प्रसव के लिए महिलाओं को निजी अस्पतालों में रेफर करने की शिकायत, स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए

छत्तीसगढ़ संवाददाता बेमेतरा, 6 नवंबर। जिला अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची महिला को निजी अस्पताल में रेफर करने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, मदर चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) में सर्जरी की सुविधा और प्रसूति रोग विशेषज्ञ मौजूद होने के बावजूद मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। ग्राम कंतेली निवासी सुरेश वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए आवेदन में कहा है कि उन्होंने अपनी पत्नी का प्रसव डॉ. सत्यप्रकाश कोसरिया के देखरेख में निजी अस्पताल में कराया था। उनके अनुसार, ऑपरेशन के बाद टांका ठीक न होने पर पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, और बाद में रायपुर के एक अस्पताल में जाने की सलाह दी गई। सुरेश वर्मा ने कहा कि इस उपचार में लगभग 50 हजार रुपये का खर्च हुआ। इसी तरह, ग्राम मोहरेंगा निवासी दुलेश्वर यादव ने भी बताया कि मदर चाइल्ड हॉस्पिटल में सर्जरी की सुविधा न होने की बात कहकर उन्हें निजी अस्पताल भेजा गया, जहाँ जिला अस्पताल के ही डॉक्टर ने सर्जरी की। ग्राम उसलापुर निवासी सुनील गायकवाड़ ने भी बताया कि उन्हें प्रसव के समय डॉक्टर की अनुपस्थिति बताकर अन्य स्थान पर भेजने की बात कही गई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) अमृतलाल रोहलेडकर ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन और संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी किया गया है तथा जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रसव के लिए महिलाओं को निजी अस्पतालों में रेफर करने की शिकायत, स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए
छत्तीसगढ़ संवाददाता बेमेतरा, 6 नवंबर। जिला अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची महिला को निजी अस्पताल में रेफर करने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, मदर चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) में सर्जरी की सुविधा और प्रसूति रोग विशेषज्ञ मौजूद होने के बावजूद मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। ग्राम कंतेली निवासी सुरेश वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए आवेदन में कहा है कि उन्होंने अपनी पत्नी का प्रसव डॉ. सत्यप्रकाश कोसरिया के देखरेख में निजी अस्पताल में कराया था। उनके अनुसार, ऑपरेशन के बाद टांका ठीक न होने पर पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, और बाद में रायपुर के एक अस्पताल में जाने की सलाह दी गई। सुरेश वर्मा ने कहा कि इस उपचार में लगभग 50 हजार रुपये का खर्च हुआ। इसी तरह, ग्राम मोहरेंगा निवासी दुलेश्वर यादव ने भी बताया कि मदर चाइल्ड हॉस्पिटल में सर्जरी की सुविधा न होने की बात कहकर उन्हें निजी अस्पताल भेजा गया, जहाँ जिला अस्पताल के ही डॉक्टर ने सर्जरी की। ग्राम उसलापुर निवासी सुनील गायकवाड़ ने भी बताया कि उन्हें प्रसव के समय डॉक्टर की अनुपस्थिति बताकर अन्य स्थान पर भेजने की बात कही गई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) अमृतलाल रोहलेडकर ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन और संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी किया गया है तथा जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।