पूर्व सांसद रामविलास वेदांती का भोपाल में निधन:एम्स में थे एडमिट, रामजन्मभूमि आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
पूर्व सांसद रामविलास वेदांती का भोपाल में निधन:एम्स में थे एडमिट, रामजन्मभूमि आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
पूर्व सांसद रामविलास वेदांती का भोपाल एम्स में आज यानी सोमवार को निधन हो गया। उन्हें शनिवार को डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने एयरलिफ़्ट कराकर एम्स भोपाल में एडमिट कराया था।
शुक्ल ने ही उनके निधन की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा- पूर्व सांसद और सुविख्यात संत डॉ. रामविलास वेदांती (वेदांती जी महाराज) का निधन भारतीय समाज, सनातन संस्कृति और रामभक्तों के लिए अपूरणीय क्षति है। राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख संत के रूप में उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए दशकों तक तप, त्याग और संघर्ष का मार्ग चुना। उन्होंने न केवल जनजागरण के माध्यम से रामभक्तों को एकजुट किया, बल्कि न्यायालय में सत्य और आस्था के पक्ष में निर्भीक होकर अपनी गवाही भी दी। उनका जीवन संतत्व, राष्ट्रभक्ति और धर्म के प्रति अटूट समर्पण का उदाहरण रहा। उनका जाना एक युग का अवसान है, किंतु उनके विचार, संघर्ष और संकल्प सदैव करोड़ों रामभक्तों को प्रेरणा देते रहेंगे। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।
पूर्व सांसद रामविलास वेदांती का भोपाल एम्स में आज यानी सोमवार को निधन हो गया। उन्हें शनिवार को डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने एयरलिफ़्ट कराकर एम्स भोपाल में एडमिट कराया था।
शुक्ल ने ही उनके निधन की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा- पूर्व सांसद और सुविख्यात संत डॉ. रामविलास वेदांती (वेदांती जी महाराज) का निधन भारतीय समाज, सनातन संस्कृति और रामभक्तों के लिए अपूरणीय क्षति है। राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख संत के रूप में उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए दशकों तक तप, त्याग और संघर्ष का मार्ग चुना। उन्होंने न केवल जनजागरण के माध्यम से रामभक्तों को एकजुट किया, बल्कि न्यायालय में सत्य और आस्था के पक्ष में निर्भीक होकर अपनी गवाही भी दी। उनका जीवन संतत्व, राष्ट्रभक्ति और धर्म के प्रति अटूट समर्पण का उदाहरण रहा। उनका जाना एक युग का अवसान है, किंतु उनके विचार, संघर्ष और संकल्प सदैव करोड़ों रामभक्तों को प्रेरणा देते रहेंगे। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।