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सोनिया गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू को तत्काल प्रभाव से बनाया पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष, क्या मान गए कैप्टन अमरिंदर?

20-Jul-2021

लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस आलाकमान ने आखिरकार नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाने का एलान कर दिया है. प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू को तत्काल प्रभाव से पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही चार कार्यकारी अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है। सोनिया गांधी ने जिन चार नेताओं का पंजाब कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, उनमें संगत सिंह गिलाजियान, सुखविंदर सिंह डैनी, पवन गोयल और कुलजीत सिंह नागरा का नाम शामिल है।

नए प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू जट सिख हैं और उनकी पहचान पूरे पंजाब में है. वे पटियाला से हैं और अमृतसर से चुनाव जीतते रहे हैं। क्रिकेट, टीवी और राजनीति के अब तक करियर में सिद्धू अपने तेवर, अंदाजे बयान और भाषणों की वजह से खासे लोकप्रिय हैं। पंजाब में उनकी छवि एक ईमानदार और बादल परिवार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले एक जुझारू नेता की है। गांधी परिवार खास तौर पर प्रियंका गांधी का भरोसा उन्हें हासिल है यही वजह है कि कांग्रेस में आए महज साढ़े चार साल होने और कैप्टन अमरिंदर सिंह की नाराजगी के बावजूद सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। सिद्धू के साथ लोकप्रियता तो है लेकिन टीम नहीं है। उनकी राहें चुनौतियों से भरी है।

पंजाब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने अपना फैसला सुना दिया है। हालांकि, इस फैसले पर कैप्टन गुट की प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में कैप्टन और जिम्मेदारी संभालने के बाद सिद्धू का रुख काफी अहम होगा। क्योंकि, दोनों के बीच पिछले दो साल से टकराव के हालात हैं। सिद्धू बिजली व बेअदबी सहित कई मुद्दों पर सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री पर सवाल उठा चुके हैं।

ममता बनर्जी चुनीं गईं विधायक दल की नेता, 5 मई को लेंगी मुख्यमंत्री पद का शपथ

04-May-2021

कोलकाता,इंडिया।  बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद अब 5 मई को ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगीं। तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने सर्वसम्मति से उन्हें विधायक दल का नेता चुना है।

पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने 213 सीटों पर जीत दर्ज की है। ममता बनर्जी तीसरी बार बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। बंगाल के राज्यपाल ओपी धनखड़ ममता को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। हालांकि ममता नंदीग्राम से चुनाव हार गई हैं। बावजूद इसके वह तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगीं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पार्टी मुख्यालय में अपने दल के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के साथ बैठक की। पार्टी ने सर्वससम्मति से उन्हें विधायक दल का नेता चुना। पार्टी के नेता और मंत्री पार्था चटर्जी के मुताबिक ममता बनर्जी 5 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। 6 मई को प्रोटेम अध्यक्ष बिमान बनर्जी नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे और इसी दिन बिमान बनर्जी को फिर से विधानसभा का अध्यक्ष निर्वाचित किया जाएगा। आपको बता दें कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाई है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को 77 सीटें हासिल हुई। वामदलों को एक भी सीट नहीं मिली जबकि कांग्रेस और अन्य को एक-एक सीट ही मिल पाई। स्पष्ट बहुत हासिल कर चुकी बीच ममता बनर्जी आज शाम राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात करेंगी और सरकार के गठन का दावा पेश करेंगी। आपको बता दें कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने लगातार दूसरी बार राज्य विधानसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल किया है।

इससे पहले ममता बनर्जी ने एक बार फिर केन्द्र सरकार से देश भर में सभी को मुफ्त टीका लगवाने की मांग की। आज उन्होंने फिर से केन्द्र सरकार के 30 हजार रुपये जारी करने की अपील की, जिससे पूरे देश में सभी को मुफ्त में टीका लग सके। उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि केन्द्र सरकार ज्यादातर ऑक्सीजन और वैक्सीन 2-4 राज्यों को ही भेज रही है। ममता बनर्जी ने एक अहम फैसला लेते हुए राज्य के सभी पत्रकारों को कोविड वॉरियर्स घोषित किया है। यानी अब सभी उम्र के पत्रकार प्राथमिकता के आधार पर कोरोना की वैक्सीन ले सकेंगे। हाल में कोरोना से कई पत्रकारों की मौत के बाद देश की कई राज्य सरकारों ने पत्रकारों को कोविड वारियर्स का दर्जा देने का ऐलान किया है।

