तुम्हारे आँसू हमारे आँसू हैं, कैप्टन, ट्रॉफी नहीं जीते, फिर भी मेसी क्यों रहे इस वर्ल्ड कप के सबसे बड़े हीरो?
तुम्हारे आँसू हमारे आँसू हैं, कैप्टन, ट्रॉफी नहीं जीते, फिर भी मेसी क्यों रहे इस वर्ल्ड कप के सबसे बड़े हीरो?
तुम्हारे आँसू हमारे आँसू हैं, कैप्टन।
तुमने हमें जि़ंदगी की सबसे बड़ी खुशियाँ दी हैं। हर पल, हर जादुई लम्हे और आखिरी सेकंड तक सब कुछ झोंक देने के लिए तुम्हारा शुक्रिया।
तुम पर हमेशा गर्व रहेगा
हम तुम्हें हमेशा प्यार करेंगे, लियो!
अर्जेंटीना की फुटबॉल फेडरेशन ने फाइनल मुकाबले में अपनी टीम की स्पेन के हाथों हार और अपने स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी की भावुक तस्वीरों के बाद एक्स पर ये पोस्ट किया।
ऐसा लगता है कि लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना को सिर्फ जीतना ही नहीं, बल्कि हार में गरिमा के साथ रोना भी सिखाया है।
कतर वल्र्ड कप 2022 में खिताब जीतने की खुशी में उमड़े आँसू हों या फिर रविवार को न्यू जर्सी में स्पेन के खिलाफ फाइनल हारने के बाद की भावुक विदाई- दोनों मौकों पर मेसी ने अपने व्यवहार से मिसाल पेश की। इस वल्र्ड कप में मेसी ने एक बार फिर इतिहास रचा। भले ही इस बार वह ट्रॉफी, व्यक्तिगत पुरस्कार या कोई सम्मान अपने नाम नहीं कर सके, लेकिन उनका प्रदर्शन बेमिसाल रहा।
39 साल के मेसी ने पूरे टूर्नामेंट में आठ गोल किए, चार असिस्ट दिए और सात मैचों में अर्जेंटीना के 12 गोलों में सीधा योगदान दिया।
इतना ही नहीं, उन्होंने अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप फ़ाइनल तक पहुंचाया। यह उनके शानदार करियर का तीसरा वर्ल्ड कप फ़ाइनल भी था।
वल्र्ड कप फ़ाइनल में स्पेन से हार के बाद लियोनेल मेसी की आंखों में आंसू थे और उनके इंटरनेशनल करियर को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है। रविवार को मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल में वह अर्जेंटीना को हार से बचाने के लिए वो जादुई प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसकी उनसे दरकार थी।
अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ़ की शुरुआत के सिर्फ 37 सेकंड बाद फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल किया, जिसकी बदौलत स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना दूसरा वल्र्ड कप खिताब जीत लिया।
इस हार के साथ मेसी और अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना भी टूट गया। अगर अर्जेंटीना यह मुकाबला जीत जाती, तो वह 1962 में ब्राज़ील के बाद लगातार दो पुरुष फुटबॉल वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाती।
अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा, मुझे उम्मीद है कि हर कोई उन पर और उनकी उपलब्धियों पर गर्व करेगा, क्योंकि मैं मानता हूँ कि वे मैदान पर खेलने वाले अब तक के सबसे महान फुटबॉलर हैं।
अब यह देखना बाकी है कि क्या यह अर्जेंटीना की जर्सी में लियोनेल मेसी का आखिरी मुकाबला था। मेसी ने पहले कहा था कि 2022 वल्र्ड कप उनका अंतिम आखऱिी वर्ल्ड कप होगा, लेकिन पिछले महीने 39 वर्षीय मेसी वर्ल्ड कप के इतिहास में छह वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
स्कालोनी ने कहा कि उन्होंने अभी तक मेसी से इस बारे में बात नहीं की है कि आठ बार के बैलन डीओर विजेता अर्जेंटीना के लिए खेलना जारी रखेंगे या नहीं। मेसी और अर्जेंटीना के अन्य खिलाडिय़ों ने भी मेटलाइफ स्टेडियम से बाहर निकलते समय पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं की।
तुम्हारे आँसू हमारे आँसू हैं, कैप्टन।
तुमने हमें जि़ंदगी की सबसे बड़ी खुशियाँ दी हैं। हर पल, हर जादुई लम्हे और आखिरी सेकंड तक सब कुछ झोंक देने के लिए तुम्हारा शुक्रिया।
तुम पर हमेशा गर्व रहेगा
हम तुम्हें हमेशा प्यार करेंगे, लियो!
