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राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पहली वर्षगांठ: प्रधानमंत्री करेंगे नीति नियंताओं, छात्रों-शिक्षकों को संबोधित

29-Jul-2021

नई दिल्ली,इंडिया  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने का एक साल पूरा होने के अवसर पर आज शिक्षा व कौशल विकास के क्षेत्र से जुड़े देश भर के नीति नियंताओं, छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई कार्यक्रमों की शुरुआत भी करेंगे।

पीएमओ ने कहा, प्रधानमंत्री कार्यक्रम में ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ का शुभारंभ करेंगे जो उच्च शिक्षा में छात्रों के लिए कई प्रवेश और निकास का विकल्प प्रदान करेगा।

इसके साथ ही वह क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियंरिंग के पहले साल के कार्यक्रमों और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण के लिए दिशानिर्देशों को भी जारी करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे।

CT Scan For Corona Patient: कोरोना में बेवजह सीटी स्कैन कराने से कैंसर का खतरा अधिक- एम्स डायरेक्टर

04-May-2021

नई दिल्ली,इंडिया देशभर में कोरोना का कहर जारी है। जिससे घबराकर लोग विभिन्न तरह के उपाय अपना रहे हैं जोकि कई बार कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे है। बीते सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फेंस रखी। जिसमें एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना की शुरुआत में सीटी स्कैन कराने से कोई फायदा नहीं है। कई बार पैचेज नहीं आते हैं, लेकिन इलाज के साथ वो खत्म हो जाते है। लेकिन अगर आपको सीटी स्कैन की जरूरत नहीं है तो बिल्कुल भी न कराएं। इससे आपको कैंसर का खतरा हो सकता है। 

डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि माइल्ड केसेज में सीटी स्कैन करवाने की जरूरत नहीं है। आपमें लक्षण ना हों फिर भी सीटी स्कैन में पैच दिख सकते हैं। उन्होंने बताया कि 1 सीटी स्कैन से 300-400 एक्स-रेज के बराबर रेडिएशन निकलता है। यंग एज में बार-बार सीटी स्कैन करवाने से आगे चलकर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, कई लोग सीटी स्कैन के लिए भाग रहे हैं। सीटी स्कैन में 30 से 40 फीसदी पैच दिख सकते हैं जो कि अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि माइल्ड केसेज या नॉर्मल सैचुरेशन लेवेल पर CRP, D-Dimer, LDH, Ferritin जैसे बायोमार्कर्स चेक करवाने की जरूरत भी नहीं। इनसे सिर्फ पैनिक क्रिएट होगा। डॉक्टर ने बताया कि शरीर में कोई भी संक्रमण हो तो इनमें गड़बड़ दिख सकती है। आपको ऐक्ने या दांत में इन्फेक्शन हो तो भी ये बायोमार्कर्स बढ़े दिखेंगे क्योंकि ये शरीर का इन्फ्लेमेटरी रिस्पॉन्स होता है।

डॉक्टर ने बताए 3 प्रमुख ट्रीटमेंट

डॉक्टर ने बताया दवाओं को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने बताया कि जो लोग इम्यूनोसप्रेसिव ड्रग्स पर हैं, लंग्स की प्रॉब्लम है या क्रॉनिक किडनी की प्रॉब्लम है, उन्हें ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। ऐसे लोगों को हेल्थकेयर वर्कर के टच में रहना चाहिए। अगर हल्के लक्षण हैं तो तीन ट्रीटमेंट इफेक्टिव हैं। पहला ट्रीटमेंट ऑक्सीजन थेरेपी है। डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि ऑक्सीजन भी ड्रग है। अगर आपका सैचुरेशन कम है तो मुख्य उपचार ऑक्सीजन है। हल्के लक्षण में अगर आपकी ऑक्सीजन कम हो रही है तो दूसरा इलाज स्टेरॉयड्स हैं। तब स्टेरॉयड दिए जाने चाहिए। तीसरा ट्रीटमेंट ऐंटी-कोऑगुलेंट हैं।

 

Adventure Places पर घूमना लगता है अच्छा तो शादी से पहले एक बार इन जगहों पर जरूर जाएं

29-Apr-2021

नई दिल्ली,इंडिया इंडिया में अगर आप एडवेंचर की बात करें और वहां घूमने के लिए जाने का प्लान बना रही हों तो आपको सबसे पहले गोआ और अंडमान की याद ही आती है। लेकिन सिर्फ यहां या फिर ऋषिकेश जैसी जगह पर घूम चुकी हैं तो अब आप सुंदरबन, कोलाड, अलीपे, कामशेत और संगला ऐसी जगह है जहां पर घूमने के बाद आपको खूब मज़ा आएगा और लगेगा कि इस बार ट्रिप पर आपके पूरे पैसे वसूल हुए हैं।

Best Adventure Places in india

कामशेत : मुम्बई से 110 किलोमीटर दूर कामशेत पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर है। हवा में उड़ना और इस एडवेंचर को महसूस करने का मज़ा अगर आपने एक बार ले लिया तो फिर आपको सभी एडवेंचर इससे कम ही लगेंगे। खास कामशेत में तो पहाड़ों के बीच से जब आप पैराग्लाइडिंग करते हुए समतल जगह पर पहुंचेगीं तो आप दोबारा जरुर जाना चाहेंगी हो सकता है आप एक ही दिन में 2-3 बार एक साथ ही पैराग्लाइडिंग करना चाहें। यहां पर आपकी सेफ्टी का ज्यादा ध्यान रखा जाता है और पैराग्लाइडिंग की सिटिंग सीट पर अच्छी क्वालिटी की बेल्ट होती है जिसे आपको एडवेंचर पर भेजने से पहले एक्सपर्ट अच्छे से चेक करते हैं।

