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Most Popular Electric Scooter In India : इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में बजता इन स्कूटरों का डंका, देखें तस्वीरें

03-Aug-2021

नई दिल्ली,इंडिया   ऑटोमोबाइल कंपनियां फिलहाल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही हैं। आने वाले वक्त में इन्ही इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक्स और कारों का दबदबा होगा । लेकिन अगर वर्तमान की बात करे तो अभी इस सेगमेंट में तेजी से कंप्टीशन बढ़ रहा है। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है कि किन वाहनों पर लोग ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं। आज हम आपको बता रहे हैं। कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों में कौन से स्कूटर सबसे ज्यादा पसंद किेये जाते हैं।

bajaj chetak ELECTRIC-बजाज ऑटो ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर चेतक को पिछले माह ही 1 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च किया है।

Ather 450-कंपनी ने एथर 450 को साल 2018 में लॉन्च किया था।

Ather 450x- एथर एनर्जी की ही एथर 450एक्स को हाल ही में लॉन्च किया गया है।

Tvs Iqube electric scooter- यह टीवीएस की पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर है, जिसमें 4.4 किलो वॉट की मोटर लगी है।

 

स्कूली बच्चों के लिए जकात फाउंडेशन दे रहा स्कॉलरशिप, 25 तक जमा होंगे फार्म

03-Aug-2021

भिलाई,छत्तीसगढ़,इंडिया। छत्तीसगढ़ ज़कात फ़ाउंडेशन की ओर से स्कूली बच्चों के लिए स्कॉलरशिप (2021-22) के फ़ार्म एक अगस्त से मिलना और जमा होना शुरू कर दिए गए हैं। फाउंडेशन की ओर से मोहम्मद इमरान खान ने बताया कि क्लास 6 वीं से उपर के ऐसे विद्यार्थी जो अर्थाभाव के चलते अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं, उन्हें फाउंडेशन की ओर से स्कॉलरशिप दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि 20 अगस्त तक स्कॉलरशिप के फार्म छत्तीसगढ़ ज़कात फ़ाउंडेशन,आज़ाद मंज़िल,सदभावना चौक,सिरसा-कोहका रोड भिलाई से सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक लिए जा सकते हैं। वहीं फार्म जमा करने 25 अगस्त तक का मौका है। इसमें एक घर से 2 ही बच्चों को फार्म दिया जाएगा।

किसी भी स्कूल से सीधे फॉर्म नही लिया जाएगा। पालक अपने बच्चों के फार्म आफिस में खुद जमा कराएं। वहीं अंतिम तिथि के बाद किसी तरह की दरख्वास्त नहीं मानी जाएगी।

रिजर्व बैंक लाएगा भारत की अपनी डिजिटल करेंसी

02-Aug-2021

नई दिल्ली,इंडिया भारत में जल्द ही लेन-देन का तरीका बदलने वाला है। बता दें कि रिजर्व बैंक ही नहीं बल्कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक बिटकॉइन, ईथर जैसी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी के विकल्प के तौर पर डिजिटल करेंसी पर काम कर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक देश में डिजिटल करेंसी (CDBC) लॉन्च की तैयारी कर रहा है, उसकी शुरुआत छोटे मूल्य के लेनदेन से होगी। इस डिजिटल करेंसी के इस्तेमाल की कोई अनिवार्यता नहीं होगी। डिजिटल करेंसी लांच होने के बाद ग्राहक बैंक में जमा अपनी रकम को डिजिटल वालेट में रख सकेंगे। हाल ही में RBI के डिप्टी गवर्नर ने अपनी डिजिटल करेंसी लाने की घोषणा की थी। RBI का कहना है कि अपनी डिजिटल करेंसी होने से भविष्य में नोट छपाई की लागत भी घटेगी और क्रिप्टो जैसी वर्चुअल करेंसी से अर्थव्यवस्था को खतरा भी नहीं रहेगा। यही वजह है कि भारत के अलावा अमेरिका और चीन जैसे देश के सेंट्रल बैंक भी अपनी डिजिटल करेंसी लाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। अभी क्रिप्टो जैसी डिजिटल या वर्चुअल करेंसी प्रचलन में हैं, लेकिन उसकी कोई सरकारी गारंटी नहीं होती है। लेकिन RBI की तरफ से जारी डिजिटल करेंसी की पूरी जिम्मेदारी RBI की होगी। RBI का कहना है कि अपनी डिजिटल करेंसी होने से भविष्य में नोट छपाई की लागत भी घटेगी और क्रिप्टो जैसी वर्चुअल करेंसी से अर्थव्यवस्था को खतरा भी नहीं रहेगा। यही वजह है कि भारत के अलावा अमेरिका और चीन जैसे देश के सेंट्रल बैंक भी अपनी डिजिटल करेंसी लाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। डिजिटल करेंसी का एक फायदा यह भी है कि RBI इस पर आसानी से नजर रख सकता है।

बैंकिंग विशेषज्ञों के मुताबिक डिजिटल करेंसी जारी करने में RBI को नोट के मुकाबले बहुत कम लागत आएगी। नोटों की छपाई और वितरण का खर्च घटेगा और जाली नोटों की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसे जारी करने के बाद इसके इलेक्ट्रानिक वितरण में भी कोई खर्च नहीं होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की डिजिटल करेंसी लेने के बाद छिपाई नहीं जा सकती है।

क्या होती है  डिजिटल करेंसी?

