उमरिया में तापमान 37 डिग्री पार:मार्च की दोपहर में सड़कें सूनी; गेंहू और चना की फसल प्रभावित

उमरिया जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में मार्च महीने में ही भीषण गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया है। तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। दोपहर में सड़कें सूनी दिखाई देने लगी हैं। जिले में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 12 मार्च से अब तक का तापमान 12 मार्च को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री और न्यूनतम 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके बाद 13 मार्च को 36.5 और 15.9 डिग्री, 14 मार्च को 37 और 15.4 डिग्री, 15 मार्च को 36 और 18.4 डिग्री तथा 16 मार्च को 35.7 और 18.01 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। गर्मी के कारण सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर आवाजाही कम हो जाती है। लोग केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। धूप से बचने के लिए लोग गमछा, टोपी और पानी की बोतल साथ लेकर निकल रहे हैं। तेज गर्मी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है। किसान दुर्गा ने बताया कि अब वे सुबह 9 बजे तक ही खेत में काम कर पाते हैं, क्योंकि उसके बाद धूप बहुत तेज हो जाती है। गेहूं की फसल पक रही है और कटाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। गन्ने के रस की दुकान चलाने वाले गुड्डा ने बताया कि तेज धूप के कारण लोग पानी, जूस और ठंडे पेय का अधिक सेवन कर रहे हैं, क्योंकि लगातार गला सूखता रहता है। गर्मी बढ़ने से आम जनजीवन भी प्रभावित है। उत्पादन प्रभावित होने की आशंका कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह ने जानकारी दी कि बढ़ती गर्मी से गेहूं और चना की फसल समय से पहले पक सकती है। इससे उत्पादन प्रभावित होगा और दाने छोटे रह जाने की आशंका है।

उमरिया में तापमान 37 डिग्री पार:मार्च की दोपहर में सड़कें सूनी; गेंहू और चना की फसल प्रभावित
उमरिया जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में मार्च महीने में ही भीषण गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया है। तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। दोपहर में सड़कें सूनी दिखाई देने लगी हैं। जिले में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 12 मार्च से अब तक का तापमान 12 मार्च को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री और न्यूनतम 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके बाद 13 मार्च को 36.5 और 15.9 डिग्री, 14 मार्च को 37 और 15.4 डिग्री, 15 मार्च को 36 और 18.4 डिग्री तथा 16 मार्च को 35.7 और 18.01 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। गर्मी के कारण सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर आवाजाही कम हो जाती है। लोग केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। धूप से बचने के लिए लोग गमछा, टोपी और पानी की बोतल साथ लेकर निकल रहे हैं। तेज गर्मी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है। किसान दुर्गा ने बताया कि अब वे सुबह 9 बजे तक ही खेत में काम कर पाते हैं, क्योंकि उसके बाद धूप बहुत तेज हो जाती है। गेहूं की फसल पक रही है और कटाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। गन्ने के रस की दुकान चलाने वाले गुड्डा ने बताया कि तेज धूप के कारण लोग पानी, जूस और ठंडे पेय का अधिक सेवन कर रहे हैं, क्योंकि लगातार गला सूखता रहता है। गर्मी बढ़ने से आम जनजीवन भी प्रभावित है। उत्पादन प्रभावित होने की आशंका कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह ने जानकारी दी कि बढ़ती गर्मी से गेहूं और चना की फसल समय से पहले पक सकती है। इससे उत्पादन प्रभावित होगा और दाने छोटे रह जाने की आशंका है।