आज खड़गपुर में पीएम मोदी की रैली, असम में राहुल गांधी की रैली

20-Mar-2021

आज खड़गपुर में पीएम मोदी की रैली है। जबकि असम में राहुल गांधी की रैली है। दूसरी तरफ भाजपा ने आरोप लगाया है कि केरल के अम्बलप्पुझा सीट से उसके प्रत्याशी अनूप एंटनी पर माकपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने हमला किया। हालांकि, वाम दल ने इन आरोपों से इनकार किया। माकपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसका कोई भी कार्यकर्ता इस घटना में शामिल नहीं है। अज्ञात लोगों ने एंटनी की कार पर हमला किया।

बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 15 दिनों के भीतर तीसरी बार राज्य के दौरे पर शनिवार को आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खडग़पुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए एक बार फिर ममता बनर्जी पर करारा प्रहार किया। पीएम ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यानी दीदी ने बंगाल को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल ने कांग्रेस के कारनामे देखे हैं, वामदलों के 34 सालों के शासन में बर्बादी का अनुभव किया और अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आपके सपनों को कैसे चूर-चूर किया, पिछले 70 साल में यही देखा है। पीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें पांच साल का मौका दे दीजिए, 70 साल की बर्बादी को मिटाकर रहेंगे। उन्होंने इस दौरान विकास पर जोर दिया और कहा कि ममता दीदी केंद्र की हर विकास योजनाओं के सामने दीवार बनकर खड़ी हो जाती है। इससे राज्य के करोड़ों गरीब लोग व युवा वंचित हो जाते हैं। इसीलिए एकमात्र डबल इंजन की सरकार ही राज्य का विकास कर सकती है।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार सिर्फ हम दो और हमारे दो के लिए काम कर रही हैl इसमें गरीबों, किसानों, छोटे व्यापारियों के लिए नहीं सोचा जा रहा हैl तेल की बढ़ती कीमतों पर हमलावर होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जनता की जब से पैसा निकालकर पूंजीपतियों की जेब में दिया जा रहा है और मोदी सरकार यही कर रही हैl

राहुल गांधी ने असम के लोगों को पांच गारंटी दी.

1. राहुल गांधी ने कहा, 'असम में सीएए नहीं आएगाl हम इसे ना असम में ना देश में लागू होने देंगेl'

2. उन्होंने कहा कि 'चाय मजदूरों को हम 365 रुपए देंगे. मोदी सरकार के समय में ये 165 मिलता हैl'

3. हर परिवार को दो सौ यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगीl

4. महिलाओं को हर महीने का दो हजार रुपए दिए जाएंगेl

5. कांग्रेस ने असम में पांच लाख लोगों को रोजगार देने की लीl

6 फरवरी को दिल्ली में 'चक्का जाम' नहीं करेंगे किसान- राकेश टिकैत

05-Feb-2021

नई  दिल्ली (इंडिया) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर निकली गई ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा और उत्पात के बाद धीमा पड़ा किसान आंदोलन फिर से परवान चढ़ने लगा है। इसको लेकर किसानों ने आगामी 6 फरवरी को देशभर में तीन घंटे के 'चक्का जाम' का आह्वान किया है। इसी बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि शनिवार को राजधानी दिल्ली में 'चक्का जाम' नहीं किया जाएगा। किसान आज भी अपनी मांग पर अड़े हैं।

इससे पहले मंगलवार को मंच से विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा था कि छह फरवरी को पूरे देश में किसान चक्का जाम करेंगे। दिल्ली बॉर्डर पर की गई तारबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस किसानों की रोटी व अनाज की तारबंदी कर रही है। धरनास्थल की किलेबंदी की जा रही है।

राकेश टिकैत ने एक बार फिर मंच से एलान किया कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो नवंबर तक आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शन का हेडक्वार्टर सिंघु बार्डर है और वहां से जो तय किया जाएगा प्रदर्शनकारी उसी हिसाब से चलेंगे। टिकैत ने कहा कि हमारी यह लड़ाई भाषा की नहीं बल्कि भाव की है, इसलिए हमारी भावनाओं पर ध्यान दिया जाए न कि भाषा पर। हम शांति की मांग कर रहे तो हमें शांति के साथ अपना धरना करने दिया जाए।

Capitol Hill Violence Live : ट्रंप पर भड़कते हुए ओबामा बोले- 'कैपिटल हिल हिंसा' अमेरिका के लिए अपमान और शर्म की बात

07-Jan-2021

 

Washington D.C । अमेरिका की राजधानी Washington D।C की सबसे ऐतिहासिक जगहों में शुमार कैपिटल हिल का इतिहास दो सदियों से भी पहले का है। दुनिया के सबसे मज़बूत लोकतंत्र की यादगार के तौर पर इस जगह को कई कारणों से प्रसिद्धि मिली है।

