मतदाता सूची शुद्धिकरण की तैयारियों की निदेशक ने की समीक्षा:सीहोर में बोलीं- एक भी पात्र मतदाता न छूटे, पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता

भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली की निदेशक शुभ्रा सक्सेना ने गुरुवार को सीहोर में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों और कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठकों में अधिकारियों को मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सक्सेना ने बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। निदेशक ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य एक शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है, और यह पूरी कार्रवाई पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित कर उन्हें जानकारी देने और बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का सहयोग लेने का भी निर्देश दिया। आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए, उन्होंने मतदाता सूची को वर्ष 2003 की मतदाता सूची से लिंक करने के निर्देश दिए। जिन मतदाताओं का नाम उस सूची में नहीं है, उन्हें वंशावली के आधार पर अन्य मतदाताओं से जोड़ा जाएगा। सक्सेना ने बीएलओ को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें एसआईआर की पूरी जानकारी देने पर भी बल दिया। उन्होंने बीएलओ ऐप के प्रभावी उपयोग और सभी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. और अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले के सभी ईआरओ (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी), एईआरओ (सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) और बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एसआईआर कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, और बीएलओ के सहयोग के लिए अन्य कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में 4 नवंबर से एसआईआर कार्ययोजना के अनुसार कार्य प्रारंभ हो चुका है और इसे पूरी पारदर्शिता एवं तत्परता से संपादित किया जा रहा है। निदेशक सक्सेना ने ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ से एसआईआर के कार्य में आने वाली संभावित कठिनाइयों के बारे में भी पूछा। सभी अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई है, जिससे उन्हें कार्य में कोई कठिनाई नहीं आ रही है।

मतदाता सूची शुद्धिकरण की तैयारियों की निदेशक ने की समीक्षा:सीहोर में बोलीं- एक भी पात्र मतदाता न छूटे, पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली की निदेशक शुभ्रा सक्सेना ने गुरुवार को सीहोर में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों और कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठकों में अधिकारियों को मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सक्सेना ने बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। निदेशक ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य एक शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है, और यह पूरी कार्रवाई पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित कर उन्हें जानकारी देने और बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का सहयोग लेने का भी निर्देश दिया। आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए, उन्होंने मतदाता सूची को वर्ष 2003 की मतदाता सूची से लिंक करने के निर्देश दिए। जिन मतदाताओं का नाम उस सूची में नहीं है, उन्हें वंशावली के आधार पर अन्य मतदाताओं से जोड़ा जाएगा। सक्सेना ने बीएलओ को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें एसआईआर की पूरी जानकारी देने पर भी बल दिया। उन्होंने बीएलओ ऐप के प्रभावी उपयोग और सभी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. और अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले के सभी ईआरओ (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी), एईआरओ (सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) और बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एसआईआर कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, और बीएलओ के सहयोग के लिए अन्य कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में 4 नवंबर से एसआईआर कार्ययोजना के अनुसार कार्य प्रारंभ हो चुका है और इसे पूरी पारदर्शिता एवं तत्परता से संपादित किया जा रहा है। निदेशक सक्सेना ने ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ से एसआईआर के कार्य में आने वाली संभावित कठिनाइयों के बारे में भी पूछा। सभी अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई है, जिससे उन्हें कार्य में कोई कठिनाई नहीं आ रही है।