मितानिनों का धरना-प्रदर्शन, रैली निकाल ज्ञापन सौंपा

एनएचएम में संविलियन और 50 फीसदी मानदेय वृद्धि की उठाई मांग छत्तीसगढ़ संवाददाता कोण्डागांव, 25 जून। कोण्डागांव में गुरुवार को प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के चुनावी घोषणा पत्र में मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संविलियन का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इन मांगों पर अमल नहीं किया गया है। जिला मितानिन संघ के संरक्षक श्यामू राम नेताम ने बताया कि पिछले वर्ष रायपुर में 33 दिनों तक आंदोलन करने के दौरान शासन स्तर पर मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन मिला था। उन्होंने कहा कि मितानिन, एमटी, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को एनएचएम के अंतर्गत शामिल करने तथा मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का वादा अब तक अधूरा है। साथ ही उन्होंने मितानिन कार्यक्रम के संचालन को निजी संस्था (एनजीओ) को सौंपे जाने पर भी आपत्ति जताते हुए ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि मितानिन कार्यक्रम में कार्यरत कर्मचारियों को उनके 24 वर्षों के अनुभव के आधार पर एनएचएम में संविलियन करते हुए शिक्षा, आयु सीमा और रोस्टर में एकमुश्त छूट प्रदान की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि मितानिन कार्यकर्ताओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने से प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी अधिक मजबूत होंगी।

मितानिनों का धरना-प्रदर्शन, रैली निकाल ज्ञापन सौंपा
एनएचएम में संविलियन और 50 फीसदी मानदेय वृद्धि की उठाई मांग छत्तीसगढ़ संवाददाता कोण्डागांव, 25 जून। कोण्डागांव में गुरुवार को प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के चुनावी घोषणा पत्र में मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संविलियन का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इन मांगों पर अमल नहीं किया गया है। जिला मितानिन संघ के संरक्षक श्यामू राम नेताम ने बताया कि पिछले वर्ष रायपुर में 33 दिनों तक आंदोलन करने के दौरान शासन स्तर पर मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन मिला था। उन्होंने कहा कि मितानिन, एमटी, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को एनएचएम के अंतर्गत शामिल करने तथा मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का वादा अब तक अधूरा है। साथ ही उन्होंने मितानिन कार्यक्रम के संचालन को निजी संस्था (एनजीओ) को सौंपे जाने पर भी आपत्ति जताते हुए ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि मितानिन कार्यक्रम में कार्यरत कर्मचारियों को उनके 24 वर्षों के अनुभव के आधार पर एनएचएम में संविलियन करते हुए शिक्षा, आयु सीमा और रोस्टर में एकमुश्त छूट प्रदान की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि मितानिन कार्यकर्ताओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने से प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी अधिक मजबूत होंगी।