मातृ-शिशु स्वास्थ्य, सुरक्षित गर्भावस्था और सामुदायिक सेवा प्रतिबद्धता फिर से दोहरायी
मातृ-शिशु स्वास्थ्य, सुरक्षित गर्भावस्था और सामुदायिक सेवा प्रतिबद्धता फिर से दोहरायी
रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो दीवाज़ की पहल
रायपुर, 26 जुलाई। रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो दीवाज़ ने बताया कि माँ यशोदा अस्पताल, राजिम में मातृ स्वास्थ्य पहल के तहत एक विशेष एनीमिया जागरूकता एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया। रोटेरियन डॉ. रुचि रूपरेला की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर से क्षेत्र की 30 गर्भवती महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुईं। कार्यक्रम का सफल संचालन क्लब की अध्यक्ष रोटेरियन नेहा जैन एवं सचिव रोटेरियन शिल्पा चोपड़ा के मार्गदर्शन व सहयोग से संपन्न हुआ।
दीवाज़ ने बताया कि शिविर के दौरान रोटेरियन डॉ. रुचि रूपरेला ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान एनीमिया (रक्त की कमी) के कारण, लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. रूपरेला ने महिलाओं को संतुलित आहार लेने, आयरन से भरपूर पोषण का सेवन करने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी।
दीवाज़ ने बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिनटेस्ट किया गया, जिससे उनके शरीर में रक्त के स्तर की सटीक जानकारी मिल सके। जांच के उपरांत संस्था की ओर से सभी 30 महिलाओं को आवश्यक पोषण व स्वछता सामग्री से युक्त पोषण किट प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किट वितरित की गईं, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों की अन्य गर्भवती महिलाओं तक सहायता और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचा सकें।
रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो दीवाज़ की पहल
रायपुर, 26 जुलाई। रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो दीवाज़ ने बताया कि माँ यशोदा अस्पताल, राजिम में मातृ स्वास्थ्य पहल के तहत एक विशेष एनीमिया जागरूकता एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया। रोटेरियन डॉ. रुचि रूपरेला की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर से क्षेत्र की 30 गर्भवती महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुईं। कार्यक्रम का सफल संचालन क्लब की अध्यक्ष रोटेरियन नेहा जैन एवं सचिव रोटेरियन शिल्पा चोपड़ा के मार्गदर्शन व सहयोग से संपन्न हुआ।
दीवाज़ ने बताया कि शिविर के दौरान रोटेरियन डॉ. रुचि रूपरेला ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान एनीमिया (रक्त की कमी) के कारण, लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. रूपरेला ने महिलाओं को संतुलित आहार लेने, आयरन से भरपूर पोषण का सेवन करने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी।
दीवाज़ ने बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिनटेस्ट किया गया, जिससे उनके शरीर में रक्त के स्तर की सटीक जानकारी मिल सके। जांच के उपरांत संस्था की ओर से सभी 30 महिलाओं को आवश्यक पोषण व स्वछता सामग्री से युक्त पोषण किट प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किट वितरित की गईं, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों की अन्य गर्भवती महिलाओं तक सहायता और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचा सकें।