गुरु-शिष्य परंपरा, संस्कारों और सकारात्मक सोच को अपनाकर जीवन में निरंतर आगे बढ़ें-डॉ. दुबे

शहीद राजीव पांडे शा. महावि. में गुरु पूर्णिमा का गरिमामय आयोजन रायपुर, 30 जुलाई। शहीद राजीव पांडे शासकीय महाविद्यालय, भाठागांव, रायपुर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन आई.क्यू.ए.सी. के तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य सेवानिवृत्त डॉ. राजेश दुबे रहे। महाविद्यालय ने बताया कि शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेणु माहेश्वरी द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत एवं वंदन के साथ किया गया। डॉ. राजेश दुबे ने गुरु-परंपरा के विकास एवं समयानुसार हुए परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। अपने गुरुवचन गुरु ही शिष्य के चरित्र का निर्माण करते हैं के साथ विद्यार्थियों को भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, संस्कारों एवं सकारात्मक सोच को अपनाकर जीवन में निरंतर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एल. एन. वर्मा ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को जिस दायित्व के लिए नियुक्त किया गया है, उसका निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण भाव से निर्वहन करना ही उसकी वास्तविक गुरुता है। डॉ. एल. एन. वर्मा एवं डॉ. करुणा देवांगन (व्याख्याता, परसदा-सोढ़) द्वारा रचित पुस्तक भारत में आवास विकास बोर्ड की कार्यप्रणाली एवं उपलब्धियां का विमोचन किया गया। सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन आई.क्यू.ए.सी प्रभारी डॉ. सुनीता अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी तथा वर्तमान विद्यार्थी सह भूतपूर्व छात्र भी उपस्थित रहे।

गुरु-शिष्य परंपरा, संस्कारों और सकारात्मक सोच को अपनाकर जीवन में निरंतर आगे बढ़ें-डॉ. दुबे
शहीद राजीव पांडे शा. महावि. में गुरु पूर्णिमा का गरिमामय आयोजन रायपुर, 30 जुलाई। शहीद राजीव पांडे शासकीय महाविद्यालय, भाठागांव, रायपुर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन आई.क्यू.ए.सी. के तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य सेवानिवृत्त डॉ. राजेश दुबे रहे। महाविद्यालय ने बताया कि शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेणु माहेश्वरी द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत एवं वंदन के साथ किया गया। डॉ. राजेश दुबे ने गुरु-परंपरा के विकास एवं समयानुसार हुए परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। अपने गुरुवचन गुरु ही शिष्य के चरित्र का निर्माण करते हैं के साथ विद्यार्थियों को भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, संस्कारों एवं सकारात्मक सोच को अपनाकर जीवन में निरंतर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एल. एन. वर्मा ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को जिस दायित्व के लिए नियुक्त किया गया है, उसका निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण भाव से निर्वहन करना ही उसकी वास्तविक गुरुता है। डॉ. एल. एन. वर्मा एवं डॉ. करुणा देवांगन (व्याख्याता, परसदा-सोढ़) द्वारा रचित पुस्तक भारत में आवास विकास बोर्ड की कार्यप्रणाली एवं उपलब्धियां का विमोचन किया गया। सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन आई.क्यू.ए.सी प्रभारी डॉ. सुनीता अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी तथा वर्तमान विद्यार्थी सह भूतपूर्व छात्र भी उपस्थित रहे।