Friday,29 October 2021   12:06 am

गोवा की यात्रा के दौरान इन वाटर स्पोर्ट्स में उठाएं एडवेंचर का लुत्फ

20-Oct-2021

गोवा वॉटर स्पोर्ट्स के लिए सबसे खूबसूरत जगह है। गोवा में होने वाले वाटर स्पोर्ट्स ने हमेशा पर्यटकों और साहसिक काम करने वाले लोगों को आकर्षित किया है। भारत की समुद्र तट राजधानी गोवा यहां के कई वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए काफी फेमस है। यहाँ पर आप काईट सर्फिंग, बनाना राइड्स, स्नोर्केलिंग, पैरासेलिंग और पैराग्लाइडिंग, स्कूबा डाइविंग, जेटस्की बंपर राइड, कयाकिंग और कई साहसिक खेलों का मजा ले सकते हैं।

अगर आप पानी खेलो के सौखीन हो तो गोवा के वॉटर स्पोर्ट्स आप को रोमांच की एक अलग दुनिया में ले जायेंगे। आइये आज हम यहाँ इस आर्टिकल में उन सब के बारे में विस्तार से जानतेे है।

स्पीड बोटिंग (Speed ​​Boating): अगर आप गोवा घूमने गए हैं लेकिन आपने स्पीड बोटिंगकी सैर नहीं की, तो यकीनन आपकी गोवा की ट्रिप अधूरी है। हालांकि, यह अन्य राइडर्स के मुकाबले ज्यादा खतरनाक नहीं है। इस राइड में आप 15-20 मील प्रति घंटे की स्पीड से पानी के बीच खूबसूरत दृश्यों का लुत्फ उठा सकते हैं। साथ ही, इस राइड का लुत्फ आप अकेले नहीं बल्कि कई लोगों के साथ मिलकर उठा सकते हैं। आपको बता दें कि इस स्पीड बोट में केवल 8 लोगों को ही बैठने की अनुमति है।

रिंगो राइड (Ringo Ride): गोवा में आप रिंगो राइडिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं। आपको बता दें कि यह गोवा की सबसे लोकप्रिय राइड्समें से एक है, जिसे टयूबिंग के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, यह राइड थोड़ी खतरनाक है इसलिए इसमें बच्चों को बैठने की अनुमति नहीं है। लेकिन आप घबराए नहीं क्योंकि इस राइड का लुत्फ उठाने से पहले आपको पूरे दिशानिर्देश बताए जाएंगे।

पैरासेलिंग (Parasailing ): गोवा में जेट स्की राइड के अलावा आप पैरासेलिंग करने का प्लानबना सकते हैं। (भारत की इन पांच जगहों पर करें पैराग्लाइडिंग) अगर आप थोड़े साहसी टाइप के हैं, तो यह जगह आपके लिए एकदम परफेक्ट है। इस वाटर राइड में आपको एक नाव की मदद से आकाश में उड़ाया जाता है। कई लोग इस राइड को डर की वजह से करते ही नहीं हैं, तो उन लोगों को बता दें कि इस राइड को करने से आपको कोई खतरा नहीं है। क्योंकि इस राइड के चारों ओर सेफ्टी के लिए फ्लायर लगा दिया जाता है ताकि कोई गिर ना सके। साथ ही, इसका दूसरा छोर मोटर बोट से बंधा होता है। इसलिए आप इस राइड का लुत्फ बिना किसी डर के उठा सकते हैं।

स्कूबा डाइविंग (Scuba Diving): स्कूबा डाइविंग की मदद से गोवा के नीले-गहरे पानी में समुद्री दुनिया का पता लगाना आपकी यात्रा को खास बनाने का सबसे अच्छा तरीका है। यहां स्कूबा डाइविंग की मदद से आप मन-सुन्न सुंदर प्रवाल भित्तियों और समुद्री शैवाल की खोज कर सकते हैं इसके अलावा कई आकर्षक और रंगीन मछलियों को उनके घरों में देख सकते हैं। यहां स्कूबा डाइविंग करने से पहले आपको एक प्रशिक्षको द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है। जब आप पानी की दुनिया में अपने आप को ढालने में सक्षम हो जाते हैं तो फिर आप यहां स्कूबा डाइविंग का मजा ले सकते हैं। इस साहसिक पानी के खेल को करने के लिए आपको उचित बॉडी गियर और साँस लेने के उपकरण भी दिए जाते हैं जो आपको आरामदायक सांस लेने में मदद करते हैं। गोवा में स्कूबा डाइविंग 5500 रूपये प्रति व्यक्ति से शुरू होती है।

 

केजरीवाल बोले- युवाओं को नौकरियों में मिलेगा 80% कोटा और 3,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता

21-Sep-2021

गोवा में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को गोवा में रोजगार से संबंधित कई लोक-लुभावने वादे किए। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी अगर सत्ता में आती है तो गोवा के हर घर में एक युवा को रोजगार देने की व्यवस्था करेगी। जब तक बेरोजगार युवाओं को नौकरी नहीं मिलती, उन्हें 3,000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए निजी क्षेत्र की नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया है। 

केजरीवाल ने कहा कि युवाओं ने मुझसे कहा कि अगर कोई यहां सरकारी नौकरी चाहता है तो उसकी किसी मंत्री या विधायक से जान-पहचान होनी चाहिए। गोवा में बिना रिश्वत/सिफारिश के सरकारी नौकरी पाना संभव नहीं है। हम इस व्यवस्था को खत्म कर देंगे। गोवा के सभी युवाओं का यहां सरकारी नौकरियों पर अधिकार होगा। हम गोवा के हर घर में नौकरी लायक एक युवा को नौकरी देने की व्यवस्था करेंगे। इसके अतिरिक्त, अरविंद केजरीवाल ने एक कानून लाने का वादा किया, जिसके अनुसार निजी क्षेत्र में 80 प्रतिशत नौकरियां गोवा के युवाओं के लिए आरक्षित होंगी। सरकारी नौकरियां पहले से ही स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित हैं।
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा कि गोवा के लोगों को डर है कि खनन की नीलामी के बाद बाहर के लोगों को यहां नौकरी मिल जाएगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि खनन में 80 फीसदी नौकरियां गोवा के लोगों के लिए आरक्षित हों। चूंकि कोरोना महामारी और खदानों के बंद होने से पर्यटन और खनन उद्योगों को काफी नुकसान हुआ है, इसे देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने इन व्यवसायों में लगे परिवारों के लिए भी 5,000 रुपये मासिक भत्ता देने का वादा किया है, जब तक कि उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो जाता। केजरीवाल ने कहा कि हम गोवा में एक स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी बनाएंगे, जहां 12वीं के बाद बच्चे अपना पसंदीदा कौशल सीख सकेंगे ताकि वे रोजगार के लायक बन सकें।

