उज्जैन में जहरीली गैस से 2 मासूमों की मौत:3 बच्चों की हालत गंभीर, छुट्टियां मनाने नानी के घर आए थे; गेहूं में रखी सल्फास की गोलियां बनी मौत का कारण

उज्जैन में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां गर्मियों की छुट्टियां मनाने आए बच्चों की जान गेहूं में रखे कीटनाशक से चली गई। बंद कमरे में बनी जहरीली गैस की चपेट में आकर पांच मासूम बीमार पड़े, जिनमें से दो की मौत हो गई, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसा इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी हिल्स में लालचंद प्रजापत के घर हुआ। उनकी बेटियां पूजा (शाजापुर) और रीना (कायथा) अपने बच्चों के साथ मायके आई थीं। सोमवार रात पांचों बच्चे एक ही कमरे में सो रहे थे। साथ में उनकी मां भी थी। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे उठते ही सभी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। एक बच्ची के मुंह से झाग निकलने लगे, जिसके बाद परिजन घबराकर उन्हें अस्पताल ले गए। दो मासूमों ने तोड़ा दम, एक की हालत गंभीर इलाज के दौरान डेढ़ माह की त्रिशा ने मंगलवार शाम दम तोड़ दिया। सुबह सोकर उठने के बाद त्रिशा के मुंह से झाग निकल रहे थे। जबकि बुधवार सुबह 4 साल की अनिका (अन्नू) की भी मौत हो गई। अन्य तीन बच्चों जेनिशा, रेहान और येशु का इलाज जारी है। इनमें से जेनिशा की हालत नाजुक होने पर उसे इंदौर रेफर किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम से भी जांच कराई जा रही है, ताकि गैस और मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके। गेहूं में डाली दवा बनी मौत की वजह नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया कि जिस कमरे में बच्चे सो रहे थे, उसी में करीब चार क्विटल गेहूं भरकर रखा गया था। गेहूं को सुरक्षित करने के लिए उसमे दवाई डाली गई थी। ऐसे में रातभर जहरीली गैस कमरे में फैलती रही और पांच मासूम चपेट में आ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम से जांच करवाई जा रही है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है। पीएम रिपोर्ट से पता चलेगी मौत की असली वजह डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि गेंहू में डालने के लिए जिस दवा सल्फास का इस्तमाल किया जाता है उससे गैस बनती है। यदि घर में खिड़कियां नहीं है तो दम घुट सकता है। श्वसन क्रिया पर भी असर पड़ता है। ऐसे में बच्चों की उम्र कम होने की वजह से मौत भी सम्भव है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चल सकेगा। नानी ने खुद को ठहराया जिम्मेदार, 11 अप्रैल को अनिका का जन्मदिन मनाया था बच्चों की नानी कला बाई प्रजापत ने बताया कि एक हफ्ते पहले ही गेहूं में डालने के लिए दवा खरीदी थी और हर साल की तरह इस बार भी इस्तेमाल किया। हादसे के बाद वह खुद को दोषी मानते हुए रोती रही। 11 अप्रैल को ही बच्ची अनिका का जन्मदिन मनाया गया था घर में। अगले दिन सोमवार को तबीयत बिगड़ी और डाक्टर को दिखाया पर कोई परेशानी सामने नहीं आई। अगले दिन मंगलवार को ज्यादा तबीयत ख़राब हो गयी।

उज्जैन में जहरीली गैस से 2 मासूमों की मौत:3 बच्चों की हालत गंभीर, छुट्टियां मनाने नानी के घर आए थे; गेहूं में रखी सल्फास की गोलियां बनी मौत का कारण
उज्जैन में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां गर्मियों की छुट्टियां मनाने आए बच्चों की जान गेहूं में रखे कीटनाशक से चली गई। बंद कमरे में बनी जहरीली गैस की चपेट में आकर पांच मासूम बीमार पड़े, जिनमें से दो की मौत हो गई, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसा इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी हिल्स में लालचंद प्रजापत के घर हुआ। उनकी बेटियां पूजा (शाजापुर) और रीना (कायथा) अपने बच्चों के साथ मायके आई थीं। सोमवार रात पांचों बच्चे एक ही कमरे में सो रहे थे। साथ में उनकी मां भी थी। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे उठते ही सभी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। एक बच्ची के मुंह से झाग निकलने लगे, जिसके बाद परिजन घबराकर उन्हें अस्पताल ले गए। दो मासूमों ने तोड़ा दम, एक की हालत गंभीर इलाज के दौरान डेढ़ माह की त्रिशा ने मंगलवार शाम दम तोड़ दिया। सुबह सोकर उठने के बाद त्रिशा के मुंह से झाग निकल रहे थे। जबकि बुधवार सुबह 4 साल की अनिका (अन्नू) की भी मौत हो गई। अन्य तीन बच्चों जेनिशा, रेहान और येशु का इलाज जारी है। इनमें से जेनिशा की हालत नाजुक होने पर उसे इंदौर रेफर किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम से भी जांच कराई जा रही है, ताकि गैस और मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके। गेहूं में डाली दवा बनी मौत की वजह नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया कि जिस कमरे में बच्चे सो रहे थे, उसी में करीब चार क्विटल गेहूं भरकर रखा गया था। गेहूं को सुरक्षित करने के लिए उसमे दवाई डाली गई थी। ऐसे में रातभर जहरीली गैस कमरे में फैलती रही और पांच मासूम चपेट में आ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम से जांच करवाई जा रही है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है। पीएम रिपोर्ट से पता चलेगी मौत की असली वजह डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि गेंहू में डालने के लिए जिस दवा सल्फास का इस्तमाल किया जाता है उससे गैस बनती है। यदि घर में खिड़कियां नहीं है तो दम घुट सकता है। श्वसन क्रिया पर भी असर पड़ता है। ऐसे में बच्चों की उम्र कम होने की वजह से मौत भी सम्भव है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चल सकेगा। नानी ने खुद को ठहराया जिम्मेदार, 11 अप्रैल को अनिका का जन्मदिन मनाया था बच्चों की नानी कला बाई प्रजापत ने बताया कि एक हफ्ते पहले ही गेहूं में डालने के लिए दवा खरीदी थी और हर साल की तरह इस बार भी इस्तेमाल किया। हादसे के बाद वह खुद को दोषी मानते हुए रोती रही। 11 अप्रैल को ही बच्ची अनिका का जन्मदिन मनाया गया था घर में। अगले दिन सोमवार को तबीयत बिगड़ी और डाक्टर को दिखाया पर कोई परेशानी सामने नहीं आई। अगले दिन मंगलवार को ज्यादा तबीयत ख़राब हो गयी।