मजबूत उत्पाद और अनुशासित निष्पादन ने प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में नई ऊंचाई प्रदान की-मुखर्जी

एनएमडीसी की 33 प्रतिशत टॉपलाइन और 21 प्रतिशत आउटपुट वृद्धि हैदराबाद, 30 मई। एनएमडीसी के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने बताया कि सरकार के स्वामित्व वाली लौह अयस्क की प्रमुख कंपनी एनएमडीसी ने अब तक के सबसे मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ वित्त वर्ष 26 को समाप्त किया। उत्पादन में मजबूत वृद्धि और अनुशासित निष्पादन ने कंपनी को प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में मदद की। श्री मुखर्जी ने बताया कि वित्त वर्ष 26 में लौह अयस्क उत्पादन 21प्रतिशत बढक़र 53.16 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और बिक्री 13प्रतिशत बढक़र 50.24 मिलियन टन हो गई, जिससे एनएमडीसी ने अपने इतिहास में अब तक की सबसे अधिक वार्षिक मात्रा दर्ज की। ये दोनों मील के पत्थर घरेलू इस्पात की सुदृढ़ मांग और भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक की बढ़ती क्षमताओं दोनों का संकेत देते हैं। श्री मुखर्जी ने बताया कि उत्पादन और प्रेषण में वृद्धि ने सीधे एनएमडीसी के वित्तीय प्रदर्शन को बढ़ावा दिया, जिससे वित्त वर्ष 26में टर्न ओवर 33प्रतिशत बढक़र अब तक के उच्चतम स्तर 31,554 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। । ईबीआईटीडीए 9प्रतिशत बढक़र रु. 10,737 करोड़ हो गयाजबकि कर पूर्व लाभ 9प्रतिशत बढक़र रु. 10,155 करोड़ और निवल लाभ 11प्रतिशत बढक़र रु. 7,421 करोड़.हो गया। श्री मुखर्जी ने बताया कि एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 26 में 3,690 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया साथ हीशेयरधारक रिटर्न को सुदृढ़ बनाए रखा। बोर्ड ने शेयरधारक अनुमोदन के अधीन, 1 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की। साथ ही वित्त वर्ष26 के लिएप्रति इक्विटी शेयररु. 2.5 के अंतरिम लाभांश घोषित किया। इस प्रकार वर्ष के लिए कुल लाभांश की राशि रु. 3,077 करोड़ होती है।. श्री मुखर्जी ने यह भी बताया कि एनएमडीसी ने उत्पादन, बिक्री और वित्तीय मेट्रिक्स में व्यापक आधार पर वृद्धि के साथ चौथी तिमाही के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ वित्त वर्ष 26 को एक मजबूत स्थिति में समाप्त किया। लौह अयस्क का उत्पादन वर्ष -दर-वर्ष 22प्रतिशत बढक़र 16.27 मिलियन टन हो गया, जबकि बिक्री 21प्रतिशत बढक़र 15.30 मिलियन टन हो गई।

मजबूत उत्पाद और अनुशासित निष्पादन ने प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में नई ऊंचाई प्रदान की-मुखर्जी
एनएमडीसी की 33 प्रतिशत टॉपलाइन और 21 प्रतिशत आउटपुट वृद्धि हैदराबाद, 30 मई। एनएमडीसी के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने बताया कि सरकार के स्वामित्व वाली लौह अयस्क की प्रमुख कंपनी एनएमडीसी ने अब तक के सबसे मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ वित्त वर्ष 26 को समाप्त किया। उत्पादन में मजबूत वृद्धि और अनुशासित निष्पादन ने कंपनी को प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में मदद की। श्री मुखर्जी ने बताया कि वित्त वर्ष 26 में लौह अयस्क उत्पादन 21प्रतिशत बढक़र 53.16 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और बिक्री 13प्रतिशत बढक़र 50.24 मिलियन टन हो गई, जिससे एनएमडीसी ने अपने इतिहास में अब तक की सबसे अधिक वार्षिक मात्रा दर्ज की। ये दोनों मील के पत्थर घरेलू इस्पात की सुदृढ़ मांग और भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक की बढ़ती क्षमताओं दोनों का संकेत देते हैं। श्री मुखर्जी ने बताया कि उत्पादन और प्रेषण में वृद्धि ने सीधे एनएमडीसी के वित्तीय प्रदर्शन को बढ़ावा दिया, जिससे वित्त वर्ष 26में टर्न ओवर 33प्रतिशत बढक़र अब तक के उच्चतम स्तर 31,554 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। । ईबीआईटीडीए 9प्रतिशत बढक़र रु. 10,737 करोड़ हो गयाजबकि कर पूर्व लाभ 9प्रतिशत बढक़र रु. 10,155 करोड़ और निवल लाभ 11प्रतिशत बढक़र रु. 7,421 करोड़.हो गया। श्री मुखर्जी ने बताया कि एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 26 में 3,690 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया साथ हीशेयरधारक रिटर्न को सुदृढ़ बनाए रखा। बोर्ड ने शेयरधारक अनुमोदन के अधीन, 1 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की। साथ ही वित्त वर्ष26 के लिएप्रति इक्विटी शेयररु. 2.5 के अंतरिम लाभांश घोषित किया। इस प्रकार वर्ष के लिए कुल लाभांश की राशि रु. 3,077 करोड़ होती है।. श्री मुखर्जी ने यह भी बताया कि एनएमडीसी ने उत्पादन, बिक्री और वित्तीय मेट्रिक्स में व्यापक आधार पर वृद्धि के साथ चौथी तिमाही के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ वित्त वर्ष 26 को एक मजबूत स्थिति में समाप्त किया। लौह अयस्क का उत्पादन वर्ष -दर-वर्ष 22प्रतिशत बढक़र 16.27 मिलियन टन हो गया, जबकि बिक्री 21प्रतिशत बढक़र 15.30 मिलियन टन हो गई।