लगातार बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट

एसडीएम ने मैदानी अमले को दिए राहत व बचाव के निर्देश छत्तीसगढ़ संवाददाता केशकाल, 31 जुलाई। विगत दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण संभावित बाढ़, जलभराव एवं प्राकृतिक आपदा की स्थिति को देखते हुए फरसगांव प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार शुक्रवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) फरसगांव अश्वन कुमार पुसाम ने जनपद पंचायत के सभाकक्ष में सरपंच, सचिव, पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में एसडीएम ने सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी-नालों, पुल एवं पुलियों में जलस्तर बढऩे अथवा पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में तत्काल बैरिकेडिंग की जाए तथा लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए। उन्होंने कहा कि जलस्तर सामान्य होने तक किसी भी व्यक्ति को जोखिम उठाकर नदी-नालों को पार करने की अनुमति न दी जाए और ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जाए। एसडीएम ने अत्यधिक वर्षा से मकान, फसल अथवा अन्य प्रकार की क्षति होने की स्थिति में प्रभावित किसानों एवं ग्रामीणों को नियमानुसार राहत दिलाने के लिए तत्काल पंचनामा तैयार कर प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखें तथा किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही त्वरित राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करें। बैठक में आपदा प्रबंधन को लेकर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा जनहानि रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्य करने पर भी जोर दिया गया।

लगातार बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट
एसडीएम ने मैदानी अमले को दिए राहत व बचाव के निर्देश छत्तीसगढ़ संवाददाता केशकाल, 31 जुलाई। विगत दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण संभावित बाढ़, जलभराव एवं प्राकृतिक आपदा की स्थिति को देखते हुए फरसगांव प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार शुक्रवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) फरसगांव अश्वन कुमार पुसाम ने जनपद पंचायत के सभाकक्ष में सरपंच, सचिव, पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में एसडीएम ने सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी-नालों, पुल एवं पुलियों में जलस्तर बढऩे अथवा पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में तत्काल बैरिकेडिंग की जाए तथा लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए। उन्होंने कहा कि जलस्तर सामान्य होने तक किसी भी व्यक्ति को जोखिम उठाकर नदी-नालों को पार करने की अनुमति न दी जाए और ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जाए। एसडीएम ने अत्यधिक वर्षा से मकान, फसल अथवा अन्य प्रकार की क्षति होने की स्थिति में प्रभावित किसानों एवं ग्रामीणों को नियमानुसार राहत दिलाने के लिए तत्काल पंचनामा तैयार कर प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखें तथा किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही त्वरित राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करें। बैठक में आपदा प्रबंधन को लेकर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा जनहानि रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्य करने पर भी जोर दिया गया।