झाबुआ में पारा 7.8 डिग्री पहुंचा:कड़ाके की ठंड में खाद के लिए सुबह से उमड़े किसान
झाबुआ में पारा 7.8 डिग्री पहुंचा:कड़ाके की ठंड में खाद के लिए सुबह से उमड़े किसान
झाबुआ जिले में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। इस अत्यधिक ठंड के बावजूद, किसान अपनी फसलों के लिए यूरिया खाद लेने के लिए सुबह 7 बजे से ही वितरण केंद्रों पर कतारों में खड़े नजर आए। पिछले कुछ दिनों से झाबुआ के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार और बुधवार को यह 9 डिग्री सेल्सियस था, जो गुरुवार को 8.6 डिग्री सेल्सियस और शुक्रवार को 7.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार, यह गिरता पारा रबी की प्रमुख फसलों पर मिश्रित प्रभाव डाल रहा है। गेहूं और चने की फसल के लिए यह ठंड लाभदायक मानी जा रही है। जिले में इस बार 88,150 हेक्टेयर में गेहूं और 16,650 हेक्टेयर में चना बोया गया है। हालांकि, अत्यधिक ठंड और पाले की आशंका से टमाटर की फसल को नुकसान हो रहा है, जिससे सब्जी उत्पादक किसान चिंतित हैं। खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की भीड़ को देखते हुए, तहसीलदार अनिल बघेल ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ अल सुबह ही केंद्रों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। IFMS पोर्टल की समस्या के कारण देरी उप संचालक (कृषि) एनएस रावत ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों, विशेषकर IFMS पोर्टल की समस्या के कारण वितरण में मामूली देरी हुई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। मेघनगर और रतलाम में रैक पॉइंट पास होने के कारण खाद की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। जिले में उर्वरक की स्थिति यूरिया का कुल भंडारण 20,598 मीट्रिक टन था, जिसमें से 19,841 मीट्रिक टन वितरित किया जा चुका है और 757 मीट्रिक टन स्टॉक में शेष है। डीएपी का कुल भंडारण 3,028 मीट्रिक टन था, जिसमें से 1,903 मीट्रिक टन वितरित हुआ और 1,125 मीट्रिक टन शेष है। एनपीके का कुल भंडारण 6,516 मीट्रिक टन था, जिसमें से 4,841 मीट्रिक टन वितरित हुआ और 1,675 मीट्रिक टन शेष है। एसएसपी का कुल भंडारण 2,794 मीट्रिक टन था, जिसमें से 1,522 मीट्रिक टन वितरित हुआ और 1,272 मीट्रिक टन शेष है। एमओपी का कुल भंडारण 502 मीट्रिक टन था, जिसमें से 281 मीट्रिक टन वितरित हुआ और 221 मीट्रिक टन शेष है।
झाबुआ जिले में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। इस अत्यधिक ठंड के बावजूद, किसान अपनी फसलों के लिए यूरिया खाद लेने के लिए सुबह 7 बजे से ही वितरण केंद्रों पर कतारों में खड़े नजर आए। पिछले कुछ दिनों से झाबुआ के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार और बुधवार को यह 9 डिग्री सेल्सियस था, जो गुरुवार को 8.6 डिग्री सेल्सियस और शुक्रवार को 7.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार, यह गिरता पारा रबी की प्रमुख फसलों पर मिश्रित प्रभाव डाल रहा है। गेहूं और चने की फसल के लिए यह ठंड लाभदायक मानी जा रही है। जिले में इस बार 88,150 हेक्टेयर में गेहूं और 16,650 हेक्टेयर में चना बोया गया है। हालांकि, अत्यधिक ठंड और पाले की आशंका से टमाटर की फसल को नुकसान हो रहा है, जिससे सब्जी उत्पादक किसान चिंतित हैं। खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की भीड़ को देखते हुए, तहसीलदार अनिल बघेल ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ अल सुबह ही केंद्रों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। IFMS पोर्टल की समस्या के कारण देरी उप संचालक (कृषि) एनएस रावत ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों, विशेषकर IFMS पोर्टल की समस्या के कारण वितरण में मामूली देरी हुई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। मेघनगर और रतलाम में रैक पॉइंट पास होने के कारण खाद की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। जिले में उर्वरक की स्थिति यूरिया का कुल भंडारण 20,598 मीट्रिक टन था, जिसमें से 19,841 मीट्रिक टन वितरित किया जा चुका है और 757 मीट्रिक टन स्टॉक में शेष है। डीएपी का कुल भंडारण 3,028 मीट्रिक टन था, जिसमें से 1,903 मीट्रिक टन वितरित हुआ और 1,125 मीट्रिक टन शेष है। एनपीके का कुल भंडारण 6,516 मीट्रिक टन था, जिसमें से 4,841 मीट्रिक टन वितरित हुआ और 1,675 मीट्रिक टन शेष है। एसएसपी का कुल भंडारण 2,794 मीट्रिक टन था, जिसमें से 1,522 मीट्रिक टन वितरित हुआ और 1,272 मीट्रिक टन शेष है। एमओपी का कुल भंडारण 502 मीट्रिक टन था, जिसमें से 281 मीट्रिक टन वितरित हुआ और 221 मीट्रिक टन शेष है।