अर्जेंटीना की फुटबॉल फेडरेशन ने फाइनल मुकाबले में अपनी टीम की स्पेन के हाथों हार और अपने स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी की भावुक तस्वीरों के बाद एक्स पर ये पोस्ट किया।
ऐसा लगता है कि लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना को सिर्फ जीतना ही नहीं, बल्कि हार में गरिमा के साथ रोना भी सिखाया है।
कतर वल्र्ड कप 2022 में खिताब जीतने की खुशी में उमड़े आँसू हों या फिर रविवार को न्यू जर्सी में स्पेन के खिलाफ फाइनल हारने के बाद की भावुक विदाई- दोनों मौकों पर मेसी ने अपने व्यवहार से मिसाल पेश की। इस वल्र्ड कप में मेसी ने एक बार फिर इतिहास रचा। भले ही इस बार वह ट्रॉफी, व्यक्तिगत पुरस्कार या कोई सम्मान अपने नाम नहीं कर सके, लेकिन उनका प्रदर्शन बेमिसाल रहा।
39 साल के मेसी ने पूरे टूर्नामेंट में आठ गोल किए, चार असिस्ट दिए और सात मैचों में अर्जेंटीना के 12 गोलों में सीधा योगदान दिया।
इतना ही नहीं, उन्होंने अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप फ़ाइनल तक पहुंचाया। यह उनके शानदार करियर का तीसरा वर्ल्ड कप फ़ाइनल भी था।
वल्र्ड कप फ़ाइनल में स्पेन से हार के बाद लियोनेल मेसी की आंखों में आंसू थे और उनके इंटरनेशनल करियर को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है। रविवार को मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल में वह अर्जेंटीना को हार से बचाने के लिए वो जादुई प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसकी उनसे दरकार थी।
अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ़ की शुरुआत के सिर्फ 37 सेकंड बाद फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल किया, जिसकी बदौलत स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना दूसरा वल्र्ड कप खिताब जीत लिया।
इस हार के साथ मेसी और अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना भी टूट गया। अगर अर्जेंटीना यह मुकाबला जीत जाती, तो वह 1962 में ब्राज़ील के बाद लगातार दो पुरुष फुटबॉल वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाती।
अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा, मुझे उम्मीद है कि हर कोई उन पर और उनकी उपलब्धियों पर गर्व करेगा, क्योंकि मैं मानता हूँ कि वे मैदान पर खेलने वाले अब तक के सबसे महान फुटबॉलर हैं।
अब यह देखना बाकी है कि क्या यह अर्जेंटीना की जर्सी में लियोनेल मेसी का आखिरी मुकाबला था। मेसी ने पहले कहा था कि 2022 वल्र्ड कप उनका अंतिम आखऱिी वर्ल्ड कप होगा, लेकिन पिछले महीने 39 वर्षीय मेसी वर्ल्ड कप के इतिहास में छह वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
स्कालोनी ने कहा कि उन्होंने अभी तक मेसी से इस बारे में बात नहीं की है कि आठ बार के बैलन डीओर विजेता अर्जेंटीना के लिए खेलना जारी रखेंगे या नहीं। मेसी और अर्जेंटीना के अन्य खिलाडिय़ों ने भी मेटलाइफ स्टेडियम से बाहर निकलते समय पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं की।