पानी की टंकी पर चढ़े युवक का हाई वोल्टेज ड्रामा:50 फीट की ऊंचाई से चिल्लाया, कहा- पत्नी छोड़कर चली गई
शनिवार सुबह विजयपुर नगर के बस स्टैंड क्षेत्र में एक युवक पानी की 50 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ गया, जिससे हड़कंप मच गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। यह घटना करीब दो घंटे तक चली। युवक की पहचान धीरज खटीक के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह अपनी पत्नी के छोड़कर चले जाने से मानसिक रूप से परेशान था। इसी कारण उसने विरोध जताने के लिए यह कदम उठाया। पुलिस ने इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 15 दिन पहले चली गई पत्नी टंकी पर चढ़े धीरज ने लगातार मीडिया से बात कराने की मांग की। नीचे उतरने के बाद उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसे करीब 15 दिन पहले छोड़कर चली गई थी और पुलिस उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं कर रही थी। इसी परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग और पुलिस बल एकत्र हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने युवक को शांत कराने का प्रयास किया। आसपास काफी भीड़ जमा हो गई थी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस ने युवक को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
Sat, 18 Jul 2026 06:49:44 +0000
बुनियादी सुविधाओं से कोसो दूर हैं स्लीमनाबाद टनल के विस्थापित:बोले- जंगल में लागर पटक दिया; बिजली पानी कुछ नहीं, स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे
कटनी में मुख्यमंत्री के दौरे और विकास के दावों के बावजूद, स्लीमनाबाद टनल परियोजना से विस्थापित हुए मोहड़ापुरा के आदिवासी परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इन परिवारों को तीन साल पहले उनके मूल स्थान से 5 किलोमीटर दूर एक ऐसे क्षेत्र में बसाया गया था, जहाँ बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं। यह विस्थापन स्लीमनाबाद टनल के निर्माण के उद्देश्य से किया गया था। इन परिवारों ने अपनी पुश्तैनी जमीन, घर और सांस्कृतिक पहचान का त्याग किया। हालांकि, उन्हें जिस स्थान पर बसाया गया है, उसे प्रशासनिक दस्तावेजों में पुनर्वास स्थल बताया गया है, लेकिन वास्तविकता में यह स्थान बुनियादी सुविधाओं से रहित है। पुनर्वास बस्ती तक पहुंचने का मार्ग पत्थरों और धूल से भरा एक संकरा पगडंडी है। इसे प्रशासनिक दस्तावेजों में सड़क के रूप में दर्शाया गया है। यहाँ रहने वाले परिवारों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन करना पड़ रहा है। सुविधाओं का सपना दिखाकर लाया गया विस्थापित सुशील कुमार कोल कहते हैं कि हमें तीन साल पहले जब मोहड़ापुरा से यहां लाया जा रहा था, तब बड़ी-बड़ी गाड़ियों में बैठकर कंपनी के अफसर और स्थानीय प्रशासन के नुमाइंदे आए थे। उन्होंने हमसे वादा किया था कि नई जगह पर आपको पक्की सड़कें, 24 घंटे बिजली और शुद्ध पीने का पानी मिलेगा। हमें लगा कि शायद हमारी तकदीर बदल रही है। लेकिन आज तीन साल बीत जाने के बाद भी हम बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। विस्थापन के शुरुआती दिनों में कंपनी द्वारा यहां बिजली का एक ट्रांसफार्मर लगाया गया था। कुछ महीनों तक घरों में रोशनी भी रही। वादों के मुताबिक बिजली का बिल जमा ही नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि बिजली विभाग ने लाखों रुपये का बकाया होने के कारण इस पूरे विस्थापित गांव की लाइट काट दी। जंगल में लाकर फेंक दिया अंधेरा गहराने के साथ ही इस विस्थापित बस्ती की भयावहता और साफ होने लगती है। ज्योति कोल कहती हैं कि टनल बनाने वाली कंपनी ने हमें इंसानों की तरह नहीं, बल्कि कचरे की तरह यहां लाकर फेंक दिया है। न यहां बिजली की कोई व्यवस्था है और न ही पानी की। सबसे ज्यादा तकलीफ हमारे बच्चों को हो रही है। बिना बिजली के रात में वे पढ़ नहीं पाते, उनका भविष्य इसी अंधेरे में डूब रहा है। ज्योति ने आगे बताया कि विस्थापन की यह जगह पूरी तरह जंगलों से घिरी है। बारिश के