वित्तीय अनुशासन, राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत मिशन समर्थन से वेदांता का 1 दशक में सरकारी खजाने में 5 लाख करोड़ योगदान
वित्तीय अनुशासन, राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत मिशन समर्थन से वेदांता का 1 दशक में सरकारी खजाने में 5 लाख करोड़ योगदान
मुंबई, 27 जून। विविध प्राकृतिक संसाधनों में देश की अग्रणी कंपनी वेदांता लिमिटेड (बीएसई: 500295 और एनएसई: वीईडीएल) ने बताया कि कंपनी की 11वीं कर पारदर्शिता रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 26 में सरकारी खजाने में रु 62,722 करोड़ का योगदान दिया है। यह रिपोर्ट देश के निर्माण और पारदर्शी प्रशासन एवं सुशासन के लिए वेदांता की प्रतिबद्धता को और मजबूत बनाती है।
वेदांता ने बताया कि यह योगदान कंपनी के संचालन से होने वाले कुल राजस्व का 36 प्रतिशत है, जो भारत के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। यह पिछले साल की तुलना में योगदान में 13.3 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसके साथ पिछले दस वर्षों में सरकारी खजाने में वेदांता का कुल योगदान रु 4,83,034 करोड़ हो गया है। कंपनी ने वित्तीय अनुशासन, राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत मिशन को समर्थन देने पर विशेष रूप से ध्यान दिया है। यह समूह सरकारी खजाने में योगदान देने वाले भारत के शीर्ष 3 निजी क्षेत्रों के समूहों में शामिल है।
वेदांता ने बताया कि सरकारी खजाने में यह योगदान वित्तीय वर्ष 26 में वेदांता के सबसे अच्छे वित्तीय प्रदर्शन की वजह से हुआ। इस अवधि में कंपनी का राजस्व 15 प्रतिशत बढक़र रु 1,74,075 करोड़ हो गया जो कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक है जबकि ईबीआईटीडीए 29 प्रतिशत बढक़र रु 55,976 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह कर के बाद मुनाफा (पीएटी) 22 प्रतिशत बढक़र रु 25,096 करोड़ हो गया। कंपनी की बैलेंस शीट भी काफी मजबूत हुई, शुद्ध ऋण ईबीआईटीडीए के मुकाबले 1.22 गुना से बेहतर होकर 0.95 गुना हो गया जो 14 तिमाहियों में इसका सबसे अच्छा स्तर है।
वेदांता ने बताया कि अलग-अलग प्रकार के व्यावसायिक पोर्टफोलियो जिसमें जिंक-लेड-सिल्वर, एल्युमीनियम, कॉपर, आयरन अयस्क, स्टील, बिजली, निकेल, क्रोम और तेल एवं गैस शामिल हैं में मजबूत परिचालन प्रदर्शन की वजह से कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी बहुत अच्छा रहा। जिंक ने रु 19,053 करोड़ के साथ सबसे अधिक योगदान दिया, इसके बाद एल्युमीनियम (जिसे अब वेदांता एल्युमीनियम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है) का योगदान रु 15,788 करोड़ और तेल एवं गैस (जिसे अब वेदांता तेल एवं गैस के रूप में सूचीबद्ध किया गया है) का योगदान रु 11,697 करोड़ रहा।
वेदांता ने बताया कि वेदांता लिमिटेड की कर पारदर्शिता रिपोर्ट के मुख्य बिंदु- सरकारी रॉयल्टी और लाभ पेट्रोलियम (रु 14,840 करोड़), आय और पूंजी पर कर (रु 8,290 करोड़), अन्य कर (रु 11,897 करोड़): इसमें निर्यात और आयात पर रु 5,980 करोड़ की शुल्क राशि, रु 2,503 करोड़ का तेल उपकर/एनसीसीडी, रु 1,252 करोड़ की विद्युत शुल्क और रु 1,663 करोड़ का अपात्र जीएसटी शामिल है। अप्रत्यक्ष कर (रु 21,777 करोड़)-इसमें सभी व्यावसायिक इकाइयों में माल और सेवाओं की बिक्री से सीजीएसटी, एसजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं।
