कांकेर में 2 नक्सलियों का समर्पण

छत्तीसगढ़ संवाददाता कांकेर, 31 मार्च। कांकेर जिले में मंगलवार की सुबह 2 नक्सलियों ने केंद्रीय गृहमंत्री के डेडलाइन के आखिरी दिन समर्पण किया है। इस समर्पण के बारे में कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा ने बताया कि विगत 7 दिनों में 11 नक्सली कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में 31 मार्च को 2 और नक्सली जिसमें पीपीसीएम शंकर व पीएम हिडमा डोडी कैडरों ने भी हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया। शासन की पुनर्वास नीति के तहत आये एक नक्सल कैडर ने एके 47 के साथ आत्मसमर्पण किया गया है। समर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि इलाके में सक्रिय अन्य नक्सली कैडरों से चर्चा की गई है, जहाँ वे भी मुख्यधारा में शामिल होने की बात तो कह रहे हंै, साथ ही उन्हें भी लाने के लिए प्रयास जारी हैं। बस्तर के आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने बताया कि विगत तीन दिनों में मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे आए इन सभी 11 नक्सली कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए एक बार फिर शेष बचे कुछ नक्सली कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई गई है। आईजी ने आगे कहा कि नक्सली कैडरों के पास आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास के विकल्प को चुनने के लिए अब केवल कुछ ही घंटे का समय शेष रह गया है, उन्हें इस अवसर का उपयोग करते हुए अपने हिंसक अतीत को त्यागकर सामान्य शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपनाना चाहिए, 25 मार्च से लेकर आज 31 मार्च तक मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे आए इन सभी 11 नक्सली कैडरों, जिन्होंने पुनर्वास का मार्ग चुना है, उनके सामाजिक मुख्यधारा में पुन: एकीकरण की कार्रवाई संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात आयोजित की जाएगी।

कांकेर में 2 नक्सलियों का समर्पण
छत्तीसगढ़ संवाददाता कांकेर, 31 मार्च। कांकेर जिले में मंगलवार की सुबह 2 नक्सलियों ने केंद्रीय गृहमंत्री के डेडलाइन के आखिरी दिन समर्पण किया है। इस समर्पण के बारे में कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा ने बताया कि विगत 7 दिनों में 11 नक्सली कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में 31 मार्च को 2 और नक्सली जिसमें पीपीसीएम शंकर व पीएम हिडमा डोडी कैडरों ने भी हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया। शासन की पुनर्वास नीति के तहत आये एक नक्सल कैडर ने एके 47 के साथ आत्मसमर्पण किया गया है। समर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि इलाके में सक्रिय अन्य नक्सली कैडरों से चर्चा की गई है, जहाँ वे भी मुख्यधारा में शामिल होने की बात तो कह रहे हंै, साथ ही उन्हें भी लाने के लिए प्रयास जारी हैं। बस्तर के आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने बताया कि विगत तीन दिनों में मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे आए इन सभी 11 नक्सली कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए एक बार फिर शेष बचे कुछ नक्सली कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई गई है। आईजी ने आगे कहा कि नक्सली कैडरों के पास आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास के विकल्प को चुनने के लिए अब केवल कुछ ही घंटे का समय शेष रह गया है, उन्हें इस अवसर का उपयोग करते हुए अपने हिंसक अतीत को त्यागकर सामान्य शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपनाना चाहिए, 25 मार्च से लेकर आज 31 मार्च तक मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे आए इन सभी 11 नक्सली कैडरों, जिन्होंने पुनर्वास का मार्ग चुना है, उनके सामाजिक मुख्यधारा में पुन: एकीकरण की कार्रवाई संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात आयोजित की जाएगी।