दिनों में यह इलाका किसी नरक से कम नहीं होता। सड़क न होने के कारण पूरा रास्ता दलदल बन जाता है ज्योति कहती हैं, आज के जमाने में भी हम लालटेन और चिमनी जलाकर रातें काटने को मजबूर हैं। सरकार से हमारी बस इतनी ही मांग है कि जल्द से जल्द यहां लाइट की व्यवस्था की जाए, ताकि हम चैन की सांस ले सकें। जंगलों में घिरे हैं आशियाने साहिल ने कहा हमें अपने पुरखों के गांव से हटाकर इस जंगल में लावारिस छोड़ दिया गया है। यहां न सड़क है, न बिजली और न पानी। बारिश के दिनों में हमारी हालत देखने लायक होती है। साहिल ने अपने छोटे भाई-बहनों की शिक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिजली के अभाव और अव्यवस्थाओं के चलते गांव के बच्चे और युवा ठीक से अध्ययन भी नहीं कर पा रहे हैं। उनकी मांग की है कि विस्थापित गांव में तुरंत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। राकेश ने विस्थापन के दौरान हुए मुआवजे वितरण में एक बड़े घोटाले और विसंगति की तरफ इशारा किया। राकेश का दावा है कि मुआवजे के वितरण में भारी गड़बड़ी की गई है और गरीब आदिवासियों के हक पर डाका डाला गया है। मुआवजा भी ठीक नहीं मिला अपनी जमीन की हकीकत बताते हुए राकेश ने कहा- मूल गांव में हमारी अपनी जमीन थी, जिस पर हम दो भाइयों ने कड़ी मेहनत से दो पक्के कमरे बनाकर अपना जीवन यापन कर रहे थे। वह हमारा आशियाना था। विस्थापन के नाम पर हमें वहां से बेदखल कर दिया गया। जब मुआवजे की बारी आई, तो हम दोनों भाइयों के बीच में मात्र 2,25,000 रुपये थमा दिए गए। आज के समय में इस महंगाई में ढाई लाख रुपये से कम में क्या दो कमरे का पक्का मकान बन सकता है? यह मुआवजा हमारे साथ किया गया एक भद्दा मजाक है। क्या कहते हैं जिम्मेदार इस संबंध में स्लीमनाबाद के कनिष्ठ विद्युत अभियंता जेई सुमित सिंनहा ने बताया कि उस गांव की विद्युत आपूर्ति करीब एक वर्ष से बंद है। विभाग द्वारा वहां ट्रांसफार्मर स्थापित कराया गया था, लेकिन लगभग 15 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया है। विद्युत आपूर्ति तभी बहाल की जाएगी, जब बकाया बिल का भुगतान कर दिया जाएगा।
Sat, 18 Jul 2026 06:49:44 +0000
किसान के बाड़े से 3 भैंस, एक पाड़ा चुराया:खंडवा में ग्रामीणों ने पिकअप समेत चोरों को पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार
खंडवा के कोतवाली थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने भैंस चोरी की कोशिश को नाकाम कर दिया। ग्राम हापला-दीपला में किसान के बाड़े से भैंस चुराकर ले जा रहे बदमाशों में से दो को ग्रामीणों ने मौके पर पकड़ लिया, जबकि दो-तीन आरोपी भाग निकले। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना गुरुवार देर रात करीब 12 बजे की है। दीपला निवासी किसान राधेश्याम के बाड़े से बदमाश तीन भैंस और एक पाड़ा निकालकर पिकअप वाहन में भर रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया और किसान को सूचना दी। इसके बाद 10 से 12 ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दो आरोपियों को पकड़ लिया। बाकी आरोपी मौके से फरार हो गए। दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश पिता प्रेमसिंह चौहान (18) और जगदीश पिता रामसिंह मेहता (20) निवासी ग्राम सरमेश्वर, थाना पिपलोद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने तीन भैंस और एक पाड़ा चुराया था। इनकी कीमत करीब ढाई लाख रुपए है। आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल किया गया पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने बरामद मवेशी किसान राधेश्याम को सुपुर्द कर दिए हैं। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
Fri, 17 Jul 2026 07:46:52 +0000
शराब दुकान में तोड़फोड़ और मारपीट के दो आरोपी गिरफ्तार:रंजिश में गढ़ाकोटा से आकर शराब दुकान पर किया था हमला, मुख्य आरोपी फरार