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (Central Bank Digital Currency) किसी देश का केंद्रीय बैंक जारी करता है। इसे देश की सरकार की मान्यता हासिल होती है। यह उस देश की केंद्रीय बैंक की बैलेंसशीट में भी शामिल होती है। इसकी खासियत यह है कि इसे देश की सॉवरेन करेंसी जैसे भारत में रुपया में बदला जा सकता है। इसे आप भारत के लिहाज से डिजिटल रुपया भी कह सकते हैं।

डिजिटल करेंसी दो तरह की होती है-रिटेल और होलसेल। रिटेल डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल आम लोग और कंपनियां करती हैं। होलसेल डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल वित्तीय संस्थाओं द्वारा किया जाता है।

 

कल से महंगा होगा ATM से पैसा निकालना, छुट्टी के दिन भी आएगी सैलरी-पेंशन, 1 अगस्त से क्या बदलेगा…जानें

01-Aug-2021

अगस्त महीने से साप्ताहिक अवकाश या सरकारी छुट्टियों के दिन वेतन या पेंशन न आने का झंझट नहीं रहेगा। यानी अगर 30, 31 तारीख को अगर शनिवार-रविवार या फिर कोई घोषित अवकाश पड़ता है तो भी सैलरी, पेंशन खाते में आएगी।  लेकिन एटीएम से धन निकासी (Cash Withdrawal) पर ग्राहकों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। जानिए 1 अगस्त से किन नियमों (Rules Changes August 1) में बदलाव आ रहा है, जिसका आप पर असर पड़ेगा। आईसीआईसीआई बैंक ने भी बैंकिंग शुल्कों में बढ़ोतरी कर दी है।

1 अगस्त से एटीएम से पैसा निकालना महंगी हो जाएगी, क्योंकि एटीएम के जरिये एक बैंक से दूसरे बैंक के बीच वित्तीय लेनदेन पर लगने वाली इंटरचेंज फीस को आरबीआई ने 15 से बढ़ाकर 17 रुपये दिया है, आरबीआई ने यह फैसला जून में लिया था जो कल से लागू हो जाएगा। गैर वित्तीय लेनदेन के लिए भी फीस बढ़ाकर 5 से 6 रुपये कर दी गई है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने भी उसकी डोरस्टेप डिलिवरी सेवाओं (doorstep services) का इस्तेमाल करने वालों के लिए शुल्क बढ़ा दिया है। पोस्ट पेमेंट्स बैंक अब हर बार इन सेवाओं के लिए 20 रुपये फीस (जीएसटी अतिरिक्त) लेगा। हालांकि डोरस्टेप सर्विस के लिए जब पोस्ट पेमेंट्स बैंक (India Post Payments Bank) का कर्मी घर आएगा तो उपभोक्ता कई बार लेनदेन कर सकता है, लेकिन चार्ज एक बार का ही लगेगा।लेकिन एक जगह पर ही अगर कई उपभोक्ता अलग-अलग उसकी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो चार्ज अलग ही लगेगा।

Gold Silver Price Today: सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी, जानिए आपके शहर का भाव

30-Jul-2021

सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 294 रुपये की तेजी के साथ 47,442 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। सोने का पिछला बंद भाव 47,148 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके विपरीत, चांदी की कीमत 170 रुपये की गिरावट के साथ 66,274 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। इसका पिछला बंद भाव 64,444 रुपये था।

प्रमुख शहरों में गोल्ड की कीमतों पर नजर डालें तो दिल्ली में 22 कैरेट के सोने की कीमत 46,290 और 24 कैरेट सोने की कीमत 48,600 चल रही है। मुंबई में 22 कैरेट सोना 46,330 और 24 कैरेट सोना 48,650 पर चल रहा है। कोलकाता में 22 कैरेट सोना 46,900 रुपए है, वहीं 24 कैरेट सोना 49,250 रुपए है। चेन्नई में 22 कैरेट सोने की कीमत 45,570 और 24 कैरेट 47,850 रुपए पर है। ये कीमतें प्रति 10 ग्राम सोने पर हैं।

शहर का नाम

22 कैरेट सोने का भाव

24 कैरेट सोने का भाव

दिल्ली

46,290

48,600

बेंगलुरू

46,500

48,830

चेन्नई

45,060

47,310

कोलकाता

46,450

48,770

हैदराबाद

45,060

47,310

मुंबई

45,880

48,170

भोपाल

45,880

48,170

जयपुर

45,840

48,130

लखनऊ

46,290

48,600

 

आज कोविशिल्ड वैक्सीन की नई खेप पहुंची रायपुर, एयरपोर्ट के निदेशक ने दी जानकारी

30-Jul-2021

रायपुर,छत्तीसगढ़,इंडिया।    देशभर कोरोना वैक्सीनेशन का काम जोरो से जारी है। लेकिन छत्तीसगढ़ के कई सेंटरों में वैक्सीन के आभाव में वैक्सीनेशन रोक दिया गया है। इसी बीच आज कोविशिल्ड वैक्सीन की नई खेप राजधानी रायपुर पहुंची है। कयास लगाया जा रहा है कि वैक्सीन की बड़ी खेप पहुंचने से टीकाकरण अभियान में तेजी आएगी।

रायपुर एयरपोर्ट के निदेशक राकेश रंजन सहाय ने बताया कि हैदराबाद से रायपुर पहुंची फ्लाइट संख्या 6 ई-938 से 7 बॉक्स वैक्सीन के उतारे गए। इस संबंध में राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. भगत ने बताया कि शुक्रवार को लगभग 33 हजार डोज कोवैक्सीन के मिले हैं। आगे उन्होंने कहा कि लगातार छोटी खेप में कोवैक्सीन मिल रही है। इससे जिलों में सप्लाई करने में दिक्कत होती है। सप्लाई के लिए दूसरी खेप का इंतजार करना पड़ता है। थोड़ी मात्रा में बार-बार जिलों में सप्लाई नहीं की जा सकती। छोटी खेप प्राप्त होने से हर जिलों के हिस्सों में बहुत कम डोज ही आते हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में रायपुर सहित आस-पास के जिलों में वैक्सीन पहुंचाई गई है।