अमेरिका में हिंसक घटनाओं में 4 की मौत हुई, कई अन्य घायल हुए। इन हालातों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट तथा पूरे कैपिटल को बंद कर दिया गया। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में अगले 15 दिनों के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए।

अमेरिका में व्हाइट हाउस (White House) के पास जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों (Donald Trump Supporters) ने हिंसा की, उस ​कैपिटल हिल में लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान हुए बलवे में उपद्रवियों पर आंसू गैस दागी गई। उपद्रवियों के निशाने पर रहे कांग्रेस अधिकारियों को एक गुप्त लेाकेशन पर ले जाया गया। अचानक सुर्खियों में आए वॉशिंग्टन स्थित कैपिटल हिल के बारे में ऐसी कई बातें हैं, जो जानने लायक हैं। वॉशिंग्टन के पास ही स्थित यह रिहायशी इलाका (Residential Place) कई मायनों में अमेरिका के लिए ऐतिहासिक भी रहा है।

पांच वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले इस क्षेत्र के भीतर करीब 35 हज़ार लोग रहते हैं यानी यह वॉशिंगटन की सबसे बड़ी और घनी बसी जगहों में शुमार है। इसकी प्रसिद्धि अमेरिकी कांग्रेस के कारण रही है। अमेरिकी लोकतंत्र में इस इलाके का खासा महत्व इसलिए है क्योंकि यह अमेरिकी कांग्रेस का मुकाम है।  मेरिकी कांग्रेस के सदस्यों के अलावा सीनेट व दूसरे रिप्रेज़ें​टेटिव सदन के सदस्य भी यहां काम करते हैं। यहां आला अधिकारियों और नेताओं की बैठकें होती हैं और सरकारी कर्मचारियों व प्रशासन की एक बड़ी फोर्स इस इलाके में रोज़मर्रा में रहती है।

ओबामा ने एक बयान में कहा, ‘‘इतिहास कैपिटल में हुई आज की हिंसा की घटना को याद रखेगा जिसे वैध चुनावी नतीजे के बारे में लगातार निराधार झूठ बोलने वाले एक निवर्तमान राष्ट्रपति ने भड़काया। यह अमेरिका के लिए बेहद अपमान और शर्म की बात है।’’ पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, ‘‘लेकिन, अगर हम ऐसा कहेंगे कि यह एकदम अचानक हुई घटना है तो हम खुद से मजाक कर रहे होंगे।’’ ओबामा ने रिपब्लिकन पार्टी और इसके मीडिया समर्थकों पर भी हमला करते हुए कहा कि वो राष्ट्रपति चुनावों में जो बाइडन की जीत को लेकर अपने समर्थकों से सच छुपाते रहे हैं।

7वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार, इससे पहले 6 बार बिहार के सीएम पद की शपथ ले चुके हैं नीतीश कुमार

16-Nov-2020

बिहार,इंडिया। बिहार में विधानसभा चुनाव 2020 में जीत के बाद आज एनडीए की नई सरकार का गठन हो गया है। नीतीश कुमार ने सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। राज्यपाल फागू चौहान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के दो नेताओं ने मैथिली भाषा में मंत्री पद की शपथ ली। बता दें कि बीजेपी के जीवेश मिश्रा और रामप्रीत पासवान ने मैथिली भाषा में शपथ ली है। इसके अलावा बीजेपी के राम सूरत राय ने भी मंत्री पद की शपथ ले ली है।

गौरतलब है कि बिहार के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन ने 125 सीटें हासिल कर बहुमत हासिल किया है जबकि तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को 110 सीटों से से ही संतोष करना पड़ा सत्ताधारी एनडीए में शामिल बीजेपी ने 74 सीटों पर, जेडीयू ने 43 सीटों पर, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने चार सीटों पर और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है। महागठबंधन में शामिल आरजेडी (RJD) ने 75 सीटों पर, कांग्रेस (Congress) ने 19 सीटों पर, भाकपा माले (CPI ML) ने 12 सीटों पर, भाकपा (CPI) एवं माकपा (CPM) ने दो-दो सीटों पर जीत हासिल की है। इस चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) ने 5 सीटें, लोजपा (LJP) एवं बसपा (BSP) ने एक-एक सीट जीती है। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहा है।

इससे पहले 6 बार बिहार के सीएम पद की शपथ ले चुके हैं नीतीश

नीतीश कुमार 7वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री चुने गए हैं। पहली बार 3 मार्च 2000 को वह मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए थे लेकिन बहुमत साबित ना कर पाने के कारण केवल 7 दिनों में ही उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन जब 2005 में लालू यादव के पंद्रह वर्ष से चले आ रहे एकाधिकार को समाप्त कर नीतीश कुमार ने एनडीए गठबंधन को बिहार विधानसभा चुनाव में जीत दिलवाई तब उन्हें ही प्रदेश का मुख्यमंत्री चुना गया। उन्होंने अपना यह कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया। मुख्यमंत्री के रूप में उनका तीसरा कार्यकाल 26 नवंबर, 2010 से 20 मई 2014 तक चला। जिसके बाद जीतन राम मांझी ने सत्ता संभाली।