Amazon ने चीनी लोगों को दिया जोरदार झटका! 600 ब्रांड्स को हमेशा के लिए किया Ban, जानिए क्या थी वजह

19-Sep-2021

अमेज़ॅन पर चीनी ब्रांडों को एक बड़ा झटका लगा जब अमेज़ॅन ने उन्हें अपने मंच से हटाने का आह्वान किया। द वर्ज की एक रिपोर्ट के अनुसार, पांच महीने की वैश्विक कार्रवाई के बाद, अमेज़न ने 600 चीनी ब्रांडों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेजन का कहना है कि ये ब्रांड अमेज़ॅन की नीतियों का उल्लंघन कर रहे थे - जो समीक्षा दुरुपयोग के आसपास थे।

इन ब्रांड्स ने अमेजन की रिव्यू पॉलिसी के साथ छेड़छाड़ की थी।  ये चीनी ब्रांड्स अपने ग्राहकों को अच्छे रिव्यूज के बदले में अमेजन के गिफ्ट कार्ड्स दे रही थीं।  वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में पहले बताया गया था कि कैसे कुछ चीनी ब्रांडों ने सकारात्मक समीक्षाओं के बदले उपभोक्ताओं को उपहार कार्ड की पेशकश की। द वर्ज को दिए एक बयान में, कंपनी ने कहा, “अमेज़ॅन हमारे स्टोर में एक शानदार अनुभव बनाने के लिए कड़ी मेहनत करता है ताकि ग्राहक विश्वास के साथ खरीदारी कर सकें और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच विक्रेताओं को अपना व्यवसाय बढ़ाने का अवसर मिले। ग्राहक सूचित खरीदारी निर्णय लेने के लिए उत्पाद समीक्षाओं की सटीकता और प्रामाणिकता पर भरोसा करते हैं और हमारे पास समीक्षकों और बिक्री भागीदारों दोनों के लिए स्पष्ट नीतियां हैं जो हमारी सामुदायिक सुविधाओं के दुरुपयोग को प्रतिबंधित करती हैं। हम दुनिया में कहीं भी हों, इन नीतियों का उल्लंघन करने वालों को निलंबित, प्रतिबंधित और कानूनी कार्रवाई करते हैं।"

अमेजन ने अगर कोई उनकी पॉलिसीज के खिलाफ जाएगा तो वे उसे बैन भी करेंगे और अगर जरूरत लगी तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।  

अमेजन ने साफ शब्दों में यह भी कहा है कि उनका यह कदम केवल चीन के खिलाफ नहीं है और इसे देश के खिलाफ एक साजिश न समझा जाए।  अमेजन पूरी दुनिया में इस कैम्पैन को लागू कर रहा है और वह हर उस ब्रांड को सजा देगा जो गलत होगा, वह किस देश में है इस बात से कोई अंतर नहीं पड़ेगा।

हवाई शक्ति मजबूत करने के लिए रॉकेट फोर्स बनाने पर विचार कर रहा भारत- जनरल रावत

17-Sep-2021

नई दिल्ली (इंडिया) राष्ट्र सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल विपिन रावत ने बुधवार को कहा कि भारत रॉकेट फोर्स तैयार करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, उन्होंने इस योजना पर विस्तार से जानकारी नहीं दी है। पड़ोसी देशों की तरफ से खतरों की आशंका जताते हुए जनरल रावत ने कहा, "हमें तैयार रहने की जरूरत है और साथ मिलकर यह काम हो सकता है।"

CDS ने कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सशस्त्र बलों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना अहम है।

उन्होंने कहा कि कूटनीति, सूचना, सेना और आर्थिक कौशल के बाद तकनीक राष्ट्रशक्ति का पांचवां स्तंभ है और तीनों सेनाओं को भविष्य की चुनौतियों से पार पाने के लिए तकनीक की अहमियत को समझना होगा।

अपने संबोधन में उन्होंने सेना के सामने चुनौतियों, सेना में सुधार और सुरक्षा के मामले पर विस्तार से विचार रखे थे।

अफगानिस्तान के मौजूदा हालात पर बोलते हुए जनरल रावत ने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि तालिबान इतना जल्दी देश पर कब्जा कर लेगा।

उन्होंने कहा, "सिर्फ वक्त ही बता पाएगा कि क्या होगा। हमें इंतजार करना चाहिए। हमें नहीं पता कि भविष्य में अफगानिस्तान में क्या होने वाला है। अभी यहां और उथल-पुथल हो सकती है और ऐसे बदलाव हो सकते हैं, जो अभी तक किसी ने सोचे नहीं हैं।"

Gold-Silver Price Today: आज फिर कम हुआ सोना-चांदी का दाम, यहां देखें 10 ग्राम गोल्ड का रेट

04-Sep-2021

नई दिल्ली (इंडिया) भारतीय बाजार में आज सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को साने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. इसके चलते निवेशक बुलियन मार्केट से पैसा निकालकर शेयर मार्केट में लगा रहे हैं। इस वजह से सोने और चांदी में मंदी की स्थिति बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में भी कुछ कमजोरी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा बाजार में सोना ऊपर में 1814 नीचे में 1808 डालर प्रति ओंस और चांदी ऊपर में 24.00 नीचे में 23.72 डालर प्रति ओंस पर पहुंच गई। घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी में ग्राहकी का सपोर्ट नहीं मिलने से कीमतों में गिरावट रही। सोना करीब 75 रुपये टूटकर 48575 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 600 रुपये घटकर 64850 रुपये प्रति किलो रह गई।