CBSE की 12वीं कक्षा का परिणाम जारी, पास हुए 12,96,318 छात्र-छात्राएं

30-Jul-2021

नई दिल्ली,इंडिया   CBSE ने ठीक 2 बजे 12वीं कक्षा का परिणाम जारी किया। 14 लाख के करीब छात्र-छात्राओं ने 12वीं की परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिसमें 12,96,318 छात्र-छात्राएं पास हुए। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in पर नतीजे जारी हुए। 65,184 छात्र-छात्राओं का परिणाम आगामी 5 अगस्त 2021 को घोषित किया जाएगा। बता दें इस बार के 12वीं कक्षा के परिणाम में लड़कों की तुलना में 0.54% लड़कियां अधिक पास हुईं।

सीबीएसई ने कहा, छात्र डिजिलॉकर से भी अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकेंगे। छात्र अपना रिजल्ट देखने के लिए रोल नंबर तैयार रखें। रोल नंबर  https://cbseit.in/cbse/2021/rfinder/RollDetails.aspx  पर जाकर डाउनलोड किए जा सकते हैं।

https://twitter.com/cbseindia29/status/1420987502450470916?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1420987502450470916%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.livehindustan.com%2Fcareer%2Fstory-cbse-12th-result-2021-live-updates-cbse-class-12-result-declared-today-at-2pm-cbseresults-nic-in-toppers-4274333.html

 

वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना क्यों हो रहा? इन 6 सवालों के जवाब से सब समझ जाएंगे

30-Jul-2021

कोरोना वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना का खतरा बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक देश -विदेश से कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसा क्यों हो रहा है इस पर एक्सपर्ट ने अपनी राय दी है। जानें उन्होंने इसका क्या कारण बताया है।

अगर कोई व्यक्ति कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ ले रहा है, लेकिन बाद में उसे कोरोना हो रहा है। इस मसले पर सीके बिड़ला अस्पताल के डॉ. राजा धर बताते हैं कि वैक्सीन एक बूस्टर के तौर पर काम करती है, जो आपको बुखार और अन्य तरह के लक्षणों से बचाव करने में मदद करती है। ये आपकी मदद कर सकती है, लेकिन आपको वैक्सीन लेने के बाद भी सुरक्षा बरतने में कोई लापरवाही नहीं करनी चाहिए। रिसर्च के मुताबिक, लोगों का वैक्सीन लगवाने के बाद मास्क न पहना इस खतरे को और अधिक बढ़ाता है। वहीं वैक्सीन लगवाने के दो हफ्ते बाद शरीर में एंटीबॉडी डेवलप होती है।

यदि आपने कोविड-19 टीके की पूरी खुराक ले ली है, तो आपको संभवत: लग रहा होगा कि आपको कोरोना वारयस संक्रमण को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन दुनियाभर में संक्रमण के बढ़ते मामलों और डेल्टा स्वरूप जैसे अत्यधिक संक्रामक स्वरूपों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच टीकाकरण करा चुके लोगों के संक्रमित पाए जाने या ‘ब्रेकथ्रू’ संक्रमण की रिपोर्टें मिल रही हैं।

कोविड-19 के मौजूदा टीके लक्षणों वाले संक्रमण को रोकने में काफी प्रभावी हैं और टीकाकरण के बाद संक्रमण दुर्लभ ही होता है, लेकिन सवाल यह है कि यह कितना सामान्य एवं खतरनाक हो सकता है? कोई भी टीका 100 प्रतिशत प्रभावी नहीं होता है। डॉ. जोनास साल्क का पोलियो टीका 80 से 90 प्रतिशत प्रभावी है। अत्यधिक प्रभावी माना जाने वाला खसरे का टीका भी 94 प्रतिशत प्रभावशाली है। इनकी तुलना में फाइजर और मॉडर्ना के एमआरएनए टीके क्लीनिकल परीक्षणों में 94 से 95 प्रतिशत तक प्रभावशाली पाए गए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि टीके के 95 प्रतिशत प्रभावशाली होने का अर्थ यह नहीं है कि टीका 95 प्रतिशत लोगों का बचाव करता है, जबकि अन्य पांच प्रतिशत लोग संक्रमित हो सकते हैं।

‘ब्रेकथ्रू’ संक्रमण क्या है?

जब लोग टीकाकरण के बाद संक्रमित हो जाते हैं, तो वैज्ञानिक इन मामलों को ‘ब्रेकथ्रू’ संक्रमण कहते हैं क्योंकि वायरस उस सुरक्षात्मक अवरोधक को तोड़ देता है जो टीका प्रदान करता है।

पूरी तरह से टीकाकरण करा चुके लोगों में कोविड-19 संक्रमण कितना सामान्य है?

‘ब्रेकथ्रू’ संक्रमण डेल्टा स्वरूप के बढ़ते संक्रमण के कारण संभवत: बढ़ रहा है, लेकिन टीकाकरण करा चुके लोगों में संक्रमण अब भी दुर्लभ है और संक्रमित होने पर भी ऐसे व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण नहीं होते या मामूली होते हैं।

टीकाकरण के बाद भी संक्रमित हो जाना कितना खतरनाक है?

