हरदा में इस महीने अबतक 30 सड़क हादसे, 15 मौतें:बीते 5 साल में 541 मौतें, कलेक्टर ने सड़क पर सुरक्षा के लिए जनता से की अपील
हरदा में इस महीने अबतक 30 सड़क हादसे, 15 मौतें:बीते 5 साल में 541 मौतें, कलेक्टर ने सड़क पर सुरक्षा के लिए जनता से की अपील
हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं, जो बेहद चिंता की बात है। पिछले पांच सालों में हरदा जिले में 1780 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 541 लोगों की मौत हो गई और 1869 लोग घायल हुए। कलेक्टर ने बताया कि इस साल अब तक सिर्फ 27 दिनों में ही 30 से ज्यादा सड़क हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में करीब 15 लोगों की जान चली गई। उन्होंने चेतावनी दी कि थोड़ी सी लापरवाही किसी पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर सकती है। ट्रैफिक नियम पालन करने की अपील की
कलेक्टर जैन ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने को कहा। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने पर खास जोर दिया। साथ ही तेज रफ्तार, गलत साइड से वाहन चलाने और खतरनाक ओवरटेकिंग से बचने की सलाह दी। शहर में 20 जगहों पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं
सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने जिले में करीब 20 ऐसे स्थान चिन्हित किए हैं, जहां दुर्घटनाओं की आशंका ज्यादा रहती है। इन जगहों पर संबंधित विभागों के साथ मिलकर सुधार के काम किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन के प्रयास तभी सफल होंगे, जब आम जनता भी सहयोग करेगी। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार सड़क पर चलने वाले हर वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी बीमा होना जरूरी है। बिना बीमा वाहन चलाने पर दोपहिया वाहन पर 1000 रुपये, हल्के वाहन पर 3000 रुपये और भारी या मध्यम वाहन पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 196 के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। कलेक्टर बोले- हेलमेट जरूर लगाएं
हेलमेट की अहमियत बताने वाला एक ताजा मामला 23 जनवरी की रात ग्राम बिछोला के पास सामने आया। शादी से लौट रहे जयसिंह पिता रामप्रसाद मंडराई की बाइक फिसल गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि अगर उन्होंने हेलमेट पहना होता, तो उनकी जान बच सकती थी।
हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं, जो बेहद चिंता की बात है। पिछले पांच सालों में हरदा जिले में 1780 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 541 लोगों की मौत हो गई और 1869 लोग घायल हुए। कलेक्टर ने बताया कि इस साल अब तक सिर्फ 27 दिनों में ही 30 से ज्यादा सड़क हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में करीब 15 लोगों की जान चली गई। उन्होंने चेतावनी दी कि थोड़ी सी लापरवाही किसी पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर सकती है। ट्रैफिक नियम पालन करने की अपील की
कलेक्टर जैन ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने को कहा। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने पर खास जोर दिया। साथ ही तेज रफ्तार, गलत साइड से वाहन चलाने और खतरनाक ओवरटेकिंग से बचने की सलाह दी। शहर में 20 जगहों पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं
सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने जिले में करीब 20 ऐसे स्थान चिन्हित किए हैं, जहां दुर्घटनाओं की आशंका ज्यादा रहती है। इन जगहों पर संबंधित विभागों के साथ मिलकर सुधार के काम किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन के प्रयास तभी सफल होंगे, जब आम जनता भी सहयोग करेगी। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार सड़क पर चलने वाले हर वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी बीमा होना जरूरी है। बिना बीमा वाहन चलाने पर दोपहिया वाहन पर 1000 रुपये, हल्के वाहन पर 3000 रुपये और भारी या मध्यम वाहन पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 196 के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। कलेक्टर बोले- हेलमेट जरूर लगाएं
हेलमेट की अहमियत बताने वाला एक ताजा मामला 23 जनवरी की रात ग्राम बिछोला के पास सामने आया। शादी से लौट रहे जयसिंह पिता रामप्रसाद मंडराई की बाइक फिसल गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि अगर उन्होंने हेलमेट पहना होता, तो उनकी जान बच सकती थी।