उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास में अंतरराष्ट्रीय सहयोग होगा सुदृढ़

एयूएपी-व्यूरी इम्पैक्ट समिट 2026 में बहुपक्षीय समझौते किए एचएनएलयू ने रायपुर, 16 जुलाई। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने थाईलैंड के बैंकॉक स्थित आईकॉनसियाम कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एशिया एवं प्रशांत विश्वविद्यालय संघ (एयूएपी) - नवाचार हेतु विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग (व्यूरी) इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान वैश्विक विश्वविद्यालय नवाचार एवं सहयोग विषयक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर अपनी वैश्विक शैक्षणिक सहभागिता को एक नई दिशा प्रदान की है। एचएनएलयू ने बताया कि दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा संयुक्त अरब अमीरात के 20 अग्रणी विश्वविद्यालयों ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान तथा सतत विकास के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य सहभागी विश्वविद्यालयों के मध्य दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी का प्रभावी ढांचा विकसित करना है। कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानन्दन ने विश्वविद्यालय के अभिनव रिसर्च हब एंड स्पोक (आर-एचएएस) मॉडल पर आधारित एक प्रकरण अध्ययन प्रस्तुत किया। अंतर्विषयी अनुसंधान तंत्र, बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाओं तथा समाजोन्मुख एवं प्रभावकारी अनुसंधान के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। प्रो. विवेकानन्दन ने बताया कि एचएनएलयू क्षेत्रीय एवं वैश्विक विश्वविद्यालय संगठनों के साथ सार्थक सहभागिता के माध्यम से अपनी अनुसंधान पहलों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित और प्रसारित करने की दिशा में प्रभावशाली प्रगति कर रहा है।

उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास में अंतरराष्ट्रीय सहयोग होगा सुदृढ़
एयूएपी-व्यूरी इम्पैक्ट समिट 2026 में बहुपक्षीय समझौते किए एचएनएलयू ने रायपुर, 16 जुलाई। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने थाईलैंड के बैंकॉक स्थित आईकॉनसियाम कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एशिया एवं प्रशांत विश्वविद्यालय संघ (एयूएपी) - नवाचार हेतु विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग (व्यूरी) इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान वैश्विक विश्वविद्यालय नवाचार एवं सहयोग विषयक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर अपनी वैश्विक शैक्षणिक सहभागिता को एक नई दिशा प्रदान की है। एचएनएलयू ने बताया कि दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा संयुक्त अरब अमीरात के 20 अग्रणी विश्वविद्यालयों ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान तथा सतत विकास के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य सहभागी विश्वविद्यालयों के मध्य दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी का प्रभावी ढांचा विकसित करना है। कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानन्दन ने विश्वविद्यालय के अभिनव रिसर्च हब एंड स्पोक (आर-एचएएस) मॉडल पर आधारित एक प्रकरण अध्ययन प्रस्तुत किया। अंतर्विषयी अनुसंधान तंत्र, बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाओं तथा समाजोन्मुख एवं प्रभावकारी अनुसंधान के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। प्रो. विवेकानन्दन ने बताया कि एचएनएलयू क्षेत्रीय एवं वैश्विक विश्वविद्यालय संगठनों के साथ सार्थक सहभागिता के माध्यम से अपनी अनुसंधान पहलों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित और प्रसारित करने की दिशा में प्रभावशाली प्रगति कर रहा है।