टीकाकरण के बाद भी संक्रमित होने पर यह जरूरी नहीं है कि व्यक्ति को बीमार महसूस हो। टीकाकरण के बाद संक्रमित होने वाले 27 प्रतिशत लोगों में संक्रमण के लक्षण नहीं थे। टीकाकरण के बाद संक्रमित हुए केवल 10 प्रतिशत लोगों के अस्पताल में भर्ती होने का पता चला है, जिनमें से दो प्रतिशत की मौत हुई है, जबकि 2020 में टीका विकसित नहीं होने से पहले संक्रमण से छह प्रतिशत लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई थी।

टीकाकरण के बाद भी संक्रमित होने की संभावना अधिक कब होती है?

बंद कार्यालयों, पार्टी स्थलों, रेस्तरां या स्टेडियम जैसे स्थानों पर संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा अधिक हैं। टीकाकरण के बाद उन स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने का खतरा अधिक है, जो संक्रमित व्यक्तियों के लगातार संपर्क में रहते हैं। इसके वाला बुजुर्गों के टीकाकरण के बाद भी संक्रमित होने का अधिक खतरा होता है। जो लोग पहले से ही किसी अन्य बीमारी से बीमारी से पीड़ित होते हैं, उनके भी टीकाकरण को बाद संक्रमित होने की अधिक आशंका है।

डेल्टा जैसे स्वरूपों से क्या बदलाव आता है?

अनुसंधानकर्ताओं ने सार्स-सीओवी-2 वायरस के पहले के सभी स्वरूप से लड़ने के लिए टीके विकसित किए हैं। इसके बाद से कई नए स्वरूप सामने आए हैं। हालांकि मौजूदा टीके लगवा चुके लोगों को इन स्वरूपों से संक्रमित होने के बाद भी अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता कम पड़ती है, लेकिन ये टीके पहले के स्वरूपों की तुलना में इन स्वरूपों पर कम प्रभावी है।

जन स्वास्थ्य इंग्लैंड ने बताया कि एमआरएनए टीके की दो खुराक पहले के अल्फा स्वरूप पर 89 प्रतिशत प्रभावी है, लेकिन यह डेल्टा स्वरूप पर केवल 79 प्रतिशत असरदार है। इसके अलावा एक खुराक डेल्टा स्वरूप के खिलाफ केवल 35 प्रतिशत प्रभावी है।

टीकाकरण के कारण संक्रमण की रोकथाम में कितनी मदद मिली?

जुलाई 2021 के अंत में अमेरिका में 49.1 प्रतिशत यानी करीब 16 करोड़ 30 लाख लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। देश में 65 साल से अधिक आयु के करीब 90 प्रतिशत लोगों को कम से कम एक खुराक लग चुकी है। वैज्ञानिकों के मॉडल बताते हैं कि टीकाकरण ने अमेरिका में लगभग 2,79,000 लोगों की जान बचाई है और जून 2021 के अंत तक 12 लाख लोग अस्पताल में भर्ती होने से बचे हैं। इसी तरह, इंग्लैंड में टीकाकरण के कारण लगभग 30,300 लोगों की जान बची, 46,300 लोग अस्पताल में भर्ती होने से बचे और और 81 लाख 50 हजार लोग संक्रमित होने से बचे।

 

Paytm IPO लॉन्च के साथ देगा युवाओं को 20,000 नई भर्तियां , ऐसे कर सकते हैं आवेदन

30-Jul-2021

नई दिल्ली,इंडिया।   देश की बड़ी डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन कंपनी पेटीएम (Paytm) अब जल्द ही नए लोगों को रोजगार का मौका देगी। कंपनी ने अपने कारोबार को बढ़ाने के मकसद से 20,000 से अधिक फील्ड सेल्स एग्जीक्यूटिव की नियुक्ति की योजना बनाई है। कंपनी के मुताबिक Paytm अपने आईपीओ से पहले यह नियुक्ति करेगा। माना जा रहा है कि पेटीएम अपने प्रतिद्वंद्वियों फोन पे (Phonepe) और गूगल पे (Google Pay)जैसी कंपनियों से मिल रही कड़े टक्कर की वजह से यह कदम उठाने जा रही है। फिनटेक कारोबार की देश की दिग्गज कंपनी पेटीएम (PayTm) से मिली जानकारी के अनुसार नई नियुक्ति वाले युवाओं को हर महीने ₹35,000 तक कमाने का मौका मिलेगा। पेटीएम के फील्ड सेल्स एग्जीक्यूटिव कंपनी के पूरे पोर्टफोलियो को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। इनमें क्यूआर कोड, पीओएस मशीन, पेटीएम साउंड बॉक्स और कंपनी के इको सिस्टम में शामिल अन्य प्रोडक्ट शामिल है। पेटीएम वॉलेट, यूपीआई, पेटीएम पोस्टपेड, मर्चेंट लोन और बीमा प्रोडक्ट आदि भी नए युवाओं से प्रमोट कराए जायेंगे।

डिजिटल भुगतान एवं वित्तीय सेवा कंपनी पेटीएम (PayTm) का इरादा अपना 16,600 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अक्टूबर तक लाने का है। सूत्रों ने सोमवार को कहा कि (PayTm) कंपनी अपना आईपीओ जल्द से जल्द लाना चाहती है। PayTm IPO अक्टूबर तक आ सकता है। कंपनी (PayTm) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास आईपीओ के लिए दस्तावेजों का मसौदा 15 जुलाई को जमा कराया है। PayTm को उम्मीद है कि इस पर नियामक की प्रतिक्रिया सितंबर के मध्य तक मिल जाएगी। PayTm की योजना उसके बाद जल्द से जल्द सूचीबद्धता की है।

1 अगस्त तक 15 राज्यों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, जानिए यूपी-बिहार का हाल [ पूरी ख़बर यहाँ से पढ़ें