सागर के गौरझामर में शराब दुकान पर तोड़फोड़ और कर्मचारियों से मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों से थाने में पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। मामले का मुख्य आरोपी समेत चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई की रात नकाबपोश बदमाश शराब दुकान में घुस गए थे। उन्होंने कर्मचारियों के साथ मारपीट की और दुकान के बाहर खड़ी बाइकों में भी तोड़फोड़ की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने शराब दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में मारपीट और तोड़फोड़ की घटना कैद मिली। इसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की गई। ठेकेदार से था विवाद पुलिस ने जांच के दौरान गढ़ाकोटा निवासी मनीष रैकवार और शुभम नामदेव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि मुख्य आरोपी रामजी का शराब ठेकेदार मनीष लोधी से पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में वह अन्य लोगों को साथ लेकर वारदात करने आया था। गौरझामर थाना प्रभारी नासिर फारुखी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले के मुख्य आरोपी समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उनके गिरफ्तार होने के बाद वारदात की पूरी वजह भी साफ हो सकेगी।
Fri, 17 Jul 2026 07:46:52 +0000
बालाघाट में कुएं में किसान की गैस से मौत:मोटर सुधारने उतरा था, बिगड़ी तबीयत; अस्पताल में तोड़ा दम
बालाघाट के ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत रोशना पंचायत के सितकुटोला गांव में एक किसान की कुएं की गैस से मौत हो गई। लक्ष्मण (50) पिता हेमराज लिल्हारे गुरुवार को घर के पास स्थित कुएं में मोटर सुधारने उतरे थे, तभी यह हादसा हुआ। बताया जाता है कि कुएं में उतरते ही लक्ष्मण गैस के प्रभाव में आ गए और नीचे गिर पड़े। परिजनों ने कुएं में गिरने की आवाज सुनी तो वे मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मोटर सुधारने कुएं में उतरे थे किसान पूर्व सरपंच सुरेश नगपुरे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि किसान खेत में पानी चलाने के लिए मोटर सुधारने कुएं में उतरे थे। पुलिस ने मृतक का शव बरामद कर जिला अस्पताल में परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा कार्यवाही की। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही किसान की मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।
Thu, 25 Jun 2026 07:02:36 +0000
कार ने बाइक को मारी टक्कर, 2 युवकों की मौत:जबलपुर से अपने गांव लौट रहे थे, पिता बोले- 10 मिनट पहले ही बात हुई थी
जबलपुर के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार दरमियानी रात सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। कूड़न गांव के पास तेज रफ्तार हेरियर कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। काम से लौटते समय हुआ हादसा पुलिस के मुताबिक खैरी गांव निवासी वीरेंद्र भूमिया (40) और नरेश भूमिया (42) देर रात करीब 2 बजे किसी काम से जबलपुर से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वे कूड़न गांव के पास पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार हेरियर कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर जा गिरे। वीरेंद्र भूमिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नरेश गंभीर रूप से घायल हो गया। मदद के लिए घंटों इंतजार हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन कोई भी घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए आगे नहीं आया। भेड़ाघाट थाना पुलिस के पहुंचने तक घायल सड़क किनारे पड़ा रहा। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों से मदद मांगी, लेकिन काफी देर तक कोई तैयार नहीं हुआ। बाद में पुलिस ने खुद घायल को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। 10 मिनट पहले घर पहुंचने की बात कही थी मृतक वीरेंद्र के पिता ने बताया कि हादसे से करीब 10 मिनट पहले ही बेटे से फोन पर बात हुई थी। उसने कहा था कि वह सीधे घर पहुंच रहा है, लेकिन कुछ ही देर बाद दुर्घटना की सूचना मिल गई। परिजनों के अनुसार दोनों युवक निजी वाहन चलाने का काम करते थे और अक्सर जबलपुर आते-जाते रहते थे। दोनों युवकों की शादी हो चुकी थी और उनके दो-दो बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवारों में मातम पसरा हुआ है। कार जब्त, जांच शुरू भेड़ाघाट थाने में पदस्थ एएसआई तेजराम ने बताया कि दोनों के परिजनों को रात में ही सूचना दे दी गई थी। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे में शामिल हेरियर कार को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर की तलाश के साथ मामले की जांच की जा रही है।