सोना 80.0 रुपये की गिरावट के साथ 48,070.0 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। 2 सितंबर को भाव 48,150.0 रुपये पर बंद हुआ था। चांदी 230.0 रुपये गिर कर 230.0 रुपये प्रति किलोग्राम पर बोली गई। पिछला बंद भाव 65,040.0 रुपये प्रति किलोग्राम का था। गहने खरीदते समय हॉलमार्क का विशेष ध्यान रखें। हॉलमार्किंग से इस बात की गारंटी होती है कि जो सामान दुकानदार ने ग्राहक को बेचा है, वह उतने ही कैरेट का है, जिनता आभूषण पर लिखा है। हॉलमार्किंग भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम के तहत होती है।

लॉकडाउन में समाप्त हुये रेलवे पास पर कर सकेंगे सफर, करना होगा सिर्फ ये काम

03-Sep-2021

नई दिल्ली (इंडिया)  कोरोना महामारी के चलते पिछले साल मार्च में ही रेल सेवा पूर्ण रूप से बंद कर दी गई थी। उसके बाद रेलवे ने सीमित संख्या में पैसेंजर (Passenger Trains) तथा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों (Mail/Express Trains) का परिचालन शुरू कर दिया, लेकिन ये अभी भी स्पेशल ट्रेन (Special Trains) की तरह ही चल रहे हैं। स्पेशल ट्रेन का मतलब है सामान्य ट्रेन से ज्यादा किराया। यही नहीं, इस समय रेल प्रशासन अधिकतर पैसेंजर ट्रेनों में भी एक्सप्रेस का ही किराया वसूल रहा है।  इन ट्रेनों में मासिक टिकट (Monthly Seasonal Ticket) या एमएसटी (MST) की सुविधा शुरू नहीं की गई थी। इससे उन्हें हर रोज जनरल टिकट ले कर सफर करना पड़ता था। इससे जेब तो ज्यादा ढीली होती ही थी, रोज रोज टिकट खिड़की के सामने भी समय बिता कर टिकट कटाना पड़ता था। नॉर्दन रेलवे की ओर से अब उन सभी एमसीटी/क्‍यूएसटी धारकों को बड़ी राहत देते हुये अनुमति दी है कि वह पुराने एक्‍यपायर हुये पास पर भी यात्रा कर सकते हैं बशर्तें क‍ि वह कोव‍िड-19 ( Covid-19) लॉकडाउन (Lockdown) की अवध‍ि में एक्‍यपायर हुआ हो।

नॉर्दन रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार की ओर से जारी अधिकृत बयान में स्‍पष्‍ट क‍िया गया है क‍ि जिन रेल यात्रियों के सीजन टिकट की शेष यात्रा अवधि लॉकडाउन के कारण निरस्त हो गई थी, वे उतने दिनों की अवधि की वैधता को फिर से नॉर्दन रेलवे के यूटीएस काउंटरों (UTS counters) से वैध करा सकते हैं। बशर्ते उस अवधि के दौरान उनको यात्रा सेवा देने वाली ट्रेनें कैंसल रही हों अथवा केन्द्र/राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए कोरोना प्रतिबंधों के कारण यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति नहीं थी। सीपीआरओ के मुताबिक 3 स‍ितंबर से यात्रियों के ल‍िये यह सुव‍िधा शुरू हो जाएगी। साथ ही अनारक्षित काउंटरों, एटीवीएम/सीओ-टीवीएम, यूटीएस ऑन मोबाइल के माध्यम से सीजन टिकटों को जारी करने/रिन्युअल की सुविधा उपलब्ध होगी। सीजन टिकट पर यात्रा करने की अनुमति को लेकर जारी आदेशों की प्रत‍ि सभी पांचों ड‍िविजन को भी भेज दी गई है। वहीं यात्रियों को चुन‍िंदा ट्रेनों में ही सफर करने की व्‍यवस्‍था सुन‍िश्‍च‍ित करने के न‍िर्देश भी द‍िये गये हैं।

गाय हमारी संस्कृति का हिस्सा, सरकार इसे राष्ट्रीय पशु घोषित कर दे मूलभूत अधिकार- इलाहाबाद हाईकोर्ट

01-Sep-2021

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान गाय को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी कर दी है।  कोर्ट ने कहा है कि गौरक्षा को किसी भी धर्म से जोड़ने की जरूरत नहीं है।  गाय को अब एक राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए।  केंद्र को इस पर विचार करने की जरूरत है।

काऊ स्लाटर एक्ट के तहत जावेद नाम के व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायाल ने यह सुझाव दिए हैं। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि गाय को मौलिक अधिकार दिए जाने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जब गाय का कल्याण होगा तभी देश का भी कल्याण होगा। गोरक्षा का काम केवल एक धर्म संप्रदाय का नहीं है और न ही गायों को सिर्फ धार्मिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए, बल्कि गाय भारत की संस्कृति है और संस्कृति की रक्षा का कार्य देश के प्रत्येक नागरिक का है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार संसद में बिल लाकर गायों को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दे। कोर्ट ने कहा कि गाय को लेकर संसद जो कानून बनाए उसपर सख्ती से अमल भी कराए।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि जावेद को बेल देने से समाज की शांति भंग हो सकती है।  वैसे भी ये कोई पहली बार नहीं है जब याचिकाकर्ता ने ऐसा अपराध किया हो।  पहले भी गौ हत्या को अंजाम दिया गया है जिस वजह से समाज पर इसका गलत प्रभाव पड़ा है।  इसी बात को ध्यान में रखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती है।  याचिकाकर्ता दोबारा उसी अपराध को अंजाम दे सकता है।

कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि देश में कई गौशालाएं अभी काम कर रही हैं।  लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति दयनीय है।  कोर्ट ने कहा है कि ये देख दुख होता है कि जो लोग 'करते हैं, वो खुद ही बाद में गौ भक्षक बन जाते हैं।

रक्त के थक्के पता लगाने का नया तरीका : वैज्ञानिकों ने दावा; यह जांच एंजियोग्राम से भी बेहतर और सुरक्षित

31-Aug-2021

नई दिल्ली (इंडिया)  अगर आप स्वस्थ शरीर चाहते हैं तो इसके लिए आपको हेल्दी ब्लड की भी जरूरत होती है। कोरोना काल में खून के थक्कों के भी काफी मामले आ रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि खून का शरीर को स्वस्थ रखने में अहम रोल है। इसके गाढ़ा (Thick blood) होने पर ब्लड सेल्स यानी नसों में थक्के बनने लगते हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। आज के दौर में तमाम लोगों को गाढ़े खून की समस्या है और इसके जिम्मेदार कहीं न कहीं हम खुद हैं।

वैज्ञानिकों ने शरीर में रक्त के थक्के पता लगाने के लिए नई जांच विकसित की है। डाई की मदद से देखा जा सकता है कि शरीर के किस हिस्से में रक्त के थक्के जमे हैं। शरीर में रक्त के थक्कों का पता लगना जरूरी है क्योंकि ये हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं। यह रिसर्च करने वाली एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, नई जांच की मदद से हृदय के बाहर मौजूद ब्लड में ब्लड क्लॉट्स देखे जा सके हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है, इन थक्कों को समय पर पहचानकर हार्ट अटैक का खतरा कम किया जा सकता है। टेस्ट का नया तरीका एंजियोग्राम के मुकाबले सुरक्षित है।

एंजियोग्राम में बारीक ट्यूब की मदद से हार्ट के आसपास मौजूद धमनियों में ब्लॉकेज और डैमेज का पता लगाया जाता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि एंजियोग्राम में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा रहता है। हालांकि ऐसे मामले दुर्लभ होते हैं। नए टेस्ट के इस खतरे को भी कम किया जा सकता है।

यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, यह टेस्ट करने पर 80 फीसदी तक खतरनाक रक्त के थक्कों का पता चला। जबकि उन्हीं मरीजों का एंजियोग्राम करने पर मात्र 60 फीसदी ही थक्के देखे गए।

पत्नी की किसी प्रॉपर्टी या ब्याज की कमाई में हिस्सा नहीं ले सकता पति! जानिए क्या कहते हैं MWP एक्ट के नियम

31-Aug-2021

मैरिड वुमेन्स प्रोटेक्शन एक्ट (MWP act) विवाहित महिलाओं की रक्षा के लिए बनाया गया है। यह एक तरह से वेलफेयर या कल्याणकारी कानून है जिसमें महिलाओं के सामाजिक कल्याण से जुड़े अधिकारों का जिक्र है। MWP act सन् 1874 में बनाया गया था। इस कानून का मकसद सैलरी, कमाई, प्रॉपर्टी, निवेश और सेविंग का मालिकाना हक विवाहित महिलाओं को देना है। पत्नी की ऐसी किसी भी कमाई या निवेश पर पति का हक नहीं बनता। MWP act के मुताबिक, पत्नी अगर निवेश, सेविंग, सैलरी या प्रॉपर्टी से किसी तरह का ब्याज पाती है, ब्याज से उसकी कमाई होती है तो पति उसमें हिस्सेदारी नहीं ले सकता। यह नियम इस बात को ध्यान में रखकर बनाया गया कि शादी से पहले महिला को अपने परिवार से कोई प्रॉपर्टी मिलती है तो उसके मालिकाना हक की रक्षा हो सके। महिला को अपने परिजन, रिश्तेदार या क्रेडिटर्स से संपत्ति मिली है और उस पर ब्याज आदि की कमाई होती है तो उस पर पूरा हक शादी के बाद भी उसी का होगा। पति इस पर दावा नहीं कर सकता। यह बात अलग है कि पत्नी अपनी इच्छा से ब्याज की कमाई में पति को हिस्सेदारी दे दे। MWP act की धारा 6 कहती है कि पति अगर कोई इंश्योरेंस पॉलिसी लेता है और उसमें पत्नी और बच्चों को बेनेफिशयरी बनाता है तो पॉलिसी का पूरा डेथ बेनिफिट या बोनस पत्नी और बच्चों को ही दिया जाएगा। इसमें पति के परिवार के किसी सदस्य की हिस्सेदारी नहीं हो सकती। यानी पति की मृत्यु के बाद इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़े सभी वित्तीय लाभ का अधिकार पत्नी और बच्चों को दिए जाते हैं।

Indian Railways: अब ट्रेन में एसी का सफर होगा सस्ता, AC-3 से 8 फीसदी कम होगा AC-3 इकोनॉमी का किराया!

28-Aug-2021

नई दिल्ली (इंडिया) देश के हर तबके के लोग भी अब रेलवे में AC में सफर का लुत्फ उठा सकेंगे। इसके लिए रेलवे मे AC कोच के किराए में कटौती कर दी है। AC3 Economy Class में यात्रियों के लिए किराया करीब तय हो गया है। सामान्य AC -3 टियर के मुकाबले 8 फीसदी सस्‍ता होगा। जिससे स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले लोग इस नई कैटेगरी के कोच की ओर आकर्षित हो सकेंगे। प्रीमियम सुविधाओं से लैस इस नई कैटेगरी श्रेणी के AC कोच (AC Coaches) में यात्रा के साथ एक नये युग की शुरुआत होगी।