30-Jul-2021

नई दिल्ली,इंडिया   पिछले सप्ताह पश्चिमी महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में भारी बारिश के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिविटी उत्तर की तरफ शिफ्ट हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त तक कम से कम 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। IMD ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश शुक्रवार तक जारी रहेगी, जिसके बाद इसके कम होने के आसार हैं। इस हफ्ते के दौरान इन पहाड़ी राज्यों से भूस्खलन की खबरें भी सामने आई हैं।

मौसम विभाग ने कहा है कि आज उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश (24 घंटों में 204.4 मिमी से अधिक) की चेतावनी दी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होगी (24 घंटों में 64.5 मिमी से 204.4 मिमी)। ये उत्तरी राज्य वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे पंजाब पर बने एक साइक्लोन सर्कुलेशन के प्रभाव में हैं। आईएमडी ने कहा कि पूर्वी और मध्य भारत के क्षेत्रों में भी 1 अगस्त तक बारिश बढ़ने की उम्मीद है।

दो दिनों में बिहार-झारखंड में बारिश : वर्तमान में पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित लो प्रेशर सिस्टम अगले दो दिनों में बिहार और झारखंड में बारिश की वजह बनेगा। पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में शुक्रवार तक व्यापक रूप से भारी बारिश (24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिमी) होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश शनिवार तक जारी रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान में अगले दो दिनों में भारी बारिश होगी।

यहां भी होगी भारी बारिश : पश्चिमी तट पर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना है और रविवार तक अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। पिछले हफ्ते महाराष्ट्र में सतारा, सांगली और कोल्हापुर के साथ-साथ गोवा और उत्तरी कर्नाटक के कुछ इलाकों में भीषण बाढ़ और भूस्खलन का सामना करना पड़ा था। इसके चलते अब तक 180 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

अब तक सामान्य से 2 फीसदी कम बारिश : अरब सागरीय पछुआ हवाओं के चलते इस वक्त बारिश दक्षिण गुजरात और उत्तरी केरल के बीच हो रही है। 1 जून के बाद से पूरे भारत में 416.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 2 प्रतिशत कम है। अब तक केरल, कर्नाटक, ओडिशा, गुजरात, चंडीगढ़, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में कम बारिश हुई है। गुजरात और चंडीगढ़ को छोड़कर, अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बहुत भारी बारिश हुई है।

रायपुर में गणेशोत्सव में गया कोई व्यक्ति संक्रमित हुआ तो आयोजक को देना होगा इलाज का खर्च, कंटेनमेंट जोन बना तो पूजा खत्म करनी होगी

29-Jul-2021

रायपुर,छत्तीसगढ़,इंडिया।    राजधानी में कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावनाओं के देखते हुए जिला प्रशासन ने कुछ नियमों व शर्तों के साथ गणेशोत्‍सव मनाने की अनुमति दी है। इस संबंध में कलेक्‍टर ने आदेश जा‍री किया है। इन नियमों व शर्तों को नहीं मानने पर उचित कार्रवाई करने की भी बात आदेश में लिखी गई है। जारी आदेश में पहली शर्त गणेश प्रतिमा की उंचाई 4 फीट और चौड़ाई 4 फीट से अधिक न होने की रखी गई है। इसके अलावा पंडाल का आकार 15 X 15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 5 हजार वर्ग फीट की खुली जगह हो। इन शर्तों के साथ घर में मूर्ति स्थापित करने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं होगी। लेकिन अगर घर के बाहर मूर्ति स्थापित करनी है तो कम से कम सात दिन पहले नगर निगम के जोन कार्यालय में लिखित आवेदन कर अनुमति लेनी होगी। इस बार 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत 10 सितम्बर से हो रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम और अगले महीेने संक्रमण बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए यह दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

कंटेनमेंट जोन में प्रतिमा स्थापित करने की मनाही होगी। लेकिन अगर वह क्षेत्र बाद में भी कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर दिया जाता है तो पूजा तत्काल समाप्त करनी होगी। दर्शन के लिए कोई भी व्यक्ति बिना मास्क लगाए नहीं जाएगा।

इसके मुताबिक इस बार गणेश प्रतिमा की ऊंचाई और मोटाई चार फीट से अधिक नहीं हो सकती। मूर्ति के लिए पांडाल भी 15 फीट गुणे 15 फीट से अधिक का नहीं बनाया जा सकता। पांडाल के साथ 5 हजार वर्गफीट की खुली जगह होना अनिवार्य है। इस खुली जगह में कोई सड़क अथवा गली का हिस्सा नहीं आना चाहिए।

आयोजकों को यह सुनिश्चित करना है कि मंडप में दर्शन के लिए एक साथ 20 से अधिक व्यक्ति इकट्‌ठा न होने पाएं।

आयोजकों को मंडप के बाहर सेनिटाइजर, हैंडवॉश, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर और भीड़ प्रबंधन तंत्र की व्यवस्था करनी होगी।

कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने की वजह से संक्रमित होता है तो उसकी इलाज का पूरा खर्च आयोजक व्यक्ति या संस्था को देना होगा।

मंडप के बाहर एक रजिस्टर रखना होगा। इसमें दर्शन के लिए आए व्यक्तियों का नाम, पता और फोन नंबर दर्ज करना होगा। आयोजन स्थल पर 4 सीसीटीवी कैमरा लगाना होगा। ऐसा इसलिए कि अगर वहां गया कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो जाता है तो कैमरे और रजिस्टर की मदद से कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा सके।

पूजा समाप्त होने पर किसी तरह के भोज अथवा भंडारे की अनुमति नहीं होगी। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन नहीं किया जा सकता।

