कलिंगा विवि का जी इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव आर्ट के साथ एमओयू

रायपुर, 15 अप्रैल। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट, भुवनेश्वर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता उद्योग-एकीकृत शिक्षा को मज़बूत करने और छात्रों के लिए रचनात्मक करियर के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। विश्वविद्यालय ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य बैचलर ऑफ़ वोकेशन कार्यक्रम में दो विशेषज्ञताएँएनिमेशन और दृश्य प्रभाव, तथा फैशन प्रौद्योगिकीको बढ़ावा देना है। इन्हें इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि ये छात्रों को अधिक मांग वाले रचनात्मक क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल, प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ा ज्ञान प्रदान कर सकें। इस सहयोग का उद्देश्य शैक्षणिक शिक्षा और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच के अंतर को पाटना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्र पहले ही दिन से करियर के लिए तैयार हों। विश्वविद्यालय ने बताया कि इस समझौते पर ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट, भुवनेश्वर के निदेशक श्री प्रमोद कुमार पांडा और कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने, ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट, भुवनेश्वर के केंद्र प्रमुख श्री कालीचरण साहू और कलिंगा विश्वविद्यालय के प्रवेश निदेशक श्री अभिषेक शर्मा की उपस्थिति में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए; यह समझौता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पेशेवर उत्कृष्टता के प्रति दोनों संस्थानों की मज़बूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय ने बताया कि इस सहयोग के तहत, ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट, भुवनेश्वर उद्योग भागीदार के तौर पर काम करेगा, जो विशेषज्ञ मार्गदर्शन, वास्तविक दुनिया का अनुभव और एनिमेशन, दृश्य प्रभाव तथा फैशन उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले नवीनतम उपकरणों और तकनीकों तक पहुँच प्रदान करेगा। यह साझेदारी छात्रों को व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्राप्त करने, मज़बूत पोर्टफ़ोलियो बनाने और प्रतिस्पर्धी रचनात्मक क्षेत्रों में अपनी रोजग़ार-योग्यता बढ़ाने में सक्षम बनाएगी।

कलिंगा विवि का जी इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव आर्ट के साथ एमओयू
रायपुर, 15 अप्रैल। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट, भुवनेश्वर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता उद्योग-एकीकृत शिक्षा को मज़बूत करने और छात्रों के लिए रचनात्मक करियर के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। विश्वविद्यालय ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य बैचलर ऑफ़ वोकेशन कार्यक्रम में दो विशेषज्ञताएँएनिमेशन और दृश्य प्रभाव, तथा फैशन प्रौद्योगिकीको बढ़ावा देना है। इन्हें इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि ये छात्रों को अधिक मांग वाले रचनात्मक क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल, प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ा ज्ञान प्रदान कर सकें। इस सहयोग का उद्देश्य शैक्षणिक शिक्षा और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच के अंतर को पाटना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्र पहले ही दिन से करियर के लिए तैयार हों। विश्वविद्यालय ने बताया कि इस समझौते पर ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट, भुवनेश्वर के निदेशक श्री प्रमोद कुमार पांडा और कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने, ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट, भुवनेश्वर के केंद्र प्रमुख श्री कालीचरण साहू और कलिंगा विश्वविद्यालय के प्रवेश निदेशक श्री अभिषेक शर्मा की उपस्थिति में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए; यह समझौता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पेशेवर उत्कृष्टता के प्रति दोनों संस्थानों की मज़बूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय ने बताया कि इस सहयोग के तहत, ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट, भुवनेश्वर उद्योग भागीदार के तौर पर काम करेगा, जो विशेषज्ञ मार्गदर्शन, वास्तविक दुनिया का अनुभव और एनिमेशन, दृश्य प्रभाव तथा फैशन उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले नवीनतम उपकरणों और तकनीकों तक पहुँच प्रदान करेगा। यह साझेदारी छात्रों को व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्राप्त करने, मज़बूत पोर्टफ़ोलियो बनाने और प्रतिस्पर्धी रचनात्मक क्षेत्रों में अपनी रोजग़ार-योग्यता बढ़ाने में सक्षम बनाएगी।