ऋषिकेश : ऋषिकेश उत्तरी राज्य उत्तराखंड में गंगा नदी के तट पर स्थित है। यह शहर ज्यादातर तीर्थस्थल है और इसे भारत की योग राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि, रोमांच चाहने वाले पर्यटकों के लिए यहाँ कुछ साहसिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। आप गंगा नदी में राफ्टिंग, रॉक एंड क्लिफ चढ़ाई जैसी गतिविधियां कर सकते हैं, पास के जंगल में एक सर्वाइवल कैंप में भाग ले सकते हैं या बंजी जंपिंग भी कर सकते हैं।

मनाली : मनाली उत्तरी राज्य हिमाचल प्रदेश में स्थित एक टाउनशिप है और एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है। मनाली में आपको कई एडवेंचर्स एक्टिविटी जैसे पार्वती घाटी में ट्रैकिंग आदि करने का मौका मिलेगा। हालांकि, यहां सबसे प्रसिद्ध रोमांचक गतिविधियों में से एक बाइकिंग करना है। मार्ग आपको मनाली में स्थित विभिन्न गाँवों और इसके आसपास के इलाकों में ले जाएंगे। इस दौरान आपको कुछ सुंदर परिदृश्यों से गुज़रना होगा और वास्तव में आप इस जगह का अनुभव कर सकते हैं।

गुलमर्ग : गुलमर्ग जम्मू−कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित है। यहां पर आने के बाद आपको स्विट्जरलैंड के एक विशिष्ट गांव की याद जरूर आएगी। पूरा शहर एक उच्च ऊँचाई पर स्थित है और भारी बर्फबारी का सामना करता है। यहां प्राप्त बर्फबारी होने के कारण, हेलि−स्कीइंग यहां का एक लोकप्रिय रोमांचक खेल है। हेलि−स्कीइंग में स्की पर हेलीकॉप्टर से कूदना और कठोर ठंडी हवाओं का सामना करना शामिल है।

लद्दाख : लद्दाख को कई मठों की भूमि के रूप में जाना जाता है। यह शहर भारत में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित है। यहां के आसपास की भूमि की स्थलाकृति, ट्रेकिंग और राफ्टिंग के लिए एक आदर्श स्थान है। लद्दाख की प्रसिद्ध चदर ट्रेक, जो एक जमी हुई नदी पर एक ट्रेक है, यहाँ होता है। इसके अलावा, आप खूबसूरत ज़ांस्कर घाटी में राफ्टिंग कर सकते हैं।

 

महिलाओं के सोलो ट्रिप के लिए बहुत ही सुरक्षित माने जाते हैं ये शहर

25-Apr-2021

परिवार या दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का मजा ही अलग है लेकिन सोलो ट्रैवलिंग का भी अपना अलग आनंद है। व्यस्त जीवन-शैली और लोगों से घिरे रहने के कारण आजकल अकेले घूमने का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कई महिलाएं भी सोलो ट्रिप को लेकर प्लान करती हैं लेकिन सिक्यॉरिटी को लेकर परेशान रहती हैं। कई बार तो इसी डर में वो ट्रिप पर जाती ही नहीं हैं। ऐसे में आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे शहर के बारे में बताएंगे जो सोलो ट्रैवलिंग के लिए बहुत ही सुरक्षित है। कुदरती खूबसूरती, गंगा की कल-कल धारा और पर्वतों के बीच शांति के साथ रोमांच देखने की जगह का नाम है ऋषिकेश। यदि आप एडवेंचर के शौकीन हैं तो ऋषिकेश आना आपके लिए बेहतरीन स्पॉट है। सोलो ट्रैवलिंग के लिए ऋषिकेश बहुत ही सुरक्षित जगह है।

जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश : रुणाचल प्रदेश में एक सुंदर घाटी जिसे 'जीरो वैली' कहते हैं और यहां जाने वाले इसे जन्नत कहते हैं। सोलो ट्रैवलर्स के लिए ये जगह बहुत ही सुरक्षित है। भारत में सबसे प्रसिद्ध संगीत समारोहों में से एक जीरो फेस्टिवल भी आपको एक अलग अनुभव देगा।

शिलॉन्ग : अगर आप किसी ऐसी जगह जानें चाहते हैं जो काफी खूबसूरत हो तो शिलॉन्ग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। ये जगह महिलाओं के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। मेघालय में स्त्री-प्रधान समाज की वजह से यहां पर महिलाओं को खुला वातावरण मिल जाता है। यहां आप किसी भी समय बिना चिंता के घूम सकती हैं, चाहे वो रात का समय भी क्यों न हो। शॉपिंग करने के लिए भी ये जगह काफी अच्छी है। आप यहां प्राकृतिक खूबसूरती भी देख सकते हैं।