मूर्ति विसर्जन के में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होगा। एक छोटी गाड़ी का इस्तेमाल करना होगा। चार से अधिक लोग नहीं जाएंगे। मंडप से विसर्जन स्थल तक वाहन को कहीं रुकने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले विसर्जन नहीं होगा। रास्ते में कहीं भंडारा, भोज नहीं होगा। विसर्जन यात्रा प्रशासन के निर्धारित रास्ते से ही जाएगी।

Depositer को बड़ी राहत: बैंक डूबने पर 90 दिन के अंदर मिलेगी 5 लाख तक की रकम, कैबिनेट का फैसला

29-Jul-2021

कैबिनेट का फैसला : बैंक डूबने पर अब जमाकर्ता को 90 दिन के अंदर 5 लाख रुपए तक की रकम मिलने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके दायरे में उन बैंकों के ग्राहक भी आएंगे, जिन पर आरबीआई ने कोई प्रतिबंध या मोरेटोरियम लगाया हुआ है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।  अभी ग्राहकों की बैंक में जमा एक लाख रुपए तक की रकम ही सुरक्षित होती है।

सरकार ने डिपॉजिट इंश्योरेंस में 1993 के 27 साल बाद पहली बार बदलाव किया है। ताजा फैसला 4 फरवरी 2020 से लागू होगा। यानी PMC, लक्ष्मी विलास बैंक और यस बैंक के ग्राहकों को भी इसका फायदा मिलेगा। DICGC एक्ट 1961 की धारा 16 (1) के मुताबिक अगर कोई बैंक डूब जाता है या दिवालिया हो जाता है, तो DICGC प्रत्येक जमाकर्ता को पेमेंट करने के लिए जिम्मेदार होता है, क्योंकि जमाकर्ताओं द्वारा जमा की गई रकम पर 1 लाख रुपए तक का बीमा होता है। इसी लिमिट को सरकार ने बढ़ाकर 5 लाख कर दिया है।

प्रमुख बातें:

DICGC  विधेयक

बैंक ग्राहकों के हित को ध्यान में रखते हुए डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन एक्ट (DICGC) संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई है। इसके जरिए बंद हो चुके बैकों के ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब बैंक के डूबने की स्थिति पर जमाकर्ताओं को 90 दिनों के भीतर ही पांच लाख रुपये मिल जाएंगे। पहले 45 दिनों में संकट में फंसे बैंक अपने सभी खातों को जमा करेंगे, जहां क्लेम करने होंगे। इन्हें प्रस्तावित DICGC को दिया जाएगा।

हाल ही में यस बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक सहित कई बैंक दिवालिया हो गए थे। ऐसे में यह खबर जमाकर्ताओं के लिए राहत भरी है। यदि बैंक का लाइसेंस रद्द होता है तो बैंक ग्राहकों को पांच लाख रुपये तक का डिपॉजिट इंश्योरेंस मिलता है। यह नियम चार फरवरी 2020 से लागू है। डिपॉजिट इंश्योरेंस में 1993 के 27 साल बाद पहली बार बदलव किया गया है। 

सरकार ने 2020 में ही डिपॉजिट इंश्योरेंस की लिमिट पांच गुना बढ़ाई थी। पहले इसकी लिमिट एक लाख रुपये थी।

यह अधिनियम सभी प्रकार के बैंकों में पांच लाख तक की सभी प्रकार की जमा राशियों को कवर करेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि डीआईसीजीसी अधिनियम द्वारा सभी जमा खातों का 98.3 फीसदी और जमा मूल्य का 50.98 फीसदी कवर किया जाएगा।

सीतारमण ने कहा कि हर बैंक में जमा राशि के 100 रुपये के लिए 10 पैसे का प्रीमियम हुआ करता था। लेकिन इसे बढ़ाकर 12 पैसे किया जा रहा है। वहीं यह प्रति 100 रुपये के लिए 15 पैसे से ज्यादा नहीं हो सकता। 

एलएलपी विधेयक

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) अधिनियम में पहला संशोधन प्रस्तावित किया है। यह अधिनियम 2008-2009 में अस्तित्व में आया।

एलएलपी के लिए कुल 12 अपराधों को मुक्त किया जाना है। 

वित्त मंत्री ने बताया कि मौजूदा समय में एलएलपी अधिनियम में 24 दंडात्मक प्रावधान, 21 कंपाउंडेबल अपराध और तीन गैर-शमनीय अपराध हैं। लेकिन आज के बाद दंड प्रावधानों को 22 तक काट दिया जाएगा, कंपाउंडेबल अपराध केवल सात होंगे, गैर-कंपाउंडेबल अपराध केवल तीन होंगे। निपटाए जाने वाले डिफॉल्ट्स की संख्या 12 होगी।

इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अभियान को गति मिलेगी। छोटी एलएलपी के दायरे का विस्तार होगा।

मौजूदा समय में 25 लाख रुपये या उससे कम योगदान वाले और 40 लाख रुपये से कम टर्नओवर वाले एलएलपी को छोटे एलएलपी माना जाता है। लेकिन अब 25 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये तक कर दिया गया है और टर्नओवर का आकार 50 करोड़ हो गया है।

MoU पर हस्ताक्षर- केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों और बहुपक्षीय एजेंसियों, सुरक्षा आयोगों के अंतरराष्ट्रीय संगठन और बीमा पर्यवेक्षकों के अंतरराष्ट्रीय संघ के बीच एक बहुपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

Petrol-Diesel की बढ़ती कीमतों पर लगेगी रोक! रिजर्व कच्चा तेल इस्तेमाल करेगी सरकार

