सियाराम बाबा प्रथम पुण्यतिथि महोत्सव भव्य कलश यात्रा संग शुरू:251 बालिकाएं, हजारों परिक्रमावासी जुड़े; नागर की भागवत कथा शुरू

खरगोन के भट्याण बुजुर्ग आश्रम में ब्रह्मलीन संत सियाराम बाबा का प्रथम पुण्यतिथि महोत्सव मंगलवार से शुरू हो गया। इस अवसर पर पं. कमल किशोर नागर की श्रीमद् भागवत कथा का भी शुभारंभ हुआ। महोत्सव की शुरुआत सुबह 9 बजे नर्मदा घाट से 251 बालिकाओं की कलश यात्रा के साथ हुई। बालिकाएं नर्मदा मैया और सियाराम बाबा के जयकारे लगाते हुए कथास्थल पहुंचीं। यात्रा का स्वागत फूलों की वर्षा कर किया गया। यह यात्रा दशहरा मैदान स्थित सरकारी स्कूल के पास कथा स्थल पर समाप्त हुई। कलश यात्रा में 1000 से अधिक नर्मदा परिक्रमावासी, संत और श्रद्धालु शामिल हुए। दोपहर 12 बजे से शुरू हुई कथा में पंडित नागर ने श्रीमद् भागवत के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे मोक्ष की कथा बताया। उन्होंने ब्रह्मलीन संत सियाराम बाबा के निस्वार्थ सेवा कार्यों का स्मरण कर श्रद्धालुओं को प्रेरित किया। कथा का समापन सियाराम बाबा की पुण्यतिथि मोक्षदा एकादशी, 1 दिसंबर को होगा। इस दिन संतश्री की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आश्रम में लाल पत्थरों से निर्मित मंदिर में संत सियाराम बाबा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा ओंकारेश्वर, महेश्वर और अन्य तीर्थस्थलों के पंडितों तथा संत समाज की उपस्थिति में होगी। देखिए तस्वीरें...

सियाराम बाबा प्रथम पुण्यतिथि महोत्सव भव्य कलश यात्रा संग शुरू:251 बालिकाएं, हजारों परिक्रमावासी जुड़े; नागर की भागवत कथा शुरू
खरगोन के भट्याण बुजुर्ग आश्रम में ब्रह्मलीन संत सियाराम बाबा का प्रथम पुण्यतिथि महोत्सव मंगलवार से शुरू हो गया। इस अवसर पर पं. कमल किशोर नागर की श्रीमद् भागवत कथा का भी शुभारंभ हुआ। महोत्सव की शुरुआत सुबह 9 बजे नर्मदा घाट से 251 बालिकाओं की कलश यात्रा के साथ हुई। बालिकाएं नर्मदा मैया और सियाराम बाबा के जयकारे लगाते हुए कथास्थल पहुंचीं। यात्रा का स्वागत फूलों की वर्षा कर किया गया। यह यात्रा दशहरा मैदान स्थित सरकारी स्कूल के पास कथा स्थल पर समाप्त हुई। कलश यात्रा में 1000 से अधिक नर्मदा परिक्रमावासी, संत और श्रद्धालु शामिल हुए। दोपहर 12 बजे से शुरू हुई कथा में पंडित नागर ने श्रीमद् भागवत के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे मोक्ष की कथा बताया। उन्होंने ब्रह्मलीन संत सियाराम बाबा के निस्वार्थ सेवा कार्यों का स्मरण कर श्रद्धालुओं को प्रेरित किया। कथा का समापन सियाराम बाबा की पुण्यतिथि मोक्षदा एकादशी, 1 दिसंबर को होगा। इस दिन संतश्री की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आश्रम में लाल पत्थरों से निर्मित मंदिर में संत सियाराम बाबा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा ओंकारेश्वर, महेश्वर और अन्य तीर्थस्थलों के पंडितों तथा संत समाज की उपस्थिति में होगी। देखिए तस्वीरें...