भूटान : काफी प्यारा और छोटा सा देश भूटान सशक्त और उत्साह से भरपूर हैं। ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस को लेकर ये देश जाना जाता है। इतना ही नहीं ये अपनी समृद्ध बौद्ध संस्कृति के कारण शांतिपूर्वक स्थान माना जाता है। ये जगह महिलाओं के लिए भी काफी सुरक्षित मानी जाती है। ट्रेकिंग, सांस्कृतिक संग्रहाल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन लोगों के लिए भी ये जगह काफी अच्छी है। खर्चे के मामले में भी ये जगह आपकी जेब पर भार नहीं दे सकती है।

बाली : एशियाई पर्यटन स्थलों में बाली एक काफी खूबसूरत जगह है। यहां आपको कई मंदिर और सुंदर-सुंदर समुद्र तट देखने को मिल सकते हैं। समृद्ध बालिनीज और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए बाली प्रसिद्ध है और पूरी दुनिया से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां आप बेफिक्र होकर अकेले घूम सकते हैं। यहां का खान-पान और रूकने का खर्चा भी सस्ता है।

इस बार कहीं जाने का प्लान है तो कसौली पर जाना न भूलें

22-Apr-2021

हिमाचल प्रदेश,इंडिया। कसौली एक उत्तम पर्वतीय स्थल है जो हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित है। यह ब्रिटिश राज के दौरान एक औपनिवेशिक हिल स्टेशन के रूप में स्थापित एक छावनी और कस्बा है और इसका उपयोग अंग्रेजों द्वारा समर्स रिटीट के रूप में किया जाता था। कसौली हिमालय पर्वतमाला के निचले किनारों पर स्थित है और देवदार और देवदार के पेड़ों और कई जड़ी बूटियों के घने जंगलों से घिरा हुआ है। कसौली में घूमने के लिए कई अद्भुत स्थान हैं। यहां पर आप अंग्रेजों के शासन के दौरान की कई विक्टोरियन−युग की इमारतें भी देख सकते हैं, जिनका उपयोग अंग्रेज करते थे। तो चलिए आज हम आपको कसौली में घूमने की कुछ बेहतरीन जगहों के बारे में बता रहे हैं−

सनसेट पॉइंट

यदि आप कसौली घूमने गए हैं तो सनसेट पॉइंट जरूर जाएं। यहां पर आपको शांतप्रिय माहौल मिलेगा। इस पॉइंट पर आपको चिड़िया और हवा की आवाज ही सुनाई देगी। इसके अलावा यहां से कई आकर्षक नजारे देखने को मिलते हैं।

कृष्ण भवन मंदिर

भगवान कृष्ण का एक मंदिर कसौली में हैं। जहां पर भारी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं। कृष्ण भवन मंदिर नाम के इस मंदिर का निर्माण 1926 में किया गया था। इस मंदिर को यूरोपीय और भारतीय शैली की वास्तुकला के आधार पर बनाया गया है।

मॉल रोड

कसौली का मॉल रोड घूमने के लिए बहुत प्रसिद्ध है। मॉल रोड शहर का मेन शॉपिंग मार्केट है। यहां पर दुकानें, रेस्ट्रॉन्ट वगैरह की भरमार है। इसलिए यहां पर पर्यटकों की आवाजाही लगी ही रहती है।

मंकी पॉइंट

कसौली में मंकी पॉइंट सबसे ऊंचा स्थान है, जहां से पर्यटकों को आकर्षक और मनमोहक दृश्य देखने को मिलता है। इसके अलावा यहां पर एक हनुमान मंदिर है। इसके बारे में कहा जाता है कि लक्ष्मण जी के लिए जब हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने गए थे तो यहां पर उन्होंने पैर रखा था।

लगा एक महीने का देशव्यापी 'लॉकडाउन' तो जीडीपी में आएगी 2% तक की गिरावट

20-Apr-2021

नई दिल्ली,इंडिया देश में अब कोरोना संक्रमण के  2.5 लाख से ज्यादा मामले रोजाना आ रहे है। ऐसे में कई राज्यों ने लॉकडाउन लगाने का ऐलान किया है। ऐसे में आर्थिक गतिविधियां फिर से धीमी हो गई है। लिहाजा देश में आर्थिक ग्रोथ को लेकर फिर से चिंताएं खड़ी हो गई है। दुनियाभर की कई बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने भारत के आर्थिक ग्रोथ के लक्ष्य को घटा दिया है। आइए जानें पूरा मामला…अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी बोफा सिक्योरिटीज ने बताया कि भारत में अगर एक महीने का देशव्यापी 'लॉकडाउन' लगा तो जीडीपी में 2% तक की गिरावट आ सकती है। उच्च आर्थिक लागत को देखते हुए अनुमान है कि केंद्र और राज्य सरकारें कोविड-19 की रोकथाम से जुड़े नियमों (मास्क, उचित दूरी आदि) को कड़ाई से लागू कर, रात्रि कर्फ्यू और स्थानीय स्तर पर 'लॉकडाउन' के जरिये इसपर अंकुश लगाने का प्रयास करेंगी।

अगर लॉकडाउन लगा तो क्या होगा?

बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज का कहना है कि कोरोना की वजह से आर्थिक रिकवरी की स्पीड कुछ कम हो सकती है।  अगर एक महीने का देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ हुआ तो जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट आ सकती है।

फिच ने भी कहा है कि कोरोना वायरस पर कुछ हद तक काबू पाने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था सामान्य रास्ते पर लौटने लगी थी। “हालांकि हाल के सप्ताह में वायरस तेजी से फैल रहा है। भारत में प्रति व्यक्ति के हिसाब से टीकाकरण अभियान पीछे है।”

यूबीएस ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 11.5 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है। अमेरिकी बैंक सिटी ने आर्थिक ग्रोथ के लक्ष्य को घटाकर 12 फीसदी कर दिया है। भारत की जीडीपी वृद्धि दर पिछले साल की शुरूआत में आयी माहामारी से पहले से घट रही थी।

यूबीएस ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए रीयल जीडीपी के अनुमान को सालाना आधार पर 10 फीसदी (पहले 11.5 फीसदी) करते हुए कहा, अगर आने वाले सप्ताह में वायरस को काबू में आ जाता है, तो रिकवरी वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही से ही जोर पकड़ेगी।

सिटी रिसर्च ने कहा कि हालांकि पिछले साल के मुकाबले पाबंदियां उतनी कड़ी नहीं है, लेकिन कोविड मामले में तेजी से वृद्धि चिंता का कारण है। सिटी ने कहा कि अगर कोविड की स्थिति को नियंत्रण में नहीं लाया गया तो पिछले साल की तरह आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में कई संशोधन किए जा सकते हैं।

उठाना चाहते हैं हाईकिंग का आनंद, तो इन जगहों पर जाएं

18-Apr-2021

अगर आप हाईकिंग की प्लानिंग कर रहे हैं, तो उत्तराखंड की यात्रा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि हाईकिंग के लिए उत्तराखंड में कहां-कंहा जा सकते हैं-

बिनसर :- यह शहर कुमाऊं क्षेत्र में स्थित है। स्थानीय भाषा में बिनसर का तात्पर्य प्रातःकाल है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 2420 मीटर है। हाईकिंग के लिए सबसे उत्तम स्पॉट है। यहां से आप हिमलाय की चोटियों (नंदा देवी, नंदा कोट, पंचाचूली और चौखम्बा) का दीदार कर सकते हैं।

चोपता : चोपता को उत्तराखंड का स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यह खूबसूरत गांव आज भी भीड़ से दूर है। सुबह के समय जब सूर्य की किरणें हिमालय को चूमती है, तो चोपता गांव की खूबसूरती दुगुनी हो जाती है। यहां कई हाईकिंग स्पॉट्स हैं, जो जंगल से होकर गुजरती हैं। इस दौरान आप प्रकृति को नजदीक से देख सकते हैं। 

बाणासुर का किला, चंपावत : अगर आप हाईकिंग का उठाना चाहते हैं, तो बाणासुर का किला की यात्रा कर सकते हैं। यह किला चंपावत जिले में है। यह खूबसूरत किले का निर्माण बाणासुर की याद में बनाया गया था। ऐसा कहा जाता है कि बाणासुर वानर राजा बलि का बेटा था, जिसका वध भगवान श्रीकृष्ण जी ने किया था। बाणासुर का किला हाईकिंग के लिए परफेक्ट डेस्टिनशन है।

जार्ज एवरेस्ट हाउस,  मसूरी : मसूरी के गांधी चौक से जार्ज एवरेस्ट हाउस की दूरी 6 किलोमीटर है। पर्यटकों के लिए हिल स्टेशन पर जार्ज एवरेस्ट हाउस आकर्षण का केंद्र है। यह जगह बेहद खूबसूरत और अनादप्रद है। साथ ही हाईकर्स के लिए जार्ज एवरेस्ट हाउस मुख्य केंद्र है। जार्ज एवरेस्ट हाउस से आप दून घाटी का दीदार कर सकते हैं।

दुनियाभर में पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र है जयपुर, इन जगहों पर जरूर जाएं

17-Apr-2021

राजस्थान की राजधानी जयपुर को गुलाबी नगरी नाम से भी जाना जाता है। इस नगर में सुंदर नगरों, हवेलियों और किलों की भरमार है। जयपुर का अर्थ है - जीत का नगर। इसे कुशवाह राजपूत राजा सवाई जय सिंह, द्वितीय ने 1727 में बसाया था। उस समय का यह प्रथम नगर था जो योजनाबद्ध ढ़ंग से बसाया गया था। इसका ख़ाका तैयार किया था वास्तु शिल्पी विद्याधर भट्टाचार्य ने।

जंतर मंतर (Jantar Mantar) : सिटी पैलेस से कुछ दूरी पर स्थित है, जयपुर का जंतर मंतर। यह एक पत्थर की वेगशाला है। यह जयसिंह की पाँच वेगशालाओं में से सबसे विशाल है। इसके जटिल यंत्र, इसका विन्यास व आकार वैज्ञानिक ढंग से तैयार किया गया है। यह मध्ययुगीन भारत के खगोल विज्ञान के उच्च सूत्रों का प्रतिनिधित्व करतें है। इनमें सबसे प्रभावशाली रामयंत्र है जिसका उपयोग ऊंचाई नापने के लिए किया जाता है। जंतर मंतर परिसर में सवाई जय सिंह द्वारा तारों की गणना करने में उपयोग करने वाले कई उपकरण रखें हैं।

