देशभर में 46 लाख शादियों से होटल और कैटरिंग सेक्टर को मिलेगा जबरदस्त फायदा, छग में 3500 करोड़ व्यापार-कैट

रायपुर, 25 नवंबर। व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमैन श्री जितेंद्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, महामंत्री श्री सुरिन्दर सिंह, कोषाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेंद्र जग्गी, श्री राम मंधान, श्री वासु मखीजा, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी, श्री शंकर बजाज आदि ने संयुक्त रूप से बताया कि कैट की अनुसंधान शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी (ब्त्ज्क्ै) के नवीनतम अध्ययन के अनुसार 1 नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के बीच प्रदेश सहित देशभर में लगभग 46 लाख शादियाँ होंगी, जिनसे करीब लगभग 6.50 लाख करोड़ का व्यापार होने का अनुमान है। श्री पारवानी ने बताया कि इस वर्ष होने वाले विवाहों में खर्च का पैटर्न भी उल्लेखनीय है। शादी बजट के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर विभाजन लगभग इस प्रकार है- 3 प्रतिशत शादियाँ 1 करोड़ से 10 करोड़ के बजट में होंगी, जबकि 9 प्रतिशत शादियों का बजट 50 लाख से 1 करोड़ के बीच रहेगा। लगभग 25 प्रतिशत शादियाँ 25 लाख से 50 लाख के बजट में होंगी, और 22 प्रतिशत शादियाँ 15 लाख से 25 लाख की श्रेणी में आएँगी। वहीं सर्वाधिक 41 प्रतिशत शादियाँ 15 लाख से कम बजट में सम्पन्न होंगी। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि विवाह उद्योग हर वर्ग के लिए समान रूप से अवसर पैदा करता है और छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े सेवा प्रदाताओं तक सभी के लिए व्यापक आर्थिक संभावनाएँ उपलब्ध कराता है।

देशभर में 46 लाख शादियों से होटल और कैटरिंग सेक्टर को मिलेगा जबरदस्त फायदा, छग में 3500 करोड़ व्यापार-कैट
रायपुर, 25 नवंबर। व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमैन श्री जितेंद्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, महामंत्री श्री सुरिन्दर सिंह, कोषाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेंद्र जग्गी, श्री राम मंधान, श्री वासु मखीजा, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी, श्री शंकर बजाज आदि ने संयुक्त रूप से बताया कि कैट की अनुसंधान शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी (ब्त्ज्क्ै) के नवीनतम अध्ययन के अनुसार 1 नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के बीच प्रदेश सहित देशभर में लगभग 46 लाख शादियाँ होंगी, जिनसे करीब लगभग 6.50 लाख करोड़ का व्यापार होने का अनुमान है। श्री पारवानी ने बताया कि इस वर्ष होने वाले विवाहों में खर्च का पैटर्न भी उल्लेखनीय है। शादी बजट के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर विभाजन लगभग इस प्रकार है- 3 प्रतिशत शादियाँ 1 करोड़ से 10 करोड़ के बजट में होंगी, जबकि 9 प्रतिशत शादियों का बजट 50 लाख से 1 करोड़ के बीच रहेगा। लगभग 25 प्रतिशत शादियाँ 25 लाख से 50 लाख के बजट में होंगी, और 22 प्रतिशत शादियाँ 15 लाख से 25 लाख की श्रेणी में आएँगी। वहीं सर्वाधिक 41 प्रतिशत शादियाँ 15 लाख से कम बजट में सम्पन्न होंगी। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि विवाह उद्योग हर वर्ग के लिए समान रूप से अवसर पैदा करता है और छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े सेवा प्रदाताओं तक सभी के लिए व्यापक आर्थिक संभावनाएँ उपलब्ध कराता है।