पहाडग़ांव बनेगा सूरजपुर जिले का नया पर्यटन हॉटस्पॉट
पहाडग़ांव बनेगा सूरजपुर जिले का नया पर्यटन हॉटस्पॉट
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सूरजपुर, 18 दिसंबर। प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और पहाड़ों की गोद में बसी झील में स्थित पहाडग़ांव क्षेत्र अब पर्यटन के नक्शे पर अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराने की ओर बढ़ रहा है।
जिले में पर्यटन की असीम संभावनाओं को साकार करने के उद्देश्य से प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर मानवेंद्र सिंह, कलेक्टर एस. जयवर्धन, एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पहाडग़ांव का गुरुवार को निरीक्षण किया। यह दौरा केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि क्षेत्र को आर्थिक और पर्यटन दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र की हरियाली, पहाड़ों से घिरी प्राकृतिक संरचना और बीचो-बीच स्थित मनोहारी झील का अवलोकन किया।
अधिकारियों ने माना कि पहाडग़ांव में मौजूद प्राकृतिक संसाधन, शांत वातावरण और सुंदर दृश्यावलियां पर्यटकों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखती हैं। यदि इन संसाधनों का सुनियोजित विकास किया जाए तो यह क्षेत्र आने वाले समय में जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
कलेक्टर ने हाल ही में शुरू की गई नौका विहार सुविधा का विशेष रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने इसे पहाडग़ांव पर्यटन की रीढ़ बताते हुए कहा कि झील में बोटिंग की सुविधा बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए इस स्थल को एक सुव्यवस्थित पिकनिक स्पॉट, नेचर पार्क और वीकेंड टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के सुझाव दिए। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले ने स्थल तक पहुंचने वाली सडक़ों, पार्किंग व्यवस्था, रोशनी, सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यटकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया।
अधिकारियों ने माना कि सडक़ मार्ग को और बेहतर बनाकर, संकेतक बोर्ड, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और जलपान गृह जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं, तो पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थल पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट होने से पर्यटकों को सुरक्षित और सुखद अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पलायन पर भी रोक लगेगी।निरीक्षण दल में पर्यटन विभाग के अधिकारी, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पहाडग़ांव को एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर विचार-विमर्श किया। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील किया है कि वे परिवार के साथ पहाडग़ांव आएं और यहां शुरू हुई नौका विहार सुविधा का आनंद लें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की मंशा है कि पहाडग़ांव न केवल सूरजपुर जिले बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में उभरे। निरीक्षण के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में पहाडग़ांव में पर्यटन विकास को लेकर ठोस और दूरगामी निर्णय लिए जाएंगे। यदि योजनाएं धरातल पर उतरीं, तो पहाडग़ांव जल्द ही प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और पिकनिक मनाने वालों की पहली पसंद बन सकता है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति और पहचान मिलेगी।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सूरजपुर, 18 दिसंबर। प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और पहाड़ों की गोद में बसी झील में स्थित पहाडग़ांव क्षेत्र अब पर्यटन के नक्शे पर अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराने की ओर बढ़ रहा है।
जिले में पर्यटन की असीम संभावनाओं को साकार करने के उद्देश्य से प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर मानवेंद्र सिंह, कलेक्टर एस. जयवर्धन, एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पहाडग़ांव का गुरुवार को निरीक्षण किया। यह दौरा केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि क्षेत्र को आर्थिक और पर्यटन दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र की हरियाली, पहाड़ों से घिरी प्राकृतिक संरचना और बीचो-बीच स्थित मनोहारी झील का अवलोकन किया।
अधिकारियों ने माना कि पहाडग़ांव में मौजूद प्राकृतिक संसाधन, शांत वातावरण और सुंदर दृश्यावलियां पर्यटकों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखती हैं। यदि इन संसाधनों का सुनियोजित विकास किया जाए तो यह क्षेत्र आने वाले समय में जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
कलेक्टर ने हाल ही में शुरू की गई नौका विहार सुविधा का विशेष रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने इसे पहाडग़ांव पर्यटन की रीढ़ बताते हुए कहा कि झील में बोटिंग की सुविधा बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए इस स्थल को एक सुव्यवस्थित पिकनिक स्पॉट, नेचर पार्क और वीकेंड टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के सुझाव दिए। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले ने स्थल तक पहुंचने वाली सडक़ों, पार्किंग व्यवस्था, रोशनी, सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यटकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया।
अधिकारियों ने माना कि सडक़ मार्ग को और बेहतर बनाकर, संकेतक बोर्ड, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और जलपान गृह जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं, तो पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थल पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट होने से पर्यटकों को सुरक्षित और सुखद अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पलायन पर भी रोक लगेगी।निरीक्षण दल में पर्यटन विभाग के अधिकारी, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पहाडग़ांव को एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर विचार-विमर्श किया। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील किया है कि वे परिवार के साथ पहाडग़ांव आएं और यहां शुरू हुई नौका विहार सुविधा का आनंद लें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की मंशा है कि पहाडग़ांव न केवल सूरजपुर जिले बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में उभरे। निरीक्षण के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में पहाडग़ांव में पर्यटन विकास को लेकर ठोस और दूरगामी निर्णय लिए जाएंगे। यदि योजनाएं धरातल पर उतरीं, तो पहाडग़ांव जल्द ही प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और पिकनिक मनाने वालों की पहली पसंद बन सकता है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति और पहचान मिलेगी।