22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार ने चौथी बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यानी बिहार की 15वीं विधानसभा में तीन बार सीएम पद की शपथ दिलाई गई, पहले नीतीश कुमार को फिर जीतन राम मांझी को और फिर वापस नीतीश कुमार को। नीतीश कुमार का चौथा कार्यकाल 22 फरवरी से 20 नवंबर 2015 तक चला। 16वीं विधानसभा के लिए हुए चुनावों के बाद नीतीश कुमार ने पांचवी बार सीएम पद की शपथ ली।

नीतीश कुमार का पांचवा कार्यकाल 20 नवंबर 2015 से लेकर 26 जुलाई 2017 तक चला। 26 जुलाई 2017 को उन्होंने आरजेडी और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 27 जुलाई 2017 को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के 24 घंटे के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी और एनडीए के समर्थन से बिहार के 6वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

16 नवंबर को 7वीं बार CM पद की शपथ ले सकते हैं नीतीश कुमार

12-Nov-2020

बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बहुमत मिलने के बाद सभी की निगाहें अगली सरकार के गठन पर टिक गई हैं। इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में जोरदार संघर्ष देखने को मिला। नीतीश कुमार की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 में से 125 सीट जीतते हुए बहुमत हासिल किया। महागठबंधन को 110 सीटें मिली। NDA में भाजपा को 74 और जदयू को 43 सीटें मिली थी जिसके बाद यह मांग की जा रही थी कि मुख्यमंत्री भाजपा को होना चाहिए, लेकिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar) 16 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। नीतीश कुमार सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। चुनाव आयोग राज्यपाल को नए विधायकों की लिस्ट देगा। नीतीश ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया और जनता को मालिक बताया। वहीं तेजस्वी ने महागठबंधन को सभी विधायकों को सुबह 10 बजे लालू के निवास पर बुलाया है। बता दें, 16वीं विधानसभा की मियाद 29 नवंबर तक है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का नाम पिछले दो दशकों में सात बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की विशिष्ट श्रेणी में आ जाएगा।

नीतीश ने कब-कब ली सीएम पद की शपथ : पहली बार नीतीश कुमार 3 मार्च 2000 को बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन वह आठ दिनों तक मुख्यमंत्री रह पाए। समता पार्टी की सरकार बनी थी। दूसरी बार 24 नवंबर 2005 को बिहार के मुख्यमंत्री बने। तीसरी बार 26 नवंबर 2010 को बिहार के मुख्यमंत्री बने। (इसके बाद लोकसभा चुनाव हुआ, इसमें जेडीयू की करारी हार हुई। इसके बाद नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया। तब जीतन राम मांझी पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने।)

चौथी बार 22 फरवरी 2015 को बिहार के मुख्यमंत्री बने। 20 नवंबर 2015 को पांचवी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। छठी बार 27 जुलाई 2017 को बिहार के मुख्यमंत्री बने।

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल,मोतीलाल वोरा, गुलाम नबी समेत 4 महासचिव हटाए गए

12-Sep-2020

नई दिल्ली,इंडिया लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद आज कांग्रेस पार्टी संगठन (Congress Party Organization) ने बड़ा फेरबदल कर दिया । देर रात फेरबदल करते हुए गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी और मल्लिकार्जुन खडग़े को महासचिव पद से मुक्त कर दिया। वहीं सोनिया गांधी के लिए बनाई गई एक खास कमेटी में मुकुल वासनिक, अहमद पटेल, एके एंटनी और अंबिका सोनी आदि नेताओं को शामिल किया गया है।

6 घंटे बैठक के बाद भी अध्यक्ष पद पर फैसला नहीं कर पाई कांग्रेस, सोनिया गांधी ही रहेंगी अंतरिम अध्यक्ष

25-Aug-2020

नई दिल्ली,इंडिया। पूरे दिन चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक सोमवार को बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। हालांकि बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि सोनिया गांधी अगले कुछ और महीनों तक पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष के पद पर बनी रहेंगी। बैठक में निर्णय लिया गया है कि सोनिया गांधी कुछ महीनों के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष के रूप में अपने पद पर बनी रहेंगी। पिछले साल लोकसभा चुनाव में हार के बाद सोनिया गांधी ने पदभार संभाला था, हालांकि एक साल पूरा होने पर उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने पार्टी के नेताओं से अनुरोध किया था कि वे उनकी जगह दूसरा अध्यक्ष चुनें। लेकिन सोमवार को पूरे दिन चली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका। जिसके बाद यह तय हुआ कि सोनिया गांधी अपने पद पर बनी रहेंगी।

सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में आज क्या हुआ?

सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश करते हुए कहा कि मुझे रिप्लेस करने की प्रक्रिया शुरू करें। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने उनसे पद पर बने रहने को कहा।

बीते दिनों पार्टी नेतृत्व में बदलाव को लेकर कांग्रेस नेताओं की चिट्ठी पर राहुल गांधी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब सोनिया गांधी हॉस्पिटल में भर्ती थीं, उस वक्त पार्टी लीडरशिप को लेकर लेटर क्यों भेजा गया। पार्टी लीडरशिप में बदलाव की मांग का लेटर भाजपा की मिलीभगत से लिखा गया।

‘भाजपा से मिलीभगत’ के राहुल के आरोपों पर विवाद हो गया। बमुश्किल 20-25 मिनट के अंदर पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘हमने राजस्थान हाईकोर्ट में कांग्रेस पार्टी का केस कामयाबी के साथ लड़ा। बीते 30 साल में कभी भी, किसी भी मुद्दे पर भाजपा के पक्ष में बयान नहीं दिया। फिर भी हम भाजपा के साथ मिलीभगत में हैं?’ कुछ देर बात सिब्बल ने ट्विटर से अपना परिचय बदल दिया और कांग्रेस शब्द को हटा दिया।

थोड़ी ही देर में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर भाजपा से मिलीभगत होने के राहुल गांधी के आरोप साबित हुए तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।

कांग्रेस की पूर्व नेता दिव्या स्पंदना ने कहा कि मुझे लगता है कि राहुलजी ने गलती की। उन्हें कहना चाहिए था कि कांग्रेस के नेताओं ने यह चिट्ठी भाजपा और मीडिया के मिलीभगत से भेजी। उन्होंने कहा कि ना केवल मीडिया में चिट्ठी को लीक किया, बल्कि अभी चल रही सीडब्ल्यूसी की बैठक की बातचीत को मीडिया में मिनट टु मिनट लीक भी किया जा रहा है। गजब है।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दोपहर 1:30 बजे से कहा कि राहुल ने ‘भाजपा के साथ मिलीभगत’ जैसा या इससे मिलता-जुलता एक शब्द भी नहीं बोला था।

MP Cabinet Expansion: शिवराज कैबिनेट का हुआ विस्तार, 28 मंत्रियों ने ली शपथ

03-Jul-2020

मध्य प्रदेश, इंडिया।   मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के करीब 100 दिनों के बाद आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमडंल का विस्तार हुआ। मंत्रिमंडल में 20 कैबिनेट मंत्रियों और 8 राज्य मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। शिवराज कैबिनेट के विस्तार में कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया का दबदबा दिखा। मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थक करीब 11 विधायकों को जगह मिली है। जानिए हर अपडेट।

गौरतलब है कि सीएम शिवराज ने बुधवार को कहा था कि समुद्र मंथन से जो विष निकलता है उसे भगवान शंकर पी जाते हैं और अमृत सभी में बंटता है। उनके इस बयान से जाहिर हो गया था कि कैबिनेट लिस्ट में उनके लोगों को जगह नहीं मिल पाई है। यानी कैबिनेट चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज की नहीं चली है। उन्होंने ज्यादातर ज्योतिरादित्य सिंधिया और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के लोगों को कैबिनेट में जगह दी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का पहला विस्तार आज हो गया। गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेंद्र सिंह, एंदल सिंह कसाना और बृजेंद्र प्रताप सिंह कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।  विश्वास सारंग, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, ओम प्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, प्रेम सिंह पटेल, हरदीप सिंह डंग, महेंद्र सिंह सिसोदिया, अरविंद सिंह भदौरिया, डॉ. मोहन यादव और राज्यवर्धन सिंह ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।  इसके बाद भारत सिंह कुशवाहा, इंदर सिंह परमार, रामखेलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, गिरिराज डंडोदिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली।  

Shivraj Singh Chauhan को मध्य प्रदेश CM के रूप में चौथे कार्यकाल के लिए तैयार

26-Mar-2020

नई दिल्ली, इंडिया। भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने चौथे कार्यकाल के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव हासिल कर लिया है। बता दें कि कांग्रेस का एक भी विधायक मतदान के समय विधानसभा में मौजूद नहीं था। सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।