एसी3 इकोनॉमी क्लास कोचों में कुछ ख़ास सुविधाएं रखी गई हैं।  रेलवे ऐसे कोच को ट्रेनों में लगाने जा रहा है।  इसके लिए ट्रेनों से स्लीपर क्लास के कोच कम किए जाएंगे।  भविष्य में गरीब रथ ट्रेनों में भी एसी-3 इकॉनोमी कोच ही इस्तेमाल किए जाएंगे।  इसका मकसद स्लीपर क्लास के मुसाफिरों को कम किराये में एसी क्लास में सफर का मौका देना है।

फिलहाल कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में एसी3 इकॉनोमी क्लास के 50 कोच तैयार किए गए हैं।  ये कोच देशभर में अलग-अलग रेलवे ज़ोन को भेजा गया है।  अभी इन्हें अलग-अलग ट्रेनों में लगाने की योजना तैयार की जा रही है।  रेलवे इस साल एसी-3 इकॉनोमी के 800 कोच तैयार करने जा रहा है।  इनमें 300 कोच इंटिग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई, 285 कोच मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली और  177 रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में तैयार किए जाएंगे।

भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ा, बना दुनिया का दूसरा सबसे आकर्षक मैन्युफैक्चरिंग सेंटर, जानें पहले नंबर पर है कौन?

25-Aug-2021

कोरोना के इस दौर में भारत ने अमेरिका को मैन्युफैक्चरिंग के मामले में पीछे धकेल दिया है। जानकारी के मुताबिक, भारत ने अमेरिका को तीसरे नंबर पर धकेला है। मेक इन इंडिया अभियान और कारोबारी सुगमता जैसे बड़े सुधारवादी कदमों से विनिर्माण क्षेत्र में भारत दुनिया का दूसरा सबसे पसंदीदा हब बना।

रियल एस्टेट सलाहकार कुशमैन एंड वेकफीलल्ड के मुताबिक, चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे पसंदीदा मैन्युफैक्चरिंग हब बन गया है।

वहीं, वैश्विक विनिमार्ण जोखिम सूचकांक-2021 में चीन पहले स्थान पर बना हुआ है। वहीं, यूरोप, अमेरिका और एशिया-प्रशांत के 47 देशों में वैश्विक विनिमार्ण के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन का आकलन करता है। अधिक मांग वाले मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन में कनाडा चौथे, चेक गणराज्य पांचवे, इंडोनेशिया छठे स्थान पर है। बता दें, पिछले साल इस रिपोर्ट में अमेरिका दूसरे स्थान पर था जिसे अब भारत ने तीसरे स्थान पर धकेल दिया है।

भारत को दुनिया की फैक्ट्री बनाने के लिए आत्मनिर्भर और पीआईएल योजना ने भी अपना रंग दिखाना शुरू किया है। दुनियाभर की बड़ी विनिर्माता कंपनियां भारत को चार मानकों पर ज्यादा तरजीह दे रही हैं। विनिर्माण इकाई शुरू करने की क्षमता, सस्ता श्रम व पर्याप्त कौशल, परिचालन लागत और कम आर्थिक एवं राजनीतिक जोखिम। भारत को सबसे बड़ा लाभ कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक कंपनियों के चीन से पलायन के कारण हुआ है। अमेरिका-यूरोप की कई कंपनियां वहां से अपनी विनिर्माण इकाई भारत, वियतनाम जैसे देशों में स्थानांतरित कर रही हैं। 

छोटे बिजनेसेज को लोन देगी फेसबुक, आसानी से मिलेगा 5 लाख से 50 लाख का उधार, इतना देना होगा ब्याज

21-Aug-2021

नई दिल्ली (इंडिया) सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने भारत के 200 शहरों में छोटे कारोबारियों के लिए एक खास लोन प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक भारत में छोटे बिजनेसेज को लोन ऑफर करेगी। भारत पहला देश है, जहां फेसबुक अपने इस प्रोग्राम की शुरुआत करने जा रही है। यानी कि भारत में अपना बिजनेस बढ़ाने की कोशिश में लगे ग्रुप अब फेसबुक से लोन ले सकेंगे और अपना बिजनेस बढ़ा पाएंगे। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि फेसबुक भारत में पांच लाख रुपये और इससे ज्यादा का लोन छोटे बिजनेसेज को देगी।

फेसबुक ने शुक्रवार को ‘स्मॉल बिजनेस लोन इनिशिएटिव’ नाम से इस स्कीम को लॉन्च किया। कंपनी ने छोटे कारोबारियों को लोन देने के लिए वित्तीय कंपनी इंडिफी के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत फेसबुक छोटे कारोबारियों (एमएसएमई) को पांच लाख से 50 लाख रुपये का लोन उपलब्ध कराएगा। कंपनी का कहना है कि इस योजना का लक्ष्य छोटे कारोबारियों (एमएसएमई) को कार्यशील पूंजी की जरूरत को आसानी से पूरा कराना है।

फेसबुक का कहना है कि वह इस प्रोग्राम में लेनदारों से कोई कमाई नहीं करेगा।  कंपनी के मुताबिक इस प्रोग्राम में कपनी का कोई रेवेन्यू शेयर नहीं है।  पेसबुक केवल अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिजनेस का माहौल बनाएगा जिससे कंपनियों को फायदा होगा।  इसी के अनुसार ऐप और विज्ञापन से जो कमाई होगी, उस आधार पर लोन की स्कीम चलाई जाएगी।  यह लोन पूरी तरह से छोटे बिजनेस के लिए होगा।  इन बिजनेस या कंपनियों को फेसबुक के सोशल प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देना होगा।  फेसबुक के सोशल ऐप जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर भी विज्ञापन चलेगा।  यह विज्ञापन कम से कम 180 दिनों के लिए होना चाहिए।  फेसबुक के इस कदम से भारत की छोटी-बड़ी कंपनियां विज्ञापन के माध्यम से अपना धंधा चमका सकेंगे और कमाई का शेयर बढ़ा सकेंगी।

