बरखेड़ी में तालाब किनारे मरे मिले कई पक्षी:वन विभाग को सूचना, टीम अभी नहीं पहुंची मौके पर
बरखेड़ी में तालाब किनारे मरे मिले कई पक्षी:वन विभाग को सूचना, टीम अभी नहीं पहुंची मौके पर
सीहोर जिले के ग्राम बरखेड़ी में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब तालाब किनारे बड़ी संख्या में पक्षी मृत अवस्था में पड़े मिले। सुबह टहलने और खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने जब तालाब के पास पक्षियों को जमीन पर पड़ा देखा तो गांव में चिंता फैल गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, मृत पक्षियों की संख्या 16 से अधिक है। सभी पक्षी एक ही इलाके में तालाब के किनारे पड़े मिले। घटना के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पानी की कमी वाले तालाब में डेरा डाले थे प्रवासी पक्षी जानकारी के अनुसार, बरखेड़ी के इस तालाब में इन दिनों पानी बहुत कम बचा है। इसके बावजूद यहां प्रवासी पक्षी हर साल की तरह डेरा डाले हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि ठंड के मौसम में अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी यहां आते हैं और कई दिन तक रुकते हैं। आज सुबह अचानक बड़ी संख्या में पक्षियों के मृत मिलने से लोगों में दहशत और चिंता दोनों है। ग्रामीणों को आशंका है कि पानी की कमी, प्रदूषण या किसी अन्य कारण से यह घटना हुई हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। डायल 112 ने बताया कार्यक्षेत्र से बाहर सजग ग्रामीणों ने सबसे पहले डायल 112 पर कॉल कर सूचना दी। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें यह कहकर जवाब दे दिया गया कि यह मामला उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता। इसके बाद ग्रामीणों ने सीधे वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पक्षियों की मौत का सही कारण सामने आ सके। बगुले, तीतरी जैसे पक्षी भी शामिल ग्राम के निवासी सुनील ने बताया कि मृत पक्षियों में बगुले और तीतरी जैसे पक्षी शामिल हैं। कुछ पक्षी देखने में हंस जैसे भी लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि तालाब में पानी की कमी के बावजूद प्रवासी पक्षी हर साल यहां आते हैं, लेकिन इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम कराया जाए और पानी की जांच भी की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि मौत बीमारी, जहरीले पानी या किसी अन्य कारण से हुई है। जांच के बाद ही साफ होगा कारण फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है। जब तक वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच नहीं करती, तब तक पक्षियों की मौत का असली कारण सामने नहीं आ पाएगा। गांव के लोग चिंतित हैं और चाहते हैं कि जल्द कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
सीहोर जिले के ग्राम बरखेड़ी में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब तालाब किनारे बड़ी संख्या में पक्षी मृत अवस्था में पड़े मिले। सुबह टहलने और खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने जब तालाब के पास पक्षियों को जमीन पर पड़ा देखा तो गांव में चिंता फैल गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, मृत पक्षियों की संख्या 16 से अधिक है। सभी पक्षी एक ही इलाके में तालाब के किनारे पड़े मिले। घटना के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पानी की कमी वाले तालाब में डेरा डाले थे प्रवासी पक्षी जानकारी के अनुसार, बरखेड़ी के इस तालाब में इन दिनों पानी बहुत कम बचा है। इसके बावजूद यहां प्रवासी पक्षी हर साल की तरह डेरा डाले हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि ठंड के मौसम में अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी यहां आते हैं और कई दिन तक रुकते हैं। आज सुबह अचानक बड़ी संख्या में पक्षियों के मृत मिलने से लोगों में दहशत और चिंता दोनों है। ग्रामीणों को आशंका है कि पानी की कमी, प्रदूषण या किसी अन्य कारण से यह घटना हुई हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। डायल 112 ने बताया कार्यक्षेत्र से बाहर सजग ग्रामीणों ने सबसे पहले डायल 112 पर कॉल कर सूचना दी। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें यह कहकर जवाब दे दिया गया कि यह मामला उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता। इसके बाद ग्रामीणों ने सीधे वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पक्षियों की मौत का सही कारण सामने आ सके। बगुले, तीतरी जैसे पक्षी भी शामिल ग्राम के निवासी सुनील ने बताया कि मृत पक्षियों में बगुले और तीतरी जैसे पक्षी शामिल हैं। कुछ पक्षी देखने में हंस जैसे भी लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि तालाब में पानी की कमी के बावजूद प्रवासी पक्षी हर साल यहां आते हैं, लेकिन इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम कराया जाए और पानी की जांच भी की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि मौत बीमारी, जहरीले पानी या किसी अन्य कारण से हुई है। जांच के बाद ही साफ होगा कारण फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है। जब तक वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच नहीं करती, तब तक पक्षियों की मौत का असली कारण सामने नहीं आ पाएगा। गांव के लोग चिंतित हैं और चाहते हैं कि जल्द कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।