हवा महल (Hawa Mahal) : ईसवी सन् १७९९ में निर्मित हवा महल राजपूतो का मुख्य प्रमाण चिन्ह है। यह जयपुर की पहचान भी है। पुरानी नगरी की मुख्य गलियों के साथ यह पाँच तलीय भवन गुलाबी रंग में अर्धअष्टभुजाकार और परिष्कृत छतेदार बलुए पत्थर की खिड़कीयों से सुसज्जित है। शाही घरानों की स्त्रियां नगर का दैनिक जीवन व नगर के जुलूस देख सके इसी उद्देश्य से इस भवन की रचना की गई थी। यहाँ से नगर का अच्छ दृश्य दिखता है। इस महल को इस प्रकार बनाया गया है, की अंदर से बाहर तो देखा जा सकता है, लेकिन बाहर से अंदर नहीं।

गोविंद देवजी का मंदिर (Govind Devji Temple) : भगवान कृष्ण का जयपुर का सबसे प्रसिद्ध बिना शिखर का मंदिर। यह चन्द्र महल के पूर्व में बने जन निवास बगीचे के मध्य अहाते में स्थित है। संरक्षक देवता गोविंदजी की मुर्ति पहले वृंदावन के मंदिर में स्थापित थी जिसको सवाई जय सिंह द्वितीय ने अपने परिवार के देवता के रूप में यहाँ पुनः स्थापित किया था।

जयगढ़ का किला (Jaigarh Fort) : अगर जयपुर में घूमने के स्थानों की बात हो और उसमें जयगढ़ के किले का नाम ना लिया जाए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। समुद्र तल से 500 फीट की ऊंचाई पर खड़ा यह 18 वीं सदी का किला एक ताज की तरह अरावली पर्वतमाला में ईगल की पहाड़ी को सुशोभित करता है। यह इस देश के शासकों के लिए तोपखाने के उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र था। जयगढ़ किले का एक मुख्य आकर्षण जयवाना तोप है, जो कभी पहियों पर दुनिया की सबसे बड़ी तोप थी।

वेकेशन में इन जगहों पर घूमने जाएं, आएगा बेहद मजा

16-Apr-2021

अगर आप इस वीकेंड किसी शांत जगह पर अपने दोस्तों और फैमिली के साथ सुकून के पल बिताना चाहते हैं तो तैयार हो जाइए। यहां हम आपको  के ऐसी जगहों के बारे में बता रहे हैं जहां आपको इस वीकेंड जरूर जाना चाहिए।

मुन्नार, केरल : केरल में मुन्नार एक ऐसी जगह है, जहां पर आप साल के किसी भी महीने में घूमने का लुत्फ उठा सकते हैं। लेकिन सर्दी के मौसम में आप यहां पर ट्रेकिंग, रैपलिंग और रॉक क्लाइम्बिंग जैसी कई मजेदार एक्टिविटीज कर सकते हैं।

शिमला, हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश का शिमला शहर आपकी विंटर वेकेशन लिस्ट में जरूर शामिल होना चाहिए। इसे क्वीन ऑफ हिल्स के रूप में भी जाना जाता है और दिसंबर से फरवरी तक सर्दियों में यहां घूमने का अपना एक अलग ही मजा है। यहां पर आप आइस स्केटिंग से लेकर देवदार के पेड़ों के बीच घूमने का भरपूर आनंद उठा सकते हैं।

कच्छ का रण, गुजरात : दुनिया के सबसे बड़े नमक रेगिस्तान में हर साल सर्दियों में लाखों लोग यहां पर आते हैं। कच्छ के रण में 7,505 वर्ग मील लंबा थार रेगिस्तान में पूर्णिमा की रात में यहां का एक अलग ही दृश्य नजर आता है। वैसे कच्छ का रण अपने कच्छ उत्सव के लिए भी काफी प्रसिद्ध है, जिसे 'रण उत्सव' के नाम से भी जाना जाता है और जिसे सर्दियों में आयोजित किया जाता है। इस उत्सव में पारंपरिक व्यंजनों, खरीदारी, लोक नृत्यों और सांस्कृतिक प्रदर्शनों से लेकर कला, हस्तशिल्प, स्टार गेजिंग, रेगिस्तान सफारी और कई अन्य गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है।

देश में बद से बदतर हो रहे हालात, बढ़ते कोरोना मामले चिंता का विषय- स्वास्थ्य मंत्रालय

31-Mar-2021

नई दिल्ली,इंडिया भारत में एक बार फिर कोरोना के हर दिन 50-60 हजार के बीच नए केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में सरकार और चिकित्सा विशेषज्ञों चिंता बढ़ गई है। महाराष्ट्र कोरोना से सबसे बेहाल है, जहां रोजाना सामने आने वाले मामले 40 हजार को भी पार कर चुके हैं।

इस बीच कोरोना के बढ़ते मामलों पर सरकार ने चिंता जताई है और कहा है कि पूरा देश जोखिम में है। सरकार की तरफ से कहा गया कि कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी स्थिति ‘बद से बदतर हो रही है’ और यह खास तौर पर कुछ राज्यों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

हालत यह है कि अब केंद्र सरकार ने भी मान लिया है कि देश में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं और तेजी से बढ़ता संक्रमण सबसे बड़ी चिंता का कारण है। मंत्रालय ने सभी राज्यों से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा, ‘भले ही कुछ ही जिलों में अभी गंभीर स्थिति है, लेकिन पूरा देश जोखिम में है। वायरस को रोकने और जिंदगियां बचाने के लिए सभी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।’