Thu, 25 Jun 2026 07:02:36 +0000
इटारसी मंडी में किसान पर चाकू से हमला:मूंग बेचने आया, गर्दन और कमर पर किया वार; 12 टांके आए, आरोपी गिरफ्तार
नर्मदापुरम जिले की इटारसी कृषि उपज मंडी में शुक्रवार रात मूंग बेचने आए एक किसान पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया। यह वारदात रात करीब 11 बजे मंडी के टीनशेड में खड़ी एक बाइक के पास खड़े होने को लेकर हुए मामूली विवाद में हुई। इटारसी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को रात में ही गिरफ्तार कर लिया है, वहीं घायल किसान का अस्पताल में इलाज जारी है। घायल किसान विनय गौर शाहगंज (बुधनी) का रहने वाला है। वह शुक्रवार को अपनी मूंग की फसल बेचने के लिए इटारसी मंडी पहुंचा था। नीलामी में उसकी मूंग नहीं बिक सकी, जिसके कारण वह रात में मंडी के टीनशेड के नीचे ही रुक गया था। रात करीब 11 बजे वह शेड के नीचे खड़ी एक बाइक के पास जाकर खड़ा हो गया। गालियां देने से रोका तो कर दिया हमला किसान विनय गौर ने पुलिस को बताया कि थोड़ी दूरी पर दो-तीन युवक खड़े थे। उन्हीं में से एक युवक गौरव जायसवाल (निवासी इटारसी) उसके पास आया और बाइक से दूर हटने को कहते हुए अपशब्द बोलने लगा। जब विनय ने उसे गालियां देने से रोका, तो आरोपी गौरव ने गुस्से में आकर चाकू निकाल लिया और सीधे हमला कर दिया। गर्दन में 8 और कमर में 4 टांके लगे चाकू के इस हमले में किसान की गर्दन और कमर पर गहरी चोटें आईं। खून से लथपथ हालत में उसे तत्काल इटारसी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, हमले के कारण किसान की गर्दन में 8 और कमर में 4 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मामूली विवाद पर हुई घटना, आरोपी कोर्ट में होगा पेश घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। घायल किसान विनय की शिकायत पर इटारसी पुलिस ने आरोपी गौरव जायसवाल के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे रात में ही दबोच लिया। इटारसी थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया: "घायल विनय गौर मूंग बेचने के लिए मंडी आए थे। रात में आरोपी गौरव जायसवाल अपने दोस्त के साथ मंडी में मौजूद था। इसी दौरान एक छोटी सी बात को लेकर हुए विवाद में उसने विनय गौर पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे अब कोर्ट में पेश किया जाएगा।"
Sat, 20 Jun 2026 07:04:38 +0000
शादी से लौट रहे चाचा-भतीजे की मौत:गुना में तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी सीधी टक्कर; उछलकर खेत में गिरे
गुना-आरोन मार्ग पर बजरंगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सेमरी घाटी के पास भिलेरा गांव के मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार चाचा-भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों गुना में एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। मृतक रघुवीर यादव (46) और उनके भतीजे बलवीर यादव (36) आरोन के पास स्थित ग्राम ऊनारसी कलां के रहने वाले थे। रात को कार्यक्रम अटेंड करने के बाद दोनों एक ही मोटरसाइकिल से लौट रहे थे, तभी आरोन की तरफ से आ रही कार (MP 07 AJ 3929) ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही चाचा-भतीजे उछलकर सड़क किनारे दूर खेत में जा गिरे। दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। खंती में गिरी कार, एयरबैग खुलने से बचे आरोपी इस भीषण टक्कर के बाद अनियंत्रित कार भी सड़क किनारे खंती में जा गिरी। गनीमत रही कि कार के एयरबैग समय पर खुल गए, जिससे उसमें बैठे लोगों की जान बच गई। हालांकि, घटना के बाद आरोपी चालक और कार में सवार अन्य लोग मौके से फरार हो गए। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कार चालक शराब के नशे में पूरी तरह धुत था, जिसके कारण उसने वाहन से नियंत्रण खो दिया था। मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया शनिवार सुबह दोनों मृतकों के शवों को जिला अस्पताल गुना लाया गया। यहां डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस हृदयविदारक घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है और गांव में शोक की लहर है। मृतक रघुवीर और बलवीर, दोनों के दो-दो छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से अब हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया है। कार को लिया कब्जे में, पुलिस कर रही जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। बजरंगगढ़ थाना प्रभारी (SI) कृपाल सिंह ने बताया, रात दो बजे के आसपास कार और मोटरसाइकिल की भीषण टक्कर हुई है। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिवार वालों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
Sat, 20 Jun 2026 07:04:38 +0000
शिवपुरी में मानसून की देरी से किसान चिंतित:टमाटर रोपाई 10 दिन से ज्यादा पिछड़ी; पौध हो रही खराब
शिवपुरी जिले में मानसून की देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में समय पर बारिश नहीं होने से खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। प्रदेश के प्रमुख टमाटर उत्पादक क्षेत्रों में शामिल शिवपुरी में इस बार टमाटर की रोपाई का काम 10 दिन से अधिक पिछड़ गया है। खेत तैयार होने के बावजूद किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जिससे खेती का पूरा चक्र प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। 10 दिन से अधिक पिछड़ी टमाटर की रोपाई जिले के किसानों ने टमाटर की पौध तैयार कर खेतों तक पहुंचा दी है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण रोपाई शुरू नहीं हो पा रही है। सामान्य तौर पर इस समय तक कई क्षेत्रों में रोपाई का काम शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार मानसून की देरी का असर साफ दिखाई दे रहा है। खेतों तक पहुंच चुकी है तैयार पौध किसानों ने मौसम के अनुमान के आधार पर पहले ही पौध तैयार कर ली थी। कई किसानों ने पौध को खेतों तक भी पहुंचा दिया है, लेकिन मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं होने से पौध रोपना जोखिम भरा माना जा रहा है। ऐसे में किसान मजबूरी में इंतजार कर रहे हैं। बारिश नहीं हुई तो पौध की गुणवत्ता होगी प्रभावित किसानों का कहना है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई तो टमाटर की पौध जरूरत से ज्यादा बड़ी हो जाएगी। इससे पौध की गुणवत्ता प्रभावित होगी और खेत में लगाने के बाद उसकी बढ़वार और उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। नई पौध खरीदने की नौबत आने की आशंका किसान अशोक कुशवाह ने बताया कि यदि बारिश में ज्यादा देरी हुई तो पुरानी पौध उपयोग लायक नहीं रह जाएगी। ऐसी स्थिति में किसानों को नई पौध खरीदकर दोबारा रोपाई करनी पड़ सकती है। इससे खेती की लागत बढ़ेगी और आर्थिक नुकसान भी होगा। किसानों पर बढ़ सकता है अतिरिक्त आर्थिक बोझ पहले से तैयार पौध खराब होने की स्थिति में किसानों को दोबारा निवेश करना पड़ेगा। बीज, पौध, मजदूरी और सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है। शिवपुरी जिला प्रदेश के प्रमुख टमाटर उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां उत्पादित टमाटर की आपूर्ति मध्य प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों में भी की जाती है। जिले की कृषि अर्थव्यवस्था में टमाटर उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। ऐसे में रोपाई में देरी का असर सीधे किसानों की आय पर पड़ सकता है। सोयाबीन और मक्का की बुवाई भी प्रभावित केवल टमाटर ही नहीं, बल्कि सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई भी बारिश पर निर्भर