फेसबुक के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार है जहां 40 करोड़ से ज्यादा उसके यूजर हैं।  व्हाट्सऐप के नजरिये से देखें तो दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा 53 करोड़ यूजर भारत में हैं।  लगभग 21 करोड़ यूजर इंस्टाग्राम पर हैं।  पिछले साल भारत ने टिकटॉक पर बैन लगाया है, उसका सबसे ज्यादा फायदा फेसबुक को हुआ है।  जिन लोगों ने टिकटॉक छोड़ा है, वे लोग अब फेसबुक के ऐप से अपना प्रमोशन कर रहे हैं या वीडियो आदि शेयर कर रहे हैं।

Covid-19: जानलेवा है डेल्टा वायरस! जानिए क्या हैं इसके लक्षण

20-Aug-2021

नई दिल्ली (इंडिया) भारत में कोरोना की दूसरी लहर के बीच तीसरी लहर के आसार को लेकर लोग भयभीत हैं। कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट डेल्टा ने विशेषज्ञों और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना का डेल्टा वैरिएंट इतना खतरनाक है कि वैक्सीन लेने वालों को भी अपनी चपेट में ले रहा है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से चेन्नई में की गई स्टडी में पाया गया है कि कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट वैक्सीन लेने वाले लोगों को भी संक्रमित करता है। वैरिएंट इतना खतरनाक है कि टीका लेने वाले लोगों को भी नहीं छोड़ रहा है।इसके अलावा जो लोग पहले संक्रमित नहीं हुए है यह वेरिएंट उन्हें भी संक्रमित करने की क्षमता रखता है। इस अध्ययन को ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी और चेन्नई द्वारा अनुमोदित किया गया था । 

सभी तरह के वायरस रूप बदलने और नए स्ट्रेन बनाने के लिए प्रोग्रेम्ड होते हैं। WHO के अनुसार, एक वायरस खुद की नकल बनाता है या अपनी प्रतियां बनाता है, जो सामान्य है। इन बदलावों को ही म्यूटेशन्स कहा जाता है। एक या एक से अधिक नए उत्परिवर्तन वाले वायरस को मूल वायरस के "वेरिएंट" के रूप में पहचाना जाता है। जब बात करते हैं SARs-COV-2 वायरस की, तो यह अपनी तक कई रूप बदल चुका है। जिसमें से एक डेल्टा वायरस, जिसे वैज्ञानिक नाम B।1।617।2 है। यह अब तक का सबसे प्रभावशाली स्ट्रेन माना जाता है।

कोविड-19 का डेल्टा वेरिएंट, भारत के महाराष्ट्र में सबसे पहले पिछले साल अक्टूबर में पाया गया था। इसे E484Q और L452R म्यूटेशन के बीच का एक क्रॉस माना जाता है, यही वजह है कि इसे मूल स्ट्रेन की तुलना में अधिक संक्रामक है।

क्या है लक्षण?

भारत में शीर्ष वायरोलॉजिस्ट के मुताबिक डेल्टा प्लस वेरिएंट के प्रमुख लक्षण हैं- खांसी, दस्त, बुखार, सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, पेट दर्द, जी मिचलाना और भूख न लगना

डेल्टा और डेल्टा प्लस का मुकाबला करने में टीके कितने प्रभावी हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में कोविशील्ड की एक खुराक भी 70% से अधिक प्रभावी है। लेकिन जहां तक ​​डेल्टा प्लस का सवाल है, फिलहाल रुझान स्पष्ट नहीं हैं।

Ola Electric Scooter Launched :कलर, कीमत, माइलेज, फीचर्स और स्पेसिफिकेशन- एक क्लिक में जानें सबकुछ

18-Aug-2021

नई दिल्ली (इंडिया)काफी दिनों से चर्चा में रहे ओला इलेक्ट्र‍िक स्कूटर (Ola electric Scooter) को 15 अगस्त को कंपनी ने लॉन्च कर दिया गया है। Ola electric ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रविवार को अपना इलेक्ट्र‍िक स्कूटर लॉन्च किया है। इस स्कूटर की टॉप स्पीड, दमदार बैटरी, रंगों की विविधता जैसी खूब‍ियां इसे इलेक्ट्र‍िक स्कूटर बाजार की रेस का दमदार ख‍िलाड़ी बना रही हैं। ओला ई-स्कूटर को 10 कलर ऑप्शन (Ola e-Scooter color options) के साथ लॉन्च किया  है। इसमें ब्लैक, व्हाइट, ग्रे, यलो, रेड, ब्लू और इनके शेड्स शामिल हैं।  बुकिंग सिर्फ 499 रुपए से शुरू की गई थी। लेकिन, कीमत को लेकर फिलहाल कंपनी की तरफ से कोई खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि, इसको लेकर सोशल मीडिया पर बज है कि Ola e-Scooter estimated price 80,000-85,000 रुपए हो सकती है। ओला स्कूटर पर सब्सिडी भी ऑफर करेगी। लेकिन, ये साफ नहीं है कि अनुमानित कीमत सब्सिडी के साथ होगी या इस कीमत पर ही सब्सिडी दी जाएगी।

Ola e-Scooter के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन

सिंगल चार्ज में दौड़ेगा 150 km

अगर बात Ola Scooter S-1 Pro की मैक्सिमम स्पीड रेंज की जाए तो यह 115 किलोमीटर प्रति घंटा है।

Ola Scooter S-1 Pro सिंगल चार्ज में 181 किलोमीटर तक दौड़ेगा। ओला एस-1 स्कूटर 90 किमी का टॉप स्पीड रखता है और फुल चार्ज पर 121 किमी चलता है।

इसमें अंडर सीट बूट स्पेस कैपेसिटी 50 लीटर की होगी, जो एक बार में दो हेलमेट रखने के लिए पर्याप्त है।

Ola e-Scooter की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसे होम चार्जर के साथ लॉन्च किया जा रहा है। मतलब स्कूटर को घर में लगे आम सॉकेट से चार्ज किया जा सकेगा।

Ola e-Scooter top speed 90 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।

Ola e-Scooter 18 मिनट में 50% तक चार्ज हो सकेगा। फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगा।

ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में स्मार्टफोन कनेक्टिविटी की सुविधा भी मिलेगी।

बूट स्पेस के मामले में यह आकर्षक है। वीडियो टीजर में बूट स्पेस में दो हेलमेट रखते हुए दिखाया गया है। आमतौर पर स्कूटर के बूट स्पेस में एक ही हेलमेट आ पाता है।

PM MODI ने किया ऐलान, सबको मिलेगी नौकरी; जानिए क्या है 100 लाख करोड़ की योजना

16-Aug-2021

नई दिल्ली (इंडिया) स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले पर तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। भारत आज अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने 100 लाख करोड़ रुपये की योजना का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आने वाले कुछ समय में गति शक्ति योजना का एक राष्ट्रीय मास्टर प्लान देश के समक्ष रखेगा। 100 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की यह योजना लाखों लोगों के लिए रोजगार का अवसर अपने साथ लेकर आएगी। यह पूरे देश के लिए ऐसा मास्टर प्लान होगा, जो हॉलिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखेगा। अभी परिवहन के साधनों में कोई तालमेल नहीं है। यह योजना इस गतिरोध को भी तोड़ेगी।

पीएम मोदी ने कहा, ' प्रगति की बुनियाद आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खड़ी होगी। जल, थल और नभ में असाधारण गति से काम करके दिखाया गया है। भारतीय रेलवे भी तेजी से आधुनिक अवतार में ढल रही है। रेलवे को और गति देने के लिए अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में, 75 वंदे भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी।'

इस योजना के तहत भारत अपने सभी मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट को प्रमोट करेगी और उसे आगे बढ़ाएगी। साथ ही साथ इस योजना से देश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार का एक सुनहरा मौका प्रदान कराएगी। इस योजना के जरिए रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे, जिसका फायदा देश के युवा वर्ग को होगा। गति शक्ति योजना से मेड इन इंडिया प्रोड्कट को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा छोटे, लघु और कुटीर उद्योगों को भी विशेष रूप से सहयोग मिलेगा। यातायात के साधन को सुलभ बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करेगा। इस योजना के तहत 75 हफ्तों में 75 वंदे भारत ट्रेन भारत के हर कोने को एक दूसरे से जोड़ेगी।

जानिए देश के प्रमुख बौद्ध पर्यटन एवं दर्शनीय स्थलों के बारे में, स्थलों पर जाने से मिलता है मन को सुकून

11-Aug-2021

सम्पूर्ण भारतवर्ष में समस्त धर्मों एवं जातियों के अनेक तीर्थ न केवल उनकी आस्था का प्रतिबिंब हैं वरन घरेलू एवं विदेशी सैलानियों के आकर्षण का प्रबल केंद्र हैं। भारत में लुम्बनी नामक स्थान पर ईसा पूर्व 563 में राजकुमार सिद्धार्थ का जन्म हुआ था। जिन्होंने आगे चल कर गौतम बुद्ध के नाम से संसार को एक नया जीवन दर्शन दिया जो बौद्ध धर्म कहलाया। उनके अनुयायियों ने उन्हें भगवान के रूप में पूजा और उनकी मूर्ति पूजा प्रारम्भ की। आज न केवल भारत में वरन कई देशों में बौद्ध धर्म से सम्बंधित अनेक दर्शनीय स्थल हैं। आपको भारत के सर्वाधिक प्रसिद्ध बौद्ध पर्यटक स्थलों के बारे में बताते हैं।

बोधगया, बिहार : बिहार में गया जिले में सबसे सुंदर महाबोधि मंदिर है।  बोध गया बौद्ध धर्म के अनुयायियों के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। बोधगया भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में एक है। देश-दुनिया के कोने-कोने से लोग महाबोध‍ि मंदिर के दर्शन करने आते हैं। इसी स्थान पर महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्त‍ि हुई थी। यह स्थान हिंदुओं और बौद्धों के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक के रूप में प्रसिद्ध है। इसके अलावा, कुशीनगर, लुम्बिनी और सारनाथ के अलावा, बोधगया चौथा तीर्थ स्थल है, जो बुद्ध के जीवन से संबंधित है। चूंकि, इस स्थान को वर्ष 2002 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया था, इसलिए पर्यटकों का आकर्षण बढ़ गया है। शानदार महाबोधि मंदिर के अलावा आप बोधगया की यात्रा के दौरान विशाल बुद्ध प्रतिमा को 80 फीट की विशाल यात्रा के लिए जाना नहीं चाहते हैं।

सारनाथ :  धामेक स्तूप के पास प्राचीण बौद्ध मठ, सारनाथ, उत्तर प्रदेश, भारत

बनारस छावनी स्टेशन से छह किलोमीटर, बनारस-सिटी स्टेशन से साढ़े तीन किलोमीटर और सडक़ मार्ग से सारनाथ चार किलोमीटर दूर पड़ता है। यह पूर्वोत्तर रेलवे का स्टेशन है और बनारस से यहां जाने के लिए सवारी तांगा और रिक्शा आदि मिलते हैं। सारनाथ में बौद्ध-धर्मशाला है। यह बौद्ध तीर्थ है। लाखों की संख्या में बौद्ध अनुयायी और बौद्ध धर्म में रुचि रखने वाले लोग हर साल यहां पहुंचते हैं। बौद्ध अनुयायिओं के यहां हर साल आने का सबसे बड़ा कारण यह है कि भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश यहीं दिया था। सदियों पहले इसी स्थान से उन्होंने धर्म-चक्र-प्रवर्तन प्रारंभ किया था। बौद्ध अनुयायी सारनाथ के मिट्टी, पत्थर एवं कंकरों को भी पवित्र मानते हैं। सारनाथ की दर्शनीय वस्तुओं में अशोक का चतुर्मुख सिंह स्तंभ, भगवान बुद्ध का प्राचीन मंदिर, धामेक स्तूप, चौखंडी स्तूप, आदि शामिल हैं।