29-Jul-2021

देश के कई राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने रिजर्व कच्चे तेल के इस्तेमाल की रणनीति बनाई। इससे वैश्विक बाजार में महंगे क्रूड के आयात से बचने के साथ घरेलू बाजार में भी ईंधन सस्ता करने में मदद मिलेगी। बता दें इसके तहत 3.65 करोड़ बैरल क्रूड तेल शोधन कंपनियों को कम कीमत पर दिया जाएगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत अपने कुल तेल भंडार का 50% वाणिज्यिक इस्तेमाल करेगा। तेल की बिक्री से मिले फंड का इस्तेमाल और रिजर्व टैंक बनाने में होगा। साथ ही कंपनियों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव भी घटेगा और क्रूड के सस्ता होने पर वे दोबारा बड़ी मात्रा में आयात करेंगी।  चीन, जापान, दक्षिण कोरिया जैसे बड़े आयातक देशों ने अपने भंडार का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। अब भारत भी इसमें शामिल हो रहा है।

रिजर्व तेल का प्रबंधन करने वाली कंपनी इंडियन स्ट्रेटजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड ने स्थानीय खरीदारों को 10 लाख टन कच्चा तेल बेचने की अनुमति दी है। निजी क्षेत्र की कंपनियों ने आयात किए 15 लाख टन क्रॅड को वापस वैश्विक बाजार में निर्यात की रणनीति बनाई है, क्योंकि भारतीय तेल शोधन कंपनियां इस महंगे क्रूड का इस्तेमाल नहीं करेंगी।

अनाथ हुए बच्चों का डाटा अपलोड नहीं करने वाले राज्यों को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

28-Jul-2021

कोरोना महामारी ने देश में जमकर कहर बरपाया है। इसके कारण अब तक हजारों बच्चे अनाथ हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्यों को अनाथ हुए बच्चों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा अनाथ हुए बच्चों का डाटा स्वराज वेबसाइट पर अलोड करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, कई राज्यों ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। इसको लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को फटकार लगाई है।

एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि यह साफ नहीं है कि राज्य सरकारों ने अनाथ बच्चों के लिए जो सहायता की घोषणा की है वह अनाथ बच्चों को दी जा रही है। इस मामले में प्राथमिक जरूरत अनाथ बच्चों की पहचान कर, उन बच्चो तक स्कीम को पहुचांना है।

कोरोनाकाल के दौरान संक्रमित होकर मारे गए लोगों के अनाथ हुए बच्चों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से के दौरान मार्च 2020 से अनाथ हुए बच्चों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर साफ किया कि कोरोना काल के दौरान सिर्फ कोरोना की वजह से अनाथ होने वाले बच्चों का ही नहीं बल्कि दूसरी वजह से भी अनाथ बच्चों का डाटा कलेक्ट किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और पश्चिम बंगाल डिजास्टर मैनेजमेंट को निर्देशित किया कि कोरोनाकाल के दौरान अनाथ हुए बच्चों का डाटा जल्द से जल्द पोर्टल पर अपलोड किया जाए, साथ ही सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को निर्देश दिया कि कोरोना काल के दौरान अनाथ हुए बच्चों के लिए उठाए गए कदमों को लेकर हलफनामा दाखिल करे।

सुप्रीम कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वह कोरोना काल के दौरान अनाथ हुए बच्चों की पहचान के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारियों को आवश्यक निदेश दें की वह पुलिस, सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन, ग्राम पंचायत और आशा कार्यकर्ताओं की सहायता लें। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट प्राप्त हुए डाटा को जल्द से जल्द  बाल स्वराज पोर्टल पर अपलोड करें।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि ICDC के तहत जरूरतमंद बच्चों को 2000 रुपये के भुगतान के कार्यान्वयन के बारे में भी जानकारी दें। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वह अपने यहां  सरकारी और निजी स्कूल में पढ़ने वाले अनाथ बच्चों के बारे में विस्तार से जानकारी दे।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अनाथ हुए बच्चों को उसी स्कूल में  (निजी स्कूल या सरकारी स्कूल) पढ़ाई जारी रखने की  में रहने की अनुमति दी जाए। अगर कोई मुश्किल होती है तो RTE एक्ट के तहत उन्हें पड़ोस के स्कूल में शामिल किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

Supreme Court का भिखारियों के पुनर्वास और वैक्सीनेशन के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस

27-Jul-2021

देश की उच्चतम न्यायालय में भीख मांगने वालों के खिलाफ दर्ज की गई याचिका को आज न्यायालय ने खारिज कर दिया है।  न्यायालय ने कहा कि वह भीख मांगने पर बैन नहीं लगा सकता।  उच्चतम न्यायालय के अनुसार, कोई भी व्यक्ति भीख मांगना नहीं चाहेगा, गरीबी के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ता है।  लोग गरीबी के कारण भीख मांगने को मजबूर हैं।  इसके अलावा न्यायालय ने सड़क किनारे रहने वाले बेघर लोगों और भिखारियों को कोरोना से बचाव के लिए मदद और वैक्सीनेशन की मांग पर केंद्र व दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। 

https://twitter.com/ANI/status/1419892447040053252?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1419892447040053252%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.livehindustan.com%2Fncr%2Fstory-sc-says-cant-take-elitist-view-to-stop-begging-issues-notice-to-centre-and-delhi-govt-for-rehabilitation-and-vaccination-of-beggars-and-homeless-amid-covid-19-pandemic-4264354.html

जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एम.आर. शाह की बेंच ने कहा कि वह सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से भिखारियों को हटाने का आदेश नहीं दे सकता क्योंकि शिक्षा और रोजगार की कमी के कारण आजीविका की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग आमतौर पर सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर होते हैं और इस तरह से इसका समाधान नहीं किया जा सकता है।

 

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष को पदभार ग्रहण करने पर दी बधाई

