समर्पण और अनुशासन ने रायपुर की 8 वर्षीय त्विशा गोयल को कराते में दिलाया ब्लैक बेल्ट

रायपुर, 12 अप्रैल। रायपुर की डॉ. चानन गोयल ने बताया कि समर्पण और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए रायपुर की 8 वर्षीय बालिका और उनकी बेटी त्विषा गोयल ने कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल कर ली है। वह संभवत: छत्तीसगढ़ राज्य में इस उपलब्धि को प्राप्त करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। डॉ. गोयल ने बताया कि त्विषा, डॉ. विवेक गोयल की भी पुत्री हैं। त्विषा ने मात्र चार वर्ष की आयु से कराटे का प्रशिक्षण शुरू कर दिया था और 12 अप्रैल 2026 को उन्होंने अपनी ब्लैक बेल्ट प्राप्त की। उनकी प्रेरणा उनके घर से ही शुरू हुई, जहां उन्होंने अपनी मां डॉ. चानन गोयल, जो एक पीडियाट्रिक फिजियोथेरेपिस्ट हैं, को कराटे का अभ्यास करते और ब्लैक बेल्ट हासिल करते देखा। मां-बेटी दोनों को सेंसई कृष्णेंदु दास के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण मिला, जिनकी देखरेख में दोनों ने इस मार्शल आर्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। डॉ. गोयल ने बताया कि त्विषा ने 15 जनवरी 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित एक कठोर और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में सफल होकर ब्लैक बेल्ट हासिल की। यह परीक्षा एक जापानी परीक्षक द्वारा आयोजित की गई थी। उत्कृष्टता की ओर अपने समर्पण को दर्शाते हुए त्विषा ने जनवरी 2026 में बेंगलुरु, कर्नाटक में उन्नत प्रशिक्षण लिया और इससे पहले जून 2025 में जापान के टोक्यो स्थित जापान कराटे एसोसिएशन के मुख्यालय में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। त्विषा का प्रतिस्पर्धात्मक रिकॉर्ड भी अत्यंत प्रभावशाली रहा है। डॉ. गोयल ने बताया कि त्विशा ने पाँच वर्ष की आयु में नैनीताल में आयोजित एक राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अंडर-7 काता वर्ग में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने विभिन्न कराटे प्रतियोगिताओं में कुल 19 पदक अपने नाम किए, जिनमें 10 स्वर्ण पदक शामिल हैं। उनकी उपलब्धियां राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक फैली हुई हैं।

समर्पण और अनुशासन ने रायपुर की 8 वर्षीय त्विशा गोयल को कराते में दिलाया ब्लैक बेल्ट
रायपुर, 12 अप्रैल। रायपुर की डॉ. चानन गोयल ने बताया कि समर्पण और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए रायपुर की 8 वर्षीय बालिका और उनकी बेटी त्विषा गोयल ने कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल कर ली है। वह संभवत: छत्तीसगढ़ राज्य में इस उपलब्धि को प्राप्त करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। डॉ. गोयल ने बताया कि त्विषा, डॉ. विवेक गोयल की भी पुत्री हैं। त्विषा ने मात्र चार वर्ष की आयु से कराटे का प्रशिक्षण शुरू कर दिया था और 12 अप्रैल 2026 को उन्होंने अपनी ब्लैक बेल्ट प्राप्त की। उनकी प्रेरणा उनके घर से ही शुरू हुई, जहां उन्होंने अपनी मां डॉ. चानन गोयल, जो एक पीडियाट्रिक फिजियोथेरेपिस्ट हैं, को कराटे का अभ्यास करते और ब्लैक बेल्ट हासिल करते देखा। मां-बेटी दोनों को सेंसई कृष्णेंदु दास के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण मिला, जिनकी देखरेख में दोनों ने इस मार्शल आर्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। डॉ. गोयल ने बताया कि त्विषा ने 15 जनवरी 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित एक कठोर और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में सफल होकर ब्लैक बेल्ट हासिल की। यह परीक्षा एक जापानी परीक्षक द्वारा आयोजित की गई थी। उत्कृष्टता की ओर अपने समर्पण को दर्शाते हुए त्विषा ने जनवरी 2026 में बेंगलुरु, कर्नाटक में उन्नत प्रशिक्षण लिया और इससे पहले जून 2025 में जापान के टोक्यो स्थित जापान कराटे एसोसिएशन के मुख्यालय में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। त्विषा का प्रतिस्पर्धात्मक रिकॉर्ड भी अत्यंत प्रभावशाली रहा है। डॉ. गोयल ने बताया कि त्विशा ने पाँच वर्ष की आयु में नैनीताल में आयोजित एक राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अंडर-7 काता वर्ग में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने विभिन्न कराटे प्रतियोगिताओं में कुल 19 पदक अपने नाम किए, जिनमें 10 स्वर्ण पदक शामिल हैं। उनकी उपलब्धियां राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक फैली हुई हैं।