डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अब घर बैठे बनवाएं:पेंशनर को कोषागार या बैंक नहीं जाना होगा, डाक विभाग की टीम ने विधायक का सर्टिफिकेट घर जाकर बनाया
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अब घर बैठे बनवाएं:पेंशनर को कोषागार या बैंक नहीं जाना होगा, डाक विभाग की टीम ने विधायक का सर्टिफिकेट घर जाकर बनाया
गुना में अब शासकीय पेंशनरों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी भी विभाग में भटकने की जरूरत नहीं है। पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से यह प्रमाणपत्र घर बैठे जारी करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 70 रुपए का शुल्क लगेगा और प्रमाणपत्र सीधे संबंधित विभाग को ऑनलाइन भेज दिया जाएगा। इससे पेंशन मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी। यह जानकारी गुना डाक संभाग के अधीक्षक ओपी चतुर्वेदी ने दी। उन्होंने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डिजिटल इंडिया विजन को मजबूत करती है और सरकारी सेवाओं को नागरिकों के घर तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पेंशनर को अब घर पर मिलेगा प्रमाणपत्र अधीक्षक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात संबोधन और संविधान दिवस संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला था कि कैसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी डिजिटल इंडिया पहलो ने देश भर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को सरल बना दिया है। इसी कड़ी में आज गुना डाक संभाग की टीम ने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के घर जाकर उनका जीवन प्रमाण मात्र 10 मिनट के अंदर बनाया। गुना डाक संभाग की टीम बीमार एवं वृद्ध व्यक्तियों के घर घर जाकर भी जीवन प्रमाण पत्र बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि डाक विभाग निरंतर सुधारों तथा नागरिक-केंद्रित नवाचारों के माध्यम से लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। इसी के तहत इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकारों के सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट प्रदान करने की सुविधा गुना डाक संभाग द्वारा प्रदान की जा रही है। डोर-स्टेप सेवा से वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनरों को प्राथमिकता
डाक विभाग अब केवल डाक नहीं पहुंचाता, बल्कि नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की सुविधा उनके द्वार तक उपलब्ध करवा रहा है। अति वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डाक विभाग अब केवल डाक नहीं पहुंचाता, बल्कि नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की सुविधा उनके द्वार तक उपलब्ध करा रहा है। पेंशनर इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र के पोस्टमैन या निकटतम डाकघर से संपर्क कर सकते है। इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पीपीओ नंबर देना होगा। प्रमाणपत्र जनरेट होने के बाद मोबाइल पर पुष्टि संदेश आएगा। पेंशनर इसे अगले दिन jeevanpramaan-gov-in पर लॉगिन कर ऑनलाइन देख सकते हैं और प्रिंट भी निकाल सकते हैं।
गुना में अब शासकीय पेंशनरों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी भी विभाग में भटकने की जरूरत नहीं है। पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से यह प्रमाणपत्र घर बैठे जारी करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 70 रुपए का शुल्क लगेगा और प्रमाणपत्र सीधे संबंधित विभाग को ऑनलाइन भेज दिया जाएगा। इससे पेंशन मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी। यह जानकारी गुना डाक संभाग के अधीक्षक ओपी चतुर्वेदी ने दी। उन्होंने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डिजिटल इंडिया विजन को मजबूत करती है और सरकारी सेवाओं को नागरिकों के घर तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पेंशनर को अब घर पर मिलेगा प्रमाणपत्र अधीक्षक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात संबोधन और संविधान दिवस संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला था कि कैसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी डिजिटल इंडिया पहलो ने देश भर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को सरल बना दिया है। इसी कड़ी में आज गुना डाक संभाग की टीम ने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के घर जाकर उनका जीवन प्रमाण मात्र 10 मिनट के अंदर बनाया। गुना डाक संभाग की टीम बीमार एवं वृद्ध व्यक्तियों के घर घर जाकर भी जीवन प्रमाण पत्र बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि डाक विभाग निरंतर सुधारों तथा नागरिक-केंद्रित नवाचारों के माध्यम से लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। इसी के तहत इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकारों के सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट प्रदान करने की सुविधा गुना डाक संभाग द्वारा प्रदान की जा रही है। डोर-स्टेप सेवा से वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनरों को प्राथमिकता
डाक विभाग अब केवल डाक नहीं पहुंचाता, बल्कि नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की सुविधा उनके द्वार तक उपलब्ध करवा रहा है। अति वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डाक विभाग अब केवल डाक नहीं पहुंचाता, बल्कि नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की सुविधा उनके द्वार तक उपलब्ध करा रहा है। पेंशनर इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र के पोस्टमैन या निकटतम डाकघर से संपर्क कर सकते है। इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पीपीओ नंबर देना होगा। प्रमाणपत्र जनरेट होने के बाद मोबाइल पर पुष्टि संदेश आएगा। पेंशनर इसे अगले दिन jeevanpramaan-gov-in पर लॉगिन कर ऑनलाइन देख सकते हैं और प्रिंट भी निकाल सकते हैं।