किसानों ने खाद की किल्लत को लेकर विरोध किया:चित्रकूट स्टेट हाइवे पर जाम लगाकर किया प्रदर्शन, एसडीएम ने दी समझाइश - Breaking News in Hindi | Latest News in Hindi
किसानों ने खाद की किल्लत को लेकर विरोध किया:चित्रकूट स्टेट हाइवे पर जाम लगाकर किया प्रदर्शन, एसडीएम ने दी समझाइश
किसानों ने खाद की किल्लत को लेकर विरोध किया:चित्रकूट स्टेट हाइवे पर जाम लगाकर किया प्रदर्शन, एसडीएम ने दी समझाइश
सतना में मंगलवार को किसानों ने खाद की किल्लत को लेकर प्रदर्शन किया। सिविल लाइन स्थित गोदाम में खाद की आपूर्ति को लेकर एकत्रित हुए किसानों ने गुस्से में आकर सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे सतना-कोठी-चित्रकूट मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। किसानों ने गोदाम के बाहर नारेबाजी करते हुए खाद की कमी का विरोध किया। एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया और सिविल लाइन टीआई योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से सड़क खाली करने की अपील की। थोड़ी देर की नोकझोंक के बाद एसडीएम ने किसानों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि खाद और रैक सतना पहुंच रहे हैं और जल्द ही समस्या का समाधान होगा। निजी विक्रेताओं पर ओवर रेटिंग के आरोप
सतना और मैहर जिले में डीएपी (18-46) खाद की भारी कमी है, जबकि किसान इसके विकल्प लेने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा कुछ निजी विक्रेताओं पर ओवर रेटिंग के आरोप भी लगे हैं। प्रशासन ने इस मामले में मैहर के दो निजी विक्रेताओं समेत कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सतना में मंगलवार को किसानों ने खाद की किल्लत को लेकर प्रदर्शन किया। सिविल लाइन स्थित गोदाम में खाद की आपूर्ति को लेकर एकत्रित हुए किसानों ने गुस्से में आकर सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे सतना-कोठी-चित्रकूट मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। किसानों ने गोदाम के बाहर नारेबाजी करते हुए खाद की कमी का विरोध किया। एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया और सिविल लाइन टीआई योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से सड़क खाली करने की अपील की। थोड़ी देर की नोकझोंक के बाद एसडीएम ने किसानों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि खाद और रैक सतना पहुंच रहे हैं और जल्द ही समस्या का समाधान होगा। निजी विक्रेताओं पर ओवर रेटिंग के आरोप
सतना और मैहर जिले में डीएपी (18-46) खाद की भारी कमी है, जबकि किसान इसके विकल्प लेने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा कुछ निजी विक्रेताओं पर ओवर रेटिंग के आरोप भी लगे हैं। प्रशासन ने इस मामले में मैहर के दो निजी विक्रेताओं समेत कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।