27-Jul-2021

रायपुर,छत्तीसगढ़,इंडिया।   मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष विपिन साहू को आज पदभार ग्रहण करने पर दूरभाष पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि साहू के मार्गदर्शन में दुग्ध महासंघ छत्तीसगढ़ राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही उत्पादित दूध के मार्केटिंग की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

दुग्ध महासंघ के पदभार ग्रहण समारोह में गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक श्री लेखराम साहू, अध्यक्ष-कृषि उपज मण्डी दुर्ग श्री अश्वनी साहू, अन्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री थानेश्वर साहू, उपाध्यक्ष पर्यटन मण्डल श्रीमती चित्रलेखा साहू, राज्य महिला आयोग मण्डल श्रीमती तुलसी साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड श्री संदीप साहू, श्री जगदीश साहू, श्री दीपक साहू, श्रीमती ममता साहू, श्री राजेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री श्री कृपाराम साहू, पूर्व सदस्य गौ सेवा आयोग श्री पुरूषोत्तम साहू, सदस्य श्रम कल्याण मण्डल श्री झुमुक लाल साहू एवं साहू समाज के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम में प्रबंध संचालक श्री नेरन्द्र कुमार दुग्गा ने बताया कि छत्तीसगढ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित शीर्ष सहकारी संस्था है, जिसके अंतर्गत 22 जिलों में 1100 दुग्ध सहकारी समितियां गठित हैं तथा 42 हजार 885 दुग्ध उत्पादक सदस्य हैं, जो लगभग एक लाख लीटर प्रतिदिन दूध का संग्रहण करते हैं एवं दूध की प्रोसेसिंग की जाकर दुग्ध महासंघ द्वारा दूध के पैकेट तथा, घी, पेड़ा, पनीर, खोवा, मट्ठा, लस्सी, दही, सुगंधित मीठा दूध, दुग्ध चूर्ण एवं विभिन्न प्रकार के दुग्ध उत्पाद बनाकर विक्रय किया जाता है। दुग्ध महासंघ के दुग्ध प्रदायक कृषकों को उनके दूध कय मूल्य का भुगतान किया जाता है। लगभग प्रति 10 दिन में 2.25 करोड रूपये का भुगतान डी.बी.टी. के माध्यम से भुगतान किया जाता है।

CGBSE Chhattisgarh 12th Exam 2021 : छत्तीगढ़ बोर्ड 12वीं रिजल्ट जारी, cgbse.nic.in पर चेक करें

26-Jul-2021

रायपुर,छत्तीसगढ़,इंडिया।  CGBSE Class 12th Result 2021 @cgbse.nic.in, cgbse.net, results.cg.nic.in: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( CGBSE) 25 जुलाई यानी रविवार को कक्षा 12 के बोर्ड के परिणाम घोषित कर दिए हैं। CGBSE दोपहर करीब 12 बजे रिजल्ट घोषित किये। जो छात्र अपना परिणाम देखने का इंतजार कर रहे हैं, वे आधिकारिक साइट- cgbse.nic.in पर अपना स्कोर देख सकते हैं। CGBSE कक्षा 12 के परिणाम 2021 को आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और results.cg.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन घोषित किए हैं।

छत्‍तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा इस वर्ष 01 जून से 05 जून के बीच आयोजित की गई थी. छात्रों को अपनी आंसर शीट स्‍कूल में जमा करने के लिए 06 जून से 10 जून तक का समय दिया गया था.

छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाईं सिंह टेकम आज वर्चुल तरीक से सीजीबीएसई कक्षा 12वीं का रिजल्ट घोषित किया। छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं परीक्षा में इस साल करीब 2.5 लाख छात्रों ने भाग लिया है।

इस साल छत्तीसगढ़ बोर्ड की परीक्षाएं अलग तरीके से हुई थीं। छत्तीसगढ़ बोर्ड ने इस साल छात्रों को प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका देकर घर से कॉपी लिखकर लाने को कहा था। यानी छात्रों को अपनी नोट्स और किताबों से देखकर परीक्षा देनी थी वो भी घर में। परीक्षा के लिए दिया गया समय पूरा होने पर छात्रों को स्कूल में कॉपियां जमा कराने के लिए कहा गया था।

गुरु पूर्णिमा पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के शिक्षकों को किया नमन

24-Jul-2021

नई दिल्ली,इंडिया आज देशभर में अषाढ़ गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी।

अषाढ़ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया की भगवान बुद्ध में आस्था है। जहां ज्ञान है वहीं पूर्णिमा है। पीएम मोदी ने कहा कि ज्ञान संस्कार का प्रतीक है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया `आप सभी को धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस और आषाढ़ पूर्णिमा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज हम गुरु-पूर्णिमा भी मनाते हैं, और आज के ही दिन भगवान बुद्ध ने बुद्धत्व की प्राप्ति के बाद अपना पहला ज्ञान संसार को दिया था।

गृहमंत्री शाह ने गुरुजनों को किया नमन

वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरु पूर्णिमा पर सभी गुरुजनों को नमन किया। गृहमंत्री शाह ने भी ट्विटर के जरिए गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।शाह ने ट्वीट किया ` गुरु एक शिक्षक ही नहीं बल्कि अपने ज्ञान से शिष्य के सभी दोषों को दूर कर हर संकट से बाहर निकालने वाला मार्गदर्शक भी होता है। इससे न वो सिर्फ शिष्य के जीवन को संवारते हैं बल्कि समाज व राष्ट्रनिर्माण में भी अहम योगदान देते हैं। गुरु पूर्णिमा पर मैं ऐसे सभी गुरुजनों को नमन करता हूँ।


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