कांग्रेस के 22 विधायकों के बगावत करने और सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी। मुख्यमंत्री कमलनाथ को 20 मार्च को पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। 13 साल की उम्र में शिवराज संघ से जुड़े और अब तक भाजपा को मध्य प्रदेश में मजबूती देने में लगे हुए हैं। पांच बार लगातार सांसद चुने गए। 13 साल तक लगातार मुख्यमंत्री भी रहे।

मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायकों की संख्या 206 है। बसपा के 2, सपा का 1 और 2 निर्दलीय विधायक हाजिर थे। अगर कांग्रेस के 92 और 2 निर्दलीय भी हाजिर रहते तो वोटिंग होती और बहुमत साबित करने के लिए भाजपा को 104 वोटाें की जरूरत पड़ती। अभी भाजपा के पास 107 विधायक हैं। शिवराज ने विश्वास मत पेश करते हुए कहा कि राज्यपाल ने सरकार को 15 दिन में बहुमत साबित करने को कहा है, इसलिए वे विश्वास मत पेश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कमलनाथ ने इस्तीफा देने के बाद कुछ दिन तक राज्य के कार्यकारी सीएम के तौर पर काम किया था। तब भी उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी।

शिवराज सिंह चौहान 2003-2004 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा से विधायक बने। अगले ही साल वह पहली बार लोकसभा चुनाव भी जीते। वह पांच बार लगातार विधानसभा लोकसभा सीट से चुनाव जीते। इसके बाद वह 2005 से 2018 तक तीन बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर काबिज रहे। पिछले चुनाव में बीजेपी बहुमत से दूर रह गई, इस कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था, लेकिन अल्पमत में आने के बाद कमलनाथ ने इस्तीफा दिया और शिवराज चौथी बार एमपी के मुख्यमंत्री बने।

कांग्रेस नेता दिल्ली में हालात सामान्य करने मांग के लिए राष्ट्रपति भवन तक करेंगे मार्च

26-Feb-2020

नई दिल्ली, इंडिया।  दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर तीन दिन से जारी हिंसा के बीच उत्तरपूर्वी दिल्ली के चार इलाकों मौजपुर, जाफराबाद, चांदबाग और करावल नगर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दिल्ली पुलिस के विशेष कमिश्नर प्रवीर रंजन ने यह जानकारी दी है।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि हिंसा में शामिल असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसबल और केंद्रीय सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने हिंसा के मामलों में 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है।

कांग्रेस नेता कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद हिंसा प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली में हालात सामान्य करने और शांति की मांग के लिए राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। कांग्रेस नेता राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को एक ज्ञापन भी सौंपेंगे। हिंसा की घटनाओं में 20 लोगों की जान चली गई और करीब 200 लोग घायल हो गए।

कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता दोपहर बाद पार्टी मुख्यालय, 24 अकबर रोड से गांधी स्मृति, 30 जनवरी मार्ग तक साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए ‘शांति मार्च’ निकालेंगे। उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली के जाफराबाद, मौजपुर, चांदपुर, खजूरीखास जैसे इलाकों में हिंसा भड़क उठी थी।  इसमें अभी तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 200 लोग घायल हो गए। इन हिंसाओं को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी चिंता व्यक्त की है।

छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटें अप्रैल में होंगी खाली, इन दो सांसदों का खत्म हो रहा कार्यकाल

17-Feb-2020

रायपुर,छत्तीसगढ़,इंडिया।  छत्तीसगढ़ राज्यसभा की दो सीटें अप्रैल माह में खाली हो रही है। कांग्रेस से मोतीलाल वोरा और भाजपा से रणविजय सिंह का कार्यकाल खत्म होगा।

अब दोनों सीटों पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद। राज्य से इन रिक्त सीटों के लिए कई दावेदार हैं। प्रियंका गांधी समेत कुछ राष्ट्रीय नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं।

बता दें अप्रैल माह में राज्यसभा की 51 सीटें खाली हो रही हैं। सांसदों के सेवानिवृत्त होने से ये सीटें खाली हो रही हैं। इन सीटों पर चुनाव होने से दोनों दलों भाजपा और कांग्रेस दोनों को फायदा हो सकता है।

ऐसे में एक-एक कर तीनों सीटें भाजपा से छिन सकती हैं। राज्य कोटे की दो राज्यसभा की सीट इस वर्ष अप्रैल में खाली हो रही है। जून 2022 में दो सीट रिक्त होगी। इसमें भाजपा और कांग्रेस के पास एक-एक सीट है। भाजपा के हिस्से वाली पांचवीं सीट अप्रैल 2024 में खाली होगी।

