2047 के विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की बिजली बनेगी सबसे बड़ी ताकत-विधायक

छत्तीसगढ़ संवाददाता दुर्ग, 3 फरवरी। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण, ललित चन्द्राकर ने प्रदेश की ऊर्जा शक्ति को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपी डीसीएल) क्षेत्र के अंतर्गत संचारण-संधारण संभाग द्वारा सीएसआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से जनसमुदाय को संबोधित करते हुए श्री चन्द्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली के मामले में सरप्लस राज्य है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश का सबसे बड़ा निवेश छत्तीसगढ़ में आएगा क्योंकि यहाँ पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। जब भारत 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा, तब उसमें छत्तीसगढ़ की बिजली का योगदान सर्वोपरि होगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील किया कि वे अब ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ाएं ताकि विकास के साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू ने की। इस अवसर पर विभाग के प्रति समर्पित सेवा देने वाले रिटायर्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, समय पर बिजली बिल भुगतान और ऊर्जा संरक्षण करने वाले आदर्श घरेलू, कृषि और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं तथा सर्वप्रथम सौर ऊर्जा अपनाने वाले उपभोक्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। समारोह स्थल पर बिजली विभाग द्वारा विशेष स्टाल और प्रोजेक्टर के माध्यम से पीएम सूर्य घर योजना एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं को बिजली की बचत और सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुश्री प्रिया साहू, आशा विक्की मिश्रा, शीतला ठाकुर एवं विभिन्न सरपंचगण उपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता दुर्ग वृत्त आरके मिश्रा, कार्यपालन अभियंता संचारण-संधारण संभाग छगन शर्मा, सहायक अभियंता अविनाश दुबे एवं श्रीकांत बडग़ैया सहित बड़ी संख्या में सहायक व कनिष्ठ अभियंता और कर्मचारी सक्रिय सहभागिता निभाई।

2047 के विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की बिजली बनेगी सबसे बड़ी ताकत-विधायक
छत्तीसगढ़ संवाददाता दुर्ग, 3 फरवरी। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण, ललित चन्द्राकर ने प्रदेश की ऊर्जा शक्ति को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपी डीसीएल) क्षेत्र के अंतर्गत संचारण-संधारण संभाग द्वारा सीएसआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से जनसमुदाय को संबोधित करते हुए श्री चन्द्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली के मामले में सरप्लस राज्य है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश का सबसे बड़ा निवेश छत्तीसगढ़ में आएगा क्योंकि यहाँ पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। जब भारत 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा, तब उसमें छत्तीसगढ़ की बिजली का योगदान सर्वोपरि होगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील किया कि वे अब ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ाएं ताकि विकास के साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू ने की। इस अवसर पर विभाग के प्रति समर्पित सेवा देने वाले रिटायर्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, समय पर बिजली बिल भुगतान और ऊर्जा संरक्षण करने वाले आदर्श घरेलू, कृषि और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं तथा सर्वप्रथम सौर ऊर्जा अपनाने वाले उपभोक्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। समारोह स्थल पर बिजली विभाग द्वारा विशेष स्टाल और प्रोजेक्टर के माध्यम से पीएम सूर्य घर योजना एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं को बिजली की बचत और सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुश्री प्रिया साहू, आशा विक्की मिश्रा, शीतला ठाकुर एवं विभिन्न सरपंचगण उपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता दुर्ग वृत्त आरके मिश्रा, कार्यपालन अभियंता संचारण-संधारण संभाग छगन शर्मा, सहायक अभियंता अविनाश दुबे एवं श्रीकांत बडग़ैया सहित बड़ी संख्या में सहायक व कनिष्ठ अभियंता और कर्मचारी सक्रिय सहभागिता निभाई।