है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश शुरू हो जाती है तो बुवाई का काम समय पर पूरा किया जा सकता है, लेकिन 10 से 15 दिन की और देरी उत्पादन पर असर डाल सकती है। प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी मध्य प्रदेश में भी इस बार मानसून का इंतजार लंबा हो गया है। सामान्य तौर पर 15 से 16 जून तक प्रदेश में दस्तक देने वाला मानसून इस बार करीब 10 दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अब इसके 25 जून के आसपास प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है। सामान्य से 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 1 जून से अब तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। कम बारिश का असर खेती-किसानी पर साफ दिखाई देने लगा है। किसानों की निगाहें आसमान पर फिलहाल शिवपुरी जिले के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। खेत तैयार हैं, पौध तैयार है और बुवाई का समय लगातार आगे बढ़ रहा है। किसानों को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय होगा और खेती का काम रफ्तार पकड़ सकेगा। यदि बारिश में और देरी हुई तो लागत बढ़ने के साथ-साथ उत्पादन प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ जाएगा।
Fri, 19 Jun 2026 07:01:58 +0000
पन्ना में रास्ते में फटा 108 एम्बुलेंस का टायर:बीच जंगल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज डेढ़ घंटे तक फंसा रहा, दूसरे से पहुंचाया हॉस्पिटल
पन्ना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है। अजयगढ़ से जिला अस्पताल ले जा रही 108 एम्बुलेंस का टायर रास्ते में फट गया। घटना जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर खजुरी मोड़ के पास हुई। उस समय एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट पर एक गंभीर मरीज मौजूद था। दोपहर के समय हुई इस घटना के बाद एम्बुलेंस सड़क किनारे रुक गई। बताया गया कि वाहन में न तो एयर कंडीशनर की सुविधा थी और न ही अतिरिक्त टायर उपलब्ध था। ऐसे में मरीज, उसके परिजन और एम्बुलेंस स्टाफ को करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर इंतजार करना पड़ा। जंगल में फंसे रहे मरीज और परिजन मरीज के साथ मौजूद आशा कार्यकर्ता बिमला अहिरवार ने बताया कि मरीज कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। अजयगढ़ अस्पताल से उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में एम्बुलेंस खराब हो जाने से उपचार में देरी हुई। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक जंगल क्षेत्र में फंसे रहने के दौरान मरीज की स्थिति और खराब होने लगी, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। जर्जर टायरों को लेकर उठे सवाल एम्बुलेंस के पायलट सोभा प्रसाद कोंदर ने वाहन रखरखाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुराने और जर्जर टायरों को बदलने के लिए कई बार मांग की गई थी, लेकिन इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार जिले में संचालित कई एम्बुलेंस पुराने टायरों के सहारे चल रही हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। दूसरी एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचा मरीज घटना की जानकारी मिलने के बाद पन्ना मुख्यालय से दूसरी एम्बुलेंस भेजी गई। इसके बाद मरीज को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया। सीएमएचओ ने बुलाई बैठक मामले पर डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने कहा कि सूचना मिलते ही दूसरी एम्बुलेंस भेजकर मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया था। उन्होंने बताया कि जिले में 108 एम्बुलेंस और जननी एक्सप्रेस सहित कुल 28 वाहन संचालित हैं। सीएमएचओ के अनुसार, वाहनों के रखरखाव और सामने आई इस समस्या को लेकर 108 एम्बुलेंस तथा जननी एक्सप्रेस के पायलटों और प्रबंधन की आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक में आवश्यक चर्चा कर आगे के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे।
Fri, 19 Jun 2026 07:01:58 +0000