दिल्ली चुनाव में जीत पर पीएम मोदी और राहुल गांधी ने दी अरविंद केजरीवाल को बधाई

13-Feb-2020

नई दिल्ली,इंडिया।  दिल्ली विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद एक बार फिर सत्ता में वापस आने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल को सोशल मीडिया पर बधाईयों का तांता लग गया। चुनाव में जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को दिल्ली चुनावों में जीत के लिए बधाई। मैं आशा करता हूं कि दिल्ली की जनता की अपेक्षाओं को वे पूरी करेंगे। चुनाव में जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर अरविंद केजरीवाल को बधाई दी। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम के ट्वीट पर रिप्लाई किया। पीएम के ट्वीट पर रिप्लाई देते हुए अरविंद केजरीवाल ने लिखा आपका शुक्रिया सर, मैं आशा करता हूं दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने की दिशा में साथ मिलकर काम करेंगे।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बधाई दी है। गांधी ने ट्वीट कर कहा कि श्री केजरीवाल और आप को दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने पर बधाई और मेरी शुभकामनाएं।

बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी अरविंद केजरीवाल को बधाई दी है। नितिन गडकरी ने ट्वीट कर कहा, 'लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है। दिल्ली में जीत के लिए आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल का अभिनंदन। मैं बीजेपी के कार्यकर्ताओं को भी साधुवाद देता हूं जिन्होंने दिन-रात परिश्रम कर हमारे मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। सीएम केजरीवाल ने नितिन गडकरी को भी शुक्रिया कहा है।

BJP की चुनावी टीम में नई खिलाड़ी की एंट्री, साइना नेहवाल भाजपा में शामिल

30-Jan-2020

नई दिल्ली, इंडिया। भारतीय शटलर साइना नेहवाल राजनीति के कोर्ट में कदम रख दिया। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। बैडमिंटन चैंपियन साइना नेहवाल ने सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन कर ली है। साइना नेहवाल अपनी बहन चंद्रांशु नेहवाल के साथ बीजेपी में शामिल हुईं।  भाजपा में शामिल होने के बाद साइना ने कहा, ''आज मैं ऐसी पार्टी ज्वाइन किया, जो देश के लिए इतना मेहनत करती हैं। नरेंद्र मोदी सर दिन रात देश के लिए इतना मेहनत करते हैं। अभी मेरे लिए सब कुछ नया है, लेकिन मुझे सब कुछ अच्छा लग रहा है। नरेंद्र सर खेलो को बढ़ावा देते हैं, खेलो इंडिया जैसे प्रोत्साहन के लिए काम करना शुरू किया है।'' उन्होंने कहा, ''मैं बहुत हार्ड वर्किंग हूं। मैं मोदी जी के साथ देश के लिए कुछ करना चाहती हूं। मुझे राजनीति पसंद है। खेलो इंडिया से युवाओं को खेलने का मौका मिलता है। मोदी जी से मैं बहुत प्रेरित हूं।''

हरियाणा में जन्मी 29 साल की साइना नेहवाल भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी है, जिनकी फैन फॉलोइंग कहीं ज्यादा है। बैडमिंटन में वर्ल्ड नंबर वन रह चुकीं साइना को राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन अवार्ड से नवाजा जा चुका है। अभी तक साइना ने कुल 24 अंतर्राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी हैं। वहीं, लंदन ओलिंपिक में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह साल 2009 में दुनिया की दूसरी और साल 2015 में दुनिया की पहले नंबर की खिलाड़ी बनी थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उनके ट्वीट के साथ, साइना नेहवाल को भाजपा के प्रति झुकाव के लिए देखा गया है। साल 2015 में साइना ने पीएम मोदी को अपना एक रैकेट भेंट किया था, जब वह वर्ल्ड बैडमिंटन रैकिंग में पहले पायदान पर आई थीं। उन्होंने कहा, ''मैंने वह रैकेट भेंट किया जिससे मैंने विश्व चैम्पियनशिप फाइनल खेला था। उन्होंने इसे स्वीकार किया और कहा कि वह इसे बेशकीमती तोहफों में रखेंगे जो उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर मिले हैं।''

छत्तीसगढ़: मंत्रिमंडल के साथ दिल्ली जाएंगे सीएम भूपेश बघेल, सोनिया गांधी से करेंगे मुलाकात

23-Jan-2020

रायपुर,छत्तीसगढ़,इंडिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ लेते ही कुछ घंटे के भीतर ही तीन बड़े फैसले लिए। जिनमे धान खरीदी और कर्ज माफी के जरिये सरकार का फोकस सीधे गांव, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर ज्यादा रहा है। लेकिन किसानों की ऋण माफी, 2500 रुपए धान का समर्थन मूल्य, शराबबंदी जैसे कुछ वादे अभी भी सरकार पूरा नहीं कर पाई है। वहीं छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के एक साल पूरे हो चुके हैं। इस बाबत एक साल के कार्यकाल का परफॉर्मेंस रिपोर्ट आला कमान को सौंपने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने सभी मंत्रिमंडल के साथ दिल्ली जाएंगे। सरकार का पूरा मंत्रिमंडल 24 जनवरी की सुबह कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के कई मायने है। सरकार के एक साल की परफॉर्मेंस रिपोर्ट के साथ 10 जनपथ में आला कमान के साथ मुलाकात हो सकती है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत, विधानसभा अध्यक्ष मनोज मंडावी के साथ सभी सांसद मौजूद होंगे।

