बिरसा मुंडा जयंती पर यूनिवर्सिटी में निकाली रैली,:भाषण प्रतियोगिता भी हुई; कुलपति बोले- उनका जीवन एकता और देशभक्ति की प्रेरणा देता है

क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय समारोह बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इसका उद्देश्य छात्रों में खेल भावना, एकता, समर्पण, देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करना था, जो बिरसा मुंडा के जीवन और आदर्शों से गहराई से जुड़ा हुआ है। दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ कुलपति डॉ. किशन यादव ने किया। इस अवसर पर कुल सचिव डॉ. ललित नामदेव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रभात चौधरी, डीसीडीसी देवेंद्र कुमार भड़ेरिया और विश्वविद्यालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। कुलपति ने अपने संबोधन में बिरसा मुंडा के जीवन, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व को वर्तमान समाज के लिए प्रेरणादायक बताया और छात्रों से उनके मार्ग पर चलने का आवाहन किया। पहले दिन क्रिकेट मैच का आयोजन पहले दिन महिला और पुरुष वर्ग के बीच मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने उत्साह, अनुशासन और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दूसरा दिवस- रैली और भाषण प्रतियोगिता समापन दिवस की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर से रैली के साथ हुई। रैली में छात्रों ने बिरसा मुंडा के जीवन, आदर्श और आदिवासी अधिकारों के प्रति उनके योगदान पर आधारित नारे लगाए। रैली विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से शुरू होकर परिसर के अलग-अलग मार्गों से होती हुई सभागार में संपन्न हुई। कुलपति ने संबोधन में कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन न्याय, आत्म-सम्मान और सामाजिक एकता की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रबल करते हैं। रैली के बाद भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्रों ने बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और वर्तमान समाज में उनकी प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन विधि जैन और नेहा नंदा ने किया। प्रतियोगिता में रघुवीर जाटव ने प्रथम, विक्रम सिंह ताम्रे ने द्वितीय और राहुल शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मनीषा नाहर ने उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।

बिरसा मुंडा जयंती पर यूनिवर्सिटी में निकाली रैली,:भाषण प्रतियोगिता भी हुई; कुलपति बोले- उनका जीवन एकता और देशभक्ति की प्रेरणा देता है
क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय समारोह बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इसका उद्देश्य छात्रों में खेल भावना, एकता, समर्पण, देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करना था, जो बिरसा मुंडा के जीवन और आदर्शों से गहराई से जुड़ा हुआ है। दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ कुलपति डॉ. किशन यादव ने किया। इस अवसर पर कुल सचिव डॉ. ललित नामदेव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रभात चौधरी, डीसीडीसी देवेंद्र कुमार भड़ेरिया और विश्वविद्यालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। कुलपति ने अपने संबोधन में बिरसा मुंडा के जीवन, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व को वर्तमान समाज के लिए प्रेरणादायक बताया और छात्रों से उनके मार्ग पर चलने का आवाहन किया। पहले दिन क्रिकेट मैच का आयोजन पहले दिन महिला और पुरुष वर्ग के बीच मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने उत्साह, अनुशासन और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दूसरा दिवस- रैली और भाषण प्रतियोगिता समापन दिवस की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर से रैली के साथ हुई। रैली में छात्रों ने बिरसा मुंडा के जीवन, आदर्श और आदिवासी अधिकारों के प्रति उनके योगदान पर आधारित नारे लगाए। रैली विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से शुरू होकर परिसर के अलग-अलग मार्गों से होती हुई सभागार में संपन्न हुई। कुलपति ने संबोधन में कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन न्याय, आत्म-सम्मान और सामाजिक एकता की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रबल करते हैं। रैली के बाद भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्रों ने बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और वर्तमान समाज में उनकी प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन विधि जैन और नेहा नंदा ने किया। प्रतियोगिता में रघुवीर जाटव ने प्रथम, विक्रम सिंह ताम्रे ने द्वितीय और राहुल शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मनीषा नाहर ने उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।