एआई के समावेश, राजभाषा नियमों की विवेचना और हिंदी की विरासत और भविष्य पर हुई चर्चा
एआई के समावेश, राजभाषा नियमों की विवेचना और हिंदी की विरासत और भविष्य पर हुई चर्चा
भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर शाखा
रायपुर, 25 जून। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), रायपुर शाखा कार्यालय द्वारा आज दिनांक 23 जून 2026 को एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अनुरीता जोजो, वैज्ञानिक ई/निदेशक एवं प्रमुख, भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
श्रीमती जोजो ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीकी युग में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देना और उसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के समावेश, राजभाषा नियमों की विवेचना तथा हिंदी भाषा की विरासत और भविष्य पर चर्चा करना था।
श्रीमती जोजो ने बताया कि कार्यशाला की शुरुआतश्री राहुल कुमार गुप्ता, वैज्ञानिक सी/उप निदेशक, भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने सभी आमंत्रित अतिथियों और ऑनलाइन जुड़े प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए-प्रथम सत्र:भारतीय मानक ब्यूरो, कोलकाता के कनिष्ठ अनुवाद अधिकारीडॉ. आशीष कुमार सावने राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन में एआई की भूमिका विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न एआई टूल्स और अनुवाद सॉफ्टवेयरों के माध्यम से राजभाषा के दैनिक कार्यों को गति देने के व्यावहारिक तौर-तरीकों को साझा किया।
श्रीमती जोजो ने बताया किद्वितीय सत्र:नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), रायपुर के सदस्य सचिवश्री निकेश पांडेयने राजभाषा नियमों की विवेचना पर विस्तृत प्रकाश डाला और सरकारी कामकाज में संवैधानिक प्रावधानों के सही अनुपालन की जानकारी दी।
श्रीमती जोजो ने बताया कि तृतीय सत्र-गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापकडॉ. मुरली मनोहर सिंहने हिंदी भाषा की विरासत और भविष्य विषय पर व्याख्यान देते हुए हिंदी के गौरवशाली इतिहास और वैश्विक परिदृश्य में इसकी उज्ज्वल संभावनाओं से अवगत कराया।
भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर शाखा
रायपुर, 25 जून। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), रायपुर शाखा कार्यालय द्वारा आज दिनांक 23 जून 2026 को एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अनुरीता जोजो, वैज्ञानिक ई/निदेशक एवं प्रमुख, भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
श्रीमती जोजो ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीकी युग में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देना और उसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के समावेश, राजभाषा नियमों की विवेचना तथा हिंदी भाषा की विरासत और भविष्य पर चर्चा करना था।
श्रीमती जोजो ने बताया कि कार्यशाला की शुरुआतश्री राहुल कुमार गुप्ता, वैज्ञानिक सी/उप निदेशक, भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने सभी आमंत्रित अतिथियों और ऑनलाइन जुड़े प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए-प्रथम सत्र:भारतीय मानक ब्यूरो, कोलकाता के कनिष्ठ अनुवाद अधिकारीडॉ. आशीष कुमार सावने राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन में एआई की भूमिका विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न एआई टूल्स और अनुवाद सॉफ्टवेयरों के माध्यम से राजभाषा के दैनिक कार्यों को गति देने के व्यावहारिक तौर-तरीकों को साझा किया।
श्रीमती जोजो ने बताया किद्वितीय सत्र:नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), रायपुर के सदस्य सचिवश्री निकेश पांडेयने राजभाषा नियमों की विवेचना पर विस्तृत प्रकाश डाला और सरकारी कामकाज में संवैधानिक प्रावधानों के सही अनुपालन की जानकारी दी।
श्रीमती जोजो ने बताया कि तृतीय सत्र-गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापकडॉ. मुरली मनोहर सिंहने हिंदी भाषा की विरासत और भविष्य विषय पर व्याख्यान देते हुए हिंदी के गौरवशाली इतिहास और वैश्विक परिदृश्य में इसकी उज्ज्वल संभावनाओं से अवगत कराया।