अगले 5 साल में दिल्ली को मिलेगा 24 घंटे पानी : CM अरविंद केजरीवाल

28-Dec-2019

नई दिल्ली, इंडिया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) ने बुधवार को कहा कि आप सरकार अगले पांच साल में राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को 24 घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी दिल्ली में साफ पेयजल की कमी के मुद्दे को इस सप्ताह दो बार रेखांकित कर  चुके हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बुधवार को दावा करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले पांच साल में पाइपलाइन बिछाकर दिल्ली (Delhi) में घर-घर पानी पहुंचा दिया है। अगले पांच साल में पूरी दिल्ली में 24 घंटे पानी दूंगा। साथ ही पानी इतना साफ  होगा कि टोटी से पी सकेंगे।  केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 70 साल में सिर्फ 58 प्रतिशत घरों तक पानी पहुंचा था, हमने 93 प्रतिशत घरों तक महज पांच साल में पानी पहुंचा दिया।

यह बातें  मुख्यमंत्री  केजरीवाल ने किशनगढ़ में नवनिर्मित 18 लाख लीटर क्षमता का भूमिगत जलाशय के उद्घाटन के दौरान कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस इलाके में कुल 24 लाख क्षमता का जलाशय हो गया है। अभी इस इलाके में सिर्फ 6 लाख क्षमता का एक टैंक था, जिससे सभी इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। कई इलाकों में चार से पांच दिन में पानी पहुंचता था। इस जलाशय के चालू हो जाने के बाद अब आसपास के ज्यादातर इलाकों में पीने का पानी पहुंच सकेगा। अभी इस इलाके में दो और जलाशयों का निर्माण करना शेष है। दोनों पर भी करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।

केजरीवाल ने अपने पांच साल के काम को लोगों के सामने रखते हुए बताया कि उनकी सरकार ने फ्री वाई-फाई, सीसीटीवी कैमरे, फ्री बिजली, फ्री पानी जैसे जनहित के कामों को बिना किसी भेदभाव के पूरा किया है। महिलाओं के लिए डीटीसी बसों में सफर को भी फ्री कर महिलाओं को मदद पहुंचाई है। आने वाले पांच साल में आप सरकार दिल्ली के लोगों की जीवनशैली में और सुधार लाएगी।

अरविंद केजरीवाल :हर वकील को मिलेगा 5 लाख तक का मेडिकल और 10 लाख का लाइफ इंश्योरेंस

19-Dec-2019

नई दिल्ली, इंडिया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा जितने भी वकील हैं जो भी दिल्ली में वोट डालते हैं उन्हें हमारी सरकार 5 लाख रुपए तक का मेडिकल इंश्योरेंस देगी। इसके अलावा सभी वकीलों का 10 लाख रुपए तक का जीवन बीमा कराया जाएगा। वहीं सीएम में राजधानी के सभी न्यायालयों में ई-लाइब्रेरी और शिशु गृह खोलने की बात भी कही।

मीडिया से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वकीलों की समिति ने चार बातों की मांग की थी, उन्हें दिल्ली कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है। ये वो चार मांगें हैं, जिन्हें कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है।

1. दिल्ली के नागरिक वकील और जो प्रैक्सिटस करते हैं, उन्हें पांच लाख तक का मेडिकल इंश्योरेंस दिया जाएगा

2. हर वकील को दस लाख तक का लाइफ इंश्योरेंस

3. दिल्ली में कोर्ट के अंदर ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था होगी

4. कोर्ट परिसर के अंदर क्रेश शुरू किए जाएंग

मुख्‍यमंत्री ने कमेटी की सभी चार मांगों को दिल्‍ली कैबिनेट की स्‍वीकृति मिलने की जानकारी देते हुए बताया, 'हमारी सरकार ने लंबे समय से चली आ रही वकीलों की मांगों को पूरा करने का वादा किया था। हमने इसके लिए 50 करोड़ रुपये भी आवंटित किए थे। साथ ही इसे खर्च करने के तौर-तरीकों पर विचार करने के लिए एक कमेटी भी गठित की थी। समिति ने चार सिफारिशें की थी, जिन्‍हें कैबिनेट ने अपनी स्‍वीकृति दे दी थी।'


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