भारत में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति

भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 56,211 नए मामले सामने आए और 271 मरीजों की मौत हुई है। इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 1,20,95,855 हो गई है। इनमें से 1,62,114 लोगों को इस खतरनाक वायरस के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 5,40,720 हो गई है। बता दें कि देश में बीते कई दिनों से सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

कोरोना महामारी को लेकर आज पीएम मोदी करेंगे राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग वर्चुअल बैठक

17-Mar-2021

भारत में कोरोना वायरस की महामारी की दूसरी वेव आए दिन गंभीर आंकड़े दिखा रही है। मंगलवार को महाराष्ट्र में 17 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र को केंद्र सरकार ने दूसरी वेव की शुरुआत बताया है। हालात को देखते हुए न सिर्फ राज्य में बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में जरूरी कदम उठाए जाने लगे हैं।

रोजाना दर्ज किए जाने वाले आंकड़े एक बार फिर 20 हजार को पार कर गए हैं। अब तक देश के 20 से ज्यादा जिलों में नाइट कर्फ्यू या लॉकडाउन का ऐलान हो चुका है।

इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक बार फिर बुधवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात में लॉकडाउन (Lockdown) और नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) जैसे कई पाबंदियां लगा दी हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों संग बैठक में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए कई और सख्त प्रतिबंधों पर बात हो सकती है। यानी कुछ और इलाकों में लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू और लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि इसका फैसला तो आज होने वाली बैठक के बाद ही होगा।

BMC ने अपने अधिकारक्षेत्र में आने वाले स्कूलों से 17 मार्च से 50% रोटेशनल अटेंडेंस नियम लागू करने को कहा है। शिक्षक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स पर पढ़ाई कराएंगे और घर से काम करेंगे। गुजरात में अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में नाइट कर्फ्यू का वक्त दो घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है। अब यहां रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक होगा जो पहले रात 12 बजे से शुरू होता था।

यदि कोई यात्री मास्क सही से नहीं पहनता है उसे फ्लाइट से उतार दिया जाए, डीजीसीए का बड़ा फैसला

16-Mar-2021

नई दिल्ली,इंडिया। विमानन क्षेत्र के नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमान यात्रियों के लिये कोरोना संबंधी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिये सभी कंपनियों से शनिवार को कहा कि वे बार-बार चेतावनी के बाद भी सही से मास्क नहीं पहनने वाले लोगों को उड़ानों से उतार दें।

डीजीसीए ने शनिवार को जारी एक परिपत्र में हवाईअड्डा परिचालकों से भी कहा कि वे यात्रियों के द्वारा सही से मास्क पहनने तथा सामाजिक दूरी का पालन किया जाना सुनिचित करें। डीजीसीए ने कहा, ऐसा संज्ञान में आया है कि हवाई यात्रा करने वाले कई यात्री कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का सही से पालन नहीं कर रहे हैं। इसमें सही से मास्क नहीं पहनना भी शामिल है।

नियामक ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले यात्रियों को अनियंत्रित मानने का भी निर्देश दिया है। नियामक ने यह दिशानिर्देश ऐसे समय जारी किया है, जब देश के कुछ हिस्सों में कोरोना के मामले पुन: बढ़ने लगे हैं।

डीजीसीए ने कहा, यदि कोई यात्री बार-बार चेतावनी दिये जाने के बाद भी सही से मास्क नहीं पहनता है, तो उसे उड़ान से उतार दिया जाना चाहिये। विमान के उड़ान भरने के बाद यदि कोई यात्री मास्क सही से नहीं पहनता है या सामाजिक दूरी का पालन नहीं करता है, तो उसे अनियंत्रित यात्री माना जाना चाहिये।

अक्टूबर 2021 तक वैश्विक बॉन्ड सूचकांक में शामिल होगा भारत

13-Mar-2021

नई दिल्ली,इंडिया।  भारत अक्टूबर 2021 तक वैश्विक बॉन्ड सूचकांक में शामिल होगा, जिससे भारतीय बॉन्ड के लिए पहली बार दुनिया के शीर्ष बेंचमार्क के रास्ते भी खुल जाएंगे। भारत 2019 से ही वैश्विक बॉन्ड सूचकांक मेें शामिल होना चाह रहा था, ताकि विदेशी बाजारों से बॉन्ड के जरिए फंड जुटाना आसान हो। वैसे तो उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों में भारत का बॉन्ड बाजार सबसे बड़ा है। भारत का बॉन्ड बाजार अभी करीब 800 अरब डॉलर का है।

सूत्रों का कहना है कि भारत द्वारा आगामी वित्त वर्ष (1 अप्रैल से शुरू) में सूचीबद्घता पूरी किए जाने की उम्मीद थी, क्योकि इससे उसे उधारी लागत नीचे लाने में मदद मिलेगी, जो हाल के सप्ताहों में तेजी से बढ़ी है। सरकार ने कोविड-19 महामारी से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था को मंदी से निकालने के लिए आगामी वित्त वर्ष में अपने उधारी कार्यक्रम के वित्त पोषण के लिए 165.24 अरब डॉलर के बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई है। सूचकांक प्रदाता का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने कहा, 'सूचकांकों पर सितंबर में विचार किया जाएगा। हम उनकी कई चिंताओं पर बातचीत की है और हम अन्य समस्याओं को सुलझाने में भी सक्षम हो सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'हम सितंबर या अक्टूबर में कम से कम एक प्रमुख सूचकांक में इसके शामिल होने की संभावना है।' हालांकि उन्होंने कहा कि वास्तविक सूचीबद्घता में लंबा समय लग सकता है और यह कार्य वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले पूरा नहीं होगा। वित्त मंत्रालय और केंद्रीय बैंक आरबीआई ने इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है।

