9 माह से भुगतान लंबित, सफाई ठेकेदारों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था चरमराई
9 माह से भुगतान लंबित, सफाई ठेकेदारों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था चरमराई
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर,18 मई। नगर निगम क्षेत्र के 48 में से 24 वार्डों में ठेका पद्धति से संचालित सफाई व्यवस्था इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। पिछले 19 महीनों से भुगतान लंबित होने के कारण सफाई ठेकेदार आर्थिक संकट में आ गए हैं। मजदूरों को वेतन नहीं मिलने से सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते कई वार्डों में सफाई कार्य पूरी तरह ठप हो गया है और शहर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगने लगा है।
मामले को लेकर पार्षद एवं पूर्व एमआईसी सदस्य मेराज गुड्डू ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम की एमआईसी सदस्य एवं स्वच्छता प्रभारी ममता तिवारी के पति तथा सफाई ठेकेदार अनिल तिवारी को 5 जनवरी 2026 को करीब 90 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि अन्य ठेकेदारों की भुगतान मांग भी उसी समय भेजी गई थी।
मेराज गुड्डू ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर चयनित ठेकेदार को भुगतान कराया गया, जबकि बाकी ठेकेदारों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे नगर निगम की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से सभी लंबित भुगतानों को तत्काल जारी कर सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। इधर, शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिकों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर,18 मई। नगर निगम क्षेत्र के 48 में से 24 वार्डों में ठेका पद्धति से संचालित सफाई व्यवस्था इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। पिछले 19 महीनों से भुगतान लंबित होने के कारण सफाई ठेकेदार आर्थिक संकट में आ गए हैं। मजदूरों को वेतन नहीं मिलने से सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते कई वार्डों में सफाई कार्य पूरी तरह ठप हो गया है और शहर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगने लगा है।
मामले को लेकर पार्षद एवं पूर्व एमआईसी सदस्य मेराज गुड्डू ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम की एमआईसी सदस्य एवं स्वच्छता प्रभारी ममता तिवारी के पति तथा सफाई ठेकेदार अनिल तिवारी को 5 जनवरी 2026 को करीब 90 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि अन्य ठेकेदारों की भुगतान मांग भी उसी समय भेजी गई थी।
मेराज गुड्डू ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर चयनित ठेकेदार को भुगतान कराया गया, जबकि बाकी ठेकेदारों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे नगर निगम की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से सभी लंबित भुगतानों को तत्काल जारी कर सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। इधर, शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिकों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है।