सेवा समाप्ति के विरोध में सड़कों पर उतरे पेसा मोबिलाइजर:तीन दिन में बहाली नहीं हुई तो 20 जिलों में प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

बैतूल में पेसा मोबिलाइजर कर्मचारी संघ ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी सेवाएं समाप्त किए जाने का विरोध जताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर उनकी सेवाएं बहाल नहीं की गईं, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। संघ के अनुसार, मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 89 आदिवासी विकासखंडों में वर्ष 2021 से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पेसा मोबिलाइजर कार्यरत थे। हाल ही में पंचायत एवं ग्रामीण विकास संचालनालय ने एक आदेश जारी कर आरजीएसए योजना की अवधि समाप्त होने का हवाला देते हुए इन मोबिलाइजरों को सेवा मुक्त कर दिया है। आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि इस फैसले से हजारों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रदेशभर में पांच हजार से अधिक पेसा मोबिलाइजर कार्यरत हैं, जिनमें से अकेले बैतूल जिले में इनकी संख्या 265 बताई जा रही है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पेसा मोबिलाइजरों ने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के संचालन, पेसा एक्ट और वनाधिकार कानून के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने गौण वनोपज संग्रहण, पंचायत गतिविधियों और शासन की विभिन्न योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में भी सहयोग किया। बोले- मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी इसके अतिरिक्त, इन कर्मचारियों ने लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी, संबल, राशन, पेंशन और ई-केवाईसी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी सक्रिय योगदान दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले उनके कार्यों की सराहना करते हुए मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अब अचानक सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया है। संघ ने मांग की है कि सेवा समाप्ति का आदेश तत्काल निरस्त किया जाए और तीन दिन के भीतर सभी पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं पूर्ववत बहाल की जाएं। कर्मचारियों ने दोहराया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले एक बड़ा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

सेवा समाप्ति के विरोध में सड़कों पर उतरे पेसा मोबिलाइजर:तीन दिन में बहाली नहीं हुई तो 20 जिलों में प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
बैतूल में पेसा मोबिलाइजर कर्मचारी संघ ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी सेवाएं समाप्त किए जाने का विरोध जताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर उनकी सेवाएं बहाल नहीं की गईं, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। संघ के अनुसार, मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 89 आदिवासी विकासखंडों में वर्ष 2021 से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पेसा मोबिलाइजर कार्यरत थे। हाल ही में पंचायत एवं ग्रामीण विकास संचालनालय ने एक आदेश जारी कर आरजीएसए योजना की अवधि समाप्त होने का हवाला देते हुए इन मोबिलाइजरों को सेवा मुक्त कर दिया है। आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि इस फैसले से हजारों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रदेशभर में पांच हजार से अधिक पेसा मोबिलाइजर कार्यरत हैं, जिनमें से अकेले बैतूल जिले में इनकी संख्या 265 बताई जा रही है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पेसा मोबिलाइजरों ने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के संचालन, पेसा एक्ट और वनाधिकार कानून के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने गौण वनोपज संग्रहण, पंचायत गतिविधियों और शासन की विभिन्न योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में भी सहयोग किया। बोले- मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी इसके अतिरिक्त, इन कर्मचारियों ने लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी, संबल, राशन, पेंशन और ई-केवाईसी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी सक्रिय योगदान दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले उनके कार्यों की सराहना करते हुए मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अब अचानक सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया है। संघ ने मांग की है कि सेवा समाप्ति का आदेश तत्काल निरस्त किया जाए और तीन दिन के भीतर सभी पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं पूर्ववत बहाल की जाएं। कर्मचारियों ने दोहराया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले एक बड़ा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।