पिछले साल सितंबर में, जेपी मॉर्गन ने निवेशकों द्वारा पूंजी नियंत्रण, निपटान और अन्य परिचालन संबंधित समस्याएं बताए जाने के बाद भारत के सरकारी बॉन्डों को अपने प्रमुख उभरते बाजार सूचकांकों में से एक में शामिल नहीं किया था। दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भारत भारतीय बॉन्डों के निपटान के लिए यूरोक्लियर के साथ बातचीत के अंतिम चरण में था और यह बॉन्ड सूचीबद्घता के लिए अग्रगामी हो सकता है, क्योंकि इससे निवेशकों की कई चिंताएं दूर हो जाएंगी।

PM MODI आज भारत और बांग्लादेश के बीच करेंगे Maitri Setu का उद्घाटन, व्यापार बढ़ने के साथ देश को होंगे ये फायदे

09-Mar-2021

नई दिल्ली,इंडिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत और बांग्लादेश के बीच फेनी नदी पर बने सेतु का उदघाटन करेंगे। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंगलवार दोपहर 12 बजे इसका उदघाटन करेंगे।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, वह कार्यक्रम के दौरान त्रिपुरा में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। बता दें कि भारत और बांग्लादेश के मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक के रूप में इस पुल को मैत्री सेतु का नाम दिया गया है। 1.9 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत में सबरूम और बांग्लादेश के रामगढ़ को जोड़ेगा। पीएमओ ने बताया कि इस पुल का निर्माण 133 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड द्वारा किया गया है। इस पुल के साथ भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही के लिए एक नया अध्याय शुरू होगा।

इस पुल के शुरू होने से त्रिपुरा 'गेटवे ऑफ नॉर्थ ईस्ट' बनने की दिशा में कदम बढ़ायेगा, क्योकिं यह बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह मात्र 80 किमी दूर है। इस पुल का निर्माण साल 2017 में शुरू किया गया था और 2020 में पूरा होना था, लेकिन कोरोना महामारी (Coronavirus) के कारण इसमें देरी हुई। पुल के उद्घाटन के बाद प्रधान मंत्री सबरूम में एक एकीकृत चेक पोस्ट की भी आधार शिला रखेंगे।

बता दें कि परियोजना का उद्देश्य दोनों देशों के बीच माल और यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाना है, उत्तर-पूर्व राज्यों के उत्पादों के लिए नए बाजार के अवसर प्रदान करना और भारत और बांग्लादेश से यात्रियों की निर्बाध आवाजाही में सहायता करना है।'मैत्री सेतु' भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है।

देश में 50% तक पहुंचा कोरोना वैक्सीनेशन

28-Feb-2021

नई दिल्ली,इंडिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में स्वास्थ्यकर्मियों तथा अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को कोरोना वायरस रोधी टीके की अब तक 1.37 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है। शुक्रवार शाम छह बजे तक की अस्थायी रिपोर्ट के अनुसार अब तक देश में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने के 41 दिन बाद अभियान 50% तक पहुंचा। देश में 1.42 करोड़ से अधिक लोगों को टीका लगा। 26 फरवरी तक 1,17,88,669 कर्मचारियों को पहली और 24,53,878 स्वास्थ्य कर्मचारियों को दूसरी खुराक लगी। बता दें 66,68,974 स्वास्थ्य कर्मचारी और 51,19,695 फ्रंटलाइन वर्कर्स अब तक कोरोना टीका की पहली खुराक ले चुके हैं। जबकि 24.53 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को दूसरी खुराक भी लग चुकी है। चूंकि एक से दूसरी खुराक देने में कम से कम 28 दिन का अंतर होना जरूरी है। इसलिए अगले माह से फ्रंटलाइन वर्करों को भी दूसरी खुराक देने का वक्त आ जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भारत बनेगा दुनिया की ज्ञान की राजधानी- केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल

27-Feb-2021

नई दिल्ली,इंडिया केंद्रीय रेल, वाणिज्य तथा उद्योग, उपभोक्ता कार्य तथा खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नवाचार, उद्यमशीलता और कौशल विकास पर बल दिया गया है।  इससे भारत दुनिया की ज्ञान की राजधानी के तौर पर बनकर उभरेगा। श्री गोयल फिक्की उच्च शिक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति हमारे बच्चों को शिक्षित करने के तरीके को बदल देगी।

शिक्षा और ज्ञान को बढ़ाने की लालसा इस पहल को नया बल देगी जिससे भारत विश्व का ज्ञान राजधानी बनेगा। श्री गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से हमें इस बात का गर्व है कि प्रत्येक बच्चा शिक्षा का अधिकार रखता है और उसे समान रूप से गुणवत्ता संपन्न शिक्षा मिल रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञान एक अद्भुत खजाना है। उन्होंने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण सीखने, ज्ञान बढ़ाने तथा अपने ज्ञान को समाज के साथ साझा करने का क्षण है। उन्होंने कहा कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह नीति तैयार की गई है और इसलिए इसे व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है।

