उमरिया में 42.1°C तापमान दर्ज:मूंग-उड़द प्रभावित, कृषि वैज्ञानिक ने रात में सिंचाई की सलाह दी

उमरिया जिले में लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण जिला मुख्यालय की सड़कें सुबह दस बजे के बाद ही सूनी होने लगीं, और दोपहर एक बजे तक बाजारों व प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा छा गया। गर्मी का असर अब कृषि फसलों पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। जिले में बोई गई मूंग और उड़द की फसलें अत्यधिक तापमान के कारण प्रभावित हो रही हैं। खेतों में नमी तेजी से कम होने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय पहुंचे सुरेंद्र ने बताया कि गर्मी इतनी तीव्र है कि सिर और कान ढके बिना घर से निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय नहीं करें सिंचाई कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि वर्तमान मौसम में फसलों की लगातार निगरानी आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन के समय सिंचाई करने से पौधों के जलने का खतरा रहता है, इसलिए किसानों को रात के समय ही सिंचाई करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, खेतों में नमी बनाए रखने के लिए अन्य आवश्यक उपाय करने की भी सलाह दी गई है।

उमरिया में 42.1°C तापमान दर्ज:मूंग-उड़द प्रभावित, कृषि वैज्ञानिक ने रात में सिंचाई की सलाह दी
उमरिया जिले में लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण जिला मुख्यालय की सड़कें सुबह दस बजे के बाद ही सूनी होने लगीं, और दोपहर एक बजे तक बाजारों व प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा छा गया। गर्मी का असर अब कृषि फसलों पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। जिले में बोई गई मूंग और उड़द की फसलें अत्यधिक तापमान के कारण प्रभावित हो रही हैं। खेतों में नमी तेजी से कम होने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय पहुंचे सुरेंद्र ने बताया कि गर्मी इतनी तीव्र है कि सिर और कान ढके बिना घर से निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय नहीं करें सिंचाई कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि वर्तमान मौसम में फसलों की लगातार निगरानी आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन के समय सिंचाई करने से पौधों के जलने का खतरा रहता है, इसलिए किसानों को रात के समय ही सिंचाई करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, खेतों में नमी बनाए रखने के लिए अन्य आवश्यक उपाय करने की भी सलाह दी गई है।