मुंबई, 27 जून। विविध प्राकृतिक संसाधनों में देश की अग्रणी कंपनी वेदांता लिमिटेड (बीएसई: 500295 और एनएसई: वीईडीएल) ने बताया कि कंपनी की 11वीं कर पारदर्शिता रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 26 में सरकारी खजाने में रु 62,722 करोड़ का योगदान दिया है। यह रिपोर्ट देश के निर्माण और पारदर्शी प्रशासन एवं सुशासन के लिए वेदांता की प्रतिबद्धता को और मजबूत बनाती है।
वेदांता ने बताया कि यह योगदान कंपनी के संचालन से होने वाले कुल राजस्व का 36 प्रतिशत है, जो भारत के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। यह पिछले साल की तुलना में योगदान में 13.3 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसके साथ पिछले दस वर्षों में सरकारी खजाने में वेदांता का कुल योगदान रु 4,83,034 करोड़ हो गया है। कंपनी ने वित्तीय अनुशासन, राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत मिशन को समर्थन देने पर विशेष रूप से ध्यान दिया है। यह समूह सरकारी खजाने में योगदान देने वाले भारत के शीर्ष 3 निजी क्षेत्रों के समूहों में शामिल है।
वेदांता ने बताया कि सरकारी खजाने में यह योगदान वित्तीय वर्ष 26 में वेदांता के सबसे अच्छे वित्तीय प्रदर्शन की वजह से हुआ। इस अवधि में कंपनी का राजस्व 15 प्रतिशत बढक़र रु 1,74,075 करोड़ हो गया जो कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक है जबकि ईबीआईटीडीए 29 प्रतिशत बढक़र रु 55,976 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह कर के बाद मुनाफा (पीएटी) 22 प्रतिशत बढक़र रु 25,096 करोड़ हो गया। कंपनी की बैलेंस शीट भी काफी मजबूत हुई, शुद्ध ऋण ईबीआईटीडीए के मुकाबले 1.22 गुना से बेहतर होकर 0.95 गुना हो गया जो 14 तिमाहियों में इसका सबसे अच्छा स्तर है।
वेदांता ने बताया कि अलग-अलग प्रकार के व्यावसायिक पोर्टफोलियो जिसमें जिंक-लेड-सिल्वर, एल्युमीनियम, कॉपर, आयरन अयस्क, स्टील, बिजली, निकेल, क्रोम और तेल एवं गैस शामिल हैं में मजबूत परिचालन प्रदर्शन की वजह से कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी बहुत अच्छा रहा। जिंक ने रु 19,053 करोड़ के साथ सबसे अधिक योगदान दिया, इसके बाद एल्युमीनियम (जिसे अब वेदांता एल्युमीनियम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है) का योगदान रु 15,788 करोड़ और तेल एवं गैस (जिसे अब वेदांता तेल एवं गैस के रूप में सूचीबद्ध किया गया है) का योगदान रु 11,697 करोड़ रहा।
वेदांता ने बताया कि वेदांता लिमिटेड की कर पारदर्शिता रिपोर्ट के मुख्य बिंदु- सरकारी रॉयल्टी और लाभ पेट्रोलियम (रु 14,840 करोड़), आय और पूंजी पर कर (रु 8,290 करोड़), अन्य कर (रु 11,897 करोड़): इसमें निर्यात और आयात पर रु 5,980 करोड़ की शुल्क राशि, रु 2,503 करोड़ का तेल उपकर/एनसीसीडी, रु 1,252 करोड़ की विद्युत शुल्क और रु 1,663 करोड़ का अपात्र जीएसटी शामिल है। अप्रत्यक्ष कर (रु 21,777 करोड़)-इसमें सभी व्यावसायिक इकाइयों में माल और सेवाओं की बिक्री से सीजीएसटी, एसजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं।