तर की बैठक के 16वें दौर में बनी सहमति के अनुसार, 8 सितंबर 2022 को जियानन डाबन क्षेत्र से चीनी और भारतीय बलों ने समन्वित और नियोजित तरीके से पीछे हटना शुरू कर दिया है, जो सीमावर्ती इलाकों में शांति के लिए अच्छा है।’चीनी सेना ने शुक्रवार को पुष्टि की कि पूर्वी लद्दाख के ‘गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स’ क्षेत्र में ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15’ से चीन और भारत के सैनिकों की ‘‘समन्वित एवं नियोजित तरीके’’ से वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूर्वी लद्दाख में दो साल से अधिक समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में अहम कदम आगे बढ़ाते हुए भारतीय एवं चीनी सेनाओं ने गुरुवार को घोषणा की कि उन्होंने गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स क्षेत्र के ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15’ से बलों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारत लगातार कहता रहा है कि द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास शांति बनाए रखना महत्वपूर्ण है। गतिरोध को हल करने के लिए दोनों सेनाओं ने कोर कमांडर स्तर की 16 दौर की बातचीत की।


शुरू हुई सैनिकों की वापसीSCO शिखर सम्मेलन से पहले सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया की घोषणादोनों देशों ने LAC पर 50,000 से 60,000 सैनिकों की तैनाती कर रखी है
Ladakh Standoff: चीनी सेना ने शुक्रवार को पुष्टि की कि पूर्वी लद्दाख के ‘गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स’ क्षेत्र में ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15’ से चीन और भारत के सैनिकों की ‘‘समन्वित एवं नियोजित तरीके’’ से वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूर्वी लद्दाख में दो साल से अधिक समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में अहम कदम आगे बढ़ाते हुए भारतीय एवं चीनी सेनाओं ने गुरुवार को घोषणा की कि उन्होंने गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स क्षेत्र के ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15’ से बलों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारत लगातार कहता रहा है कि द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास शांति बनाए रखना महत्वपूर्ण है। गतिरोध को हल करने के लिए दोनों सेनाओं ने कोर कमांडर स्तर की 16 दौर की बातचीत की।



चीन-भारत कोर कमांडर स्तर की बैठक के 16वें दौर में बनी सहमति

चीनी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक प्रेस रिलीज में कहा, ‘‘चीन-भारत कोर कमांडर स्तर की बैठक के 16वें दौर में बनी सहमति के अनुसार, 8 सितंबर, 2022 को जियानन डाबन क्षेत्र से चीनी और भारतीय बलों ने समन्वित और नियोजित तरीके से पीछे हटना शुरू कर दिया है, जो सीमावर्ती इलाकों में शांति के लिए अच्छा है।’’ यहां भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि चीनी सेना की प्रेस रिलीज में जिस जियानन डाबन क्षेत्र का जिक्र किया गया है, वह गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स इलाके का वही ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट-15’ है, जिसका गुरुवार को भारतीय प्रेस रिलीज में उल्लेख किया गया था। यह एक संयुक्त बयान है, लेकिन दोनों पक्षों ने इलाके का उल्लेख विभिन्न नाम से किया है।

दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटी

दिल्ली में पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा गुरुवार रात को जारी संयुक्त बयान में कहा गया था, ‘‘भारत-चीन के बीच 16वें दौर की कोर कमांडर स्तर की बैठक में बनी सहमति के अनुसार, 8 सितंबर 2022 को गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स (पीपी-15) क्षेत्र से भारतीय और चीनी सैनिकों ने समन्वित एवं नियोजित तरीके से पीछे हटना शुरू कर दिया है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता के लिए अच्छा है।’’

SCO शिखर सम्मेलन से पहले सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया की घोषणा

बता दें कि उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से लगभग एक सप्ताह पहले सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया की घोषणा की गई है। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग शामिल होंगे। ऐसी अटकलें हैं कि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर किसी पक्ष ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। दोनों सेनाओं ने एक संयुक्त बयान में कहा कि पीछे हटने की प्रक्रिया की शुरुआत जुलाई में हुई 16वें दौर की उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता का परिणाम है।

शुरू हुई सैनिकों की वापसी

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15’ (पीपी-15) से सैनिकों की वापसी गुरुवार सुबह शुरू हुई और दोनों पक्षों के स्थानीय कमांडर आगामी कदमों के तौर-तरीकों पर काम कर रहे हैं। 16वें दौर की कोर कमांडर-स्तर की वार्ता के बाद, दोनों पक्षों के जमीनी कमांडर ने पीछे हटने की प्रक्रिया की बारीकियों पर सिलसिलेवार बात की। सूत्रों ने कहा कि भारत देपसांग और डेमचोक के टकराव वाले शेष बिंदु क्षेत्रों में लंबित मुद्दों के समाधान के लिए दबाव बनाए रखेगा।

पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट क्षेत्रों से हुई थी सैनिकों की वापसी

कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ता के परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों ने पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की थी। पैंगोंग झील क्षेत्र से पीछे हटने की प्रक्रिया पिछले साल फरवरी में हुई थी, जबकि गोगरा में ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट’ 17 (ए) क्षेत्र से सैनिकों और उपकरणों की वापसी पिछले साल अगस्त में हुई थी। सोलहवें दौर की सैन्य वार्ता जयशंकर के अपने चीनी समकक्ष वांग यी से बाली में मुलाकात के 10 दिन बाद हुई थी। पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पांच मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध शुरू हो गया था। दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे हजारों सैनिकों के साथ-साथ भारी अस्त्र-शस्त्र भी तैनात कर दिए थे। दोनों पक्षों में से प्रत्येक ने LAC पर संवेदनशील क्षेत्र में 50,000 से 60,000 सैनिकों की तैनाती कर रखी है।


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