रीवा में बिना फायर NOC चल रहे कई संस्थान:स्कूल, अस्पताल और होटलों में सेफ्टी नहीं; कहीं एक्सपायर सिलेंडर तो कहीं अलार्म गायब

रीवा में हाल की आगजनी की घटनाओं के बावजूद शहर के कई स्कूलों, निजी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, दुकानों और बीयर बार में फायर सेफ्टी के नाम पर महज खानापूर्ति नजर आ रही है। कई संस्थानों में न तो पर्याप्त अग्निशमन यंत्र लगे हैं और न ही आपातकालीन बाहर निकलने की गेट की व्यवस्था है। बड़ी संख्या में संस्थानों ने अब तक फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर NOC) भी नहीं लिया है, फिर भी उनका संचालन जारी है। संकरी गलियों में बढ़ा खतरा स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी गलियों में संचालित स्कूल और अस्पताल किसी भी आपात स्थिति में गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। कई जगहों पर अग्निशमन सिलेंडर एक्सपायर मिले या केवल औपचारिकता के तौर पर टंगे हुए हैं। बहुमंजिला इमारतों में फायर अलार्म सिस्टम और स्प्रिंकलर जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं भी नहीं हैं, जिससे हजारों बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। जानकारों के अनुसार, बिना फायर NOC के संचालन पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। बावजूद इसके, निगरानी और कार्रवाई के अभाव में संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सघन जांच के निर्देश नगर निगम रीवा के आयुक्त सौरभ सोनवड़े ने कहा कि शहर में फायर सेफ्टी मानकों की सघन जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों ने फायर NOC नहीं ली है या जहां मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उन्हें नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी। नागरिकों ने प्रशासन से शहरभर में विशेष अभियान चलाकर व्यापक जांच कराने और नियम उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था दुरुस्त की जा सके।

रीवा में बिना फायर NOC चल रहे कई संस्थान:स्कूल, अस्पताल और होटलों में सेफ्टी नहीं; कहीं एक्सपायर सिलेंडर तो कहीं अलार्म गायब
रीवा में हाल की आगजनी की घटनाओं के बावजूद शहर के कई स्कूलों, निजी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, दुकानों और बीयर बार में फायर सेफ्टी के नाम पर महज खानापूर्ति नजर आ रही है। कई संस्थानों में न तो पर्याप्त अग्निशमन यंत्र लगे हैं और न ही आपातकालीन बाहर निकलने की गेट की व्यवस्था है। बड़ी संख्या में संस्थानों ने अब तक फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर NOC) भी नहीं लिया है, फिर भी उनका संचालन जारी है। संकरी गलियों में बढ़ा खतरा स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी गलियों में संचालित स्कूल और अस्पताल किसी भी आपात स्थिति में गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। कई जगहों पर अग्निशमन सिलेंडर एक्सपायर मिले या केवल औपचारिकता के तौर पर टंगे हुए हैं। बहुमंजिला इमारतों में फायर अलार्म सिस्टम और स्प्रिंकलर जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं भी नहीं हैं, जिससे हजारों बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। जानकारों के अनुसार, बिना फायर NOC के संचालन पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। बावजूद इसके, निगरानी और कार्रवाई के अभाव में संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सघन जांच के निर्देश नगर निगम रीवा के आयुक्त सौरभ सोनवड़े ने कहा कि शहर में फायर सेफ्टी मानकों की सघन जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों ने फायर NOC नहीं ली है या जहां मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उन्हें नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी। नागरिकों ने प्रशासन से शहरभर में विशेष अभियान चलाकर व्यापक जांच कराने और नियम उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था दुरुस्त की जा सके।