श्री गोयल ने कहा कि यदि हम व्यक्तित्व विकास पर बल देते हैं, जिम्मेदारी और नैतिक विज्ञान सिखाते हैं तो हम बच्चों को बेहतर नागरिक बनाने के लिए तैयार करे, राष्ट्रवाद की भावना पैदा करें और पढ़ने की आदत विकसित करें। यह हमारे बच्चों को शिक्षित बनाने के तौर-तरीकों को परिभाषित करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को वह स्तर प्राप्त करना होगा जहां विकसित देश का विद्यार्थी भी हमारे देश में पढ़ने आएं। आईआईटी तथा आईआईएम के अतिरिक्त दूसरे संस्थानों में आए। श्री गोयल ने कहा कि यह देश एक साथ मिलकर चमत्कार कर सकता है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र के लोगों से एक होकर काम करने और विश्व के सात बिलियन नागरिकों के लिए रोडमैप तैयार करने को कहा। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में स्कूलों और शिक्षकों के योगदान की सराहना की। श्री गोयल ने कहा कि शिक्षा समानता लाती है, सभी को सशक्त बनाती है और सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद देती है।

PM Kisan योजना के 2 साल पूरे होने पर बोले पीएम मोदी, कहा- किसानों की आय दोगुनी करने, MSP बढ़ाने पर जोर

24-Feb-2021

नई दिल्ली, इंडिया। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दो साल पूरे होने पर आज (बुधवार ,24 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि पीएम किसान निधि (PM Kisan Nidhi) से करोड़ों किसान भाई-बहनों के जीवन में आए बदलाव से हमें उनके लिए और अधिक काम करने की प्रेरणा मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम किसान निधि योजना के दो साल पूरे होने पर कई ट्वीट किए और कहा कि हम किसानों की आय दोगुना करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ट्वीट कर कहा, 'पीएम किसान निधि की लॉन्चिंग को आज दो साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा, अन्नदाताओं के जीवन को आसान बनाने और उनकी आय दोगुनी करने का जो संकल्प देश ने लिया है, उसमें पीएम किसान निधि की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज हमारे किसान आत्मनिर्भर भारत अभियान के भी अभिन्न अंग बन रहे हैं। इस योजना की शुरुआत 2019 में आज ही के दिन हुई थी। इसके तहत सरकार किसानों के बैंक खातों में हर साल 6000 रुपये जमा करती है। सरकार यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के खाते में डालती है। प्रधानमंत्री मोदी ने 25 दिसंबर को पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत वित्तीय लाभ की सातवीं किस्त जारी की थी।

पीएम मोदी ने कहा, 'पिछले 7 सालों में भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को बदलने के लिए कई पहल की हैं। बेहतर सिंचाई से लेकर अधिक प्रौद्योगिकी, अधिक ऋण व बाजार से लेकर उचित फसल बीमा तक, मृदा स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने से बिचौलियों को समाप्त करने के लिए प्रयास शामिल हैं।'

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'हमारी सरकार को एमएसपी में ऐतिहासिक वृद्धि की शुरुआत करने का सम्मान मिला। हम किसानों की आय दोगुना करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। आप किसानों के लिए किए गए कार्यों की एक झलक नमो ऐप (NaMo App) पर देख सकते हैं।

सरकार ने विदेश से आने वाले लोगों के लिए नई गाइडलाइन जारी की, जानें अहम बातें

18-Feb-2021

नई दिल्ली, इंडिया  कोरोना वायरस के नए रूपों के संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार ने विदेशी यात्रियों को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस मद्देनजर बुधवार को विदेश से आने वाले लोगों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। बताया गया कि यह नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) 22 फरवरी की रात 23 बजकर 59 मिनट से आगामी आदेश आने तक लागू रहेगी।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि कई देशों में सॉर्स-सीओवी-2 के नए स्वरूपों का संक्रमण फैलने के मद्देनजर, नागर विमानन मंत्रालय ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श के बाद विदेशों से आने वाले लोगों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। ब्रिटेन, यूरोप और पश्चिम एशिया से आने वाली उड़ानों से आ रहे सभी यात्रियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने 28 फरवरी तक निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया है।

 नई गाइडलाइन

  • -नए दिशानिर्देशानुसार ब्रिटेन, यूरोप और पश्चिम एशिया से आ रहे यात्रियों के अलावा अन्य देशों से आने वाले यात्रियों को अपनी तय यात्रा से पहले एयर सुविधा पोर्टल पर स्व-घोषणा पत्र भरना होगा और कोविड-19 से संक्रमित नहीं होने की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी।
  • -परिवार के किसी शख्स की मौत की वजह से भारत आ रहे यात्रियों को इससे छूट दी जाएगी, मगर इस छूट के लिए उन्हें ऑनलाइन आवेदन देना होगा।
  • -मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटेन, यूरोप और पश्चिम एशिया से आने वाले यात्रियों को भी इन दिशानिर्देशों का पालन करना होगा, हालांकि उनके लिए जांच और उन्हें पृथक रखने संबंधी दिशानिर्देश अलग से जारी किए गए हैं।

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