छत्तीसगढ़ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 31 मार्च। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नक्सल खात्मे की समय सीमा के अंतिम दिन बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने संवाददाता सम्मेलन में मंगलवार को पुलिस का पक्ष रखा।
उन्होंने बताया कि नक्सली संगठन ध्वस्त हो चुका है। शीर्ष नक्सली लीडर हिड़मा के तेलंगाना में मारे जाने, इसके उपरांत बारसे देवा के आत्म समर्पण किए जाने से संगठन धराशायी हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भी पुलिस मुख्यालयों में देर रात तक नक्सलियों के समर्पण किए जाने की संभावना है। जिससे बस्तर संभाग नक्सली मुक्त हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि नक्सलियों में पुलिस से लडऩे की ताकत नहीं बची है। टॉप नक्सली लीडरों के समर्पण और मारे जाने के उपरांत नक्सली संगठन पूर्ण रूप से टूट चुका है। वर्तमान में नक्सली संगठन के शेष सदस्य पुलिस के निरंतर संपर्क में है। जिससे उनका आत्मसमर्पण कराया जा सके। इसके उपरांत उनका बेहतर पुनर्वास संभव होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन के डेडलाइन का प्रथम मिशन आज पूर्ण हो रहा है। वहीं द्वितीय मिशन 1 अप्रैल से आरंभ होगा। जिसमें विकास से जनता का विश्वास हासिल किया जाएगा। इस दौरान क्षेत्र वासियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें सडक़, बिजली और रोजगार प्रमुख रूप से शामिल होगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बस्तर के नागरिकों को वर्ष -1947 के उपरांत वर्ष - 2026 में दूसरी बार आजादी प्राप्त कर रहे हैं। नक्सलवाद की वजह से अंचल के नागरिकों की स्वतंत्रता छिन गई थी। नक्सलवाद के खात्मे से नागरिकों को दूसरी बार खुली हवा में जीने का अवसर मिला।
इस दौरान कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, उप महानिरीक्षक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल राकेश, कमांडेंट 111वाहिनी गोपाल यादव प्रमुख रूप से मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 31 मार्च। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नक्सल खात्मे की समय सीमा के अंतिम दिन बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने संवाददाता सम्मेलन में मंगलवार को पुलिस का पक्ष रखा।
उन्होंने बताया कि नक्सली संगठन ध्वस्त हो चुका है। शीर्ष नक्सली लीडर हिड़मा के तेलंगाना में मारे जाने, इसके उपरांत बारसे देवा के आत्म समर्पण किए जाने से संगठन धराशायी हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भी पुलिस मुख्यालयों में देर रात तक नक्सलियों के समर्पण किए जाने की संभावना है। जिससे बस्तर संभाग नक्सली मुक्त हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि नक्सलियों में पुलिस से लडऩे की ताकत नहीं बची है। टॉप नक्सली लीडरों के समर्पण और मारे जाने के उपरांत नक्सली संगठन पूर्ण रूप से टूट चुका है। वर्तमान में नक्सली संगठन के शेष सदस्य पुलिस के निरंतर संपर्क में है। जिससे उनका आत्मसमर्पण कराया जा सके। इसके उपरांत उनका बेहतर पुनर्वास संभव होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन के डेडलाइन का प्रथम मिशन आज पूर्ण हो रहा है। वहीं द्वितीय मिशन 1 अप्रैल से आरंभ होगा। जिसमें विकास से जनता का विश्वास हासिल किया जाएगा। इस दौरान क्षेत्र वासियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें सडक़, बिजली और रोजगार प्रमुख रूप से शामिल होगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बस्तर के नागरिकों को वर्ष -1947 के उपरांत वर्ष - 2026 में दूसरी बार आजादी प्राप्त कर रहे हैं। नक्सलवाद की वजह से अंचल के नागरिकों की स्वतंत्रता छिन गई थी। नक्सलवाद के खात्मे से नागरिकों को दूसरी बार खुली हवा में जीने का अवसर मिला।
इस दौरान कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, उप महानिरीक्षक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल राकेश, कमांडेंट 111वाहिनी गोपाल यादव प्रमुख रूप से मौजूद थे।