गूंजा जय भीम और जय संविधान, हजारों ने दिखाई एकजुटता

छत्तीसगढ़ संवाददाता जगदलपुर, 15 अप्रैल। भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को जगदलपुर में भव्य आयोजन हुआ। लालबाग मैदान के पास स्थित स्मृति स्थल पर विभिन्न समाजों के लोगों ने पहुंचकर बाबा साहब को नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे पूरे शहर में उत्साह का माहौल नजर आया। .आयोजन के दौरान मंच से वक्ताओं ने डॉ अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन के लिए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब ने समानता, शिक्षा, न्याय और अधिकारों के लिए जो मिशन शुरू किया था, उसे आगे बढ़ाना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में सामाजिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित संदेश दिए गए। .समारोह में महिलाओं, युवाओं, बच्चों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा अलग-अलग राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में सर्वसमाज की भागीदारी ने इसे विशेष स्वरूप दिया और सामाजिक एकता का संदेश दिया। .जगदलपुर शहर में इस अवसर पर कई चौक-चौराहों को सजाया गया। जगह-जगह डॉ. अंबेडकर के जीवन और योगदान से जुड़े चित्र लगाए गए। इसके साथ ही जुलूस और नगर भ्रमण भी निकाला गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। सामाजिक जागरूकता से जुड़े गीतों और नारों के बीच लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। .कार्यक्रम के दौरान बस्तर संभाग के विभिन्न समाजों की ओर से कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में शहीदों और समाज से जुड़े 15 बिंदुओं की समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग रखी गई। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया। .बहरहाल, डॉ अंबेडकर जयंती पर जगदलपुर में हुआ यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकजुटता, संवैधानिक जागरूकता और अधिकारों के प्रति सजगता का भी बड़ा संदेश देकर गया। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी समाजों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

गूंजा जय भीम और जय संविधान, हजारों ने दिखाई एकजुटता
छत्तीसगढ़ संवाददाता जगदलपुर, 15 अप्रैल। भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को जगदलपुर में भव्य आयोजन हुआ। लालबाग मैदान के पास स्थित स्मृति स्थल पर विभिन्न समाजों के लोगों ने पहुंचकर बाबा साहब को नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे पूरे शहर में उत्साह का माहौल नजर आया। .आयोजन के दौरान मंच से वक्ताओं ने डॉ अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन के लिए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब ने समानता, शिक्षा, न्याय और अधिकारों के लिए जो मिशन शुरू किया था, उसे आगे बढ़ाना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में सामाजिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित संदेश दिए गए। .समारोह में महिलाओं, युवाओं, बच्चों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा अलग-अलग राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में सर्वसमाज की भागीदारी ने इसे विशेष स्वरूप दिया और सामाजिक एकता का संदेश दिया। .जगदलपुर शहर में इस अवसर पर कई चौक-चौराहों को सजाया गया। जगह-जगह डॉ. अंबेडकर के जीवन और योगदान से जुड़े चित्र लगाए गए। इसके साथ ही जुलूस और नगर भ्रमण भी निकाला गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। सामाजिक जागरूकता से जुड़े गीतों और नारों के बीच लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। .कार्यक्रम के दौरान बस्तर संभाग के विभिन्न समाजों की ओर से कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में शहीदों और समाज से जुड़े 15 बिंदुओं की समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग रखी गई। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया। .बहरहाल, डॉ अंबेडकर जयंती पर जगदलपुर में हुआ यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकजुटता, संवैधानिक जागरूकता और अधिकारों के प्रति सजगता का भी बड़ा संदेश देकर गया। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी समाजों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।