कपिलवस्तु, उत्तर प्रदेश : जिन लोगों को भगवान बुद्ध के प्रारंभिक जीवन के बारे में जानने में गहरी दिलचस्पी है, उनके लिए कपिलवस्तु एकदम सही जगह है। यह वह शहर है जहाँ बुद्ध या राजकुमार गौतम ने अपना प्रारंभिक जीवन लगभग 29 वर्ष बिताया। जिसके बाद उन्होंने आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए विलासी जीवन और अपने परिवार को छोड़ दिया, जिसे उन्होंने कपिलवस्तु छोड़ने के 12 साल बाद प्राप्त किया था। वहां आपको बुद्ध से जुड़े अवशेष, बुद्ध के निशान, महल स्थल के अवशेष दिखाई देंगे जहाँ कथित तौर पर बुद्ध का जन्म और विकास हुआ था। विंसेंट स्मिथ के मत से यह  उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का पिपरावा नामक स्थान है जहाँ अस्थियों पर शाक्यों द्वारा निर्मित  स्तूप पाया गया है जो उन के विचार में बुद्ध के अस्थि है।

राजगीर, बिहार : बिहार में मौजूद सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों में एक राजगीर पांच पहाड़ियों से घिरा हुआ है और इसकी खूबसूरती बारिश के मौसम में काफी बढ़ जाती है।  यह वह स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने 5 वीं और 6 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में अपने विश्वासों को वापस पढ़ाया था। जब पर्यटन की बात आती है तो शहर में अपने आगंतुकों के लिए बहुत कुछ है। राजगीर के स्वर्णगिरि और वैभवगिरि पर्वत के बीच 480 एकड़ भूमि पर जू सफारी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि यह सफारी इस साल अगस्त में बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद पर्यटक खुले में घूमते हुए शेर, भालू, बाघ और चीता सहित अन्य जानवरों को देख सकेंगे।  हालांकि, राजगीर का मुख्य आकर्षण दिव्य विश्व शांति स्तूप है, जो आकर्षक सफेद पत्थर से बना है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पहली वर्षगांठ: प्रधानमंत्री करेंगे नीति नियंताओं, छात्रों-शिक्षकों को संबोधित

29-Jul-2021

नई दिल्ली,इंडिया  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने का एक साल पूरा होने के अवसर पर आज शिक्षा व कौशल विकास के क्षेत्र से जुड़े देश भर के नीति नियंताओं, छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई कार्यक्रमों की शुरुआत भी करेंगे।

पीएमओ ने कहा, प्रधानमंत्री कार्यक्रम में ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ का शुभारंभ करेंगे जो उच्च शिक्षा में छात्रों के लिए कई प्रवेश और निकास का विकल्प प्रदान करेगा।

इसके साथ ही वह क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियंरिंग के पहले साल के कार्यक्रमों और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण के लिए दिशानिर्देशों को भी जारी करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे।

CT Scan For Corona Patient: कोरोना में बेवजह सीटी स्कैन कराने से कैंसर का खतरा अधिक- एम्स डायरेक्टर

04-May-2021

नई दिल्ली,इंडिया देशभर में कोरोना का कहर जारी है। जिससे घबराकर लोग विभिन्न तरह के उपाय अपना रहे हैं जोकि कई बार कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे है। बीते सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फेंस रखी। जिसमें एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना की शुरुआत में सीटी स्कैन कराने से कोई फायदा नहीं है। कई बार पैचेज नहीं आते हैं, लेकिन इलाज के साथ वो खत्म हो जाते है। लेकिन अगर आपको सीटी स्कैन की जरूरत नहीं है तो बिल्कुल भी न कराएं। इससे आपको कैंसर का खतरा हो सकता है। 

डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि माइल्ड केसेज में सीटी स्कैन करवाने की जरूरत नहीं है। आपमें लक्षण ना हों फिर भी सीटी स्कैन में पैच दिख सकते हैं। उन्होंने बताया कि 1 सीटी स्कैन से 300-400 एक्स-रेज के बराबर रेडिएशन निकलता है। यंग एज में बार-बार सीटी स्कैन करवाने से आगे चलकर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, कई लोग सीटी स्कैन के लिए भाग रहे हैं। सीटी स्कैन में 30 से 40 फीसदी पैच दिख सकते हैं जो कि अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि माइल्ड केसेज या नॉर्मल सैचुरेशन लेवेल पर CRP, D-Dimer, LDH, Ferritin जैसे बायोमार्कर्स चेक करवाने की जरूरत भी नहीं। इनसे सिर्फ पैनिक क्रिएट होगा। डॉक्टर ने बताया कि शरीर में कोई भी संक्रमण हो तो इनमें गड़बड़ दिख सकती है। आपको ऐक्ने या दांत में इन्फेक्शन हो तो भी ये बायोमार्कर्स बढ़े दिखेंगे क्योंकि ये शरीर का इन्फ्लेमेटरी रिस्पॉन्स होता है।

डॉक्टर ने बताए 3 प्रमुख ट्रीटमेंट

डॉक्टर ने बताया दवाओं को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने बताया कि जो लोग इम्यूनोसप्रेसिव ड्रग्स पर हैं, लंग्स की प्रॉब्लम है या क्रॉनिक किडनी की प्रॉब्लम है, उन्हें ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। ऐसे लोगों को हेल्थकेयर वर्कर के टच में रहना चाहिए। अगर हल्के लक्षण हैं तो तीन ट्रीटमेंट इफेक्टिव हैं। पहला ट्रीटमेंट ऑक्सीजन थेरेपी है। डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि ऑक्सीजन भी ड्रग है। अगर आपका सैचुरेशन कम है तो मुख्य उपचार ऑक्सीजन है। हल्के लक्षण में अगर आपकी ऑक्सीजन कम हो रही है तो दूसरा इलाज स्टेरॉयड्स हैं। तब स्टेरॉयड दिए जाने चाहिए। तीसरा ट्रीटमेंट ऐंटी-कोऑगुलेंट हैं।